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  • अन्तर्निहित - 48

    [48]“वत्सर ने सभी परीक्षणों की अनुमति दे दी है। अब सत्य प्रकट होकर रहेगा।” सपन न...

  • नम आँखे - 5

    आयुष - मम्मा कल के शो की टिकट बुक करा देते है। धुरन्धर पिक्चर देखना है। अच्छा ठी...

  • Bayaan - Part 6

    Part 6 डायरी के अगले पन्ने पर राधा ने लिखा था—"शायद हर कहानी में एक ऐसा किरदार ह...

  • प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 1

    कोलकाता: गुनाह का काला जश्नकोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवे...

  • बारिश की वो पहली मुलाक़ात - पार्ट 5

    (दस साल बाद की बारिश) इनकी मुहब्बत को दस साल बीत चुके थे।फिर शुरू हुआ वही जुलाई...

  • जिस जीवन में तुम थे - 2

    किसी-किसी रात समय सो जाता है।घड़ी चलती रहती है, रात आगे बढ़ती रहती है, लेकिन भीत...

  • প্রাইভেট আই সোসাইটি - 10

    “ক্রিং ক্রিং ক্রিং!”অ্যালার্মের শব্দে ঘুমটা ভাঙল। চোখের পাতা খুলতেই দেখলাম সকালে...

  • બાળપણની એ રફનોટ - 6

    પ્રકરણ ૬: સિક્કાની બે બાજુ અને પલટાતો દાવ શનિવારની એ સોનેરી સાંજ ધીમે ધીમે સોસાય...

  • સિક્કાની અમર સફર

    સિક્કાની અમર સફર તિજોરીના અંધકારમાં કેદ રહેલી 'હજારની નોટ' ના વૈભવી ભ્રમને, રસ્ત...

  • હૈ જવાની તો ઇશ્ક હોના હૈ

    હૈ જવાની તો ઇશ્ક હોના હૈ-રાકેશ ઠક્કર           જો તમે પણ થિયેટરના એસીની ઠંડી હવા...

अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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नम आँखे By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। म...

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Bayaan By Radha rani Jha

कभी कभी ज़िंदगी हमें ऐसी चीज़ें दे देती है, जो हमने कभी माँगी भी नहीं होती…
पर वही चीज़ें हमारी सोच और दिल दोनों बदल देती हैं।
मैं राधा रानी, एक सीधी-सादी लड़की।
मेरी ज़िंदगी बि...

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बारिश की वो पहली मुलाक़ात By July Writes

जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई।

कॉलेज की छुट्टी के बाद आईशा बस स्टॉप पर खड...

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जिस जीवन में तुम थे By SHREYA INDUSHREE

कुछ लोग हमारे जीवन में कभी नहीं आते।वे हमारे घरों की चौखट नहीं लाँघते, हमारी उँगलियों को नहीं छूते, हमारे साथ तस्वीरों में नहीं दिखते।फिर भी, एक दिन जब हम अपनी स्मृतियों की अलमारी...

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প্রাইভেট আই সোসাইটি By Aro Chatterjee

দাঁতের ডাক্তার শিবনাথ আর তার কনস্পিরেসি-পাগল বন্ধু সুবীর মজা করে খুলে ফেলে “Private Eye Society”। আজগুবি থিওরি নিয়ে ঘাঁটাঘাঁটি করতে করতেই তারা জড়িয়ে পড়ে এক রহস্যময় মৃত্যুর তদন্তে।...

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બાળપણની એ રફનોટ By I AM ER U.D.SUTHAR

​આ વાર્તા, એના પાત્રો અને એમાં વણાયેલી લાગણીઓ લેખકની પોતાની મહેનત અને કલ્પનાનું સર્જન છે. "બાળપણની એ રફનોટ" ના શબ્દોને ચોરી કરવા કે નકલ કરવી એ અનૈતિક અને કાયદાકીય ગુનો છે....

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जिंदगी की दूसरे किनारा By AbhiNisha

जिंदगी के पार जिंदगी

कहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है

एक पजल की तरह

जिंदगी की हर मोड़ हर रास्ता है

जिसे सुलझाना आसान नहीं

और जिंदगी की कहानी एक पजल है...

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ઘોસ્ટ ઓફ કારગિલ By Virrajsinh jadeja

પોસ્ટિંગ મે 2025. દિલ્હીનું કેન્ટોનમેન્ટ રેલવે સ્ટેશન. લેફ્ટનન્ટ અર્જુન રાઠોડે પોતાની બેગ ખભે નાખી. 23 વર્ષનો યુવાન, IMA માંથી હમણાં જ કમિશન મળ્યું. છાતી પર પહેલીવાર ચમકતા સ્ટાર. મ...

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कोख से अंत तक By ARTI MEENA

एक माँ आज रो रही है।
उसका दम घुट रहा है, वह धीरे-धीरे मर रही है।
क्या कोई उसकी पीड़ा को समझ पाएगा,
या यह दर्द उसे उसके अंत की ओर ले जाएगा?
मैं उसे देख रही हूँ…
क्योंकि मैं उसी...

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अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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नम आँखे By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। म...

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Bayaan By Radha rani Jha

कभी कभी ज़िंदगी हमें ऐसी चीज़ें दे देती है, जो हमने कभी माँगी भी नहीं होती…
पर वही चीज़ें हमारी सोच और दिल दोनों बदल देती हैं।
मैं राधा रानी, एक सीधी-सादी लड़की।
मेरी ज़िंदगी बि...

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बारिश की वो पहली मुलाक़ात By July Writes

जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई।

कॉलेज की छुट्टी के बाद आईशा बस स्टॉप पर खड...

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जिस जीवन में तुम थे By SHREYA INDUSHREE

कुछ लोग हमारे जीवन में कभी नहीं आते।वे हमारे घरों की चौखट नहीं लाँघते, हमारी उँगलियों को नहीं छूते, हमारे साथ तस्वीरों में नहीं दिखते।फिर भी, एक दिन जब हम अपनी स्मृतियों की अलमारी...

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প্রাইভেট আই সোসাইটি By Aro Chatterjee

দাঁতের ডাক্তার শিবনাথ আর তার কনস্পিরেসি-পাগল বন্ধু সুবীর মজা করে খুলে ফেলে “Private Eye Society”। আজগুবি থিওরি নিয়ে ঘাঁটাঘাঁটি করতে করতেই তারা জড়িয়ে পড়ে এক রহস্যময় মৃত্যুর তদন্তে।...

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બાળપણની એ રફનોટ By I AM ER U.D.SUTHAR

​આ વાર્તા, એના પાત્રો અને એમાં વણાયેલી લાગણીઓ લેખકની પોતાની મહેનત અને કલ્પનાનું સર્જન છે. "બાળપણની એ રફનોટ" ના શબ્દોને ચોરી કરવા કે નકલ કરવી એ અનૈતિક અને કાયદાકીય ગુનો છે....

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जिंदगी की दूसरे किनारा By AbhiNisha

जिंदगी के पार जिंदगी

कहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है

एक पजल की तरह

जिंदगी की हर मोड़ हर रास्ता है

जिसे सुलझाना आसान नहीं

और जिंदगी की कहानी एक पजल है...

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ઘોસ્ટ ઓફ કારગિલ By Virrajsinh jadeja

પોસ્ટિંગ મે 2025. દિલ્હીનું કેન્ટોનમેન્ટ રેલવે સ્ટેશન. લેફ્ટનન્ટ અર્જુન રાઠોડે પોતાની બેગ ખભે નાખી. 23 વર્ષનો યુવાન, IMA માંથી હમણાં જ કમિશન મળ્યું. છાતી પર પહેલીવાર ચમકતા સ્ટાર. મ...

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कोख से अंत तक By ARTI MEENA

एक माँ आज रो रही है।
उसका दम घुट रहा है, वह धीरे-धीरे मर रही है।
क्या कोई उसकी पीड़ा को समझ पाएगा,
या यह दर्द उसे उसके अंत की ओर ले जाएगा?
मैं उसे देख रही हूँ…
क्योंकि मैं उसी...

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