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“माटी कहै कुम्हार सों, तू क्या रौंदे मोहि।इक दिन ऐसा होयगा, मैं रौंदूगी तोहि।।”स...
एक कर्तव्य ऐसा भीस्वामी हरि प्रपन्नाचार्य हरिद्वार में वैष्णव सम्प्रदाय के प्रसि...
Black magic या काला जादू एक प्राचीन मान्यता है, मनुष्य समाज में रहता है, तो समाज...
जैसे ही शंख की आवाज़ गूँजी, पूरा सूरजगढ़ जाग उठा। गौरी घाट के किनारे बसी उस छोटी...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है।धरती पर ए...
एपिसोड 1 : सुबह का वक्त, 'हेवेन डेल' इंटरनेशनल स्कूल का कॉरिडोर।लॉकर रूम...
( ️ पढ़ने से पहले ज़रूर जानें!धार्मिक नहीं, तार्किक: यह किताब किसी धर्म या संप्र...
काश हम अजनबी होते तो खुश होतेरात के दो बज चुके थे। दिसंबर की सर्द हवाएं खिड़की क...
■■ मेंरे जीवन के सुनहरे गर्मी के दिन ■■️ Written by H. K. Bharadwaj_____________...
सिख धर्म के प्रणेता गुरू नानक देव जी का जन्म १४६९ इन, में हुआ था। 1496 ई, मे उन्...
हिमाचल प्रदेश , शिमला । सुबह का वक्त । दूर पहाड़ों में सूरज निकल रहा था । ओस से भीगी पत्तियों पर जब सूरज की किरण पड़ रही थी तो ओस की बूंदें किसी हीरे की तरह चमकती हुई प्रतीत ह...
पिछले डेढ़ साल से मैंने अनंतगढ़ गांव से दूर आलोक और रतिबेन पाटिल कॉलेज ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज से बायो-मेडिकल साइंस में एमएससी कर रहा था, मैं सेमेस्टर 4 मे बायोसेंसर विषय पर डेझर्टेश...
*ये स्टोरी पूर्णत: काल्पनिक है।यदि किसी के साथ मैच होता है तो यह सिर्फ एक संजोग ही होगा।मेरा किसी का दिल दुखने का कोई आशय नही है!* ********** अहमदाबाद की hifi society हैं वह...
नैना अश्क ना हो.…...…........नैनों में समन्दर आंसू काहृदय में हाहाकार हैक्या कोई समझेगा मेरी पीड़ा कोउनके लिए तो व्यापार हैंसर्वस्व न्यौछावर किया देश पेइसका मुझको अभिमान...
शाम का समय है, सूरज डूबने के लिए तैयार प्रतीत हो रहा है, उत्तरप्रदेश के मालपुरा गॉंव में खेतों की मुँडेर पर किशन और सोमेश बैठे हैं । किशन तो आराम से ढलते सूरज की तरफ देख रहा है तो...
कॉलेज कैंपस में विशाल, शेखर, साहिल और मानव खड़े होकर बातें कर रहे थे। उनके साथ उनकी गर्लफ्रेंड जिज्ञासा, मानसी, वंशिका और मेधा भी थीं। कॉलेज में कोई पांच दिन की लगातार छुट्टियां होन...
"रात 3:12 बजे की दस्तक" — इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी। एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक रात का सन्नाटा इतना गह...
‼️मेरी भैरवी‼️ ‼️अपनों से अपनी बात‼️ प्रिय पाठकों व पाठिकाओं.... तंत्र का क्षेत्र अपने आपमें अचरज गोपनीय रहस्यों से भरा हुआ है...तंत्र के गोपनीय रहस्यों को पूरी तरह से जानना...
आज से आपके लिए पेश कर रहा हूं एक ऐसी लडकी की कहानी जिसने अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानी मुश्किले चट्टानों की तरह उसकी जिंदगी में थी , मगर वो अपनी पूरी वफादारी और मजबूत ह्रदय के...
एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ था। उस पर बीसीयों हंस रहते थे। उनमें एक बहुत सयाना हंस था, बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी। सब उसका आदर करते ‘ताऊ' कहकर बुलाते थे। एक दिन उसने एक नन्ही—सी बेल...
