Best Women Focused Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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  • ज़ख्मों की शादी - 12

    Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आव...

सपनों की डोली। - 5 By softrebel

__मौन के पार से आई खबर___बच्चों के मन में उत्पन्न सवालों को नारायणी अक्सर इधर उधर की बातें कर टालने का प्रयास करती।नारायण के बिन पहले कुछ दिन बीते, फिर सप्ताह और महीने...धीरे-धीरे...

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ममता ...एक अनुभूति... - 3 By kalpita

केशव वैसे ही अपनी परेशानी से जूझ रहा था उस पर यह लड़की उसकी समझ से बाहर थी।दिल तो भावनात्मक रूप से लड़की और बच्चे के साथ जुड़ रहा था पर दिमाग साथ देने से मना कर रहा था।दरभंगा स्टेश...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 39 By Jyoti Prajapati

भूपेंद्र ने एलिमनी चुकाने के लिए बैंक से लोन लेना चाहा, लेकिन उसे लोन नहीं मिला क्योंकि उसके पुराने लोन की किस्तें रुकी हुई थीं। पहले वंशिका अपनी कमाई से आधी किस्त भरती थी, तो भूपे...

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સ્ત્રી અને સમાજ આધુનિક યુગ ની સંઘર્ષ ગાથા - 4 By Komal L

Chapter 4 લગ્ન અને સ્વતંત્રતા(આજની ભારતીય યુવતીના જીવનમાં બે સૌથી મોટા પડકાર અને તેમની વચ્ચેનું સંતુલન)  ભારતીય સમાજમાં લગ્ન અને સ્વતંત્રતા એકબીજાના વિરુદ્ધ ખડા થઈને ઊભા છે. લગ્ન,...

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चण्डी-दल By कमल चोपड़ा

चण्डी-दलकमल चोपड़ा​बंसी पानवाले से लेकर अमर टेलर तक और शामलाल सब्जीवाले की रेहड़ी से कमेटी के नल तक लोकपुरी में एक ही चर्चा थी—कल रात को दो-तीन औरतों ने रामरतन को बुरी तरह धुन के रख...

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दोष बताओ By कमल चोपड़ा

​दोष बताओकमल चोपड़ा​पति के माथे पर बल पड़ गये थे, "महिलाएँ तो हमारे ऑफिस में भी हैं। छेड़ना तो दूर उनसे मजाक करने की भी हिम्मत कोई नहीं कर सकता। जो ज्यादा चालू हो... चालाक बने या न...

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त्रिशा... - 46 By palvisha

धीरे धीरे ऐसे ही चार साल बीत गए। इन चार सालों में राजन और त्रिशा के जीवन में बहुत कुछ बदला। जैसे त्रिशा अब अपनी बेटी के लिए जीने मारने लगी थी और राजन की आदत दिन पर दिन उसका जीवन दु...

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त्या तिघीजणी (गूढ कथा) By Balkrishna Rane

त्या तिघीजणी - ( विलक्षण गूढ कथा)      मी माझ्या पुरातन वस्तूंच्या संग्रहालयात बसलो होतो.मी पुरातत्व विभागाची पदवी घेतली आहे.इतिहास संशोधनाची आवड मला कधीच स्वस्थ बसू देत नाही.मी वे...

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पति परमेश्वर ऐप। By Jeetendra

आजकल विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है। उसने चाँद पर बसने के रास्ते खोज लिए हैं। इंसान ने ऐसी मशीनें बना ली हैं जो पलक झपकते ही सारा काम कर देती हैं। लेकिन भारतीय पति के दिमाग को समझ...

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मुजरिम By कमल चोपड़ा

​मुजरिमकमल चोपड़ा​शोर-शराबा तो ऐसे मचा था जैसे कोई जीता-जागता आतंक गाँव में घुस आया हो, अपना-अपना काम वहीं छोड़कर बच्चे-बूढ़े बाहर निकल पड़े थे, देखा तो सामने से एक अधबूढ़ा-सा आदमी च...

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संस्कारों की डिग्री। By Jeetendra

शहर के मुख्य चौराहे पर एक बहुत बड़ा होर्डिंग लगा था। उस पर लिखा था कि अब लड़कियों को भटकने की जरूरत नहीं है। परम पावन भारतीय संस्कार यूनिवर्सिटी खुल चुकी है। यहाँ डिग्री केवल पढ़ाई की...

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भारतीय नारी : सृष्टि की उद्घाता By prem chand hembram

भारतीय नारी: सृष्टि, संस्कार और संतुलन की आधारशिलाभारत की पुण्यभूमि पर नारी को सदैव “माँ” का सर्वोच्च स्थान दिया गया है।जिस प्रकार यह धरती सम्पूर्ण सृष्टि की जननी है, उसी प्रकार एक...

