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  • CRAVE - 1

    एक 19 साल की लड़की आईने के सामने खड़ी थी। वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह लग र...

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      प्रताप ने कुछ देर रूक कर कुछ गहरा सोचा और आगे बढ़ गया, धड़कन सामान्य हो चली थी औ...

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  • BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 1

    भाग 1 – "अकादमी की पहली सुबह"सुबह के पाँच बजे भी हवा ठंडी नहीं लग रही थी।पुलिस अ...

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  • अनकहा सच ( भाग - 1)

    "अनकहा सच____""किसी अनकहे सच का पता लगाना ठीक उतना ही मुश्किल है, जितना आग की लप...

  • सच लिखना क्या जुर्म है?

    सच लिखना क्या जुर्म है?​आज से कुछ दिन पहले, करीब 29 सितंबर 2026 को मैंने अपने कॉ...

  • 7 Month Pyaar ke - 1

    ---*26 सितंबर*एक गुजराती लड़की, रितु पटेल। SR अकाउंटेंट, सीधी, समझदार, पर दिल से...

सुसाइड पार्टनर्स By Nirali patel

हा भई हा.......

सही पढ़ा आपने सुसाइड पार्टनर।

आप सोच रहे होंगे की यार लाइफ पार्टनर होता है, डांस पार्टनर भी होता है, और तो और अगर कोई दो व्यक्ति साथ में एक ही बिजनेस कर रहे ह...

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बस अब और नहीं! By Saroj Prajapati

भाग- 1 विद्या सदन आज फूलों व सजा था और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा था।। द्वार पर सजा वंदनवार व घर के अंदर बाहर लगा सुंदर सा शामियाना विद्या सदन में हर आने वाले मेहमान का स्वागत क...

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वो श्याम सलोनी By Anshika

वो एकटक बगीचे के फूलों को निहार रही थी रंग रूप पर उसने कभी खुद से ध्यान ही नहीं दिया था क्योंकि उसने हमेशा अपने पापा से यही सुना था की बच्चे इंसान का मन साफ होना चाहिए रंग और खुबसू...

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कामनाओं के नशेमन By Husn Tabassum nihan

दरवाजे बहुत होते हैं, कुछ सहजता के साथ खुल जाने वाले और कुछ दरवाजे बहुत खटखटाने के बाद खुलने वाले। उतना अर्थ दरवाजे का नहीं होता जितना अर्थ चौखट का होता है। चौखट लांघ कर भीतर आना औ...

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IIT Roorkee (अजब प्रेम की गज़ब कहानी) By Akshay Tiwari

दोस्तों इस प्रेम कहानी की शुरुआत होती हैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकल कर IIT रुड़की उत्तराखंड देवभूमि में पढ़ने गए एक साधारण लड़के से, जिसे नैनीताल से आई ठंडी हवा के झो...

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जीवन का गणित By Seema Singh

शाम तक पूरा घर चमाचम हो जाना चाहिए नीतू! अवंतिका ने फिर से दोहराया। नीली सलवार, पीला कुर्ता, गुलाबी स्वेटर के साथ लाल दुपट्टा कंधे से ओढ़ कर कमर तक लपेटे, नीतू ठुमकती सी दरवाजे के...

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उलझन By Amita Dubey

उलझन डॉ. अमिता दुबे एक नीचे के फ्लैट में जब से अंशी यानि अंशिका रहने आयी है तब से सोमू यानि सौमित्र का जीवन ही बदल गया है। इससे पहले सोमू तो केवल ‘बोर’ होता था। घनी आबादी के बड़े से...

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इंडियन By Dikshadixit

आज मैं एक ऐसी कहानी लिख रही हूं, जो एक अनाथ छोटी बच्ची के जीवन से जुड़ी है, जो रहती तो एक बड़े ही अमीर पढ़े लिखे परिवार में है। पर सबके होते हुए भी उसका कोई नही होता। उस कहानी के क...

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पुर्णिमा By Soni shakya

मां _मां_ ओ __मां !!

देखो मेरा रिजल्ट पुरे 95 पर्सेंट मिले से मुझे।

मां मैं बहुत खुश हूं आज कहते हुए झुमने लगी पुर्णिमा ।

उसकी बातों में खनक और आंखों मे चमक थी।

आज वो स...

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तीन घोड़ों का रथ By Prabodh Kumar Govil

हिंदी सिनेमा का आगाज़ लगभग एक सदी पुराना है। एक सौ दस बरस के सेल्युलॉयड के इस सफ़र में देश के कौने कौने से अभिनय करके नाम कमाने के लिए हज़ारों लोग आए और चले भी गए। कुछ सफ़ल होकर सि...

