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ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

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आस्था का धाम काशी बाबा By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

जीवन की सार्थकता के लिये,संत-भगवन्त के श्री चरणोंका आश्रय,परम आवष्यक मान

कर, श्री सिद्ध-सिद्द्येश्वर महाराज की तपो भूमि के आँगन मे यशोगान,जीवन तरण-तारण हेतु

अति आवश्यक मानकर...

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मुस्कुराहट की मौत..... By Rohiniba Raahi

मुस्कुराहट..….? कितना खूबसूरत लफ्ज़ है ना...लेकिन मुस्कुराहट में कुछ आहट ऐसी होती है जो कि कुछ लोग नही समझ पाते तो कुछ बिन कहे महेसुस कर लेते है..! मुस्कुराहट को हमने मुस्कुराते हुए...

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और,, सिद्धार्थ बैरागी हो गया By Meena Pathak

पतीली से गिलास में चाय छान कर सबको थमा आई थी पर मुकेश कहीं नहीं दिख रहा था, वह उसको ढूँढ़ती हुई बाहर कोठरी की ओर चल दी, “बाबू !” आवाज लगाई उसने, कोठरी का किवाड़ उड़का था, धक्का दे कर...

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बाल कथाएं By Akshika Aggarwal

एक बार की बात है एक पेड़ पर दो पंछी रहते थे। कोयल "कोकिला" और सफेद कबूतर "गौरे" कोकिला बहोत परोपकारी और दयालु पक्षी थी वह बहोत सुरीला गाती थी और सबकी मदद करने को तैय...

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नफ़रत का चाबुक प्रेम की पोशाक By Sunita Bishnolia

पूरे मोहल्ले में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं था जो 'म्माली' काकी को जानता नहीं था या उनसे बातचीत नहीं थी। मैं समझने लगी तब उनकी उम्र पचास -पचपन की रही होगी।

नाटा कद,...

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The Mystery of the Blue Eye's By Pretty Poision

आज मै फिर से पसीने से लथपत जाग गई । वही नीली आखें आज भी मुझे डराने ओर घबराने पर मजबुर कर देती है।

मै सोफ़िया बोरिंग सी नॉवेल की दुनिया मे ज़ीने वाली लड़की हुँ। मुझे पता नहीं मेरे म...

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में समय हूँ ! By Keval

रुको राजन ,क्या तुम अक्षरवंशिका के सम्राट अभय हो ?"

"कौन हो तुम , ओर हमारे पथ में आकर हमें नाम से बुलाने का दंड जानते हो ?"

"तुम्हारा क्रोध ही तुम्हारे निर्दोष...

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आख़िर वह कौन था By Ratna Pandey

इस कहानी के पहले सीजन में आपने पढ़ा कि सुशीला एक सोलह वर्ष की गरीब मजदूर की बेटी थी। उसकी माँ एक बिल्डिंग पर काम करते समय, गिर कर स्वर्ग सिधार गई थी। पिता तो पहले ही स्वर्ग सिधार चु...

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मां कब आयेगी By Dikshadixit

ये बात उस वक्त की है जब मीठी सात वर्ष की है। उसके घर में बहुत से लोग है, वो घर में सबकी लाडली है ।पर समय सबके साथ अजीबो-गरीब खेल खेलता रहता है, कुछ इसी तरह मीठी के साथ भी हुआ। मीठी...

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Shadow Of The Packs By Vijay Sanga

इस कहानी की शुरुवात होती है एक घनी अंधेरी रात से, जहाँ एक आदमी बड़ी तेजी से जंगल के अंदर वाले रास्ते पर चला जा रहा था। अचानक से उसे कुछ आहट सुनाई दी। उसने इधर उधर देखा पर उसे कुछ द...

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रूह से रूह तक By IMoni

यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक रचना है, जिसका किसी भी जाति, धर्म, समुदाय या किसी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है। यह केवल मेरे मनोभावों और कल्पनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य...

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मैं भारत बोल रहा हूं-काव्य संकलन By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

(काव्य संकलन) वेदराम प्रजापति‘ मनमस्त’ 1. सरस्वती बंदना (मॉं शारदे) मॉं शारदे! मृदु सार दे!!, सबके मनोरथ सार दै!!! झंकृत हो, मृदु वीणा मधुर, मॉं शारदे, वह प्यार दे।। अज्ञान त...