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टूटा-सा कोई दरवाजा By कमल चोपड़ा

​टूटा-सा कोई दरवाजा​रात काफी हो गयी थी। आसपास की झुग्गियों से खड़कते हुए बरतनों, बिलबिलाते हुए बच्चों, कलपती हुई बुढ़ियों, खाँसते-खँखारते हुए बूढ़ों, झींकती हुई स्त्रियों और शराब के...

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लड़की की लिमिट। By Jeetendra

हमारे मोहल्ले में हर घर के दरवाजे पर एक अदृश्य लक्ष्मण रेखा खिंची होती है। इसे सिर्फ लड़कियां ही देख पाती हैं। दयाशंकर जी इस रेखा के सबसे बड़े और निष्ठावान चौकीदार हैं। उनकी बेटी ग...

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Between truth and lies By Alok Mishra

       Between Truth and LiesUma was married, around thirty-eight years old. A free-spirited woman. Her husband worked out of town and visited only occasionally each month. In trut...

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వైజయంతి మాల By Bk swan and lotus translators

భారతీయ చలనచిత్ర రంగంలో "నృత్య సామ్రాజ్ఞి"గా పేరుగాంచిన వైజయంతి మాల గారి సమగ్ర జీవిత విశేషాలు ఇక్కడ ఉన్నాయి:ప్రారంభ జీవితం మరియు నేపథ్యం * జననం: వైజయంతి మాల 1936, ఆగస్టు 13న మద్రాసు...

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સાવકી માં - 3 By Nirali Ahir

વીણા ની વાતો સાંભળી ગીતા બેન શાંત થઈ જતા પરંતુ અંદર ના વમળો ને શાંત ના કરી શકતા.     અમન જે ઓફિસમાં કામ કરતો એજ ઓફિસ માં એનો એક મિત્ર દેવ પણ કામ કરતો બન્ને વચ્ચે સારી એવી મિત્રતા હ...

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દીકરીનું ઘર By Aadarsh Solanki

ભારે હૃદયે દરિયા-સા આંસુ સારતી આદ્યા હાથમાં મોટી સુટકેશ અને હૈયામાં અસંખ્ય શૂળ લઈ બસસ્ટેશને બસની રાહ જોતી ઊભી હતી. બસને આવવાની હજી વાર હતી. પ્લેટફોર્મ પર જ ઉભી રહીને તે કોઈ ઊંડા વે...

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ज़ख्मों की शादी - 12 By Sonam Brijwasi

Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आवाज़ काँप रही थी, आँखें झुकी हुई थीं।सृष्टि  बोली - क… कबीर जी… मैं… मैं प्रेग्नेंट हूँ।कमरे में सन्न...

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150 रुपये की कीमत By Raju kumar Chaudhary

तिजोरी का सचज़रूरी काम निपटाने के लिए मैंने जल्दी से अपनी तिजोरी की ओर कदम बढ़ाए।मेरे मन में एक ही डर था  कहीं अनीता गुस्से में तिजोरी तोड़कर सारा सोना लेकर तो नहीं चली गई?हाथ काँप...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 17 By Sonam Brijwasi

तीनों हंसते-हंसते थक चुके हैं। Shreya के गाल लाल हो चुके हैं, Kabir और Karan दोनों पसीना पोंछते हुए उसे देख रहे हैं।Kabir (थोड़ा बेबी-सा मुंह बनाते हुए) बोला - बस… मैं थक गया हूं…...

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हथकड़ी - 3 By Ashish Bagerwal

हीरालाल जी जब गोदाम पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके स्वप्न में जो नज़ारा था, गोदाम में वैसा कुछ भी नहीं था। एक बल्ब प्रज्वलित हो रहा था जैसे कि अंधेरी रात में उम्मीद की किरण सवेरा...

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तिजोरी का सच By Raju kumar Chaudhary

मैं अपनी पत्नी को हर रोज़ 150 रुपये बचाने के लिए बाज़ार ले जाता था, तिजोरी खोलने के तीन साल बाद... राज़ जानकर मैं अवाक रह गया।मेरा नाम राकेश है, मैं लखनऊ में रहता हूँ। शादी से पहले...

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સમાજમાં સ્ત્રી વિષય ની વાતો By mamta

અત્યારે હાલમાં સમાજમાં એવી ઘણી વાતો છે જે આપણે સમજી નથી શકતા જે કહી નથી શકતા સમાજમાં ઘણા એવા લોકો હોય છે જે ઘણાને ટીકા મજાક કે તેને નાના માણસો કહીને ઠુકરાવે છે શું એ સમાજ બરોબર છે...