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मित्रलाभ By MB (Official)

एक समय दक्षिण दिशा में एक वृद्ध बाघ स्नान करके कुशों को हाथ में लिए हुए कह रहा था-- हे हो मार्ग के चलने वाले पथिकों ! मेरे हाथ में रखे हुए इस सुवर्ण के कड्कण (कड़ा) को ले लो, इसे सु...

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मम्मी पढ़ रही हैं By Pradeep Shrivastava

कैसी हो हिमानी, क्या कर रही हो?
- ठीक हूं शिवा, दिव्यांश का होमवर्क पूरा करा रही हूं, तुम बताओ तुम क्या कर रही हो?
- मैं बहुत टेंशन में हूं यार। आज सुबह ही तुम्हें फ़ोन करने वाली...

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साजिशो का सिलसिला By Aarti Garval

दिल्ली की ठंडी जनवरी की रात में, नैना कपूर का पेंटहाउस सुर्खियों में था। पुलिस की गाड़ियां, मीडिया और बहुत सारे लोगों की भीड़ उस आलीशान इमारत के बाहर खड़ी थीं। अभिनेत्री नैना कपूर,...

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बड़े बाबू का प्यार By Swapnil Srivastava Ishhoo

भाग 1/16: हैप्पी बर्थ डे वन्स अगेन..... “बड़े-बाबू.....ओ बड़े-बाबू.....दरवाज़ा खोलिए, कब से घंटी बजा रहे हैं”, मंदार दरवाज़ा पीटते हुए बोला|थोड़ी देर में दरवाज़ा खुला और दिवाकर झांकते हु...

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नविता की कलम से... By navita

नविता की कलम से... ✍️ ?Navita ? ✍️? Dedicated to ?My lovely family Specially my mother- in -lawMy friends- Garry ,Sonam & me ..Thanks to - Wr.Messi ?? Also Dedicated to...

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रब की लिखी जोगी By Damini

यह कहानी है खुद को रब दी बेटी मानने वाली समरीत की जो दिखने में कुवारी सलोनी और दिल से दरियादिल है। प्यार से भरी समरीत खुद अपने असली प्यार से दूर है?? कौन है उसका असली प्यार?? कोई...

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बहुत करीब मंजिल By Sunita Bishnolia

‘‘वाह! बहनजी, बहुत ही खूबसूरत कढ़ाई की है इन चुन्नियों पर। अब ये सारी चुन्नियाँ सीधी फिल्मों के सेट पर जाएँगी। इन चुन्नियों को फिल्मों की हिरोइनें अपनी फिल्मों में ओढ़ेंगी।’’...

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Woh! Mera Pyar By Anjali Lingayat

होटल के कमरे में, आशी एक खूबसूरत लड़के के साथ इंटिमेंट हो जाती है और उस लड़के से अपने प्यार का इज़हार करती है। आशी खुश थी कि तलाक के बाद आखिरकार उसे एक ऐसा शख्स मिल गया जो उसे प्या...

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सुलझे...अनसुलझे By Pragati Gupta

सुलझे….अनसुलझे!!! (भूमिका) ------------------------ जब किसी अपरिचित की पीड़ा अन्तःस्थल पर अनवरत दस्तकें देने लगती हैं, तब उसकी कही-अनकही पीड़ा हमको उसके बारे में बहुत कुछ सोचने और...

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क्या सब ठीक है By Narayan Menariya

यह किताब उन अनकहे सवालों और अधूरी बातों का संग्रह है, जिन्हें हम अक्सर अपने अंदर दबाकर जीते रहते हैं।
हर कहानी हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी एक सच्चाई को सामने लाती है - रिश्तो...

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पीताम्बरी By Meena Pathak

घर में उत्सव जैसा माहौल था सभी के चेहरों पर उत्साह झलक रहा था बड़की चाची. रामपुर वाली चाची, पचरूखिया वाली चाची, सभी दोगहा में जा कर द्वार पर बैठे युवक को झाँक-झाँक देख कर निहाल...

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एक कदम बदलाव की ओर By Lokesh Dangi

उत्तर भारत के एक छोटे से गांव में एक अजीब सी खामोशी थी, जिसमें किसी प्रकार के बदलाव की कोई संभावना दिखाई नहीं देती थी। यह गांव अपनी पारंपरिक संस्कृति और मान्यताओं के कारण जाना जाता...

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सच सामने आना अभी बाकी है By Kishanlal Sharma

ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना 31 दिसम्बर 1600 में इंग्लैंड में हुई थी।यह कम्पनी भारत मे व्यापार करना चाहती थी।इस कम्पनी को भारत के साथ व्यापार करने की 21 वर्ष के लिए छूट महारानी ने...

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छूटा हुआ कुछ By Ramakant Sharma

‘उफ, क्या कहानी है’ – उमा जी ने उस पेज का कोना मोड़कर किताब बंद की और अपना चश्मा पास की मेज पर रखकर तकिये पर सिर रखते हुए अपने दोनों पैर पलंग पर पूरे फैला लिये। वे कुछ देर तक वैसे ह...

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अनूठी पहल By Lajpat Rai Garg

शनिवार का दिन था। कॉलेज की छुट्टी थी। सुबह के दस ही बजे थे, लेकिन सूर्य-नारायण अपने पूर्ण यौवन की ऊर्जा उत्सर्जित कर रहे थे। पृथ्वी-लोक के प्राणियों का गर्मी ने हाल बेहाल कर रखा था...

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अमर प्रेम. By Vandana Gupta

अमर प्रेम प्रेम और विरह का स्वरुप (1) प्रेम और विरह का स्वरुपप्रेम ----एक दिव्य अनुभूति --------कोई प्रगट स्वरुप नही,कोई आकार नही मगर फिर भी सर्व्यापक ।प्रेम के बिना न संसार है न भ...

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हार गया फौजी बेटा By Pradeep Shrivastava

जब उसका दर्द मुझसे न देखा गया तो मैं उठकर चला गया उसके बेड के पास, जो न्यूरो सर्जरी वार्ड का बेड नंबर चार था। जिस पर वह छः फिट से भी ज़्यादा लंबा और मज़बूत ज़िस्म का जवान सुबह ही भर्...

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विदा रात By Kishanlal Sharma

सर्दियों के मौसम की एक बेहद ठंडी रात।रात केे बारह बज चुके थे। बरखा के सास श्वसुर और ननद कब के अपने अपने कमरों में सो चुके थे।बरखा भी इस समय तक रोज़ सो जाती थी।लेकिन आज उसकी आँख...

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फिर कौन था वो? By Shilpa Sharma

फिर कौन था वो? शिल्पा शर्मा (1) ‘‘याद है न तुम्हें, हमारी शादी को छह महीने हो गए हैं आज,’’ थके-हारे ऑफ़िस से लौटे पति को चाय थमाते हुए मीता ने बड़े उत्साह से कहा. ‘‘हम्म...’’ बड़ा...

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गुम हूं तुम्हारे इश्क़ में By ARUANDHATEE GARG मीठी

एक लड़की आलथी - पालथी मारकर , टी - शर्ट और हैरम पहने , अपनी स्टडी डेस्क की चेयर पर बैठी , बेचैनी से अपने लैपटॉप की स्क्रीन को ताक रही थी । दूध से सफेद गोरे गाल , काली और बड़ी - बड़...

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​मेरा प्यार By mamta

दरिया, परिंदे और वो अजनबी

​अज़ीम …. वह ज़ोया को जाते हुए देखता है और सोचता है— "यह कैसी अजनबी थी जो आई तो एक शोर की तरह थी (महंगी गाड़ी, रुतबा), पर छोड़ एक खामोशी गई। क्या यह...

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पहली दस्तक By Divya Shree

आज काव्या का पहला इंटरव्यू था । जिंदगी के पहले सपने की दस्तक ।

“काव्या, चलो,” उसके चचेरे भाई ने पुकारा। वह उसी स्कूल में शिक्षक था। उसके पीछे-पीछे, बिना कुछ बोले, काव्या उस अजन...

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विश्वगसघात (सीजन-२) By Saroj Verma

मनोरमा.... मनोरमा! कहां हो भाई! धर्मवीर ने अपनी पत्नी को पुकारते हुए कहा।।
अभी आती हूं जी! जरा सी सांस तो ले लिया करो,बस पुकारते ही जा रहे हो और तुम ऐसे बेवक्त़ कैसे आ धमके,मनोरमा...

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त्रिखंडिता By Ranjana Jaiswal

जिंदगी राजनीति प्रेरित है और यह राजनीति सत्ता की राजनीति है, जो चारों तरफ व्याप्त है | परिवार हो या पास-पड़ोस | राज्य हो या समाज | प्रदेश हो या देश | गाँव हो या कस्बा| स्त्री हो या...

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प्रदीप कृत लघुकथाओं का संसार By Pradeep Kumar sah

लघुकथाएँ
"तुमसे सलाह लेना ही मुर्खता है. पगला कहीं के...."कहते हुए रवि पुन: रोने लगा. मिलने का समय समाप्त हो गया था. प्रहरी उसे अंदर ले गया. भोला लौट गया,उसे अपने मित्र की...