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प्लीज मुझे जानें दीजिए By Siya

एक लड़की एक अंधेरे कमरे में बेहोश पड़ी थी, जब उसे होश आता है तो इधर उधर देखने लगी चिल्लाने लगी कोई है कोई है पर किसी की आवाज नहीं आती, वो बैठ जाती है और सोचती है |

वो कार ड्राइव...

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देहखोरों के बीच By Ranjana Jaiswal

मैडम,आदमखोर किसे कहते हैं? --उस जीव -जंतु को जो मनुष्य को खाते हैं। -क्या प्रकृति ने उन्हें ऐसा बनाया है? --नहीं,लंबे समय तक भूखे रहने की वजह से वे किसी का मनुष्य का शिकार करते हैं...

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अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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नि.र.स. By Rajat Singhal

नि.र.स.

---------------------------------------------------
क्या तुम्हे पता है कि -
गर तुम कुछ ना कहो, ना लिखो,
ना ही मेरी हकीकत में हो,
तो मै नि.र.स. हो जाता हूँ।
-------...

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इंस्पेक्शन By Kishanlal Sharma

ट्रिन ट्रिन
फोन की घटींं बजते ही पार्सल इनचार्ज मीणा ने फोन उठाया था।फोन उठाते ही आवाज सुनाइ पड़ी,"मैं मोरया।"
"यस सर्।"सीनियर डी सी एम की आवाज सुनते ह...

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छुपा हुआ इश्क By kajal jha

बारिश की हल्की बूँदें हवेली की पुरानी दीवारों से टकरा रही थीं, जैसे कोई अतीत की गाथा गुनगुना रहा हो। यह 'रत्नावली हवेली' थी, सदियों पुरानी, जिसके जंग लगे लोहे के दरवाजे और...

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प्यार से टकराव By Deeksha Vohra

एक लड़की ब्लैक हाई हील्स में कोर्ट रूम की तरफ चलती हुई आ रही थी | ओर जो भी उसे देख रहा था , वो सभी उसे बड़ी ही रेस्पेक्ट से गुड मोर्निंग विश कर रहे थे | प्रॉपर फॉर्मल सूट में वो बहुत...

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चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी By PANKAJ SUBEER

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (1) इस कहानी में जो चिरइ चुरमुन हैं वो ही ‘हम’ हैं । ‘हम’ का मतलब वो जो कहानी सुना रहा है । यहाँ पर ‘मैं’ की जगह पर ‘हम’ इसलिये सुना रहा...

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एक अदद औरत By Kishanlal Sharma

बन्द कमरे में कमला खाट पर लेटी थी।वह लेटी लेटी ही बुदबुदाई
दुख
किस बात का
कुछ देर बाद फिर बुदबुदाई
पश्चाताप
किस बात का
उसके निर्णय पर सवाल ही नही उठता।उसने निर्णय लेने में को...

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दिवानगी की हद By Bhut

भरी दोपहर में क्रीशा ने अपनी गाड़ी मैन रोड पर दौड़ाई, सीधा रुकी एक बड़े से बंगले में, वॉचमैन ने क्रीशा को देखकर तुरंत दरवाजा खोला, क्रीशा ने अपनी गाड़ी पार्किंग एरिया की और घुमा दी...

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दादी की सिलाई मशीन By S Sinha

दादी की सिलाई मशीन “ एक उपन्यास है जिसमें पढ़ेंगे - एक विधवा स्त्री ने अकेले सिलाई मशीन के बल पर कैसे अपने परिवार का न सिर्फ पालन पोषण किया बल्कि एक परम्परा शुरू की जिसका पालन आने व...

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बंद खिड़कियाँ By S Bhagyam Sharma

“बंद खिड़कियां" सदियों से चले आ रहे पुरुष प्रधान समाज में पुरुषों के अहं और दंभ के कारण स्त्रियों के प्रति दुर्व्यवहार और अत्याचार तथा स्त्री के विरोध की कहानी है । यह कहानी एक...

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संतुलन By Ratna Pandey

मीरा और विनय के विवाह को लगभग पाँच वर्ष बीत गए थे। पूजा पाठ पर अत्यंत ही भरोसा करने वाले दोनों पति-पत्नी ने मंदिर-मंदिर जाकर भगवान से विनती की पर औलाद के सुख से वंचित ही रहे। दोनों...

