Hindi Books read free and download pdf online

You are at the place of Hindi Novels and stories where life is celebrated in words of wisdom. The best authors of the world are writing their fiction and non fiction Novels and stories on Matrubharti, get early access to the best stories free today. Hindi novels are the best in category and free to read online.


Languages
Categories
Featured Books

मैं ईश्वर हूँ By Satish Thakur

• 1. (ईश्वर का सम्बोधन) मैं ईश्वर हूँ, में कभी कुछ नही कहता किसी से नहीं कहता बस सुनता हूँ क्योंकि मैं ईश्वर हूँ। मेरा कोई धर्म नहीं न ही कोई जाति, और न कोई देश है, न तो में नर हू...

Read Free

मेरा रक्षक By ekshayra

इस दुनिया में 2 तरह के इंसान हैं। एक अच्छे तो एक बुरे। ये कहानी ऐसे ही एक अच्छे और एक बुरे इंसान की है। इस कहानी में बुरे इंसान की दुनिया कैसे अच्छे में बदलती है और अच्छे इंसान की...

Read Free

एनीमल फॉर्म By Suraj Prakash

एनिमल फार्म (Animal Farm) अंग्रेज उपन्‍यासकार जॉर्ज ऑरवेल की कालजयी रचना है। बीसवीं सदी के महान अंग्रेज उपन्‍यासकार जॉर्ज ऑरवेल ने अपनी इस कालजयी कृति में सुअरों को केन्‍द्रीय चरित...

Read Free

अनसुलझा प्रश्न By Kishanlal Sharma

"मम्मी इरा का तुम्हारे साथ निर्वाह नही हो सकता"
उमेश इन्टर में पढ़ता था तभी उसे अपने साथ पढ़ने वाली इरा से प्यार हो गया था।इरा ईसाई थी।रमेश नही चाहता था उसका बेटा दूसरे धर...

Read Free

माफियाओं की दुनिया में इनोसेंट गर्ल By Mickey The Writer

रेलवे स्टेशन दिल्लीएक लड़की रेल में से उतर कर बहुत तेजी से भागती हुई आ रही थी वो लड़की बार बार पीछे मुड़कर देख रही थी ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसके पीछे पढ़ा हुआ हे और वो उन्ही से बच...

Read Free

समय का पहिया By Madhudeep

समय का पहिया

बीसवीं सदी मै लिखी गई कहानियाँ

-हिस्से का दूध
-तनी हुई मुठ्ठियाँ
-शासन
-अस्तित्वहीन नहीं
-अपनी अपनी मौत
-नियति

Read Free

माफिया की नजर में By InkImagination

एक अनजानी शुरुआत"कभी-कभी हमारी सबसे बड़ी गलती होती है... किसी की आँखों में सुकून तलाशना, जहाँ हकीकत में सिर्फ़ तूफान छुपा होता है।"वो थी अहाना शर्मा।
एक ऐसी लड़की, जो बाहर...

Read Free

बिखरते सपने By Goodwin Masih

बिखरते सपने उपन्यास के बारे में बिखरते सपने, एक ऐसी लड़की स्नेहा की कहानी है, जिसके पापा आधुनिक युग में भी निहायत ही रूढंीवादी और संकुचित विचारों के थे। वह स्नेहा को सिर्फ एक लड़की ह...

Read Free

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे By Kishanlal Sharma

"क्या देख रही हो?"
उन दिनों मैं साल 1966 की बात कर रहा हूँ।तब कालेज आज की तरह जगह जगह नही हुआ करते थे।मेरे पिता रेलवे में थे और उनके ट्रांसफर होते रहते थे।इसलिए मेरी शिक्ष...

Read Free

भूत बंगला.... By Sanket Vyas Sk, ઈશારો

"मैं उस बंगले में कभी भी रहने नहीं जाऊँगी। मेरे साथ वहाँ पर बहुत ही बुरी और अविश्वसनीय घटना घटी जिस पर तुम विश्वास ही नहीं करोगें" घबराते हुए प्राची ने अपने पति चेतन क...

Read Free

द लॉस्ट एस्ट्रोनॉट: स्टेप इन सन By Raghav Sharma

यह एक ऐसे एस्ट्रोनॉट की कहानी हैं जो सूर्य में जाता हैं लेकिन गलती से वहीं रह जाता है,कुछ समय बाद जब उसे कुछ और एस्ट्रोनॉट्स लेने आते हैं तब वह रहस्मयी ढंग से गायब हो चुका होता हैं...

Read Free

अपना आकाश By Dr. Suryapal Singh

उपन्यास समाज का यथार्थ बिम्ब है विविधता से भरा एवं चुनौतीपूर्ण । उपन्यास लिखना इसीलिए समाज को विश्लेषित करना है। 'कंचनमृग', 'शाकुनपाँखी', ‘कोमल की डायरी' एवं &#...