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सपनों की डोली। - 5 By softrebel

__मौन के पार से आई खबर___बच्चों के मन में उत्पन्न सवालों को नारायणी अक्सर इधर उधर की बातें कर टालने का प्रयास करती।नारायण के बिन पहले कुछ दिन बीते, फिर सप्ताह और महीने...धीरे-धीरे...

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ममता ...एक अनुभूति... - 3 By kalpita

केशव वैसे ही अपनी परेशानी से जूझ रहा था उस पर यह लड़की उसकी समझ से बाहर थी।दिल तो भावनात्मक रूप से लड़की और बच्चे के साथ जुड़ रहा था पर दिमाग साथ देने से मना कर रहा था।दरभंगा स्टेश...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 39 By Jyoti Prajapati

भूपेंद्र ने एलिमनी चुकाने के लिए बैंक से लोन लेना चाहा, लेकिन उसे लोन नहीं मिला क्योंकि उसके पुराने लोन की किस्तें रुकी हुई थीं। पहले वंशिका अपनी कमाई से आधी किस्त भरती थी, तो भूपे...

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સ્ત્રી અને સમાજ આધુનિક યુગ ની સંઘર્ષ ગાથા - 4 By Komal L

Chapter 4 લગ્ન અને સ્વતંત્રતા(આજની ભારતીય યુવતીના જીવનમાં બે સૌથી મોટા પડકાર અને તેમની વચ્ચેનું સંતુલન)  ભારતીય સમાજમાં લગ્ન અને સ્વતંત્રતા એકબીજાના વિરુદ્ધ ખડા થઈને ઊભા છે. લગ્ન,...

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चण्डी-दल By कमल चोपड़ा

चण्डी-दलकमल चोपड़ा​बंसी पानवाले से लेकर अमर टेलर तक और शामलाल सब्जीवाले की रेहड़ी से कमेटी के नल तक लोकपुरी में एक ही चर्चा थी—कल रात को दो-तीन औरतों ने रामरतन को बुरी तरह धुन के रख...

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दोष बताओ By कमल चोपड़ा

​दोष बताओकमल चोपड़ा​पति के माथे पर बल पड़ गये थे, "महिलाएँ तो हमारे ऑफिस में भी हैं। छेड़ना तो दूर उनसे मजाक करने की भी हिम्मत कोई नहीं कर सकता। जो ज्यादा चालू हो... चालाक बने या न...

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त्रिशा... - 46 By palvisha

धीरे धीरे ऐसे ही चार साल बीत गए। इन चार सालों में राजन और त्रिशा के जीवन में बहुत कुछ बदला। जैसे त्रिशा अब अपनी बेटी के लिए जीने मारने लगी थी और राजन की आदत दिन पर दिन उसका जीवन दु...

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त्या तिघीजणी (गूढ कथा) By Balkrishna Rane

त्या तिघीजणी - ( विलक्षण गूढ कथा)      मी माझ्या पुरातन वस्तूंच्या संग्रहालयात बसलो होतो.मी पुरातत्व विभागाची पदवी घेतली आहे.इतिहास संशोधनाची आवड मला कधीच स्वस्थ बसू देत नाही.मी वे...

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पति परमेश्वर ऐप। By Jeetendra

आजकल विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है। उसने चाँद पर बसने के रास्ते खोज लिए हैं। इंसान ने ऐसी मशीनें बना ली हैं जो पलक झपकते ही सारा काम कर देती हैं। लेकिन भारतीय पति के दिमाग को समझ...

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मुजरिम By कमल चोपड़ा

​मुजरिमकमल चोपड़ा​शोर-शराबा तो ऐसे मचा था जैसे कोई जीता-जागता आतंक गाँव में घुस आया हो, अपना-अपना काम वहीं छोड़कर बच्चे-बूढ़े बाहर निकल पड़े थे, देखा तो सामने से एक अधबूढ़ा-सा आदमी च...

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संस्कारों की डिग्री। By Jeetendra

शहर के मुख्य चौराहे पर एक बहुत बड़ा होर्डिंग लगा था। उस पर लिखा था कि अब लड़कियों को भटकने की जरूरत नहीं है। परम पावन भारतीय संस्कार यूनिवर्सिटी खुल चुकी है। यहाँ डिग्री केवल पढ़ाई की...

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भारतीय नारी : सृष्टि की उद्घाता By prem chand hembram

भारतीय नारी: सृष्टि, संस्कार और संतुलन की आधारशिलाभारत की पुण्यभूमि पर नारी को सदैव “माँ” का सर्वोच्च स्थान दिया गया है।जिस प्रकार यह धरती सम्पूर्ण सृष्टि की जननी है, उसी प्रकार एक...