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गुरुदेव By नन्दलाल सुथार राही

हमारी जिंदगी में कोई न कोई व्यक्ति हमें ऐसा अवश्य मिलता ही है ,जिसको देखने से ही हमारे रोम-रोम में उत्साह और रोमांच भर जाता है। ऐसा ही एक व्यक्तित्व जिन्होंने मेरे जीवन की दिशा और...

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The Tooth Of Devil By [7P] RAVINDRA

रात का समय
भारी बारिश हो रही है
बिजली कड़कना
किसी छोटे से गांव में कहीं

एक बूढ़ी औरत अपनी छोटी पोती से,
(पुराना कच्चा मकान, एक टुटी सी चारपाई पर लेटी हुई)

-कहा जाता है क...

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प्यार तो होना ही था By Mister Rakesh

रूचि .. रूचि ... मेरी बात तो सुनो बेटा , मैं तुम्हारे भले के लिए ही सोच रहा हूं।
तुम घर छोड़ कर मत जाओ , एक बार अपने पापा के कहने पर उस लड़के से मिल कर तो देखो ।

नही पापा ......

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दादीमा की कहानियाँ By Ashish

यहाँ हमने पहले बुज़ुर्गो के आशिष नाम से novel मतलब motivational कहानियाँ लिखी थी, अभी कहानियाँ पुरानी हैँ, अनसुनी हैँ, सीखने बहुत मिलता हैँ

*!! कठिनाईयां !!*

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मोहब्बत तो मोहब्बत है By Vandana thakur

मुम्बई, महाराष्ट्र
मुम्बई साइंस कॉलेज

वो दौडती हुई कॉलेज केम्पस पहुची,,,, वो रोते हुए कॉलेज केम्पस मे चारो तरफ नजरे दौडा रही थी ।

वो भागते हुए पूरे कॉलेज मे किसी को ढूंढने ल...

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कहानी हमारी By Shirley

यह कहानी शुरू होती है ऊटी एक आश्रम से जहां मैं अपनी नशे की आदत छुड़ाने गया था,

और जहाँ पहली बार मैं वृष्टि से मिला...

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चंद्रमौली - शुभा का चंद्रमौली By Jahnavi Suman

Part 1 - Chandramauli - Shuba Ka Chandramauli

‘‘शुभा एक बात तो बता।’’ मैंने प्रश्न भरी दृष्टि से उन्हें देखा।
वह बोलीं, ‘‘तेरे ससुराल वालों ने तुझे क्यों छोड़ दिया?’’ इतना सुनत...

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परती जमीन By Raushan Pathak

परती जमीन एक कहानी है जिसमे इस बात को दर्शाया गया है, की लोभ सिर्फ अहित करता है लोभ से ग्रसित लोग सर्व सपन्न होने के बाद भी जीवन में और ज्यादा के लोभ में अपना और अपने समाज का अह...

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यादों के कारवां में By Dr Yogendra Kumar Pandey

प्रेम के विविध रूप हैं।यह दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है।रात्रि में अंबर के चंद्र,तारे, बादल,आकाशगंगा की धवल पट्टिका,पूरी पृथ्वी में पसरी निस्तब्धता और चारों ओर फैली चांदनी..........

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मेरा भारत दिखा तुम्‍हें क्‍या By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

आज की इस भयावह चकाचौंध में भारत की पावन धरती से मानवी के बहुत सारे सच्‍चे चेहरे गायब और अनदिखे से हो रहे हैं, उन्‍हीं की खोज में यह काव्‍य संकलन ‘मेरा भारत दिखा तुम्‍हें क्‍या ?’...

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आठवां वचन ( एक वादा खुद से) By डॉ. शैलजा श्रीवास्तव

मेघना ने ध्यान दिया कि सुबह से ही घर पर तैयारियां चल रही है।

कल देर रात तक भी अभिषेक वैभव और मम्मी पापा किसी विशेष चर्चा में व्यस्त थे पर मेघना को समझ नहीं आया कि क्या बात है? औ...

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रंगीन कहानी By HARSH PAL

लखनऊ की गलियों में, जहाँ शाम की चाय की खुशबू हवा में घुली होती है, वहीं कॉलेज के बाहर एक लड़का, आरव, अपनी किताबों में खोया हुआ बैठा था। वह मेडिकल का छात्र था, अपने माता-पिता की उम्...

