Books and Novels are free to read and download

You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.


Languages
Categories
Featured Books

Beginning of My Love By My imaginary world

बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है…
वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था।
छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...

Read Free

राहें By shiromani mathur

एक कर्तव्य ऐसा भी

स्वामी हरि प्रपन्नाचार्य हरिद्वार में वैष्णव सम्प्रदाय के प्रसिद्ध व
तपस्वी आचार्य थे । उनके प्रसिद्ध राधा स्वामी आश्रम तीर्थयात्रियों
व भक्तों के ठहरने व खा...

Read Free

11 ટાસ્ક્સ By Niyati Kapadia Nirjhar

ત્રીસ વરસની ઉંમર કેટલા વરસો પહેલા પસાર થઈ ગઈ એ યાદ કરવાનો પણ જેને ત્રાસ વરતાય એવા કોઈ કુંવારા યુવાનને આપ કદી મળ્યા છો? એની તકલીફ સમજવાનો પ્રયત્ન કર્યો છે?

આ નવલકથામાં આપનો...

Read Free

तेरी मेरी खामोशियां। By Mystic Quill

अम्मी! मेरा सफ़ेद दुपट्टा नहीं मिल रहा! नायरा ने कमरे से आवाज़ लगाई, तो रसोई से अम्मी की सधी हुई टोन आई— अरे! तेरी अलमारी में अगर कुछ मुक़ाम पर रखा होता, तो शायद तलाश ना करनी पड़ती...

Read Free

સનાતન ધર્મની વાતો By Siddharth Maniyar

આજના સમયમાં જે પ્રમાણે ટેકનોલોજીનો વિકાસ થઇ રહ્યો છે, તેટલી જ ઝડપથી માહિતીનું પણ આદાન પ્રદાન થઇ રહ્યું છે. એક સમયે એવો હતો કે, માહિતી સંતાડવી અને તેણે જાહેર થતી રોકવી ખુબ જ સહેલું...

Read Free

गीता आज के इंसान के लिए By Shivraj Bhokare

( ⚠️ पढ़ने से पहले ज़रूर जानें!

धार्मिक नहीं, तार्किक: यह किताब किसी धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान और व्यावहारिक जीवन जीने के विज्ञान पर आधारित है।

शैली...

Read Free

अमृत वाणी By Nitya Oswal

संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी हमें डरा रहे हैं या जीवन से निराश कर रहे हैं कि “जब अंत में मिट्टी ही होना है, तो मेहनत क्यों करें?” ल...

Read Free

पंखों का बोझ By Amardeep Kumar

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

Read Free

तुम मेरी आखिरी सांस हो By kajal jha

खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...

Read Free

डोंबिवली फास्ट कोड ६० By Siddhesh Chaudhari

डोंबिवली स्टेशनच्या प्लॅटफॉर्म नंबर ३ वर सकाळी ९:१५ वाजता पाय ठेवायलाही जागा नव्हती. मध्य रेल्वेची ही सर्वात भयानक वेळ. प्लॅटफॉर्मवर उसळलेला तो मानवी समुद्र पाहून कोणाही नवख्या माण...

Read Free

Beginning of My Love By My imaginary world

बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है…
वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था।
छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...

Read Free

राहें By shiromani mathur

एक कर्तव्य ऐसा भी

स्वामी हरि प्रपन्नाचार्य हरिद्वार में वैष्णव सम्प्रदाय के प्रसिद्ध व
तपस्वी आचार्य थे । उनके प्रसिद्ध राधा स्वामी आश्रम तीर्थयात्रियों
व भक्तों के ठहरने व खा...

Read Free

11 ટાસ્ક્સ By Niyati Kapadia Nirjhar

ત્રીસ વરસની ઉંમર કેટલા વરસો પહેલા પસાર થઈ ગઈ એ યાદ કરવાનો પણ જેને ત્રાસ વરતાય એવા કોઈ કુંવારા યુવાનને આપ કદી મળ્યા છો? એની તકલીફ સમજવાનો પ્રયત્ન કર્યો છે?

આ નવલકથામાં આપનો...

Read Free

तेरी मेरी खामोशियां। By Mystic Quill

अम्मी! मेरा सफ़ेद दुपट्टा नहीं मिल रहा! नायरा ने कमरे से आवाज़ लगाई, तो रसोई से अम्मी की सधी हुई टोन आई— अरे! तेरी अलमारी में अगर कुछ मुक़ाम पर रखा होता, तो शायद तलाश ना करनी पड़ती...

Read Free

સનાતન ધર્મની વાતો By Siddharth Maniyar

આજના સમયમાં જે પ્રમાણે ટેકનોલોજીનો વિકાસ થઇ રહ્યો છે, તેટલી જ ઝડપથી માહિતીનું પણ આદાન પ્રદાન થઇ રહ્યું છે. એક સમયે એવો હતો કે, માહિતી સંતાડવી અને તેણે જાહેર થતી રોકવી ખુબ જ સહેલું...

Read Free

गीता आज के इंसान के लिए By Shivraj Bhokare

( ⚠️ पढ़ने से पहले ज़रूर जानें!

धार्मिक नहीं, तार्किक: यह किताब किसी धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान और व्यावहारिक जीवन जीने के विज्ञान पर आधारित है।

शैली...

Read Free

अमृत वाणी By Nitya Oswal

संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी हमें डरा रहे हैं या जीवन से निराश कर रहे हैं कि “जब अंत में मिट्टी ही होना है, तो मेहनत क्यों करें?” ल...

Read Free

पंखों का बोझ By Amardeep Kumar

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

Read Free

तुम मेरी आखिरी सांस हो By kajal jha

खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...

Read Free

डोंबिवली फास्ट कोड ६० By Siddhesh Chaudhari

डोंबिवली स्टेशनच्या प्लॅटफॉर्म नंबर ३ वर सकाळी ९:१५ वाजता पाय ठेवायलाही जागा नव्हती. मध्य रेल्वेची ही सर्वात भयानक वेळ. प्लॅटफॉर्मवर उसळलेला तो मानवी समुद्र पाहून कोणाही नवख्या माण...

Read Free