navita ki Kalam se .. - last chapter in Hindi Novel Episodes by navita books and stories PDF | नविता की कलम से... - Last chapter .. thanku so much everyone ️

नविता की कलम से... - Last chapter .. thanku so much everyone ️

✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️✍️


🎼🎼 रिश्तों की कीमत 🎼🎼

रिश्तो की कीमत
रिश्तो को और मजबूत करने मे होती है ,
रिश्तो से टूट जाने मे नहीं ..

रिश्तो की कीमत
दूर हो कर भी दिल से जुड़े होये रिश्ते के एहसास मे होती है ,
पास रह कर मन मे दूरियाँ बनाने से नहीं ...

रिश्तो की कीमत
जीते जी रिश्तो को जीने मे होती है ,
रिश्तो के मर जाने के बाद नहीं ...



✍️✍️✍️☺️☺️☺️☺️✍️✍️✍️✍️☺️☺️☺️☺️

ज़िन्दगी जीने का एहसास होता नहीं..💗
अगर जीवन मे रंग नहीं ...🌈
गम के बिना ख़ुशी नहीं ,
मुस्किलो के बिना सफलता नहीं ,
दुःख के बिना सुख नहीं ,
दर्द के बिना प्यार नहीं ,
गुस्से के बिना अपनापन नहीं ,
दुश्मन के बिना दोस्त नहीं ,
उत्साह के बिना मंजिल नहीं ,
उम्मीद के बिना हर दिन नहीं ,
ज़िन्दगी के ये तो रंग है निराले 🌈
जिनके बिना ये जीवन होता नहीं ..💗



✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️✍️☺️☺️☺️☺️


खुद को खुद से बाध के रखो l
मुश्किल आये घबरना नहीं ,
सच से दूर जाना नहीं l
सच है तो सच्चाई है ,
झूठ के साथ बुराई है l
बुराई को मिटाना है ,
सच को आगे लाना है l
तो खुद को जे समझना है ,
सच के साथ ही जाना है l


✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️☺️☺️

🎼🎼 थोड़ा बहुत 🎼🎼


थोड़ा बहुत रूठना ,
पर ज्यादा मनाना

थोड़ा बहुत रुकना ,
पर ज्यादा चलना

थोड़ा बहुत घबराना,
पर ज्यादा समझाना

थोड़ा बहुत रोना ,
पर ज्यादा हसाना

थोड़ा बहुत दूर जाना ,
पर ज़िन्दगी भर का साथ निभाना ...


✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️☺️



🎼🎼 सब कुछ तुम्हारा हैl 🎼🎼


सब कुछ तुम्हारा हैl
मेरी हर रोम रोम मे,
मेरी हर सांस सांस मे ,
बस तेरा नाम है l
तेरे साथ प्यार पाया ,
तो निभाएंगे हम ,
यकीन है खुद पर ,
तुम्हे अपना बनाएंगे हम l

✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️✍️



🎼🎼 रुकना नहीं 🎼🎼

रुके भी तो किस के लिए ,
जो अपने थे, वो बेगाने हो गए ,
जिसे अपना माना, वो अफ़साने हो गए l
कोई नहीं अब हमरा जहा , तो रुकना क्यों ,

ज़िन्दगी के नए सफ़र की तरफ चलना अभी ,
ज़िन्दगी जहा लेकर जाये चलना अभी ,
किसी के लिए , अभी रुकना नहीं l


✍️✍️✍️☺️☺️☺️☺️✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️



रूठे को मनाने की बहार लाई है l
उतना ही रूठना , कि मना सको ,
इतना भी ना रूठना ,कि छोड़ चला जाओ l

रूठना मनाना तो चलता रहता है l
पर कभी किसी अपने से इतना भी ना रुठ जाना ,
की उसे तुम्हे मनाने से बेहतर ,
तुम्हे छोड़ कर चले जाना , ज्यादा बेहतर लगे 😭


✍️✍️✍️✍️☺️☺️☺️☺️✍️✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️



🎼🎼 पुरष होना 🎼🎼

पुरष होना आप का ,मान है हमे
हमारे लिए आप वJiरदान है, हमे

पिता बन सही , रहा दीखाते हो तुम...
भाई बन , परछाई की तरह साथ निभाते हो तुम ...
बेटा बन ,घर को चलाते हो तुम ..
पति बन ,सारी उम्र के सुख-दुःख मे साथ निभाते हो तुम..
दोस्त बन ,खुल के ज़िन्दगी जीना सिखाते हो तुम...
अपने दर्द को छुपा , सब को हसाते हो तुम ...

क्या क्या लिखो तेरे पुरष होने पर
बस तेरे प्यार स्नेह के आगे सिर झुकाते है हम ..


✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️✍️☺️☺️☺️✍️✍️✍️



🙏🙏Thanku so much everyone 🙏🙏☺️☺️



आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया 🙏की आप सब ने मेरे लिखे novels को पसंद करा l

मतुरभारती का बहुत बहुत शुक्रिया🙏 जिसने मुझे लिखने का मौका दिया l


Specially बहुत बहुत शुक्रिया🙏 wr.messi ji का जिनो ने मुझे novel लिखने के ली प्रेरित किया .l

सब से ज्यादा शुक्रिया मेरे lovely readers का , जिनो ने हमेशा मेरी novel writing को पसंद करा और मुझे guide करा. l

writing करते करते मुझे आप सब से बहुत कुछ सिखने को मिलो l

Thanku so much everyone🙏🙏☺️☺️

Rate & Review

navita

navita Matrubharti Verified 1 year ago

Harsh Parmar

Harsh Parmar Matrubharti Verified 1 year ago

Kashish

Kashish 1 year ago

Vedbhushan Jindal
M shah

M shah 1 year ago