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युवा किंतु मजबूर By Lalit Kishor Aka Shitiz

आषाढ़ का महिना था, हल्की ठंडी हवा गुनगुना रही थी और धीमे धीमे भोर की खुशबू फैल रही थी और प्रकृति ये संदेश दे रही थी की कुछ ही क्षणों में सूर्योदय होने को है ...

राकेश वही रोज की...

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Rebirth in Novel Villanes By Aaliya khan

“आलीज़ा, जल्दी चलो! मगरिब का वक़्त हो गया है।”
ज़ायरा की आवाज़ फिर कमरे में गूंजी, लेकिन आलीज़ा को जैसे सुनाई ही नहीं दे रहा था। वो अपने बिस्तर पर अधलेटी, गहरी निगाहों से किताब के...

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वो भारत! है कहाँ मेरा? By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

आज मानव संवेदनाओं का यह दौर बड़ा ही भयावह है। इस समय मानव त्राशदी चरम सीमा पर चल रही है। मानवता की गमगीनता चारों तरफ बोल रहीं है जहां मानव चिंतन उस विगत परिवेश को तलासता दिख रहा है,...

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साहेब सायराना By Prabodh Kumar Govil

कहते हैं कि अपनी जवानी में हर कोई ख़ूबसूरत होता है। जवानी इंसान की ज़िन्दगी में एक बार आने वाला वो मौसम है जो जिस्म के पोर- पोर को फूल की तरह खिलाकर एक शोख चटक के तड़के से खुशबूदार...

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ज़िंदगी चलती रहती है By Bk swan and lotus translators

टाइटल्स पूरा होगया... सूर्योदय होगया , अमित की पत्नी अमित को जगाया। .. और हाथ में कोई कप देकर गुड मॉर्निंग केहड़िया... अमित तयार होगया... और वाकिंग जानेसे पहले मेहरा (अमित का दोस्त...

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वो आसमान से आती थी By Adil Uddin

यह कहानी कबीर और उसके साथ हुए एक अलौकिक घटना क्रम और एक अलौकिक अनजान लड़की के इर्द गिर्द घूमती है इस कहानी में कुछ पहेली की तरह किरदारों का पीछा करते हैं जिन्हें कबीर सुलझाना चाहता...

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खोए हुए साम्राज्य का रहस्य By Harun Khan

आजमगढ़— एक ऐसा शहर जहाँ सदियों से एक रहस्य सोया हुआ था। लेकिन अब, वक़्त आ गया था उसके जागने का... और सब कुछ बदलने का।

बादलों की ओट में छिपा चाँद, धरती पर अंधकार की चादर बिछा चुक...

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आख़िर वह कौन था - सीजन 3 By Ratna Pandey

इस कहानी के पहले सीजन में आपने पढ़ा कि सुशीला एक सोलह वर्ष की गरीब मजदूर की बेटी थी। उसकी माँ एक बिल्डिंग पर काम करते समय, गिर कर स्वर्ग सिधार गई थी। पिता तो पहले ही स्वर्ग सिधार चु...

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अथ गूँगे गॉंव की कथा By ramgopal bhavuk

होली के अवसर पर खेतों में मसूर उखाड़ने का कार्य तेजी से शुरू हो गया था ।

आज मौजी जल्दी ही जाग गया था। यों तो रोज ही जल्दी जागना पड़ता है, पर होली के दिन की उमंग और भी जल्दी...

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शैलेन्द्र बुधौलिया की कवितायेँ By शैलेंद्र् बुधौलिया

।।। एकांत ।।।

................


सब ने देखा फूल सा खिलता सदा जिसका बदन ।

कोई क्या जाने कि वह कैसे जिया एकांत में ।।



जिन लवों की बात सुन सब खिलखिलाते मस्त हो।...

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चिकनी मिट्टी की प्रेमिका By Rajesh Rajesh

"राज बेटा आप दस दिनों से जिस लड़की की पेंटिंग बना रहे थे, वह मेरी बेटी रत्ना नहीं थी, बल्कि रत्ना की बहन माया थी।" रत्ना की विधवा मां बताती है
"मैं कुछ समझ नहीं पा रहा...

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अंश, कार्तिक, आर्यन By Renu Chaurasiya

पुलिस स्टेशन के सामने, धूप में झुलसता हुआ एक बूढ़ा आदमी घुटनों के बल पड़ा था।

उसकी आँखों के आंसू कब के सूख चुके थे, पर चेहरा अब भी रो रहा था।

उसकी कांपती उंगलियाँ जमीन पर ऐसे...

