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दिल ने जिसे चाहा By R B Chavda

मैं यह कहानी दोबारा लिख रही हूँ, लेकिन इस बार बिल्कुल वैसे, जैसे मैंने इसे अपने दिल में महसूस किया था। मेरी पहले की कहानी "दिल से दिल तक: एकतरफा सफर" से यह काफी मिलती-जुलती...

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MTNL की घंटी By kalpita

नवंबर की हल्की ठंड...
और मीठी-सी धूप में...
आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी।

तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई...

? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...

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गीता आज के इंसान के लिए By Shivraj Bhokare

( ⚠️ पढ़ने से पहले ज़रूर जानें!

धार्मिक नहीं, तार्किक: यह किताब किसी धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान और व्यावहारिक जीवन जीने के विज्ञान पर आधारित है।

शैली...

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সুপ্ত প্রেমের আগুন By L Anjum Author

এক সুন্দর সকালের সূচনা।সবে মাত্র 4:00 বাজে। এখনো সূর্যী মামার পুরোপুরি আকার দেখা যায়নি।  সকালের আকাশ যেনো একটু ঘুম ভাঙা মুখে হালকা নীল আর ধূসর মেঘে মোড়ানো। চারপাশ নিস্তব্ধ, শুধু...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो By kajal jha

खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...

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છાંયો By Kuraso

અધ્યાય 1 — વરસાદી રાત

અમદાવાદ શહેર સામાન્ય રીતે ક્યારેય સંપૂર્ણ શાંત થતું નથી.
દિવસ હોય કે રાત — ક્યાંક ન ક્યાંક ટ્રાફિકનો અવાજ, લોકોની દોડધામ, ચાની લારીઓ પર ચર્ચા… શહેર જીવંત...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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ভুল পথে পেলাম তোমাকে By MOU DUTTA

ভুল পথের শুরু, নতুন কারো আগমনের গন্ধ

সারা দিনটা অদ্ভুত রকমের ভারী গিয়েছিল ইরার। ক্লাসগুলো শেষ হয়েছিল বিকেল চারটায়, কিন্তু মনটা যেন কোনোকিছুতে ঠিকমতো লাগছিল না। সহপাঠীরা সবাই ক্য...

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सूर्यकुल का सूर्यास्त By ALLA NOOR KHAN

क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान गहरा लाल था। हवा भारी और बोझिल हो चुकी थी, जिसमें लोहे जैसी तीखी खून की महक और जलते हुए मांस की दुर...

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી By Dakshesh Inamdar

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
સ...

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दिल ने जिसे चाहा By R B Chavda

मैं यह कहानी दोबारा लिख रही हूँ, लेकिन इस बार बिल्कुल वैसे, जैसे मैंने इसे अपने दिल में महसूस किया था। मेरी पहले की कहानी "दिल से दिल तक: एकतरफा सफर" से यह काफी मिलती-जुलती...

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और मीठी-सी धूप में...
आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी।

तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई...

? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...

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( ⚠️ पढ़ने से पहले ज़रूर जानें!

धार्मिक नहीं, तार्किक: यह किताब किसी धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान और व्यावहारिक जीवन जीने के विज्ञान पर आधारित है।

शैली...

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এক সুন্দর সকালের সূচনা।সবে মাত্র 4:00 বাজে। এখনো সূর্যী মামার পুরোপুরি আকার দেখা যায়নি।  সকালের আকাশ যেনো একটু ঘুম ভাঙা মুখে হালকা নীল আর ধূসর মেঘে মোড়ানো। চারপাশ নিস্তব্ধ, শুধু...

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खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...

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અધ્યાય 1 — વરસાદી રાત

અમદાવાદ શહેર સામાન્ય રીતે ક્યારેય સંપૂર્ણ શાંત થતું નથી.
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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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সারা দিনটা অদ্ভুত রকমের ভারী গিয়েছিল ইরার। ক্লাসগুলো শেষ হয়েছিল বিকেল চারটায়, কিন্তু মনটা যেন কোনোকিছুতে ঠিকমতো লাগছিল না। সহপাঠীরা সবাই ক্য...

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सूर्यकुल का सूर्यास्त By ALLA NOOR KHAN

क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान गहरा लाल था। हवा भारी और बोझिल हो चुकी थी, जिसमें लोहे जैसी तीखी खून की महक और जलते हुए मांस की दुर...

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી By Dakshesh Inamdar

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ
સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં જોબ કરવા જનારા તૈયાર થઇ ઘરની બહાર નીકળી રહ્યા હતાં.
સ...

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