धरती पर लाखों साल बीतने के बाद छोटे से छोटे और बड़े से बड़े जानवर विशालकाय होने लगे। कुछ शांत स्वभाव के थे तो कुछ इतने खतरनाक कि उनकी झलक मात्र से लोगों की रूह कांप जाती थी। समय के...
रात का तीसरा पहर, ऊधवगढ़ का छोटा सा वीरान रेलवें स्टेशन,रेलगाड़ी रुकी और उसमें से इक्का दुक्का मुसाफ़िर उतरें,उन्हीं मुसाफिरों में से एक कृष्णराय निगम भी थे,उन्होनें अपना सामान रेलगाड़...
The Last Murder … कुछ लोग किताबें पढ़कर मर्डर करते हैं । अभिलेख द्विवेदी आपस की बातें! कितनी कहानियाँ होती हैं जो कहीं किसी की ज़िन्दगी में घट तो जाती हैं लेकिन ना कहीं बयां होती है...
आखिर जिस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी, वही हुई। गोलू घर से भाग गया। गोलू के मम्मी-पापा, बड़ा भाई आशीष और दोनों दीदियाँ ढूँढ़-ढूँढ़कर हैरान हो गईं। रोते-रोते उसकी मम्मी का बुरा...
ढ़ोलकी की थाप पर जैसे ही गीत शुरु हुआ सुरेश की आंखों के कोर भीग गए। कैसा माहौल होता है बेटी की शादी में। घर में रौनक भी होती है और खुशियाँ भी पर दिल में बेटी की जुदाई का दर्द भी कम...
हेल्लो दोस्तों कैसे है। रहस्मय जगह के बारे में और उनसे जुडी रहस्मय और डरावनी कहानियां उम्मीद करता हूँ आपको काफी पसन्द होगी। मै आपके सामने लेकर के आया हूँ । एक ऐसी ही भूतिया ,डर...
उनके बहुचर्चित उपन्यास ‘हज़ार चौरासी की माँ’ में एक ‘माँ’ सुजाता की मर्मस्पर्शी कहानी के साथ-साथ साथ 1970 के दशक के बंगाल मे नक्सलवाद आंदोलन मे हो रहे हिंसक संघर्ष की कहानी भी समान...
'डर, अजीब सा डर मेरे दिलो-दिमाग को दिमक की तरह अंदर से खा रहा है। 'रात' के इस काले अंधेरे में फैले खौफनाक सन्नाटे के बीच उस डर का असर कुछ ज्यादा ही हो रहा है. पर इस डर...
हम अभी भी ऐसे समाजमें रहते हैं जहां किसी अंजान रोगने इंसान को घेर लिया है | तो उसके निदान या इलाज के बारे में सोचना तो दूर की बात, वह मरीज़ को नफरत की नज़रो से देखा जाता है, उस व्यक...
नवलकथा के बारे में: दुनिया का सबसे अटल सत्य ये है कि, होनी को कोई नहीं टाल सकता। कभी कभी हम सभी को लगता है कि, काश हम अपना पुराना वक़्त बदल पाते। काश कुछ लम्हे हम उनके साथ बिता पाते...
हवलदार साठे बाकी के हवलदारों को जांच करने का बोल उस युवक को उठाते हुए एक कोने में ले जाते हैं। इधर इंस्पेक्टर विजय लाश को बड़े गौर से देखते हैं। दोनो का गला चीरकर बड़ी निर्ममता से उ...
शरीर की ताकत, मनकी ताकत, बुद्धि की ताकत, आत्मा की ताकत, ये चार प्रमुख ताकते (बल) है । इसके अलावा भी शक्तियां है । जैसे धन बल, अधिकार बल, छल बल, संख्या बल, ये सारी ताकते आत्मा की त...
सुबह खिड़की से आती सूरज की किरणों की वजह से रूम में चारो तरह रौशनी फैली हुई थी अपनी आँखों पर पड़ती हुई रौशनी से तंग आकर क़ाव्या ने धीरे से आँखे खोली आँखे खोलते हीं उसे अपनी बॉडी मे शा...