Read Free

प्रेमशास्त्र By Vaidehi Vaishnav

यमुना नदी के किनारें बसा - वृन्दावन नाम लेते ही ऐसा लगता जैसे जिव्हा पर शहद घुल गया हों। मिश्री सी मीठी यादें और उन यादों में माखन से नरम ह्रदय वालें प्यारे बृजवासी , फुलों सी कोमल...

Read Free

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा By SUNIL ANJARIA

मेरे मार्गदर्शन में हमारा यह म्यूजीक ग्रुप गुजरात के जूनागढ़ शहर में आयोजित एक ख्यातनाम संगीत स्पर्धा में प्रत्याशी बनकर आया है। आज मेरी टीम के सभी कलाकार आने के बाद तुरंत हम सब रिह...

Read Free

पथरीले कंटीले रास्ते By Sneh Goswami

दोपहर के तीन बज रहे थे। सूर्य का तेज मध्यम हो चला था। पर सड़कों पर अभी लोगों का आना जाना न के बराबर है। कोई कोई व्यक्ति किसी मजबूरी के चलते ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखा पा रहा था।...

Read Free

कोमल की डायरी By Dr. Suryapal Singh

हर रचना की एक आधारभूमि होती है। स्थानीयता का सच जब वैश्विक सच में बदल जाता है, रचना काल एवं स्थान की सीमाओं का अतिक्रमण कर जाती है। कोई भी उपन्यासकार हवा में मुक्के नहीं चलाता। उसक...

Read Free

फिर मिलेंगे... कहानी - एक महामारी से लॉक डाउन तक By Sarvesh Saxena

मोबाइल की घंटी कब से बजे जा रही थी, मोहित हाथ धोते हुए अपने आप से बोला, “अरे भाई बस आया..” | मोबाइल उठाते ही उधर से आवाज आई, “अबे कहां रहता है तू ? कब से फोन कर रहा हूं ..” मोहित -...

Read Free

राज-सिंहासन By Saroj Verma

सूरजगढ़ के राजा सोनभद्र अपने कक्ष में अत्यधिक चिन्तित अवस्था में टहल रहें हैं,उनके मस्तिष्क की सिलवटें बता रहीं हैं कि उन्हें किसी घोर चिन्ता ने आ घेरा है,तभी उनके महामंत्री भानसिंह...

Read Free

पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन By Kishanlal Sharma

सूरज ढल रहा था।ढलते सूरज की तिरक्षी किरणें नदी के बहते पानी मे पड़ रही थी।अनुपम नदी के किनारे एक पत्थर पर बैठा बहते हुए पानी को देख रहा था।जब भी उसका मन करता वह यहां आकर बैठ जाता था...

Read Free

अंत... एक नई शुरुआत By निशा शर्मा

कभी किसी नें कहा था मुझसे कि हर एक अंत एक नई शुरुआत का सूचक होता है मगर ये कितना सच है और कितना झूठ,ये तो मैं स्वयं भी नहीं जानती ! अब आपका अगला सवाल कि आखिर ये मुझसे किसने कहा था...

Read Free

मैं ग़लत था By Ratna Pandey

भले राम और छोटे लाल एक छोटे से गाँव में रहते थे। दोनों में बहुत गहरी दोस्ती थी। वे बचपन से साथ-साथ खेलते कूदते ही बड़े हुए थे। पूरे गाँव में उनकी दोस्ती के चर्चे थे और हों भी क्यों...

Read Free

बागी स्त्रियाँ By Ranjana Jaiswal

समाज ने स्त्रियों के लिए कुछ ढांचे बना रखे हैं उनमें फिट न होने वाली स्त्रियों को बागी स्त्रियाँ कह दिया जाता है।ऐसी स्त्रियों को पारंपरिक समाज एक खतरे की तरह देखता है और उन्हें तो...

Read Free

शुभि By Asha Saraswat

एक चिड़िया आती है,चिव-चिव गीत सुनाती है, दो दिल्ली की बिल्ली है,देखो जाती दिल्ली है, तीन चूहे राजा है देखो बजाते बाजा है,चार घर में कार है,हम जाने को लाचार हैं।........

Read Free

गोमती, तुम बहती रहना By Prafulla Kumar Tripathi

अपने जन्म वर्ष 1953 से अपने जीवन की युवावस्था और दाम्पत्य तथा नौकरी शुरुआत तक की अवधि का आत्मगंधी लेखा- जोखा मैंने अपनी आत्मकथा के पहले खंड “ आमी से गोमती तक “ में दे दिया है जिसे...

