The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
Episode 20 I felt a connection with Suhani from a p...
मिलन की उत्कंठा: - "विराट कर्तव्य और गृहस्थ धर्म दोनों एक साथ भी तो निभाए जा सकत...
अध्याय 26: संकल्प की वापसीपहाड़ियों की उन ऊँचाइयों पर जहाँ हवा भी जम जाती है,...
ನ್ಯಾಯದ ಮಂದಿರ, ರಾತ್ರಿ 11:00 PMನಗರದ ಅತ್ಯಂತ ಭದ್ರತೆಯುಳ್ಳ 'ನ್ಯಾಯದ ಮಂದಿರ'ದಲ್ಲಿ...
नागलोक में आज असामान्य हलचल थी। काले आकाश में लाल बिजली चमक रही थी, और नाग-स्तंभ...
The air between them was thick with more than just the dust of battle; it was he...
Chapter 6: The Fable’s PastThe moment the Fruit of Compromise melted into the Ki...
⭐ एपिसोड 70 — “अंत जिसके बाद भी मोहब्बत बाकी रहे”रात के 12 बज रहे थे।शहर का पुरा...
यहाँ मैं आपके लिए एक मौलिक, विस्तृत और रोचक कहानी प्रस्तुत कर रहा हूँ। ये कैसा...
महाभारत की कहानी - भाग-१८२ मृतकों का संस्कार, कर्ण का जन्मरहस्य प्रकट और युधिष्ठ...
" મારી મા " સૌથી પહેલો પ્રેમનો અહેસાસ કરાવ્યો મારી "મા" એ સૂતી હું તેના ગર્ભમાં હતી ત્યારે.... ન હતી ખબર આટલી સુંદર હશે "મા"....!! ગાલ પર જ્યારે પપ્પી દેતી...
મારી કવિતા ... 01 01. મારી વહાલી બહેનાને ... !! ડગમગ ડગમગ ડગલાં ભરતી નાની મારી બહેન, તરસ લાગી તો કેરોસીન પી ગઈ મારી એ બહેન. ઈશ્વર ના ઉપકાર વશ બચી નાની મારી બહેન, જોત જોતામાં મોટી થ...
જીવન... મારી દ્રષ્ટિએ આ બુક મારી કવિતાઓ નો સંગ્રહ છે .બધી જ કવિતાઓ માં મેં આપણું એટલે કે લોકો નું અને આપણા જીવન નું (આજના...
1.तड़पतेरे इश्क ने ये हालत कैसी कर दी मेरी ये जालिम।दरबदर भटकते रहेते हम तुम्हें भूलने को रात दिन।हम तो मयखाने में भी जाते है तुम्हे भुलाने के लिए।कमबख्त शराब की हर एक बूंद में भी...
जीवन को स्वस्थ्य और समृद्ध बनाने वाली पावन ग्राम-स्थली जहां जीवन की सभी मूलभूत सुविधाऐं प्राप्त होती हैं, उस अंचल में आने का आग्रह इस कविता संगह ‘गांव की तलाश ’में किया गया है...
(काव्य संकलन) वेदराम प्रजापति‘ मनमस्त’ 1. सरस्वती बंदना (मॉं शारदे) मॉं शारदे! मृदु सार दे!!, सबके मनोरथ सार दै!!! झंकृत हो, मृदु वीणा मधुर, मॉं शारदे, वह प्यार दे।। अज्ञान त...
व्यंग्य की तेजधर उच्छंखल समाज की शल्य-क्रिया करने में समर्थ होती है। आज के दूषित वातावरण में यहाँ संवेदना मृत प्रायः हो रही है। केवल व्यंग्य पर ही मेरा विश्वास टिक पा रहा है कि कही...
दिल के दरवाज़े पे साँकल जो लगा रखी थी उसकी झिर्री से कभी ताक़ लिया करती थी वो जो परिंदों की गुटरगूं सुनाई देती थी उसकी आवाजों को ही माप लिया करती थी न जाने गुम सी हो गईं हैं ये...
श्री सुरेश पाण्डे सरस की कृति है। इस संग्रह की अधिकतर रचनायें (कवितायें) जिस धरती पर अंकुरित हुई हैं। उसे हम प्रेम की धरती कह सकते हैं यों भी कविता का विशेष कर ‘गीत’ का जन्म प्रे...
आज मानव संवेदनाओं का यह दौर बड़ा ही भयावह है। इस समय मानव त्राशदी चरम सीमा पर चल रही है। मानवता की गमगीनता चारों तरफ बोल रहीं है जहां मानव चिंतन उस विगत परिवेश को तलासता दिख रहा है,...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser