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गर्मी के दिन थे।घास फूस लगभग खत्म हो चली थी और पशुओं को चराने के लिए ज्यादा जगह...
कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शह...
कुछ लोग हमारे जीवन में कभी नहीं आते।वे हमारे घरों की चौखट नहीं लाँघते, हमारी उँग...
नाटक ? तकनीकी दृष्टि से नाटकों से अधिक सक्षम माध्यम आज उपलब्ध हैं। महान वृत्तान्...
एक प्यार की अधूरी कहानी / एक किराएदार ऐसा भीलेखक: मुकुल तिवारी ...
आज के तेज़ और तनावपूर्ण जीवन में, टेंशन और डिप्रेशन सामान्य होते जा रहे हैं। काम...
-१-" माँ, आज मेरा लंच पैक नहीं करना। " मैंने शीशे के...
आज दोपहर को घर के आंगन मे बैठा में आराम कर रहा था। अचानक दिमाग में कुछ लिखने का...
क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान...
अलविदा आनंद ! जीवन में कुछ चीजें आकस्मिक हो कर बुरी तरह से झकझोर जाती हैं, जैस...
लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन। समय: रात 11 बजे। लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...
जीवन की सार्थकता के लिये,संत-भगवन्त के श्री चरणोंका आश्रय,परम आवष्यक मान कर, श्री सिद्ध-सिद्द्येश्वर महाराज की तपो भूमि के आँगन मे यशोगान,जीवन तरण-तारण हेतु अति आवश्यक मानकर...
मुस्कुराहट..….? कितना खूबसूरत लफ्ज़ है ना...लेकिन मुस्कुराहट में कुछ आहट ऐसी होती है जो कि कुछ लोग नही समझ पाते तो कुछ बिन कहे महेसुस कर लेते है..! मुस्कुराहट को हमने मुस्कुराते हुए...
पतीली से गिलास में चाय छान कर सबको थमा आई थी पर मुकेश कहीं नहीं दिख रहा था, वह उसको ढूँढ़ती हुई बाहर कोठरी की ओर चल दी, “बाबू !” आवाज लगाई उसने, कोठरी का किवाड़ उड़का था, धक्का दे कर...
एक बार की बात है एक पेड़ पर दो पंछी रहते थे। कोयल "कोकिला" और सफेद कबूतर "गौरे" कोकिला बहोत परोपकारी और दयालु पक्षी थी वह बहोत सुरीला गाती थी और सबकी मदद करने को तैय...
पूरे मोहल्ले में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं था जो 'म्माली' काकी को जानता नहीं था या उनसे बातचीत नहीं थी। मैं समझने लगी तब उनकी उम्र पचास -पचपन की रही होगी। नाटा कद,...
आज मै फिर से पसीने से लथपत जाग गई । वही नीली आखें आज भी मुझे डराने ओर घबराने पर मजबुर कर देती है। मै सोफ़िया बोरिंग सी नॉवेल की दुनिया मे ज़ीने वाली लड़की हुँ। मुझे पता नहीं मेरे म...
रुको राजन ,क्या तुम अक्षरवंशिका के सम्राट अभय हो ?" "कौन हो तुम , ओर हमारे पथ में आकर हमें नाम से बुलाने का दंड जानते हो ?" "तुम्हारा क्रोध ही तुम्हारे निर्दोष...
इस कहानी के पहले सीजन में आपने पढ़ा कि सुशीला एक सोलह वर्ष की गरीब मजदूर की बेटी थी। उसकी माँ एक बिल्डिंग पर काम करते समय, गिर कर स्वर्ग सिधार गई थी। पिता तो पहले ही स्वर्ग सिधार चु...
ये बात उस वक्त की है जब मीठी सात वर्ष की है। उसके घर में बहुत से लोग है, वो घर में सबकी लाडली है ।पर समय सबके साथ अजीबो-गरीब खेल खेलता रहता है, कुछ इसी तरह मीठी के साथ भी हुआ। मीठी...
इस कहानी की शुरुवात होती है एक घनी अंधेरी रात से, जहाँ एक आदमी बड़ी तेजी से जंगल के अंदर वाले रास्ते पर चला जा रहा था। अचानक से उसे कुछ आहट सुनाई दी। उसने इधर उधर देखा पर उसे कुछ द...
यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक रचना है, जिसका किसी भी जाति, धर्म, समुदाय या किसी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है। यह केवल मेरे मनोभावों और कल्पनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य...
(काव्य संकलन) वेदराम प्रजापति‘ मनमस्त’ 1. सरस्वती बंदना (मॉं शारदे) मॉं शारदे! मृदु सार दे!!, सबके मनोरथ सार दै!!! झंकृत हो, मृदु वीणा मधुर, मॉं शारदे, वह प्यार दे।। अज्ञान त...
एक लड़की एक अंधेरे कमरे में बेहोश पड़ी थी, जब उसे होश आता है तो इधर उधर देखने लगी चिल्लाने लगी कोई है कोई है पर किसी की आवाज नहीं आती, वो बैठ जाती है और सोचती है | वो कार ड्राइव...