मेरे चाचा ने एक महान खोज की उस घटनापूर्ण दिन के बाद से मेरे साथ जो कुछ भी हुआ है, उसे देखते हुए, I मैं अपने कारनामों की वास्तविकता पर शायद ही विश्वास कर पा रहा हूँ। वह थे वास्तव मे...
यह एक अनाड़ी और अंतर्मुखी लड़की की कहानी है जिसे अगवा कर 'स्वयंवधू' नामक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया। यह उसके लिए अमीर लोगों की मूर्खतापूर्ण आकर्षण के अल...
सुबह - सुबह पोस्टमैन एक चीट्ठी देकर गया है और देवेंद्र जी उसे लेकर देख रहे थे , उनके दिमाग में एक बात समझ नही आ रहा कि एकाएक विजय ने उन्हें चीट्ठी क्यों लिखा ? वैसे भी चीट्ठी के ऊप...
तंत्र कहता है — जो ऊर्जा जीवन देती है, वही मुक्ति भी दे सकती है। संभोग कोई पाप नहीं, वह ऊर्जा है — जो अगर अचेतनता में बहे, तो बंधन बनती है; और यदि जागरूकता में रूपांतरित हो, तो...
कहानी में बताए गए पात्र व स्थान काल्पनिक भी हो सकते हैं । लेखक ने इसका प्रयोग केवल कहानी के डर को बढ़ावा देने के लिए किया है । इस काल्पनिक कहानी को केवल कहानी के दृष्टि से पढ़े सच्चा...
उन सभी लड़कियों के नाम जो पहले नहीं मिलीं! ज़िंदगी से यूं भी तमाम शिकायतें हैं मुझे. लेकिन उन तमाम शिकवों में से एक ये भी है कि ज़िंदगी मुझे तुमसे पहले नहीं मिलवा सकती थी. हालांकि ऐ...
कौन होगा जिसने अपनी पूरी जिंदगी में भूत पिशाच के बारे मे सुना ही नहीं होगा??? बोहोत कम लोग! नहीं उंगलीयो पर गिने इतने भी मुश्किल से मिलेंगे। पर क्या हो अगर किसी का वजूद ही एक पिशाच...
1999, 27 साल की अनु सॉफ्टवेअर प्रोफेशनल, राजधानी में एक ऊंचे पद पर काम करती है। अकेली अपने शर्तों पर रहती है। पिता गोपालन केरल से हैं और मां निशिगंधा पुणे से। अनु की जिंदगी में मात...
धमाके से बचा खतरनाक लड़का रात का समय था, आसमान में हल्के बादल थे, और चांदनी ज़मीन पर ठंडी रोशनी बिखेर रही थी। एक काले रंग का प्राइवेट जेट अपनी मंज़िल की ओर बढ़ रहा था। जेट के अं...
काव्या प्यार में विश्वास नहीं करती। उसका अपना परिवार है - उसके पिता और दोस्त और वह उनके साथ खुश है। एक दुर्घटना ने उसके जीवन में सब कुछ बदल दिया। उसे अपने सबसे अच्छे दोस्त के अतीत...
अमावस्या की अँधेरी रात ने बखरी सलोना अंचल को अपनी काली चादर तले समेट लिया था। समस्त बखरीवासी अपने-अपने झोपड़ों के अंदर गहन-निद्रा में खोये थे, परन्तु ड्योढ़ी में जाग थी। बखरी की स्...
शुभांगी तुम्हें हमारे साथ चलना ही होगा। यह प्रोजेक्ट हम चारों का है, इसलिए हम चारों जायेंगे । विशाल ने सबको अपना फैसला सुना दिया । विशाल ठीक कह रहा है, जैसे पिछली बार भी हम चारों ग...
एक बड़ी सी कार पुलिस स्टेशन के सामने रुकी और ड्राइवर ने उतरकर अपने मालिक के लिए कार का दरवाजा खोला,सूट बूट पहने हुए कार का मालिक पुलिस स्टेशन के भीतर पहुँचा,जैसे ही वो पुलिस स्टेशन...
यह कहानी भानगढ़ के अभिशप्त किले को आधार बना कर लिखी गई है लेकिन पूर्णतः काल्पनिक है। कहानी- आज चारों परम मित्र फिर 6 महीने बाद summer vacation पर अपने गृह नगर जौधपुर में श्याम...
