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नियति - 1

शिखा की सबसे प्रिय सखी दीपा उसे बार-बार अपनी बहन रिया की शादी के लिए इंदौर चलने का आग्रह कर रही थी । शिखा जानती थी अगर विवाह समारोह भोपाल में होता तो उसकी मां कभी इनकार नहीं करती ...Read More

नियति - 2

जिस कमरे में शिखा और दीपा ठहरे थे वह रोहन का ही था। अलमारियों में ताला नहीं लगा था, सामान करीने से लगा हुआ था । दीपा को नींद नहीं आ रही थी वह आंखे बंद करके लेटी हुई थी ...Read More

नियति - 3

शिखा को नहीं पता वह कैसे सूटकेस लेकर कमरे से बाहर आई । घर में सन्नाटा था रिया को विदा करके सब बेसुध सो रहे थे । वह चुपचाप घर से बाहर निकल गई । ठंडी ठंडी हवा शरीर को चुभ ...Read More

नियति - 4

शिखा के घर के दरवाजे के आगे तीन चार सीढ़ियां थी । दीपा उन्हीं पर बैठकर सुबकने लगी, रोहन सकते में था। कुछ पल खड़ा रहा है फिर तेज कदमों से चलता हुआ निकट के रखे गमले को ठोकर मारता ...Read More

नियति - 5

डॉक्टर की बात सुनकर दीपा सन्न रह गई, उसे अपने कानों पर विश्वास ही नहीं हुआ। यह होना और शेष रह गया था। अब आगे क्या होगा, कैसे होगा, उसकी समझ में नहीं आ रहा था‌। वह अगर फोन ...Read More

नियति - 6

दीपा जब शिखा के कमरे में पहुंची तो शिखा सो रही थी। दीपा ने उसे उठाया और बताया कि रोहन और सुषमा मासी आए हुए हैं । शिखा को सुनकर आश्चर्य हुआ। दीपा ने आगे बताया कि शालिनी उसकी और ...Read More

नियति - 7

गृह प्रवेश करते हुए शिखा का दिल कच्चा सा हो रहा था । जल्दबाजी में सिलाए गए ब्लाउज में वह बहुत असहज महसूस कर रही थी। साड़ी भी बहुत भारी थी, एक तो साड़ी पहने की आदत नहीं और ...Read More

नियति - 8

रोहन के अनुपस्थिति में शालिनी का कार्यक्रम बेटी के घर ठहरने का था। वैसे तो शांति और सेवक राम चौबीस घंटे घर में ही रहते थे । उनके कमरे घर के पीछे बने हुए थे । लेकिन शादी के बाद ...Read More

नियति - 9

प्रातः कार्यालय जाने के लिए रोहन तैयार हो रहा था। तीन दिन पहले शिखा को डॉक्टर को दिखाया था। उन्होंने कहा था एक हफ्ते का समय अभी लग सकता है, लेकिन निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते। अब ...Read More

नियति - 10

इधर रोहन और शालिनी गाड़ी में बैठकर भोपाल के लिए रवाना हो गए थे । रास्ते में इधर-उधर की बातें करते रहे शालीनी ने अपने मन की बात कहीं, शिखा बहुत खुश है, सारा दिन सुषमा जी ...Read More

नियति - 11

शिखा आश्वस्त नहीं थी, वह रोहन के दिल को और टटोलना चाहती थी। लेकिन रोहन के होठ उसके गालों को चूमते हुए उसके कानों तक पहुंच रहे थे। उसकी बाहें कसती जा रही थी और शिखा का दिल अपना ...Read More