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अपनापन लेखक: विजय शर्मा एरी ---प्रस्तावनासमर्पण—यह शब्द केवल त्याग का नहीं, बल्...
अध्याय की शुरुआतउस रात आसमान पर चाँद नहीं था।या शायद था… लेकिन उसने खुद को छुपा...
एक 18 साल की लड़की, एक दिन परिवार ने फोन लाकर दिया, उसने अपने फोन में फ्री फायर...
'शास्त्री निवास' तक का वह रास्ता किसी लो-बजट हॉरर फिल्म के पैनिक अटैक जै...
सफलता की खोज(एक लेखक बनने का सपना)राजु एक साधारण से गाँव में रहने वाला लड़का था।...
बीती रात की यादों के सजीव होते ही त्रिशा के मन में कड़वाहट भर गई। वह खुद के लिए...
एपिसोड: 'विरासत का विष और अंतिम विकल्प'चर्च की पुरानी दीवारों पर ड्रोन्स...
---तिरंगा हमारी शान ️ लेखक: विजय शर्मा एरी ---प्रस्तावनाभारत का राष्ट्रीय ध्वज...
: : प्रकरण -40 : : मेरी बहन की लड़की की शादी में मैं ब...
“धर्मवीर,&r...
?????????????? अब हम भी इश्क दोबारा करेंगे उजड़े हुए दिल फिर से बसेंगेहम कभी तो फिर से मोहब्बत करेंगेमाना दिल में जख्म अभी ताजा हैकभी तो ये जख्म भी भरेंगेअब हम भी इश्क...
काव्य संकलन - समय का दौर वेदराम प्रजापति मनमस्त सम्पर्क सूत्र. गायत्री शक्ति...
1. हमारे प्रेम के अमरत्व का पल तुम्हारा स्वर सदा की तरह, आत्मीयता के चरम बिंदु सा कोमल था. आगे महाभारत है, अब वापस आना नहीं होगा. तुम मेरी शक्ति हो, तुम्हारे नयन सजल हुए, तो मैं...
गाथा पुरानी है बहुत, सब लोग इसको जानते वाल्मीकि ऋषि की लेखनी के तेज को सब मानते है विदित सबको राम सिय का चरित-रामायण कथा वर्णित हुआ मद, मोह, ईर्ष्या, त्याग, तप, दारुण व्यथ...
वीणापाणि नमन है तुमको, मेरे कंठ में कर लो वास।देकर ज्ञान पुंज हे माता, निमिष में संशय कर दो नाश।।हे गौरी-शिव शंकर के सुत, मुझ अज्ञानी का ध्यान करो।कर दो विवेक की वर्षा अब, और प्रभु...
कुछ अल्फ़ाज़ जो आपको अपने से लगेंगे ,नज़्म जो आपकी कहानी कहती हुई सी है
ये कविता संसार की सारी माताओं की चरणों में कवि की सादर भेंट है. इस कविता में एक माँ के आत्मा की यात्रा स्वर्गलोक से ईह्लोक तक विभिन्न चरणों में दिखाई गई है . माँ के आत्मा की यात्र...
मासूम गंगा के सवाल (लघुकविता-संग्रह) शील कौशिक (1) समर्पण उन सभी प्रकृति प्रेमियों, पर्यावरण विद्वानों को जो प्रकृति को महसूसते हैं... जानते-समझते हैं और उसके प्रति कृतज्ञ हैं...
क्या है जिंदगी? (1) मुश्किले आसान होती अगर तेरा नाम जिंदगी होता जिंदगी क्या हैै ? बस ये जानने की एक कोशिश है समझने की एक इच्छा है उस इच्छा को पूरा करना और जीवंत होकर जीना ही तो है...
न था इंतज़ार कीसुका फ़िर भी उम्र भर इंतज़ार में रहें
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