Read Free

अकेली By Ratna Pandey

मोहन और शालू हर रोज़ सुबह अपनी तीन पहियों की साइकिल लेकर कचरा बीनने जाते थे। उसी से उनकी जीविका चलती थी। गाड़ी भले ही कचरे की हो पर वह अपनी गाड़ी को बड़ा ही सजा कर रखते थे। जैसे-जै...

Read Free

सोने के कंगन By Ratna Pandey

रात के लगभग बारह बज रहे थे कि तभी कुशल को उसकी पत्नी अनामिका के कराहने की आवाज़ सुनाई दी। वह तुरंत ही उठा और लाइट जलाई। उसने देखा कि अनामिका दर्द के कारण तड़प रही थी।

यह देखते ह...

Read Free

श्रेष्ठ बाल कथाएं By MB (Official)

एक छोटा सा गाँव था जहाँ सुंदर बगीचे, ऊँचे-ऊँचे पेड़ और रंग-बिरंगे फूल खिले रहते थे। इसी गाँव में एक छोटा सा घर था जिसमें एक प्यारी सी बिल्ली मिन्नी और एक नन्हा सा चूहा चीकी रहते थे...

Read Free

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा .. By Anandvardhan Ojha

[मित्रो, ये चर्चाएं कई किस्तों में पूरी होंगी और क्रमशः एक उपन्यास की शक्ल अख्तियार कर लेंगी शायद। आप इन्हें किस्तों में पढ़ते जाने का अवकाश निकालेंगे तो मुझे प्रसन्नता होगी। ये चर्...

Read Free

तक़दीर का खेल By Aarushi Varma

कूंज विला..... मूंबई... सावित्री :- जगदीश, अनिल, भावना, सुरेखा..... सारी तैयारी हो गई ना? (सावित्री खुश होकर पुछती है.) ( इस कुंज विला में रहता है गुजरात से आकर बसा हुआ मेहता परिवा...

Read Free

उफ्फ ये मुसीबतें By Huriya siddiqui

हम सब बहोत आम है बेहद आम दरअसल कहा जाए तो हम आम जनता हैकभी कभी तो आम खाने के भी लाले पड़ जाते हैं अरे बात बजट की आ जाती है और कभी कभी बिन बुलाए मेहमान भी आ जाते हैं जिसके चलते अपने...

Read Free

कोड़ियाँ - कंचे By Manju Mahima

राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में बूंदी से कुछ ही (41) किलोमीटर दूर जहाजपुर गाँव की हवेली में बना पोलिटेक्निक कॉलेज के सभी छात्र मुख्य द्वार बनाने की तैयारी में लगे थे, दोनों ओर स्तम्...

Read Free

नैनं छिन्दति शस्त्राणि By DrPranava Bharti

इस बात को अब तो लगभग 24 वर्ष हो गए हैं जब मैं ‘इसरो’ की सरकारी योजना के अंतर्गत ‘अब झाबुआ जाग उठा’ सीरियल का लेखन कर रही थी | यह पुस्तककार में जयपुर के प्रतिष्ठित ‘बोधि प्रकाशन ‘से...

Read Free

एक अनोखा रिस्ता। By Lalit Raj

"प्यार वो खुशनुमा पल होता है जिसमें हर एक व्यक्ति पूरी जिंदगी जीना चाहता है।" "कुछ रिस्ते खून के होकर भी दिल के करीब नहीं होते और कुछ रिस्ते खून के न होकर भी दिल से निभ...

Read Free

सिर्फ तुम.. By Sarita Sharma

सिर्फ तुम... यकीन नहीं होता कभी हम मिले थे कुछ तुम दर्द में थे, कुछ हमें भी गिले थे.. ये अधूरा इश्क़ कब पूरा सा हुआ, कब अधूरी सी ज़िन्दगी पूरी सी हुई.. ये बेदर्द सी खुशियां, इतनी हसी...

Read Free

सोलहवाँ साल By ramgopal bhavuk

उपन्यास सोलहवाँ साल रामगोपाल भावुक...

Read Free

बुनियाद By Kishanlal Sharma

बीसवीं सदी की शुरुआत का एक दिन।एक समुद्री जहाज इंग्लैंड से अमेरिका के लिए रवाना हुआ।इस जहाज में सौ लोग सवार थे।जिनमें डेविड और उसकी पत्नी मारिया भी थी।जहाज रास्ते मे पड़ने वाले बंदर...

Read Free

परम् वैष्णव देवर्षि नारद By Praveen Kumrawat

पौराणिक कथाओं के सबसे अधिक लोकप्रिय पात्र हैं "देवर्षि नारद।" शायद ही कोई ऐसी महत्वपूर्ण घटना घटित होती होगी जिसमें नारद की भूमिका न रहती हो। उनकी एक विशेषता यह बताई जाती ह...