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रात के ग्यारह बजे के बाद By Rajesh Maheshwari

राकेश और गौरव गहन सदमे की स्थिति में थे उन्हें विश्वास नही हो रहा था कि उनका मित्र आनंद अब इस दुनिया में नही हैं। राकेश ने गौरव से कहा कि मानव जीवन बहुमूल्य होता है क्योंकि यही हमा...

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नारीयोत्तम नैना By Jitendra Shivhare

"क्या मैं जान सकता हूं आपको पोलिटीशियन से क्या परेशानी है? आपको उनसे दिक्कत क्या है?" एमएलए जितेंद्र ठाकुर ने नैना से पुछा। "पोलिटीशियन झुठ बहुत बोलते है?" नैना ने...

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सपना By Shivani Verma

ट्रेनों की गड़गड़ाहट के बीच, स्टेशन के पिछले हिस्से की तरफ रेलवे ट्रैक पर बैठी सपना की आंखों से झर-झर आंसू बह रहे थे. उधर से निकलने वाले लोग बार-बार उसे रेलवे ट्रैक से हटने की बात कह...

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Dastane - ishq By Tanya Gauniyal

बडा़ सा बंगला , पेड़ पौधो से घिरा हुआ ।एक बडा़ सा गेट जहा से एक लड़का , जिसकी उम्र पंद्रा से सोलह साल, होंगी । वो बेसूद सा होकर अंदर आया और बगंले के अंदर गया ।उसने चारो तरफ अपनी नज...

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Super Villain Series By parth Shukla

स्थान: उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों के बीच छुपा एक अजीबोगरीब घाटी — “त्रि-गह्वर”
काल: कलियुग का वह समय जब धर्म का संतुलन डगमगाने लगा था…

हिमालय की गोद में एक घाटी थी, जो न त...

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इंद्रधनुष सतरंगा By Mohd Arshad Khan

हिलमिल मुहल्ले को लोग अजायब घर कहते हैं। इसलिए कि यहाँ जितने घर हैं, उतनी तरह के लोग हैं। अलग पहनावे, अलग खान-पान, अलग संस्कार, अलग बोली-बानी और अलग धर्म-वर्ण के। सचमुच, यह मुहल्ला...

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आधी नज्म का पूरा गीत By Ranju Bhatia

अमृता इमरोज, प्यार के दो नाम, जिनके बारे में तब जाना ,जब मेरी उम्र सपने बुनने की शुरू हुई थी, और प्यार का वह हल्का एहसास क्या है अभी जाना नहीं था। बहुत याद नहीं आता कि कब किताबें प...

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प्यार किया नही जाता By Manish Sidana

"हे भगवान!इस कोच में और भी कोई यात्री आएगा,या मुंबई से अमृतसर का लंबा सफर मुझे अकेले ही तय करना होगा।"....खुशी मन ही मन बुदबुदा रही थी।

गाड़ी के चलने का समय हो गया था।खु...

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बरसों बाद तुम By Neetu Suthar

दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ थी।
हर कोई अपनी मंज़िल की तरफ भाग रहा था। गाड़ियों की आवाज़ें, चायवालों की पुकार, और बैग घसीटते हुए लोग — मानो हर चेहरा किसी कहानी का हिस्सा हो।...

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निरुत्तर By Ratna Pandey

वंदना एक बहुत ही कुशल प्रेरक वक्ता थी। वह अपने प्रेरणात्मक भाषणों से समाज को एक नई दिशा देने की जवाबदारी लेना उसका कर्तव्य समझती थी। लोगों को उसकी कही बातें बहुत अच्छी लगती थीं। ले...

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मंथन By रामगोपाल तिवारी (भावुक)

मंथन रचनाकाल- 1977 ई. उपन्यास रामगोपाल भावुक सम्पर्क- कमलेश्वर कोलोनी (डबरा) भवभूतिनगर जि0 ग्वालियर ;म0 प्र0 475110 मो0 9425715707, , 8770554097 एक सूर्य की सु...

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जस्बात-ए-मोहब्बत By dinesh amrawanshi

ये कहानी है एक लड़की जो प्रेम नगर देहरादून में रहती है जिसका नाम रिचा है वह एक अच्छी और रिच फैमिली से बिलोंगे करती है रिचा के पापा आलोक शर्मा पी.डब्ल्यू.डी. डिपार्टमेंट में सी.ई.ओ....

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Secrets of The Night By Amreen Khan

ब्लैक कार अपनी पूरी तेज रफ्तार में, खाली और काली सडक पर दौड रही थी. इंजन की गडगडाहट और टायरों की आवाज रात की खामोशी को चीर रही थी. कार के अंदर म्यूजिक फुल वॉल्यूम पर बज रहा था—सैंग...