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टूटा-सा कोई दरवाजा By कमल चोपड़ा

​टूटा-सा कोई दरवाजा​रात काफी हो गयी थी। आसपास की झुग्गियों से खड़कते हुए बरतनों, बिलबिलाते हुए बच्चों, कलपती हुई बुढ़ियों, खाँसते-खँखारते हुए बूढ़ों, झींकती हुई स्त्रियों और शराब के...

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लड़की की लिमिट। By Jeetendra

हमारे मोहल्ले में हर घर के दरवाजे पर एक अदृश्य लक्ष्मण रेखा खिंची होती है। इसे सिर्फ लड़कियां ही देख पाती हैं। दयाशंकर जी इस रेखा के सबसे बड़े और निष्ठावान चौकीदार हैं। उनकी बेटी ग...

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Between truth and lies By Alok Mishra

       Between Truth and LiesUma was married, around thirty-eight years old. A free-spirited woman. Her husband worked out of town and visited only occasionally each month. In trut...

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వైజయంతి మాల By Bk swan and lotus translators

భారతీయ చలనచిత్ర రంగంలో "నృత్య సామ్రాజ్ఞి"గా పేరుగాంచిన వైజయంతి మాల గారి సమగ్ర జీవిత విశేషాలు ఇక్కడ ఉన్నాయి:ప్రారంభ జీవితం మరియు నేపథ్యం * జననం: వైజయంతి మాల 1936, ఆగస్టు 13న మద్రాసు...

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સાવકી માં - 3 By Nirali Ahir

વીણા ની વાતો સાંભળી ગીતા બેન શાંત થઈ જતા પરંતુ અંદર ના વમળો ને શાંત ના કરી શકતા.     અમન જે ઓફિસમાં કામ કરતો એજ ઓફિસ માં એનો એક મિત્ર દેવ પણ કામ કરતો બન્ને વચ્ચે સારી એવી મિત્રતા હ...

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દીકરીનું ઘર By Aadarsh Solanki

ભારે હૃદયે દરિયા-સા આંસુ સારતી આદ્યા હાથમાં મોટી સુટકેશ અને હૈયામાં અસંખ્ય શૂળ લઈ બસસ્ટેશને બસની રાહ જોતી ઊભી હતી. બસને આવવાની હજી વાર હતી. પ્લેટફોર્મ પર જ ઉભી રહીને તે કોઈ ઊંડા વે...

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ज़ख्मों की शादी - 12 By Sonam Brijwasi

Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आवाज़ काँप रही थी, आँखें झुकी हुई थीं।सृष्टि  बोली - क… कबीर जी… मैं… मैं प्रेग्नेंट हूँ।कमरे में सन्न...

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150 रुपये की कीमत By Raju kumar Chaudhary

तिजोरी का सचज़रूरी काम निपटाने के लिए मैंने जल्दी से अपनी तिजोरी की ओर कदम बढ़ाए।मेरे मन में एक ही डर था  कहीं अनीता गुस्से में तिजोरी तोड़कर सारा सोना लेकर तो नहीं चली गई?हाथ काँप...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 17 By Sonam Brijwasi

तीनों हंसते-हंसते थक चुके हैं। Shreya के गाल लाल हो चुके हैं, Kabir और Karan दोनों पसीना पोंछते हुए उसे देख रहे हैं।Kabir (थोड़ा बेबी-सा मुंह बनाते हुए) बोला - बस… मैं थक गया हूं…...

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हथकड़ी - 3 By Ashish Bagerwal

हीरालाल जी जब गोदाम पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके स्वप्न में जो नज़ारा था, गोदाम में वैसा कुछ भी नहीं था। एक बल्ब प्रज्वलित हो रहा था जैसे कि अंधेरी रात में उम्मीद की किरण सवेरा...

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तिजोरी का सच By Raju kumar Chaudhary

मैं अपनी पत्नी को हर रोज़ 150 रुपये बचाने के लिए बाज़ार ले जाता था, तिजोरी खोलने के तीन साल बाद... राज़ जानकर मैं अवाक रह गया।मेरा नाम राकेश है, मैं लखनऊ में रहता हूँ। शादी से पहले...

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સમાજમાં સ્ત્રી વિષય ની વાતો By mamta

અત્યારે હાલમાં સમાજમાં એવી ઘણી વાતો છે જે આપણે સમજી નથી શકતા જે કહી નથી શકતા સમાજમાં ઘણા એવા લોકો હોય છે જે ઘણાને ટીકા મજાક કે તેને નાના માણસો કહીને ઠુકરાવે છે શું એ સમાજ બરોબર છે...

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