मैडम,आदमखोर किसे कहते हैं? --उस जीव -जंतु को जो मनुष्य को खाते हैं। -क्या प्रकृति ने उन्हें ऐसा बनाया है? --नहीं,लंबे समय तक भूखे रहने की वजह से वे किसी का मनुष्य का शिकार करते हैं...
आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...
नि.र.स. --------------------------------------------------- क्या तुम्हे पता है कि - गर तुम कुछ ना कहो, ना लिखो, ना ही मेरी हकीकत में हो, तो मै नि.र.स. हो जाता हूँ। -------...
ट्रिन ट्रिन फोन की घटींं बजते ही पार्सल इनचार्ज मीणा ने फोन उठाया था।फोन उठाते ही आवाज सुनाइ पड़ी,"मैं मोरया।" "यस सर्।"सीनियर डी सी एम की आवाज सुनते ह...
बारिश की हल्की बूँदें हवेली की पुरानी दीवारों से टकरा रही थीं, जैसे कोई अतीत की गाथा गुनगुना रहा हो। यह 'रत्नावली हवेली' थी, सदियों पुरानी, जिसके जंग लगे लोहे के दरवाजे और...
एक लड़की ब्लैक हाई हील्स में कोर्ट रूम की तरफ चलती हुई आ रही थी | ओर जो भी उसे देख रहा था , वो सभी उसे बड़ी ही रेस्पेक्ट से गुड मोर्निंग विश कर रहे थे | प्रॉपर फॉर्मल सूट में वो बहुत...
चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (1) इस कहानी में जो चिरइ चुरमुन हैं वो ही ‘हम’ हैं । ‘हम’ का मतलब वो जो कहानी सुना रहा है । यहाँ पर ‘मैं’ की जगह पर ‘हम’ इसलिये सुना रहा...
बन्द कमरे में कमला खाट पर लेटी थी।वह लेटी लेटी ही बुदबुदाई दुख किस बात का कुछ देर बाद फिर बुदबुदाई पश्चाताप किस बात का उसके निर्णय पर सवाल ही नही उठता।उसने निर्णय लेने में को...
भरी दोपहर में क्रीशा ने अपनी गाड़ी मैन रोड पर दौड़ाई, सीधा रुकी एक बड़े से बंगले में, वॉचमैन ने क्रीशा को देखकर तुरंत दरवाजा खोला, क्रीशा ने अपनी गाड़ी पार्किंग एरिया की और घुमा दी...
दादी की सिलाई मशीन “ एक उपन्यास है जिसमें पढ़ेंगे - एक विधवा स्त्री ने अकेले सिलाई मशीन के बल पर कैसे अपने परिवार का न सिर्फ पालन पोषण किया बल्कि एक परम्परा शुरू की जिसका पालन आने व...
“बंद खिड़कियां" सदियों से चले आ रहे पुरुष प्रधान समाज में पुरुषों के अहं और दंभ के कारण स्त्रियों के प्रति दुर्व्यवहार और अत्याचार तथा स्त्री के विरोध की कहानी है । यह कहानी एक...
मीरा और विनय के विवाह को लगभग पाँच वर्ष बीत गए थे। पूजा पाठ पर अत्यंत ही भरोसा करने वाले दोनों पति-पत्नी ने मंदिर-मंदिर जाकर भगवान से विनती की पर औलाद के सुख से वंचित ही रहे। दोनों...
हमारी जिंदगी में कोई न कोई व्यक्ति हमें ऐसा अवश्य मिलता ही है ,जिसको देखने से ही हमारे रोम-रोम में उत्साह और रोमांच भर जाता है। ऐसा ही एक व्यक्तित्व जिन्होंने मेरे जीवन की दिशा और...
रात का समय भारी बारिश हो रही है बिजली कड़कना किसी छोटे से गांव में कहीं एक बूढ़ी औरत अपनी छोटी पोती से, (पुराना कच्चा मकान, एक टुटी सी चारपाई पर लेटी हुई) -कहा जाता है क...
रूचि .. रूचि ... मेरी बात तो सुनो बेटा , मैं तुम्हारे भले के लिए ही सोच रहा हूं। तुम घर छोड़ कर मत जाओ , एक बार अपने पापा के कहने पर उस लड़के से मिल कर तो देखो । नही पापा ......
यहाँ हमने पहले बुज़ुर्गो के आशिष नाम से novel मतलब motivational कहानियाँ लिखी थी, अभी कहानियाँ पुरानी हैँ, अनसुनी हैँ, सीखने बहुत मिलता हैँ *!! कठिनाईयां !!* ~~~~~~~~~~~~~~~~...
मुम्बई, महाराष्ट्र मुम्बई साइंस कॉलेज वो दौडती हुई कॉलेज केम्पस पहुची,,,, वो रोते हुए कॉलेज केम्पस मे चारो तरफ नजरे दौडा रही थी । वो भागते हुए पूरे कॉलेज मे किसी को ढूंढने ल...
यह कहानी शुरू होती है ऊटी एक आश्रम से जहां मैं अपनी नशे की आदत छुड़ाने गया था, और जहाँ पहली बार मैं वृष्टि से मिला...
