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चांट फिरोजपुर की भूतिया हवेलीपीलीभीत शहर से लगभग दूर, पूरनपुर की तरफ जाने वाले र...
સાવ સવારથી આકાશમાં મઘમઘતી પ્રસન્નતા વ્યાપેલી હતી. શ્રાવણ માસની પૂનમ એટલે ભાઈ-બ...
भाग तीन: समय का इम्तिहान और दूरियों का सायाकहानी में मोड़ तब आया जब कॉलेज का आखि...
एक विचित्र डायरीलेखक: विजय शर्मा एरी(लगभग २००० शब्द)१५ मार्च २०१९आज रात फिर वही...
भाग ७ — नौकरी का डरमिहिर कुछ पल तक बॉस के सामने चुप बैठा रहा।उसकी नजर सामने रखी...
### સમય સાથે બદલાયેલા સંબંધોની એક ઝાંખી:> લગ્ન પછી દેવાંશના સ્વભાવમાં મોટો બદલાવ...
बाबू राम किसी गाँव में एक प्राइमरी स्कूल के अध्यापक थे। उनका एक बेटा था मोहन। मो...
ભાગ ૩ — બાળકોનું ભવિષ્યરમેશભાઈએ એ રાત્રે બહુ વિચાર્યું હતું.બારીની બહાર અંધારું...
कभी-कभी भगवान स्वयं किसी जरूरतमंद के रूप में हमारे दरवाज़े पर आते हैं इंसान की...
ભાગ 9 — આદેશ“મેં.”નિષાના એ એક શબ્દે રૂમની હવા જાણે જામી ગઈ.આરવ તેની સામે જોઈ રહ્...
डोंबिवली स्टेशनच्या प्लॅटफॉर्म नंबर ३ वर सकाळी ९:१५ वाजता पाय ठेवायलाही जागा नव्हती. मध्य रेल्वेची ही सर्वात भयानक वेळ. प्लॅटफॉर्मवर उसळलेला तो मानवी समुद्र पाहून कोणाही नवख्या माण...
उत्तर प्रदेश की वो सर्द रात और दिल में सुलगती नफरत... इकबाल राज के लिए अब अपना कहने को कुछ भी नहीं बचा था। सगी पत्नी के धोखे ने उसे रातों-रात बेघर और 'लावारिस' कर दिया। शहर...
रात के ठीक 11:57 बजे थे। मुंबई शहर बारिश में डूबा हुआ था। अनिकेत अपनी कार पार्क करके अपार्टमेंट की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही उसने मुख्य दरवाज़ा खोला, उसकी नज़र ज़मीन पर पड़े एक सफ...
नागपूरच्या अभेद्य सेफ कॉर्पोरेशन मधील घड्याळ रात्रीचे अकराला पाच कमी असल्याची वेळ दाखवत होतं. वज्र द्विवेदी निघण्याच्या तयारीतच होता. तेवढ्यात फोन वाजला. पाच मिनिटे उशिरा जर फोन आल...
মুখার্জী বাড়িতে সারাক্ষণ যেন হৈচৈ চলছে। মেজভাই তপনবাবুর একমাত্র মেয়ে নীরার জন্য পাত্র খোঁজা শুরু হয়েছিল। এম এ পাশ করে বি এড পড়ছে নীরা, বাড়ির সবার আদরের তুলি। যৌথ পরিবারের হাওয...
दोपहर के तीन बज रहे थे। जून की इस चुभती हुई गर्मी में ऐसा लग रहा था मानो आसमान से आग बरस रही हो। दुकान इतनी छोटी थी कि वहां ढंग से खड़े होने की भी जगह नहीं थी, ऊपर से पुरानी किताबो...
क्या होगा जब दुनिया को एक महामारी से बचाने निकला एक डॉक्टर परिवार, एक ऐसे प्रतिबंधित जंगल में कदम रखेगा जहाँ साठ सालों से किसी इंसान का जाना मना है? 'ब्लैक ज़ोन: द लॉस्ट वर्...
** कुछ अधूरी कहानियाँ कभी पीछा नहीं छोड़तीं। ## **अध्याय 1: पुराना ठिकाना और नई शुरुआत** अमित ने भारी सूटकेस को जमीन पर रखा और गहरी सांस ली। कमरा छोटा था, लेकिन उसकी खिड़की स...
अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...
भर धाव रस्त्यावर ती बेधुंद धावत चाललेली आहे आणि दोन गुंड तिचा सारखा पाठलाग करत आहेत. ती धावता धावता एका इमारतीत शिरते आणि जाऊन एका ठिकाणी लपून जाते. तिचा पाठोपाठ ते गुंड सुद्धा त्य...
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