Read Free

रघुवन की कहानियां By Sandeep Shrivastava

रघुवन में ऊँचे ऊँचे पेड़ों पर मधुमक्खी के छत्ते लगे हुए थे मधुमक्खियों का दल दिन भर फूलों से रस चूसता और अपने छत्ते में जाके शहद बनाता जब शहद से छत्ता भर जाता तो वो उसको अपने दोस...

Read Free

द मिस्ड कॉल By vinayak sharma

सबसे पहले तो आपका बहुत-बहुत शुक्रिया कि आपने मेरी इस किताब का चयन किया। इस किताब में एक प्रेम कहानी है, जो श्याम और कोयल के बीच के प्रेम को दर्शाता है। प्रेम के अलावा इस किताब में...

Read Free

मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान By Aarti Garval

रात का दूसरा पहर था। जैसलमेर का सोनार किला चाँदनी में नहाया हुआ था, और रेगिस्तान की ठंडी हवा रेत के कणों को हल्के-हल्के उड़ा रही थी। दूर से लोक-संगीत की धुनें आ रही थीं—रावणहत्था क...

Read Free

मेरी चुनिंदा लघुकथाएँ By राज कुमार कांदु

पूरे गाँव में रामलाल काका की ही चर्चा थी। जब से उस विशाल घर परिवार के मुखिया की जिम्मेदारी उन्हें मिली थी, उन्होंने कई क्रांतिकारी फैसले लिए जिनके खिलाफ उनके पुरखे सदैव ही रहे।
सा...

Read Free

रंग बदलता आदमी बदनाम गिरगिट By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

आज के परिवेश की,धरती की आकुलता और व्यवस्था को लेकर आ रहा है एक नवीन काव्य संकलन ‘रंग बदलता आदमी- बदनाम गिरगिट’-अपने दर्दीले ह्रदय उद्वेलनों की मर्मान्तक पीड़ा को,आपके चिंतन आँगन मे...

Read Free

स्पंदन By Madhavi Marathe

अपना पुरा ब्रम्हांड चक्राकार रुप में घुमता रहता है। उसकी घुमने की प्रक्रिया बहुत ही धीरे से चलती रहती है। कभी-कभी व्यक्ति जीवन के सफर में पिसते हुए ऐसे निर्णायक मोड पर आकर रुकता है...

Read Free

थ्री गर्लफ्रैंड By vidrohi

भट्टी में डाली गई लकड़ी कोयला बनकर अंगारों का रूप धारण कर चुकी हैं। थोड़ी देर पहले तक इसमें कल की जली हुई लकड़ियों की राख बिखरी थी। पर अब ये आग का कुआँ बन चुकी हैं। इस कुएँ के मुहाने...

Read Free

मानव भेड़ियाँ और रोहिणी By Sonali Rawat

अब मुझे ठीक से तो याद नहीं कि बात कितनी पुरानी हैं, पर जो कुछ हुआ वो एक एक बात आज भी ज़ेहन में अपना घर बनाए बैठी हैं ।

हम चार लोगों ने मिलकर पहाड़ की ठंडी वादियों के नजदीक पिकनिक...

Read Free

फ़ैसला By Rajesh Shukla

जून का महीना। उफ! ऊपर से ये गरमी। रात हो या दिन दोनों में उमस जो कम होने का नाम नहीं ले रही थी। दिन की चिलचिलाती धूप की तपिस से रात को घर की दीवारें चूल्हें पर रखे हुए तवे की तरह म...

Read Free

तेरा मेरा सफ़र By Payal Author

शहर के शोर-गुल से दूर, समंदर किनारे बसे छोटे से टाउन में कियारा की ज़िंदगी रुक-सी गई थी। होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी उसके लिए रोज़ का वही घिसा-पिटा रुटीन लेकर आती थी—मुस्कुराकर...

Read Free

ज़िन्दगी सतरंग.. By Sarita Sharma

अम्मा की नजरें सामने आती स्कूटी की तरफ़ ही टिकी हुई थी.. कौन है? कौन नहीं ये जानने के लिए अम्मा बेख़ौफ़ होकर सड़क पर स्कूटी के सामने ही आ रही थी.. पी..ईईईप....पीईईईईईईईप........ मैं जो...

Read Free

भूतिया कमरा By jayshree Satote

पापा की जोब मुम्बंई ट्रान्सफर हुई थी।कल रात ही पापा-मम्मी और मे विस्वकर्मा एपार्टमेन्ट के आठवे माले पे फ्लेट नंबर 103 मे सीफ्ट हुए थे।लगभग सारा सामान आ चुका था।लेकिन कुछ स...

Read Free

बच्चों को सुनाएँ By r k lal

बच्चों को सुनाएँ – 1 “कुरूप सुषमा” आर० के० लाल एक गाँव की लड़की की यह कहानी है जो बहुत सुंदर नहीं थी । उसका नाम सुषमा था । सुषमा बड़ी साधारण सी लड़की थी । उसका रंग...

