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कोई अप्सरा की भांति गजब का नूर थाउसके चहेरे मे! और उस नूरानी चहेरे ने खलिल के दिलो दीमाग मे एसी खलबली मचाई की आखिर उस नूरेनजर को अपनी नजरो का सुकून बना लिया ! रात काफी हो चुकी थी! अबतक खलिल ...Read More

उसकी जगह कोई और उसके खुबसुरत बदन को आज मजे से लूट रहा था। खलिल कितना बेबस था कि उस नजारे को देखने के अलावा वो कुछ कर भी तो नहीं सकता था। वो सारी रात करवटे बदलता रहा। गुलशन ...Read More

खलिल का दिल भी जैसे उससे बगावत पर उतर आया था! भीतर उठे जंजावात को दबोच कर खलिल बाहर निकला! अब्बा के रुम के स्नानागार में घूसकर खलिल ने स्नान किया! दबे पाँव वहाँ से निकल रहा था तो सुलतान ने ...Read More

उस दीन बडी जोरो से बारिश हो रही थी रुकने का नाम नहीं ! बारिश में भीगना गुलशन को ठीक नही लगता था वो चिपके से बरामदे में बैठकर मनहर उधास की गजले सून रही थी ! कि तभी उसके मोबाइल ...Read More

अपनी बेड पर गुलशन बीलकूल निर्वस्त्र पडी थी! उसके दोनो हाथ किसीने जकड रखे हो ईस तरह उपर की और फैले हूये थे! दोनो पैर भी विरुध्ध दिशा मे फैले थे और उन पैरो मे हल्की हल्की हिलचाल थी! गुलशन दर्द से ...Read More

वरना तेरा भी हश्र यही होगा..! बोल करेगी ना पूरी मेरे दिल की तमन्ना.. उसके बोलने का तरीका सपाट और ईतना सख्त था की वो मना नही कर पाई उसने अपनी मूडीं हिलाई। वह अपनी बेबसी पर रोने लगी थी! अब उसकी ...Read More

लेकिन प्रेम कहानी तो ईस हादसे से पहेले शूरू हो चूकिथी! जिसका जराभी अंदेशे से गुलशन की माँ अलिप्त थी! वैशाखी हवाओ का तपता हवामान शरीर को जला रहा था! गरमी का मोसम उसके लिए हमेशां त्रासदायक था! शहेरो के मुकाबले गांव का ...Read More

  अगले पार्टमे हमने देखा की जिन्नात गुलशन केपिता की हत्या कर देता है और गुलशन की माँ को डराधमकाकर अपनी बात मनवाने को राजी कर लेता है धर मे रोने का नाटक करके वो सबको यकिन दिलाती है ...Read More

जिन्नात गुलशन की अम्मी को बता रहा था!कि गुलशन कीसी लडके को जानती है जो उसे काफी पसंद करता है!"ठीक है मुजे लडके के पेरेन्टसे् भी मिलना होगा ना..? "तब जिन्नात ने जिक्र किया कीलडके की माँ तुम्हारे पास ...Read More

(अगले पार्ट मे हमने रुक्साना के बारे मे पढा..  जिसे स्कुल के पिछे बंद पडे खंडहर जैसे कमरे मे अपनी सहेलीयां के साथ जाने की वजह से जिन्नात उस पर हावी  हो जाता है...  असगर से ये बाते सुलतान ...Read More

      खलील घर लौटा!तब वो काफी परेशान था!घर में चौखट पर अम्मी चहल कदमी कर रही थी!खलील को देखते ही उनकी जान में जान आई !बोली- न जाने सब को क्या हुआ है जो मुझसे कोई बात ...Read More

बल्कि जब समझ में आता है कि कोई उससे इस कदर मोहब्बत करता है तो इंसान अपने मतलब के लिए उसे यूज़ करने तक की धृष्टता करता है ! आज जिया ने भी वही किया.! मगर अमन इस वक्त जिया के ...Read More

  श्याम का वक्त था..!सुल्तान के चेहरे पर 12:00 बजे हुए थे!उसे लग रहा था कि खलील की परेशानी का हल ढूंढ निकालेगा!मगर !उसकी यह सोच बचकानी साबित हुई थी.!खलील ने जब उसे आगाह करते हुए कहा! कि आप ...Read More

  बहोत ही शातिर दिमाग पाया था उसने..!गुलशन को उपर के एक कमरे मे धर दबोचा.!खलिल की अम्मीके  शरीर का सहारा लेकर सुलतान को ध्वस्त करने उसने अपनी चाल चली थी!एन वक्त पर खलिल के सामने सुलतान प्रकट न ...Read More

लखनपुर आते ही हम आपको नींद से जगा देंगे..! उसने अपनी समंदर से भी गहेरी आँखे अमन पर टीकाई..! पता है अमन.! हमारी लाईफ मे खलिल न होते तो हम आप पर जान कुरबान कर देते..! ...Read More

जिया का मन घृणा से भर गया था! दूर-दूर काले घने अंधेरे में वह पेड़ डरावना नजर आ रहा था!जिस पर एक लंबी पंखों वाला बडा पक्षी बैठने की नाकाम कोशिश कर रहा था!क्योंकि वृक्ष पर कुछ था जो ...Read More