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अंधेरी रात में 10 साल बाद फिर वही धुन सुनाई दी। मधुर लेकिन दर्द से भरी ह...
जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का...
अध्याय 1 जन्म और अग्निपरीक्षाकहानी की शुरुआत आज के मुंबई शहर से होती है, एक रात...
नवंबर का महीना था। ठंड से भरी सुबह में ऊपर वाले कमरे की खिड़की खोलते हुए नैना बो...
सयानी की शादी जिस दिन तय हुई, उस दिन से ही हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। जब उस...
शिवपुर।एक ऐसा शहर…जहाँ रातें गोलियों की आवाज़ से शुरू होती थीं और लाशों पर खत्म।...
भाग 1: कहावत है कि जोड़ियां आसमान में बनती हैं, लेकिन कबीर और अवनि की जोड़ी दिल...
(साउंड इफेक्ट: एक पुरानी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज जो धीरे-धीरे दिल की ध...
बारिश इतनी तेज़ थी कि सड़कें धुंधली पड़ चुकी थीं…लाल जोड़े में लिपटी एक लड़की नं...
़ं एक ़ं मैंने कब चाहा था कि उससे मिलूँ? और मिल ही गया था वह किसी यायावर की तरह...
Part 1 - Chandramauli - Shuba Ka Chandramauli ‘‘शुभा एक बात तो बता।’’ मैंने प्रश्न भरी दृष्टि से उन्हें देखा। वह बोलीं, ‘‘तेरे ससुराल वालों ने तुझे क्यों छोड़ दिया?’’ इतना सुनत...
एक विदेश यात्रा और विश्व के मानसपटल पर भारत और सनातन, अध्यात्म को कीर्तिमान कर दिया। आज ऐसे ही देशभक्त सन्यासी को याद करना चाहूँगा। एक बालक "सत्य" की तलाश में जगह-जगह ज...
फ़रवरी की हल्की ठंड!! सेठ धरमदास का हवेलीनुमा मकान जो उनके दादा जी ने बनवाया था,समय के साथ-साथ मकान में भी आधुनिक परिवर्तन किए गए,नये बाथरूम बनाए गए, सहूलियत के हिसाब से उसमें फेर...
एक लड़की हाथों में हिस्ट्री की किताब लिए , एक आर्ट सब्जेक्ट की क्लास की ओर बढ़ गई । लड़की ने अपना आधा चेहरा ढाका हुआ था , जो कि बाएं तरफ का था । उसी बाएं तरफ के चेहरे पर जो थोड़ी ब...
एक बार की बात है एक पेड़ पर दो पंछी रहते थे। कोयल "कोकिला" और सफेद कबूतर "गौरे" कोकिला बहोत परोपकारी और दयालु पक्षी थी वह बहोत सुरीला गाती थी और सबकी मदद करने को तैय...
आज मै फिर से पसीने से लथपत जाग गई । वही नीली आखें आज भी मुझे डराने ओर घबराने पर मजबुर कर देती है। मै सोफ़िया बोरिंग सी नॉवेल की दुनिया मे ज़ीने वाली लड़की हुँ। मुझे पता नहीं मेरे म...
कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी न जाने कितनी बार नीचे गिरी, कितनी बार खुली, कितनी बार बिखरी और समेटी गई लेकिन गठरी की गाँठ बड़ी कमज़ोर रही फिर चिंदी बनकर उड़ने से उसम...
वैसे नाम तो मेरा पप्पू है पर अब पप्पू कम लोग कहते हैं मुझे, क्योंकि मैं बड़ा हो गया हूं और इतने बड़े लड़के को पप्पू कहना शायद लोगों को अजीब सा लगता हो, इसलिए पिछले कुछ सालों से लोग...
*"मैं* तुम जैसे लड़को को बहुत अच्छे से जानती हूं, जो जानबूझकर लड़कीयों की मोपेट को टक्कर मारते है।" चंचला दहाड़ रही थी। सड़क पर भीड़ जमा होने लगी। "देखीये मैडम! अनजान...