Read Free

मैं ईश्वर हूँ By Satish Thakur

• 1. (ईश्वर का सम्बोधन) मैं ईश्वर हूँ, में कभी कुछ नही कहता किसी से नहीं कहता बस सुनता हूँ क्योंकि मैं ईश्वर हूँ। मेरा कोई धर्म नहीं न ही कोई जाति, और न कोई देश है, न तो में नर हू...

Read Free

मेरा रक्षक By ekshayra

इस दुनिया में 2 तरह के इंसान हैं। एक अच्छे तो एक बुरे। ये कहानी ऐसे ही एक अच्छे और एक बुरे इंसान की है। इस कहानी में बुरे इंसान की दुनिया कैसे अच्छे में बदलती है और अच्छे इंसान की...

Read Free

एनीमल फॉर्म By Suraj Prakash

एनिमल फार्म (Animal Farm) अंग्रेज उपन्‍यासकार जॉर्ज ऑरवेल की कालजयी रचना है। बीसवीं सदी के महान अंग्रेज उपन्‍यासकार जॉर्ज ऑरवेल ने अपनी इस कालजयी कृति में सुअरों को केन्‍द्रीय चरित...

Read Free

अनसुलझा प्रश्न By Kishanlal Sharma

"मम्मी इरा का तुम्हारे साथ निर्वाह नही हो सकता"
उमेश इन्टर में पढ़ता था तभी उसे अपने साथ पढ़ने वाली इरा से प्यार हो गया था।इरा ईसाई थी।रमेश नही चाहता था उसका बेटा दूसरे धर...

Read Free

माफियाओं की दुनिया में इनोसेंट गर्ल By Mickey The Writer

रेलवे स्टेशन दिल्लीएक लड़की रेल में से उतर कर बहुत तेजी से भागती हुई आ रही थी वो लड़की बार बार पीछे मुड़कर देख रही थी ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसके पीछे पढ़ा हुआ हे और वो उन्ही से बच...

Read Free

समय का पहिया By Madhudeep

समय का पहिया

बीसवीं सदी मै लिखी गई कहानियाँ

-हिस्से का दूध
-तनी हुई मुठ्ठियाँ
-शासन
-अस्तित्वहीन नहीं
-अपनी अपनी मौत
-नियति

Read Free

माफिया की नजर में By InkImagination

एक अनजानी शुरुआत"कभी-कभी हमारी सबसे बड़ी गलती होती है... किसी की आँखों में सुकून तलाशना, जहाँ हकीकत में सिर्फ़ तूफान छुपा होता है।"वो थी अहाना शर्मा।
एक ऐसी लड़की, जो बाहर...

Read Free

बिखरते सपने By Goodwin Masih

बिखरते सपने उपन्यास के बारे में बिखरते सपने, एक ऐसी लड़की स्नेहा की कहानी है, जिसके पापा आधुनिक युग में भी निहायत ही रूढंीवादी और संकुचित विचारों के थे। वह स्नेहा को सिर्फ एक लड़की ह...

Read Free

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे By Kishanlal Sharma

"क्या देख रही हो?"
उन दिनों मैं साल 1966 की बात कर रहा हूँ।तब कालेज आज की तरह जगह जगह नही हुआ करते थे।मेरे पिता रेलवे में थे और उनके ट्रांसफर होते रहते थे।इसलिए मेरी शिक्ष...

Read Free

भूत बंगला.... By Sanket Vyas Sk, ઈશારો

"मैं उस बंगले में कभी भी रहने नहीं जाऊँगी। मेरे साथ वहाँ पर बहुत ही बुरी और अविश्वसनीय घटना घटी जिस पर तुम विश्वास ही नहीं करोगें" घबराते हुए प्राची ने अपने पति चेतन क...

Read Free

द लॉस्ट एस्ट्रोनॉट: स्टेप इन सन By Raghav Sharma

यह एक ऐसे एस्ट्रोनॉट की कहानी हैं जो सूर्य में जाता हैं लेकिन गलती से वहीं रह जाता है,कुछ समय बाद जब उसे कुछ और एस्ट्रोनॉट्स लेने आते हैं तब वह रहस्मयी ढंग से गायब हो चुका होता हैं...

Read Free

अपना आकाश By Dr. Suryapal Singh

उपन्यास समाज का यथार्थ बिम्ब है विविधता से भरा एवं चुनौतीपूर्ण । उपन्यास लिखना इसीलिए समाज को विश्लेषित करना है। 'कंचनमृग', 'शाकुनपाँखी', ‘कोमल की डायरी' एवं &#...