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उधड़े ज़ख़्म By Junaid Chaudhary

ये कहानी दो लेखकों की मोहब्बत पर आधारित है, जिसे लगभग 7 पार्ट में प्रकाशित किया जाएगा, लगातार अपडेट रहने के लिए फॉलो करें और अपने प्यार और दुआओं से नवाज़े, तो आइए शुरू करते हैं,हैलो...

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हवाओं से आगे By Rajani Morwal

“जाना है... जाने दो हमें... छोरो, न... चल परे हट लरके ! ए दरोगा बाबू सुनत रहे हो !”
“क्या चूँ-चपड़ लगा रखी है तुम लोगों ने ?” दारोगा ज़रा नाराज़ लहज़े में बोला या ये भी हो सकता है कि...

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सुसाइड पार्टनर्स By Nirali patel

हा भई हा.......

सही पढ़ा आपने सुसाइड पार्टनर।

आप सोच रहे होंगे की यार लाइफ पार्टनर होता है, डांस पार्टनर भी होता है, और तो और अगर कोई दो व्यक्ति साथ में एक ही बिजनेस कर रहे ह...

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बस अब और नहीं! By Saroj Prajapati

भाग- 1 विद्या सदन आज फूलों व सजा था और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा था।। द्वार पर सजा वंदनवार व घर के अंदर बाहर लगा सुंदर सा शामियाना विद्या सदन में हर आने वाले मेहमान का स्वागत क...

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वो श्याम सलोनी By Anshika

वो एकटक बगीचे के फूलों को निहार रही थी रंग रूप पर उसने कभी खुद से ध्यान ही नहीं दिया था क्योंकि उसने हमेशा अपने पापा से यही सुना था की बच्चे इंसान का मन साफ होना चाहिए रंग और खुबसू...

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कामनाओं के नशेमन By Husn Tabassum nihan

दरवाजे बहुत होते हैं, कुछ सहजता के साथ खुल जाने वाले और कुछ दरवाजे बहुत खटखटाने के बाद खुलने वाले। उतना अर्थ दरवाजे का नहीं होता जितना अर्थ चौखट का होता है। चौखट लांघ कर भीतर आना औ...

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IIT Roorkee (अजब प्रेम की गज़ब कहानी) By Akshay Tiwari

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जीवन का गणित By Seema Singh

शाम तक पूरा घर चमाचम हो जाना चाहिए नीतू! अवंतिका ने फिर से दोहराया। नीली सलवार, पीला कुर्ता, गुलाबी स्वेटर के साथ लाल दुपट्टा कंधे से ओढ़ कर कमर तक लपेटे, नीतू ठुमकती सी दरवाजे के...

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उलझन By Amita Dubey

उलझन डॉ. अमिता दुबे एक नीचे के फ्लैट में जब से अंशी यानि अंशिका रहने आयी है तब से सोमू यानि सौमित्र का जीवन ही बदल गया है। इससे पहले सोमू तो केवल ‘बोर’ होता था। घनी आबादी के बड़े से...

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इंडियन By Dikshadixit

आज मैं एक ऐसी कहानी लिख रही हूं, जो एक अनाथ छोटी बच्ची के जीवन से जुड़ी है, जो रहती तो एक बड़े ही अमीर पढ़े लिखे परिवार में है। पर सबके होते हुए भी उसका कोई नही होता। उस कहानी के क...

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पुर्णिमा By Soni shakya

मां _मां_ ओ __मां !!

देखो मेरा रिजल्ट पुरे 95 पर्सेंट मिले से मुझे।

मां मैं बहुत खुश हूं आज कहते हुए झुमने लगी पुर्णिमा ।

उसकी बातों में खनक और आंखों मे चमक थी।

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तीन घोड़ों का रथ By Prabodh Kumar Govil

हिंदी सिनेमा का आगाज़ लगभग एक सदी पुराना है। एक सौ दस बरस के सेल्युलॉयड के इस सफ़र में देश के कौने कौने से अभिनय करके नाम कमाने के लिए हज़ारों लोग आए और चले भी गए। कुछ सफ़ल होकर सि...

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मित्रलाभ By MB (Official)

एक समय दक्षिण दिशा में एक वृद्ध बाघ स्नान करके कुशों को हाथ में लिए हुए कह रहा था-- हे हो मार्ग के चलने वाले पथिकों ! मेरे हाथ में रखे हुए इस सुवर्ण के कड्कण (कड़ा) को ले लो, इसे सु...