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ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

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आस्था का धाम काशी बाबा By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

जीवन की सार्थकता के लिये,संत-भगवन्त के श्री चरणोंका आश्रय,परम आवष्यक मान

कर, श्री सिद्ध-सिद्द्येश्वर महाराज की तपो भूमि के आँगन मे यशोगान,जीवन तरण-तारण हेतु

अति आवश्यक मानकर...

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मुस्कुराहट की मौत..... By Rohiniba Raahi

मुस्कुराहट..….? कितना खूबसूरत लफ्ज़ है ना...लेकिन मुस्कुराहट में कुछ आहट ऐसी होती है जो कि कुछ लोग नही समझ पाते तो कुछ बिन कहे महेसुस कर लेते है..! मुस्कुराहट को हमने मुस्कुराते हुए...

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और,, सिद्धार्थ बैरागी हो गया By Meena Pathak

पतीली से गिलास में चाय छान कर सबको थमा आई थी पर मुकेश कहीं नहीं दिख रहा था, वह उसको ढूँढ़ती हुई बाहर कोठरी की ओर चल दी, “बाबू !” आवाज लगाई उसने, कोठरी का किवाड़ उड़का था, धक्का दे कर...

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बाल कथाएं By Akshika Aggarwal

एक बार की बात है एक पेड़ पर दो पंछी रहते थे। कोयल "कोकिला" और सफेद कबूतर "गौरे" कोकिला बहोत परोपकारी और दयालु पक्षी थी वह बहोत सुरीला गाती थी और सबकी मदद करने को तैय...

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नफ़रत का चाबुक प्रेम की पोशाक By Sunita Bishnolia

पूरे मोहल्ले में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं था जो 'म्माली' काकी को जानता नहीं था या उनसे बातचीत नहीं थी। मैं समझने लगी तब उनकी उम्र पचास -पचपन की रही होगी।

नाटा कद,...

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The Mystery of the Blue Eye's By Pretty Poision

आज मै फिर से पसीने से लथपत जाग गई । वही नीली आखें आज भी मुझे डराने ओर घबराने पर मजबुर कर देती है।

मै सोफ़िया बोरिंग सी नॉवेल की दुनिया मे ज़ीने वाली लड़की हुँ। मुझे पता नहीं मेरे म...

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में समय हूँ ! By Keval

रुको राजन ,क्या तुम अक्षरवंशिका के सम्राट अभय हो ?"

"कौन हो तुम , ओर हमारे पथ में आकर हमें नाम से बुलाने का दंड जानते हो ?"

"तुम्हारा क्रोध ही तुम्हारे निर्दोष...

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आख़िर वह कौन था By Ratna Pandey

इस कहानी के पहले सीजन में आपने पढ़ा कि सुशीला एक सोलह वर्ष की गरीब मजदूर की बेटी थी। उसकी माँ एक बिल्डिंग पर काम करते समय, गिर कर स्वर्ग सिधार गई थी। पिता तो पहले ही स्वर्ग सिधार चु...

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मां कब आयेगी By Dikshadixit

ये बात उस वक्त की है जब मीठी सात वर्ष की है। उसके घर में बहुत से लोग है, वो घर में सबकी लाडली है ।पर समय सबके साथ अजीबो-गरीब खेल खेलता रहता है, कुछ इसी तरह मीठी के साथ भी हुआ। मीठी...

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Shadow Of The Packs By Vijay Sanga

इस कहानी की शुरुवात होती है एक घनी अंधेरी रात से, जहाँ एक आदमी बड़ी तेजी से जंगल के अंदर वाले रास्ते पर चला जा रहा था। अचानक से उसे कुछ आहट सुनाई दी। उसने इधर उधर देखा पर उसे कुछ द...

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रूह से रूह तक By IMoni

यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक रचना है, जिसका किसी भी जाति, धर्म, समुदाय या किसी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है। यह केवल मेरे मनोभावों और कल्पनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य...

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मैं भारत बोल रहा हूं-काव्य संकलन By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

(काव्य संकलन) वेदराम प्रजापति‘ मनमस्त’ 1. सरस्वती बंदना (मॉं शारदे) मॉं शारदे! मृदु सार दे!!, सबके मनोरथ सार दै!!! झंकृत हो, मृदु वीणा मधुर, मॉं शारदे, वह प्यार दे।। अज्ञान त...