Read Free

प्रेमशास्त्र By Vaidehi Vaishnav

यमुना नदी के किनारें बसा - वृन्दावन नाम लेते ही ऐसा लगता जैसे जिव्हा पर शहद घुल गया हों। मिश्री सी मीठी यादें और उन यादों में माखन से नरम ह्रदय वालें प्यारे बृजवासी , फुलों सी कोमल...

Read Free

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा By SUNIL ANJARIA

मेरे मार्गदर्शन में हमारा यह म्यूजीक ग्रुप गुजरात के जूनागढ़ शहर में आयोजित एक ख्यातनाम संगीत स्पर्धा में प्रत्याशी बनकर आया है। आज मेरी टीम के सभी कलाकार आने के बाद तुरंत हम सब रिह...

Read Free

पथरीले कंटीले रास्ते By Sneh Goswami

दोपहर के तीन बज रहे थे। सूर्य का तेज मध्यम हो चला था। पर सड़कों पर अभी लोगों का आना जाना न के बराबर है। कोई कोई व्यक्ति किसी मजबूरी के चलते ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखा पा रहा था।...

Read Free

कोमल की डायरी By Dr. Suryapal Singh

हर रचना की एक आधारभूमि होती है। स्थानीयता का सच जब वैश्विक सच में बदल जाता है, रचना काल एवं स्थान की सीमाओं का अतिक्रमण कर जाती है। कोई भी उपन्यासकार हवा में मुक्के नहीं चलाता। उसक...

Read Free

फिर मिलेंगे... कहानी - एक महामारी से लॉक डाउन तक By Sarvesh Saxena

मोबाइल की घंटी कब से बजे जा रही थी, मोहित हाथ धोते हुए अपने आप से बोला, “अरे भाई बस आया..” | मोबाइल उठाते ही उधर से आवाज आई, “अबे कहां रहता है तू ? कब से फोन कर रहा हूं ..” मोहित -...

Read Free

राज-सिंहासन By Saroj Verma

सूरजगढ़ के राजा सोनभद्र अपने कक्ष में अत्यधिक चिन्तित अवस्था में टहल रहें हैं,उनके मस्तिष्क की सिलवटें बता रहीं हैं कि उन्हें किसी घोर चिन्ता ने आ घेरा है,तभी उनके महामंत्री भानसिंह...

Read Free

पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन By Kishanlal Sharma

सूरज ढल रहा था।ढलते सूरज की तिरक्षी किरणें नदी के बहते पानी मे पड़ रही थी।अनुपम नदी के किनारे एक पत्थर पर बैठा बहते हुए पानी को देख रहा था।जब भी उसका मन करता वह यहां आकर बैठ जाता था...

Read Free

अंत... एक नई शुरुआत By निशा शर्मा

कभी किसी नें कहा था मुझसे कि हर एक अंत एक नई शुरुआत का सूचक होता है मगर ये कितना सच है और कितना झूठ,ये तो मैं स्वयं भी नहीं जानती ! अब आपका अगला सवाल कि आखिर ये मुझसे किसने कहा था...

Read Free

मैं ग़लत था By Ratna Pandey

भले राम और छोटे लाल एक छोटे से गाँव में रहते थे। दोनों में बहुत गहरी दोस्ती थी। वे बचपन से साथ-साथ खेलते कूदते ही बड़े हुए थे। पूरे गाँव में उनकी दोस्ती के चर्चे थे और हों भी क्यों...

Read Free

बागी स्त्रियाँ By Ranjana Jaiswal

समाज ने स्त्रियों के लिए कुछ ढांचे बना रखे हैं उनमें फिट न होने वाली स्त्रियों को बागी स्त्रियाँ कह दिया जाता है।ऐसी स्त्रियों को पारंपरिक समाज एक खतरे की तरह देखता है और उन्हें तो...

Read Free

शुभि By Asha Saraswat

एक चिड़िया आती है,चिव-चिव गीत सुनाती है, दो दिल्ली की बिल्ली है,देखो जाती दिल्ली है, तीन चूहे राजा है देखो बजाते बाजा है,चार घर में कार है,हम जाने को लाचार हैं।........

Read Free

गोमती, तुम बहती रहना By Prafulla Kumar Tripathi

अपने जन्म वर्ष 1953 से अपने जीवन की युवावस्था और दाम्पत्य तथा नौकरी शुरुआत तक की अवधि का आत्मगंधी लेखा- जोखा मैंने अपनी आत्मकथा के पहले खंड “ आमी से गोमती तक “ में दे दिया है जिसे...

Read Free

अकेली By Ratna Pandey

मोहन और शालू हर रोज़ सुबह अपनी तीन पहियों की साइकिल लेकर कचरा बीनने जाते थे। उसी से उनकी जीविका चलती थी। गाड़ी भले ही कचरे की हो पर वह अपनी गाड़ी को बड़ा ही सजा कर रखते थे। जैसे-जै...