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मम्मी पढ़ रही हैं By Pradeep Shrivastava

कैसी हो हिमानी, क्या कर रही हो?
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साजिशो का सिलसिला By Aarti Garval

दिल्ली की ठंडी जनवरी की रात में, नैना कपूर का पेंटहाउस सुर्खियों में था। पुलिस की गाड़ियां, मीडिया और बहुत सारे लोगों की भीड़ उस आलीशान इमारत के बाहर खड़ी थीं। अभिनेत्री नैना कपूर,...

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बड़े बाबू का प्यार By Swapnil Srivastava Ishhoo

भाग 1/16: हैप्पी बर्थ डे वन्स अगेन..... “बड़े-बाबू.....ओ बड़े-बाबू.....दरवाज़ा खोलिए, कब से घंटी बजा रहे हैं”, मंदार दरवाज़ा पीटते हुए बोला|थोड़ी देर में दरवाज़ा खुला और दिवाकर झांकते हु...

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नविता की कलम से... By navita

नविता की कलम से... ✍️ ?Navita ? ✍️? Dedicated to ?My lovely family Specially my mother- in -lawMy friends- Garry ,Sonam & me ..Thanks to - Wr.Messi ?? Also Dedicated to...

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रब की लिखी जोगी By Damini

यह कहानी है खुद को रब दी बेटी मानने वाली समरीत की जो दिखने में कुवारी सलोनी और दिल से दरियादिल है। प्यार से भरी समरीत खुद अपने असली प्यार से दूर है?? कौन है उसका असली प्यार?? कोई...

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बहुत करीब मंजिल By Sunita Bishnolia

‘‘वाह! बहनजी, बहुत ही खूबसूरत कढ़ाई की है इन चुन्नियों पर। अब ये सारी चुन्नियाँ सीधी फिल्मों के सेट पर जाएँगी। इन चुन्नियों को फिल्मों की हिरोइनें अपनी फिल्मों में ओढ़ेंगी।’’...

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Woh! Mera Pyar By Anjali Lingayat

होटल के कमरे में, आशी एक खूबसूरत लड़के के साथ इंटिमेंट हो जाती है और उस लड़के से अपने प्यार का इज़हार करती है। आशी खुश थी कि तलाक के बाद आखिरकार उसे एक ऐसा शख्स मिल गया जो उसे प्या...

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सुलझे...अनसुलझे By Pragati Gupta

सुलझे….अनसुलझे!!! (भूमिका) ------------------------ जब किसी अपरिचित की पीड़ा अन्तःस्थल पर अनवरत दस्तकें देने लगती हैं, तब उसकी कही-अनकही पीड़ा हमको उसके बारे में बहुत कुछ सोचने और...

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क्या सब ठीक है By Narayan Menariya

यह किताब उन अनकहे सवालों और अधूरी बातों का संग्रह है, जिन्हें हम अक्सर अपने अंदर दबाकर जीते रहते हैं।
हर कहानी हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी एक सच्चाई को सामने लाती है - रिश्तो...

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पीताम्बरी By Meena Pathak

घर में उत्सव जैसा माहौल था सभी के चेहरों पर उत्साह झलक रहा था बड़की चाची. रामपुर वाली चाची, पचरूखिया वाली चाची, सभी दोगहा में जा कर द्वार पर बैठे युवक को झाँक-झाँक देख कर निहाल...

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एक कदम बदलाव की ओर By Lokesh Dangi

उत्तर भारत के एक छोटे से गांव में एक अजीब सी खामोशी थी, जिसमें किसी प्रकार के बदलाव की कोई संभावना दिखाई नहीं देती थी। यह गांव अपनी पारंपरिक संस्कृति और मान्यताओं के कारण जाना जाता...

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सच सामने आना अभी बाकी है By Kishanlal Sharma

ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना 31 दिसम्बर 1600 में इंग्लैंड में हुई थी।यह कम्पनी भारत मे व्यापार करना चाहती थी।इस कम्पनी को भारत के साथ व्यापार करने की 21 वर्ष के लिए छूट महारानी ने...

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छूटा हुआ कुछ By Ramakant Sharma

‘उफ, क्या कहानी है’ – उमा जी ने उस पेज का कोना मोड़कर किताब बंद की और अपना चश्मा पास की मेज पर रखकर तकिये पर सिर रखते हुए अपने दोनों पैर पलंग पर पूरे फैला लिये। वे कुछ देर तक वैसे ह...

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अनूठी पहल By Lajpat Rai Garg

शनिवार का दिन था। कॉलेज की छुट्टी थी। सुबह के दस ही बजे थे, लेकिन सूर्य-नारायण अपने पूर्ण यौवन की ऊर्जा उत्सर्जित कर रहे थे। पृथ्वी-लोक के प्राणियों का गर्मी ने हाल बेहाल कर रखा था...