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प्लीज मुझे जानें दीजिए By Siya

एक लड़की एक अंधेरे कमरे में बेहोश पड़ी थी, जब उसे होश आता है तो इधर उधर देखने लगी चिल्लाने लगी कोई है कोई है पर किसी की आवाज नहीं आती, वो बैठ जाती है और सोचती है |

वो कार ड्राइव...

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देहखोरों के बीच By Ranjana Jaiswal

मैडम,आदमखोर किसे कहते हैं? --उस जीव -जंतु को जो मनुष्य को खाते हैं। -क्या प्रकृति ने उन्हें ऐसा बनाया है? --नहीं,लंबे समय तक भूखे रहने की वजह से वे किसी का मनुष्य का शिकार करते हैं...

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अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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नि.र.स. By Rajat Singhal

नि.र.स.

---------------------------------------------------
क्या तुम्हे पता है कि -
गर तुम कुछ ना कहो, ना लिखो,
ना ही मेरी हकीकत में हो,
तो मै नि.र.स. हो जाता हूँ।
-------...

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इंस्पेक्शन By Kishanlal Sharma

ट्रिन ट्रिन
फोन की घटींं बजते ही पार्सल इनचार्ज मीणा ने फोन उठाया था।फोन उठाते ही आवाज सुनाइ पड़ी,"मैं मोरया।"
"यस सर्।"सीनियर डी सी एम की आवाज सुनते ह...

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छुपा हुआ इश्क By kajal jha

बारिश की हल्की बूँदें हवेली की पुरानी दीवारों से टकरा रही थीं, जैसे कोई अतीत की गाथा गुनगुना रहा हो। यह 'रत्नावली हवेली' थी, सदियों पुरानी, जिसके जंग लगे लोहे के दरवाजे और...

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प्यार से टकराव By Deeksha Vohra

एक लड़की ब्लैक हाई हील्स में कोर्ट रूम की तरफ चलती हुई आ रही थी | ओर जो भी उसे देख रहा था , वो सभी उसे बड़ी ही रेस्पेक्ट से गुड मोर्निंग विश कर रहे थे | प्रॉपर फॉर्मल सूट में वो बहुत...

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चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी By PANKAJ SUBEER

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (1) इस कहानी में जो चिरइ चुरमुन हैं वो ही ‘हम’ हैं । ‘हम’ का मतलब वो जो कहानी सुना रहा है । यहाँ पर ‘मैं’ की जगह पर ‘हम’ इसलिये सुना रहा...

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एक अदद औरत By Kishanlal Sharma

बन्द कमरे में कमला खाट पर लेटी थी।वह लेटी लेटी ही बुदबुदाई
दुख
किस बात का
कुछ देर बाद फिर बुदबुदाई
पश्चाताप
किस बात का
उसके निर्णय पर सवाल ही नही उठता।उसने निर्णय लेने में को...

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दिवानगी की हद By Bhut

भरी दोपहर में क्रीशा ने अपनी गाड़ी मैन रोड पर दौड़ाई, सीधा रुकी एक बड़े से बंगले में, वॉचमैन ने क्रीशा को देखकर तुरंत दरवाजा खोला, क्रीशा ने अपनी गाड़ी पार्किंग एरिया की और घुमा दी...

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दादी की सिलाई मशीन By S Sinha

दादी की सिलाई मशीन “ एक उपन्यास है जिसमें पढ़ेंगे - एक विधवा स्त्री ने अकेले सिलाई मशीन के बल पर कैसे अपने परिवार का न सिर्फ पालन पोषण किया बल्कि एक परम्परा शुरू की जिसका पालन आने व...

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बंद खिड़कियाँ By S Bhagyam Sharma

“बंद खिड़कियां" सदियों से चले आ रहे पुरुष प्रधान समाज में पुरुषों के अहं और दंभ के कारण स्त्रियों के प्रति दुर्व्यवहार और अत्याचार तथा स्त्री के विरोध की कहानी है । यह कहानी एक...

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संतुलन By Ratna Pandey

मीरा और विनय के विवाह को लगभग पाँच वर्ष बीत गए थे। पूजा पाठ पर अत्यंत ही भरोसा करने वाले दोनों पति-पत्नी ने मंदिर-मंदिर जाकर भगवान से विनती की पर औलाद के सुख से वंचित ही रहे। दोनों...