उस साल ऋतुएं थोड़ा पहले आ गयीं थीं। इतना पहले कि वसंत अभी कोहरे में ही था। इसकी सफेदी और ठंडी नमी ने पेड़ों के पीले पत्तों को गिरने से रोक रखा था। बुलबुलों के गलों के रंग भी अभी सुर्...
वक़्त की ग़र्द में लिपटा काफ़ी कुछ छूट जाता है, अगर उसे याद का जामा पहना के बांध न लिया जाए। पिछली सदी में चालीस के दशक की बातें हैं, जब मैं कुछ महीनों की थी । पापा लाहौर में उस वक...
जीवन की सार्थकता के लिये,संत-भगवन्त के श्री चरणोंका आश्रय,परम आवष्यक मान कर, श्री सिद्ध-सिद्द्येश्वर महाराज की तपो भूमि के आँगन मे यशोगान,जीवन तरण-तारण हेतु अति आवश्यक मानकर...
एक पंक्ति में बनी कई सरकारी इमारतों में से एक में स्थित उच्च शिक्षा विभाग के मुख्यालय में पदस्थ उच्च पदाधिकारी प्रवीर कुमार ने अपने कक्ष में आकर अपनी मेज़ पर पहले से रखी फ़ाइलों मे...
आज की इस भयावह चकाचौंध में भारत की पावन धरती से मानवी के बहुत सारे सच्चे चेहरे गायब और अनदिखे से हो रहे हैं, उन्हीं की खोज में यह काव्य संकलन ‘मेरा भारत दिखा तुम्हें क्या ?’...
निर्वाण इसका अर्थ होता है मोक्ष,इस संसार में सभी मोक्ष पाना चाहते हैं किन्तु उसका जरिया कौन और क्या होगा? ये कह पाना मुश्किल है,मोक्ष परम अभीष्ट एवं परम पुरूषार्थ को कहा गया है,मोक...
दुनिया भर में लोग कुत्ते पालने का शौक़ सबसे ज़्यादा रखते हैं। हज़ारों नस्लों के छोटे - बड़े डॉगी इंसानों के पसंदीदा मित्र बन कर उनके पालतू के रूप में उनके साथ रहते थे। इन कुत्तों म...
भाग - 1'तुम उस कमरे के पास क्या कर रही हो? पता है न, वहां क्या है? भूल कर भी वहां कदम मत रखना समझी तुम? वरना यह तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा। मेरी बात मानने में ही भलाई है, याद...
यह इक्कीसवीं शती का प्रारंभ है। पूर्व और पश्चिम की विकास यात्रा में नव उदारीकरण की लहलहाती फसल के बीच इंच इंच घिसटती मानवता । उद्यमिता के नए प्रारूपों के बीच व्यष्टि की बंधक होती ह...
माँ, माँ होती है आज राकेश जल्दी तैयार होकर वृद्धाश्रम पहुँचा। आज उसकी माँ का 80वाँ जन्मदिन है। उसने माँ के चरर्णस्पर्श किये, उनका मुँह मीठा करवाया। आशीर्वाद लिया। पूछा - ‘माँ, कोई...
सुनील सैन फ्रांसिस्को से हवाई द्वीप के क्रूज शिप पर इंजीनियर था . सैन फ्रांसिस्को पोर्ट से निकलने के बाद करीब 18 दिन बाद हवाई द्वीप से वह वापस आया करता था . सैन फ्रांसिस्को से...
“ आज मौसम बहुत अच्छा है , छुट्टी का दिन भी है . क्या आपको कभी बाहर घूमने का मन नहीं करता है ? दिन रात घर में घुस कर बैठे रहते हैं . आपके सारे दोस्तों का भी यही कहना है . “ एक...
होली के अवसर पर खेतों में मसूर उखाड़ने का कार्य तेजी से शुरू हो गया था । आज मौजी जल्दी ही जाग गया था। यों तो रोज ही जल्दी जागना पड़ता है, पर होली के दिन की उमंग और भी जल्दी...
एक लड़की एक अंधेरे कमरे में बेहोश पड़ी थी, जब उसे होश आता है तो इधर उधर देखने लगी चिल्लाने लगी कोई है कोई है पर किसी की आवाज नहीं आती, वो बैठ जाती है और सोचती है | वो कार ड्राइव...