Part 1 - Chandramauli - Shuba Ka Chandramauli ‘‘शुभा एक बात तो बता।’’ मैंने प्रश्न भरी दृष्टि से उन्हें देखा। वह बोलीं, ‘‘तेरे ससुराल वालों ने तुझे क्यों छोड़ दिया?’’ इतना सुनत...
परती जमीन एक कहानी है जिसमे इस बात को दर्शाया गया है, की लोभ सिर्फ अहित करता है लोभ से ग्रसित लोग सर्व सपन्न होने के बाद भी जीवन में और ज्यादा के लोभ में अपना और अपने समाज का अह...
प्रेम के विविध रूप हैं।यह दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है।रात्रि में अंबर के चंद्र,तारे, बादल,आकाशगंगा की धवल पट्टिका,पूरी पृथ्वी में पसरी निस्तब्धता और चारों ओर फैली चांदनी..........
आज की इस भयावह चकाचौंध में भारत की पावन धरती से मानवी के बहुत सारे सच्चे चेहरे गायब और अनदिखे से हो रहे हैं, उन्हीं की खोज में यह काव्य संकलन ‘मेरा भारत दिखा तुम्हें क्या ?’...
मेघना ने ध्यान दिया कि सुबह से ही घर पर तैयारियां चल रही है। कल देर रात तक भी अभिषेक वैभव और मम्मी पापा किसी विशेष चर्चा में व्यस्त थे पर मेघना को समझ नहीं आया कि क्या बात है? औ...
लखनऊ की गलियों में, जहाँ शाम की चाय की खुशबू हवा में घुली होती है, वहीं कॉलेज के बाहर एक लड़का, आरव, अपनी किताबों में खोया हुआ बैठा था। वह मेडिकल का छात्र था, अपने माता-पिता की उम्...
आषाढ़ का महिना था, हल्की ठंडी हवा गुनगुना रही थी और धीमे धीमे भोर की खुशबू फैल रही थी और प्रकृति ये संदेश दे रही थी की कुछ ही क्षणों में सूर्योदय होने को है ... राकेश वही रोज की...
“आलीज़ा, जल्दी चलो! मगरिब का वक़्त हो गया है।” ज़ायरा की आवाज़ फिर कमरे में गूंजी, लेकिन आलीज़ा को जैसे सुनाई ही नहीं दे रहा था। वो अपने बिस्तर पर अधलेटी, गहरी निगाहों से किताब के...
आज मानव संवेदनाओं का यह दौर बड़ा ही भयावह है। इस समय मानव त्राशदी चरम सीमा पर चल रही है। मानवता की गमगीनता चारों तरफ बोल रहीं है जहां मानव चिंतन उस विगत परिवेश को तलासता दिख रहा है,...
कहते हैं कि अपनी जवानी में हर कोई ख़ूबसूरत होता है। जवानी इंसान की ज़िन्दगी में एक बार आने वाला वो मौसम है जो जिस्म के पोर- पोर को फूल की तरह खिलाकर एक शोख चटक के तड़के से खुशबूदार...
टाइटल्स पूरा होगया... सूर्योदय होगया , अमित की पत्नी अमित को जगाया। .. और हाथ में कोई कप देकर गुड मॉर्निंग केहड़िया... अमित तयार होगया... और वाकिंग जानेसे पहले मेहरा (अमित का दोस्त...
यह कहानी कबीर और उसके साथ हुए एक अलौकिक घटना क्रम और एक अलौकिक अनजान लड़की के इर्द गिर्द घूमती है इस कहानी में कुछ पहेली की तरह किरदारों का पीछा करते हैं जिन्हें कबीर सुलझाना चाहता...
आजमगढ़— एक ऐसा शहर जहाँ सदियों से एक रहस्य सोया हुआ था। लेकिन अब, वक़्त आ गया था उसके जागने का... और सब कुछ बदलने का। बादलों की ओट में छिपा चाँद, धरती पर अंधकार की चादर बिछा चुक...
होली के अवसर पर खेतों में मसूर उखाड़ने का कार्य तेजी से शुरू हो गया था । आज मौजी जल्दी ही जाग गया था। यों तो रोज ही जल्दी जागना पड़ता है, पर होली के दिन की उमंग और भी जल्दी...
।।। एकांत ।।। ................ सब ने देखा फूल सा खिलता सदा जिसका बदन । कोई क्या जाने कि वह कैसे जिया एकांत में ।। जिन लवों की बात सुन सब खिलखिलाते मस्त हो।...
"राज बेटा आप दस दिनों से जिस लड़की की पेंटिंग बना रहे थे, वह मेरी बेटी रत्ना नहीं थी, बल्कि रत्ना की बहन माया थी।" रत्ना की विधवा मां बताती है "मैं कुछ समझ नहीं पा रहा...
पुलिस स्टेशन के सामने, धूप में झुलसता हुआ एक बूढ़ा आदमी घुटनों के बल पड़ा था। उसकी आँखों के आंसू कब के सूख चुके थे, पर चेहरा अब भी रो रहा था। उसकी कांपती उंगलियाँ जमीन पर ऐसे...
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