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गुरुदेव By नन्दलाल सुथार राही

हमारी जिंदगी में कोई न कोई व्यक्ति हमें ऐसा अवश्य मिलता ही है ,जिसको देखने से ही हमारे रोम-रोम में उत्साह और रोमांच भर जाता है। ऐसा ही एक व्यक्तित्व जिन्होंने मेरे जीवन की दिशा और...

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The Tooth Of Devil By [7P] RAVINDRA

रात का समय
भारी बारिश हो रही है
बिजली कड़कना
किसी छोटे से गांव में कहीं

एक बूढ़ी औरत अपनी छोटी पोती से,
(पुराना कच्चा मकान, एक टुटी सी चारपाई पर लेटी हुई)

-कहा जाता है क...

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प्यार तो होना ही था By Mister Rakesh

रूचि .. रूचि ... मेरी बात तो सुनो बेटा , मैं तुम्हारे भले के लिए ही सोच रहा हूं।
तुम घर छोड़ कर मत जाओ , एक बार अपने पापा के कहने पर उस लड़के से मिल कर तो देखो ।

नही पापा ......

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दादीमा की कहानियाँ By Ashish

यहाँ हमने पहले बुज़ुर्गो के आशिष नाम से novel मतलब motivational कहानियाँ लिखी थी, अभी कहानियाँ पुरानी हैँ, अनसुनी हैँ, सीखने बहुत मिलता हैँ