एकआखेट महल के परकोटे के सामने आज सुबह से ही चहल-पहल थी। बड़ी मोटर अभी-अभी आकर लौट चुकी थी। ट्रकों में भरकर ढेर सारे कामगार लाये गये थे। परकोटे के किनारे-किनारे महल के एक ओर के हिस्...
रुको राजन ,क्या तुम अक्षरवंशिका के सम्राट अभय हो ?" "कौन हो तुम , ओर हमारे पथ में आकर हमें नाम से बुलाने का दंड जानते हो ?" "तुम्हारा क्रोध ही तुम्हारे निर्दोष...
"वाह--ब्यूटीफुल-अतिसुन्दर-बेमिसाल",बाएं हाथ मे लगी मेहंदी को देखकर प्रफ्फुलित होते हुए दाया हाथ आगे करते हुए रीना बोली,"राजेश देखेगा तो खुश हो जाएगा।""राजेश कौन?""हसबेंड--मेेरा प...
कहते हैं कि अपनी जवानी में हर कोई ख़ूबसूरत होता है। जवानी इंसान की ज़िन्दगी में एक बार आने वाला वो मौसम है जो जिस्म के पोर- पोर को फूल की तरह खिलाकर एक शोख चटक के तड़के से खुशबूदार...
बात होली की हो और कविता, शेरो-शायरी की चर्चा न हो, यह कैसे संभव हैं ? होली का अपना अंदाज है, और कवियों ने उसे अपने रंग में ढाला है। जाने माने शायर नजीर अकबराबादी कहते हैं: जब...
जंग-ए-जीवन भाग-1पैरो में काले रंग के मजबूत जूते पहने हुए, काला रंग का कुर्ता और पायजामा भी काला।सिर पर पगड़ी भी काले रंग की पहनी हुई एक डाकूरानी अपने कक्ष से बाहर आई।अपने दोनों हाथ...
सुबह का समय है, थंडी थंडी हवा चल रही है. चिडिया के शोर से सारा गाँव जाग गया है. सर सर आवाज के साथ बुधिया का आगमन हो गया है. हाँ! बुधिया, हमारी नायिका , हमारी यह कहानी एक गांव कि है...
ये बात उस वक्त की है जब मीठी सात वर्ष की है। उसके घर में बहुत से लोग है, वो घर में सबकी लाडली है ।पर समय सबके साथ अजीबो-गरीब खेल खेलता रहता है, कुछ इसी तरह मीठी के साथ भी हुआ। मीठी...
यदि आप सच में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो फिर आपको इस दूनियाँ की कोई ताकत नहीं रोक सकतीं, ये मैं कहती हूँ ! लेकिन, तकलीफ़ यह है कि, इन्सान आगे बढ़ नहीं पाता है ; सिर्फ अपनी ही सोच की वज...
छोटे-छोटे बल्बों की झालरों से घर और दरवाज़े झिलमिला रहे थे ।जैसे हर नन्हा बल्ब दुल्हन की ख़ुशी का इज़हार कर रहा हो।मैं उन्हें निहारकर उनमें अपनी मॉं के हंसते मुस्कुराते चेहरे को मह...
जहाँ तक शिक्षा में आमूल परिवर्तन की बात है, वह बहुत कठिन कार्य है, क्योंकि इसमें पर्याप्त श्रम, समय, धन और अन्वेषणों की आवश्यकता है। पहले शिक्षक बदले, तब शिक्षा बदले। एकाएक आमूल पर...
इस कहानी के पहले सीजन में आपने पढ़ा कि सुशीला एक सोलह वर्ष की गरीब मजदूर की बेटी थी। उसकी माँ एक बिल्डिंग पर काम करते समय, गिर कर स्वर्ग सिधार गई थी। पिता तो पहले ही स्वर्ग सिधार चु...
जान–पहचानी गैल पर पैर अपने–आप इच्छित दिशा को मुड़ जाते थे। हरिविलास आगे था–पीछे कमला, उसके पीछे अपहरण किया गया लड़का तथा गैंग के तीन सदस्य और थे, यानी कुल छह जने। जिस समय वे ठिकाने स...