ब्लैक शर्ट, ब्लू जींस, आंखों पर काला चश्मा, स्टालिश बाल, कंधे पर बैग और हीरो साइकिल पर सवार होकर मानव अपने कॉलेज के लिए चल पड़ा था। यह उसके कॉलेज का पहला दिन था। हाल ही में स्कूल मे...
(अब तक आपने देखा स्वप्निल और मीरा दोनों के एक दूसरे के खिलाफ इस तरह मानो किसी धागे के दो अलग-अलग सीरे, दोनों का अलग-अलग स्वभाव होने के कारण दोनों में अब तक काम के अलावा और कोई बात...
अमावस्या की रात थी और रात के 11 बज रहे थे । भानपुर गांव का एक तांत्रिक अपनी तात्रिकं साधना करने के लिए सुंदरवन की तरफ जा रहा था । गांव मे ये मान्यता थी के जो कोई भी तात्रिकं अमावस्...
जनवरी 1995 की एक सुबह... उत्तरी गोवा में स्थित वागातोर बीच की सुनहरी रेत पर बैठी सत्रह वर्षीय क्रिस्टीना समुंदर पर छाई धुंध को निहार रही थी। सफ़ेद रंग की सुंदर सी लॉन्ग फ्रॉक पहने,उ...
उर्वशी और पुरुरवा एक प्रेम कथा भूमिकाप्रेम मानवीय भावनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। प्रेम एक भावना है। अतः किसी वस्तु की भांति इसे परिभाषित कर पाना कठिन है। इसे तो केव...
रात के दो(2) बज रहे थे और रितिक अपने दोस्त अमर के साथ कार ड्राइव कर रहा था। कार तेज स्पीड के साथ अपने रास्ते पर भागी जा रही थी। चारो ओर गहरा अंधेरा पसरा हुआ था। आस पास ना तो कोई घर...
एक लड़की बेड पर बडो अजीबो गरीब स्थिति में जबरदस्ती खुद को बिस्तर पर डाले हुई थी कराहने कि आवाजे लगातार आ रही थी अपने हाथ से पेट को बार बार सलहा रही थी शायद असहनीय दर्द कम पड जाय ले...
काफ़ी सारी गुजराती कहानियों के बाद ये मातृभारती पर मेरी पहली हिंदी कहानी है। उम्मीद हैं कि हमारे पाठकों को गुजराती कहानियों के जैसे मेरी ये हिंदी कहानी भी पसंद आएगी। तो मेरी कहानी...
परियों का पेड़ (1) राजू एक लकड़हारे का बेटा था | उसके पिताजी जंगल से पेड़ काटकर लकड़ियाँ लाते | फिर उन्हें बाजार में बेच देते | उसकी माँ लकड़ियों से ही कुछ खिलौने भी बना लेती थी, जिसे ब...
उस क्षण जो उद्विग्न मन से भरे थे उस में एक था अरबी समुद्र, दूसरा था पिछली रात्रि का चन्द्र और तीसरा था एक युवक। समुद्र इतना अशांत था कि वह अपने अस्तित्व को समाप्त कर देना चाहता...
वह अपनी इस नौकरी से तंग आ चुकी थी। अलबत्ता नौकरी में कोई कमी नहीं थी। एक एसी कार सुबह उसे लेने आती थी और शाम को घर छोड़ जाती थी। अच्छी खासी तनख्वाह थी। सैटरडे और सनडे ऑफ रहता था। क...
हनुवा धारूहेड़ा, हरियाणा से कई बसों में सफर करने, और काफी पैदल चलने के बाद जब नोएडा सेक्टर पंद्रह घर पहुंची तो करीब ग्यारह बजने वाले थे। मौसम में अच्छी खासी खुनकी का अहसास हो रहा था...
कभी सोचा नहीं था ...मैं सेना में भर्ती हो पाऊंगा बस मन में उमंग और दिल में जज्बा था कुछ कर दिखाने का ... मैं भी भारत माता के लिए कुछ कर दिखााना चाहता हूं... ..... दु:ख होता है .....
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