*!! कठिनाईयां !!*

~~~~~~~~~~~~~~~~...

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मोहब्बत तो मोहब्बत है By Vandana thakur

मुम्बई, महाराष्ट्र
मुम्बई साइंस कॉलेज

वो दौडती हुई कॉलेज केम्पस पहुची,,,, वो रोते हुए कॉलेज केम्पस मे चारो तरफ नजरे दौडा रही थी ।

वो भागते हुए पूरे कॉलेज मे किसी को ढूंढने ल...

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कहानी हमारी By Shirley

यह कहानी शुरू होती है ऊटी एक आश्रम से जहां मैं अपनी नशे की आदत छुड़ाने गया था,

और जहाँ पहली बार मैं वृष्टि से मिला...

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चंद्रमौली - शुभा का चंद्रमौली By Jahnavi Suman

Part 1 - Chandramauli - Shuba Ka Chandramauli

‘‘शुभा एक बात तो बता।’’ मैंने प्रश्न भरी दृष्टि से उन्हें देखा।
वह बोलीं, ‘‘तेरे ससुराल वालों ने तुझे क्यों छोड़ दिया?’’ इतना सुनत...

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परती जमीन By Raushan Pathak

परती जमीन एक कहानी है जिसमे इस बात को दर्शाया गया है, की लोभ सिर्फ अहित करता है लोभ से ग्रसित लोग सर्व सपन्न होने के बाद भी जीवन में और ज्यादा के लोभ में अपना और अपने समाज का अह...

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यादों के कारवां में By Dr Yogendra Kumar Pandey

प्रेम के विविध रूप हैं।यह दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है।रात्रि में अंबर के चंद्र,तारे, बादल,आकाशगंगा की धवल पट्टिका,पूरी पृथ्वी में पसरी निस्तब्धता और चारों ओर फैली चांदनी..........

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मेरा भारत दिखा तुम्‍हें क्‍या By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

आज की इस भयावह चकाचौंध में भारत की पावन धरती से मानवी के बहुत सारे सच्‍चे चेहरे गायब और अनदिखे से हो रहे हैं, उन्‍हीं की खोज में यह काव्‍य संकलन ‘मेरा भारत दिखा तुम्‍हें क्‍या ?’...

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आठवां वचन ( एक वादा खुद से) By डॉ. शैलजा श्रीवास्तव

मेघना ने ध्यान दिया कि सुबह से ही घर पर तैयारियां चल रही है।

कल देर रात तक भी अभिषेक वैभव और मम्मी पापा किसी विशेष चर्चा में व्यस्त थे पर मेघना को समझ नहीं आया कि क्या बात है? औ...

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रंगीन कहानी By HARSH PAL

लखनऊ की गलियों में, जहाँ शाम की चाय की खुशबू हवा में घुली होती है, वहीं कॉलेज के बाहर एक लड़का, आरव, अपनी किताबों में खोया हुआ बैठा था। वह मेडिकल का छात्र था, अपने माता-पिता की उम्...

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युवा किंतु मजबूर By Lalit Kishor Aka Shitiz

आषाढ़ का महिना था, हल्की ठंडी हवा गुनगुना रही थी और धीमे धीमे भोर की खुशबू फैल रही थी और प्रकृति ये संदेश दे रही थी की कुछ ही क्षणों में सूर्योदय होने को है ...

राकेश वही रोज की...

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Rebirth in Novel Villanes By Aaliya khan

“आलीज़ा, जल्दी चलो! मगरिब का वक़्त हो गया है।”
ज़ायरा की आवाज़ फिर कमरे में गूंजी, लेकिन आलीज़ा को जैसे सुनाई ही नहीं दे रहा था। वो अपने बिस्तर पर अधलेटी, गहरी निगाहों से किताब के...

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वो भारत! है कहाँ मेरा? By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

आज मानव संवेदनाओं का यह दौर बड़ा ही भयावह है। इस समय मानव त्राशदी चरम सीमा पर चल रही है। मानवता की गमगीनता चारों तरफ बोल रहीं है जहां मानव चिंतन उस विगत परिवेश को तलासता दिख रहा है,...

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साहेब सायराना By Prabodh Kumar Govil

कहते हैं कि अपनी जवानी में हर कोई ख़ूबसूरत होता है। जवानी इंसान की ज़िन्दगी में एक बार आने वाला वो मौसम है जो जिस्म के पोर- पोर को फूल की तरह खिलाकर एक शोख चटक के तड़के से खुशबूदार...

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ज़िंदगी चलती रहती है By Bk swan and lotus translators

टाइटल्स पूरा होगया... सूर्योदय होगया , अमित की पत्नी अमित को जगाया। .. और हाथ में कोई कप देकर गुड मॉर्निंग केहड़िया... अमित तयार होगया... और वाकिंग जानेसे पहले मेहरा (अमित का दोस्त...

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वो आसमान से आती थी By Adil Uddin

यह कहानी कबीर और उसके साथ हुए एक अलौकिक घटना क्रम और एक अलौकिक अनजान लड़की के इर्द गिर्द घूमती है इस कहानी में कुछ पहेली की तरह किरदारों का पीछा करते हैं जिन्हें कबीर सुलझाना चाहता...

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खोए हुए साम्राज्य का रहस्य By Harun Khan

आजमगढ़— एक ऐसा शहर जहाँ सदियों से एक रहस्य सोया हुआ था। लेकिन अब, वक़्त आ गया था उसके जागने का... और सब कुछ बदलने का।

बादलों की ओट में छिपा चाँद, धरती पर अंधकार की चादर बिछा चुक...

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आख़िर वह कौन था - सीजन 3 By Ratna Pandey

इस कहानी के पहले सीजन में आपने पढ़ा कि सुशीला एक सोलह वर्ष की गरीब मजदूर की बेटी थी। उसकी माँ एक बिल्डिंग पर काम करते समय, गिर कर स्वर्ग सिधार गई थी। पिता तो पहले ही स्वर्ग सिधार चु...

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अथ गूँगे गॉंव की कथा By ramgopal bhavuk

होली के अवसर पर खेतों में मसूर उखाड़ने का कार्य तेजी से शुरू हो गया था ।

आज मौजी जल्दी ही जाग गया था। यों तो रोज ही जल्दी जागना पड़ता है, पर होली के दिन की उमंग और भी जल्दी...

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शैलेन्द्र बुधौलिया की कवितायेँ By शैलेंद्र् बुधौलिया

।।। एकांत ।।।

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सब ने देखा फूल सा खिलता सदा जिसका बदन ।

कोई क्या जाने कि वह कैसे जिया एकांत में ।।



जिन लवों की बात सुन सब खिलखिलाते मस्त हो।...

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चिकनी मिट्टी की प्रेमिका By Rajesh Rajesh

"राज बेटा आप दस दिनों से जिस लड़की की पेंटिंग बना रहे थे, वह मेरी बेटी रत्ना नहीं थी, बल्कि रत्ना की बहन माया थी।" रत्ना की विधवा मां बताती है
"मैं कुछ समझ नहीं पा रहा...

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अंश, कार्तिक, आर्यन By Renu Chaurasiya

पुलिस स्टेशन के सामने, धूप में झुलसता हुआ एक बूढ़ा आदमी घुटनों के बल पड़ा था।

उसकी आँखों के आंसू कब के सूख चुके थे, पर चेहरा अब भी रो रहा था।

उसकी कांपती उंगलियाँ जमीन पर ऐसे...

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