अचानक से खिड़की की तरफ से आई बॉल के कारण टेबल पर रखा पानी का गिलास टूट जाता है। पास ही सोफे पर बैठी लिली, जो अपना प्रोजेक्ट बनाने में व्यस्त थी, गिलास के टूटने की आवाज सुनकर भौहें...
भाग -१ काशी नगरी के पॉश एरिया में उनका अत्याधुनिक खूबसूरत मकान है। जिसके पोर्च में उन की बड़ी सी लग्जरी कार खड़ी होती है। एक छोटा गार्डेन नीचे है, तो उससे बड़ा पहले फ्लोर पर है। जहां...
परती जमीन एक कहानी है जिसमे इस बात को दर्शाया गया है, की लोभ सिर्फ अहित करता है लोभ से ग्रसित लोग सर्व सपन्न होने के बाद भी जीवन में और ज्यादा के लोभ में अपना और अपने समाज का अह...
पुराने किले में हलचल..... गामाक्ष के जाते ही सब तरफ सन्नाटा छा जाता है, , सब बेसुध इधर उधर पड़े थे किसी को कोई होश नहीं यहां क्या हो गया,।।। अब आगे............. रात के तीन...
(काव्य संकलन) वेदराम प्रजापति‘ मनमस्त’ 1. सरस्वती बंदना (मॉं शारदे) मॉं शारदे! मृदु सार दे!!, सबके मनोरथ सार दै!!! झंकृत हो, मृदु वीणा मधुर, मॉं शारदे, वह प्यार दे।। अज्ञान त...
अंतरिक्ष में सबसे सुंदर ग्रह अगर कोई है तो शायद पृथ्वी ही है। यहां जीवन है और कई रंग भी है। अंतरिक्ष के कई रहस्य भी है। अभी यह पता नहीं है कि पृथ्वी के अलावा किसी ग्रह पर जीवन है य...
मंत्रों का गूंजता उच्चारण हो रहा था। आर्यन और अवंतिका एक-दूसरे को वरमाला पहना रहे थे। आर्यन, एक साधारण लेकिन आत्मसम्मान से भरा युवक, और अवंतिका, जो पैसे और रुतबे को ही सबसे बड़ा...
“बंद खिड़कियां" सदियों से चले आ रहे पुरुष प्रधान समाज में पुरुषों के अहं और दंभ के कारण स्त्रियों के प्रति दुर्व्यवहार और अत्याचार तथा स्त्री के विरोध की कहानी है । यह कहानी एक...
‘‘हर्ष,अब क्या होगा?’’ आभा ने कराहते हुए पूछा. उस की आंखों में भय साफसाफ देखा जा सकता था. उसे अपनी चोट से ज्यादा आने वाली परिस्थिति को ले कर घबराहट हो रही थी. ‘‘कुछ नहीं होगा… म...
जीवन बड़ा कठिन है एक एक सांस के लिए संघर्ष कभी जंगली जानवरों का भय कभी मौसम कि मार कभी कुदरत का कहर कभी भूख भय पल प्रहर हांफती कांपती जिंदगी माई तू तो कहती है कि अपने कबीले के देवता...
( उपन्यास )1. एक बहुत बढ़ा बंगला था बिलकुल एक आलीशान हवेली की तरह। उस बंगलाके आगे बड़े बड़े पोस्टर लगेहुवे थे। वो पोस्टर लड़कीकी थी जो की एक हीरोइन की है। उस पोस्टरके ठीक नीचेकी तरफ...
"राज बेटा आप दस दिनों से जिस लड़की की पेंटिंग बना रहे थे, वह मेरी बेटी रत्ना नहीं थी, बल्कि रत्ना की बहन माया थी।" रत्ना की विधवा मां बताती है "मैं कुछ समझ नहीं पा रहा...
धूल में छिपा भविष्यआरव को किताबों से मोहब्बत थी।नहीं, वो मोहब्बत जो लोग शायरी में कहते हैं—बल्कि वो मोहब्बत जो सांस लेने जितनी जरूरी होती है। उसका ज़्यादातर समय पुराने किताबों की द...
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