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अमर प्रेम. By Vandana Gupta

अमर प्रेम प्रेम और विरह का स्वरुप (1) प्रेम और विरह का स्वरुपप्रेम ----एक दिव्य अनुभूति --------कोई प्रगट स्वरुप नही,कोई आकार नही मगर फिर भी सर्व्यापक ।प्रेम के बिना न संसार है न भ...

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हार गया फौजी बेटा By Pradeep Shrivastava

जब उसका दर्द मुझसे न देखा गया तो मैं उठकर चला गया उसके बेड के पास, जो न्यूरो सर्जरी वार्ड का बेड नंबर चार था। जिस पर वह छः फिट से भी ज़्यादा लंबा और मज़बूत ज़िस्म का जवान सुबह ही भर्...

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विदा रात By Kishanlal Sharma

सर्दियों के मौसम की एक बेहद ठंडी रात।रात केे बारह बज चुके थे। बरखा के सास श्वसुर और ननद कब के अपने अपने कमरों में सो चुके थे।बरखा भी इस समय तक रोज़ सो जाती थी।लेकिन आज उसकी आँख...

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फिर कौन था वो? By Shilpa Sharma

फिर कौन था वो? शिल्पा शर्मा (1) ‘‘याद है न तुम्हें, हमारी शादी को छह महीने हो गए हैं आज,’’ थके-हारे ऑफ़िस से लौटे पति को चाय थमाते हुए मीता ने बड़े उत्साह से कहा. ‘‘हम्म...’’ बड़ा...

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गुम हूं तुम्हारे इश्क़ में By ARUANDHATEE GARG मीठी

एक लड़की आलथी - पालथी मारकर , टी - शर्ट और हैरम पहने , अपनी स्टडी डेस्क की चेयर पर बैठी , बेचैनी से अपने लैपटॉप की स्क्रीन को ताक रही थी । दूध से सफेद गोरे गाल , काली और बड़ी - बड़...

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​मेरा प्यार By mamta

दरिया, परिंदे और वो अजनबी

​अज़ीम …. वह ज़ोया को जाते हुए देखता है और सोचता है— "यह कैसी अजनबी थी जो आई तो एक शोर की तरह थी (महंगी गाड़ी, रुतबा), पर छोड़ एक खामोशी गई। क्या यह...

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पहली दस्तक By Divya Shree

आज काव्या का पहला इंटरव्यू था । जिंदगी के पहले सपने की दस्तक ।

“काव्या, चलो,” उसके चचेरे भाई ने पुकारा। वह उसी स्कूल में शिक्षक था। उसके पीछे-पीछे, बिना कुछ बोले, काव्या उस अजन...

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विश्वगसघात (सीजन-२) By Saroj Verma

मनोरमा.... मनोरमा! कहां हो भाई! धर्मवीर ने अपनी पत्नी को पुकारते हुए कहा।।
अभी आती हूं जी! जरा सी सांस तो ले लिया करो,बस पुकारते ही जा रहे हो और तुम ऐसे बेवक्त़ कैसे आ धमके,मनोरमा...

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त्रिखंडिता By Ranjana Jaiswal

जिंदगी राजनीति प्रेरित है और यह राजनीति सत्ता की राजनीति है, जो चारों तरफ व्याप्त है | परिवार हो या पास-पड़ोस | राज्य हो या समाज | प्रदेश हो या देश | गाँव हो या कस्बा| स्त्री हो या...

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प्रदीप कृत लघुकथाओं का संसार By Pradeep Kumar sah

लघुकथाएँ
"तुमसे सलाह लेना ही मुर्खता है. पगला कहीं के...."कहते हुए रवि पुन: रोने लगा. मिलने का समय समाप्त हो गया था. प्रहरी उसे अंदर ले गया. भोला लौट गया,उसे अपने मित्र की...

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रात के ग्यारह बजे के बाद By Rajesh Maheshwari

राकेश और गौरव गहन सदमे की स्थिति में थे उन्हें विश्वास नही हो रहा था कि उनका मित्र आनंद अब इस दुनिया में नही हैं। राकेश ने गौरव से कहा कि मानव जीवन बहुमूल्य होता है क्योंकि यही हमा...

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नारीयोत्तम नैना By Jitendra Shivhare

"क्या मैं जान सकता हूं आपको पोलिटीशियन से क्या परेशानी है? आपको उनसे दिक्कत क्या है?" एमएलए जितेंद्र ठाकुर ने नैना से पुछा। "पोलिटीशियन झुठ बहुत बोलते है?" नैना ने...