Read Free

सोने के कंगन By Ratna Pandey

रात के लगभग बारह बज रहे थे कि तभी कुशल को उसकी पत्नी अनामिका के कराहने की आवाज़ सुनाई दी। वह तुरंत ही उठा और लाइट जलाई। उसने देखा कि अनामिका दर्द के कारण तड़प रही थी।

यह देखते ह...

Read Free

श्रेष्ठ बाल कथाएं By MB (Official)

एक छोटा सा गाँव था जहाँ सुंदर बगीचे, ऊँचे-ऊँचे पेड़ और रंग-बिरंगे फूल खिले रहते थे। इसी गाँव में एक छोटा सा घर था जिसमें एक प्यारी सी बिल्ली मिन्नी और एक नन्हा सा चूहा चीकी रहते थे...

Read Free

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा .. By Anandvardhan Ojha

[मित्रो, ये चर्चाएं कई किस्तों में पूरी होंगी और क्रमशः एक उपन्यास की शक्ल अख्तियार कर लेंगी शायद। आप इन्हें किस्तों में पढ़ते जाने का अवकाश निकालेंगे तो मुझे प्रसन्नता होगी। ये चर्...

Read Free

तक़दीर का खेल By Aarushi Varma

कूंज विला..... मूंबई... सावित्री :- जगदीश, अनिल, भावना, सुरेखा..... सारी तैयारी हो गई ना? (सावित्री खुश होकर पुछती है.) ( इस कुंज विला में रहता है गुजरात से आकर बसा हुआ मेहता परिवा...

Read Free

उफ्फ ये मुसीबतें By Huriya siddiqui

हम सब बहोत आम है बेहद आम दरअसल कहा जाए तो हम आम जनता हैकभी कभी तो आम खाने के भी लाले पड़ जाते हैं अरे बात बजट की आ जाती है और कभी कभी बिन बुलाए मेहमान भी आ जाते हैं जिसके चलते अपने...

Read Free

कोड़ियाँ - कंचे By Manju Mahima

राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में बूंदी से कुछ ही (41) किलोमीटर दूर जहाजपुर गाँव की हवेली में बना पोलिटेक्निक कॉलेज के सभी छात्र मुख्य द्वार बनाने की तैयारी में लगे थे, दोनों ओर स्तम्...

Read Free

नैनं छिन्दति शस्त्राणि By DrPranava Bharti

इस बात को अब तो लगभग 24 वर्ष हो गए हैं जब मैं ‘इसरो’ की सरकारी योजना के अंतर्गत ‘अब झाबुआ जाग उठा’ सीरियल का लेखन कर रही थी | यह पुस्तककार में जयपुर के प्रतिष्ठित ‘बोधि प्रकाशन ‘से...

Read Free

एक अनोखा रिस्ता। By Lalit Raj

"प्यार वो खुशनुमा पल होता है जिसमें हर एक व्यक्ति पूरी जिंदगी जीना चाहता है।" "कुछ रिस्ते खून के होकर भी दिल के करीब नहीं होते और कुछ रिस्ते खून के न होकर भी दिल से निभ...

Read Free

सिर्फ तुम.. By Sarita Sharma

सिर्फ तुम... यकीन नहीं होता कभी हम मिले थे कुछ तुम दर्द में थे, कुछ हमें भी गिले थे.. ये अधूरा इश्क़ कब पूरा सा हुआ, कब अधूरी सी ज़िन्दगी पूरी सी हुई.. ये बेदर्द सी खुशियां, इतनी हसी...

Read Free

सोलहवाँ साल By ramgopal bhavuk

उपन्यास सोलहवाँ साल रामगोपाल भावुक...

Read Free

बुनियाद By Kishanlal Sharma

बीसवीं सदी की शुरुआत का एक दिन।एक समुद्री जहाज इंग्लैंड से अमेरिका के लिए रवाना हुआ।इस जहाज में सौ लोग सवार थे।जिनमें डेविड और उसकी पत्नी मारिया भी थी।जहाज रास्ते मे पड़ने वाले बंदर...

Read Free

परम् वैष्णव देवर्षि नारद By Praveen Kumrawat

पौराणिक कथाओं के सबसे अधिक लोकप्रिय पात्र हैं "देवर्षि नारद।" शायद ही कोई ऐसी महत्वपूर्ण घटना घटित होती होगी जिसमें नारद की भूमिका न रहती हो। उनकी एक विशेषता यह बताई जाती ह...

Read Free

रघुवन की कहानियां By Sandeep Shrivastava

रघुवन में ऊँचे ऊँचे पेड़ों पर मधुमक्खी के छत्ते लगे हुए थे मधुमक्खियों का दल दिन भर फूलों से रस चूसता और अपने छत्ते में जाके शहद बनाता जब शहद से छत्ता भर जाता तो वो उसको अपने दोस...