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सपना By Shivani Verma

ट्रेनों की गड़गड़ाहट के बीच, स्टेशन के पिछले हिस्से की तरफ रेलवे ट्रैक पर बैठी सपना की आंखों से झर-झर आंसू बह रहे थे. उधर से निकलने वाले लोग बार-बार उसे रेलवे ट्रैक से हटने की बात कह...

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Dastane - ishq By Tanya Gauniyal

बडा़ सा बंगला , पेड़ पौधो से घिरा हुआ ।एक बडा़ सा गेट जहा से एक लड़का , जिसकी उम्र पंद्रा से सोलह साल, होंगी । वो बेसूद सा होकर अंदर आया और बगंले के अंदर गया ।उसने चारो तरफ अपनी नज...

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Super Villain Series By parth Shukla

स्थान: उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों के बीच छुपा एक अजीबोगरीब घाटी — “त्रि-गह्वर”
काल: कलियुग का वह समय जब धर्म का संतुलन डगमगाने लगा था…

हिमालय की गोद में एक घाटी थी, जो न त...

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इंद्रधनुष सतरंगा By Mohd Arshad Khan

हिलमिल मुहल्ले को लोग अजायब घर कहते हैं। इसलिए कि यहाँ जितने घर हैं, उतनी तरह के लोग हैं। अलग पहनावे, अलग खान-पान, अलग संस्कार, अलग बोली-बानी और अलग धर्म-वर्ण के। सचमुच, यह मुहल्ला...

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आधी नज्म का पूरा गीत By Ranju Bhatia

अमृता इमरोज, प्यार के दो नाम, जिनके बारे में तब जाना ,जब मेरी उम्र सपने बुनने की शुरू हुई थी, और प्यार का वह हल्का एहसास क्या है अभी जाना नहीं था। बहुत याद नहीं आता कि कब किताबें प...

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प्यार किया नही जाता By Manish Sidana

"हे भगवान!इस कोच में और भी कोई यात्री आएगा,या मुंबई से अमृतसर का लंबा सफर मुझे अकेले ही तय करना होगा।"....खुशी मन ही मन बुदबुदा रही थी।

गाड़ी के चलने का समय हो गया था।खु...

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बरसों बाद तुम By Neetu Suthar

दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ थी।
हर कोई अपनी मंज़िल की तरफ भाग रहा था। गाड़ियों की आवाज़ें, चायवालों की पुकार, और बैग घसीटते हुए लोग — मानो हर चेहरा किसी कहानी का हिस्सा हो।...

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निरुत्तर By Ratna Pandey

वंदना एक बहुत ही कुशल प्रेरक वक्ता थी। वह अपने प्रेरणात्मक भाषणों से समाज को एक नई दिशा देने की जवाबदारी लेना उसका कर्तव्य समझती थी। लोगों को उसकी कही बातें बहुत अच्छी लगती थीं। ले...

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मंथन By रामगोपाल तिवारी (भावुक)

मंथन रचनाकाल- 1977 ई. उपन्यास रामगोपाल भावुक सम्पर्क- कमलेश्वर कोलोनी (डबरा) भवभूतिनगर जि0 ग्वालियर ;म0 प्र0 475110 मो0 9425715707, , 8770554097 एक सूर्य की सु...

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जस्बात-ए-मोहब्बत By dinesh amrawanshi

ये कहानी है एक लड़की जो प्रेम नगर देहरादून में रहती है जिसका नाम रिचा है वह एक अच्छी और रिच फैमिली से बिलोंगे करती है रिचा के पापा आलोक शर्मा पी.डब्ल्यू.डी. डिपार्टमेंट में सी.ई.ओ....

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Secrets of The Night By Amreen Khan

ब्लैक कार अपनी पूरी तेज रफ्तार में, खाली और काली सडक पर दौड रही थी. इंजन की गडगडाहट और टायरों की आवाज रात की खामोशी को चीर रही थी. कार के अंदर म्यूजिक फुल वॉल्यूम पर बज रहा था—सैंग...

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उधड़े ज़ख़्म By Junaid Chaudhary

ये कहानी दो लेखकों की मोहब्बत पर आधारित है, जिसे लगभग 7 पार्ट में प्रकाशित किया जाएगा, लगातार अपडेट रहने के लिए फॉलो करें और अपने प्यार और दुआओं से नवाज़े, तो आइए शुरू करते हैं,हैलो...

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हवाओं से आगे By Rajani Morwal

“जाना है... जाने दो हमें... छोरो, न... चल परे हट लरके ! ए दरोगा बाबू सुनत रहे हो !”
“क्या चूँ-चपड़ लगा रखी है तुम लोगों ने ?” दारोगा ज़रा नाराज़ लहज़े में बोला या ये भी हो सकता है कि...

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