Read Free

द मिस्ड कॉल By vinayak sharma

सबसे पहले तो आपका बहुत-बहुत शुक्रिया कि आपने मेरी इस किताब का चयन किया। इस किताब में एक प्रेम कहानी है, जो श्याम और कोयल के बीच के प्रेम को दर्शाता है। प्रेम के अलावा इस किताब में...

Read Free

मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान By Aarti Garval

रात का दूसरा पहर था। जैसलमेर का सोनार किला चाँदनी में नहाया हुआ था, और रेगिस्तान की ठंडी हवा रेत के कणों को हल्के-हल्के उड़ा रही थी। दूर से लोक-संगीत की धुनें आ रही थीं—रावणहत्था क...

Read Free

मेरी चुनिंदा लघुकथाएँ By राज कुमार कांदु

पूरे गाँव में रामलाल काका की ही चर्चा थी। जब से उस विशाल घर परिवार के मुखिया की जिम्मेदारी उन्हें मिली थी, उन्होंने कई क्रांतिकारी फैसले लिए जिनके खिलाफ उनके पुरखे सदैव ही रहे।
सा...

Read Free

रंग बदलता आदमी बदनाम गिरगिट By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

आज के परिवेश की,धरती की आकुलता और व्यवस्था को लेकर आ रहा है एक नवीन काव्य संकलन ‘रंग बदलता आदमी- बदनाम गिरगिट’-अपने दर्दीले ह्रदय उद्वेलनों की मर्मान्तक पीड़ा को,आपके चिंतन आँगन मे...

Read Free

स्पंदन By Madhavi Marathe

अपना पुरा ब्रम्हांड चक्राकार रुप में घुमता रहता है। उसकी घुमने की प्रक्रिया बहुत ही धीरे से चलती रहती है। कभी-कभी व्यक्ति जीवन के सफर में पिसते हुए ऐसे निर्णायक मोड पर आकर रुकता है...

Read Free

थ्री गर्लफ्रैंड By vidrohi

भट्टी में डाली गई लकड़ी कोयला बनकर अंगारों का रूप धारण कर चुकी हैं। थोड़ी देर पहले तक इसमें कल की जली हुई लकड़ियों की राख बिखरी थी। पर अब ये आग का कुआँ बन चुकी हैं। इस कुएँ के मुहाने...

Read Free

मानव भेड़ियाँ और रोहिणी By Sonali Rawat

अब मुझे ठीक से तो याद नहीं कि बात कितनी पुरानी हैं, पर जो कुछ हुआ वो एक एक बात आज भी ज़ेहन में अपना घर बनाए बैठी हैं ।

हम चार लोगों ने मिलकर पहाड़ की ठंडी वादियों के नजदीक पिकनिक...

Read Free

फ़ैसला By Rajesh Shukla

जून का महीना। उफ! ऊपर से ये गरमी। रात हो या दिन दोनों में उमस जो कम होने का नाम नहीं ले रही थी। दिन की चिलचिलाती धूप की तपिस से रात को घर की दीवारें चूल्हें पर रखे हुए तवे की तरह म...

Read Free

तेरा मेरा सफ़र By Payal Author

शहर के शोर-गुल से दूर, समंदर किनारे बसे छोटे से टाउन में कियारा की ज़िंदगी रुक-सी गई थी। होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी उसके लिए रोज़ का वही घिसा-पिटा रुटीन लेकर आती थी—मुस्कुराकर...

Read Free

ज़िन्दगी सतरंग.. By Sarita Sharma

अम्मा की नजरें सामने आती स्कूटी की तरफ़ ही टिकी हुई थी.. कौन है? कौन नहीं ये जानने के लिए अम्मा बेख़ौफ़ होकर सड़क पर स्कूटी के सामने ही आ रही थी.. पी..ईईईप....पीईईईईईईईप........ मैं जो...

Read Free

भूतिया कमरा By jayshree Satote

पापा की जोब मुम्बंई ट्रान्सफर हुई थी।कल रात ही पापा-मम्मी और मे विस्वकर्मा एपार्टमेन्ट के आठवे माले पे फ्लेट नंबर 103 मे सीफ्ट हुए थे।लगभग सारा सामान आ चुका था।लेकिन कुछ स...

Read Free

बच्चों को सुनाएँ By r k lal

बच्चों को सुनाएँ – 1 “कुरूप सुषमा” आर० के० लाल एक गाँव की लड़की की यह कहानी है जो बहुत सुंदर नहीं थी । उसका नाम सुषमा था । सुषमा बड़ी साधारण सी लड़की थी । उसका रंग...

Read Free
-->