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मानव भेड़ियाँ और रोहिणी By Sonali Rawat

अब मुझे ठीक से तो याद नहीं कि बात कितनी पुरानी हैं, पर जो कुछ हुआ वो एक एक बात आज भी ज़ेहन में अपना घर बनाए बैठी हैं ।

हम चार लोगों ने मिलकर पहाड़ की ठंडी वादियों के नजदीक पिकनिक...

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सिर्फ तुम.. By Sarita Sharma

सिर्फ तुम... यकीन नहीं होता कभी हम मिले थे कुछ तुम दर्द में थे, कुछ हमें भी गिले थे.. ये अधूरा इश्क़ कब पूरा सा हुआ, कब अधूरी सी ज़िन्दगी पूरी सी हुई.. ये बेदर्द सी खुशियां, इतनी हसी...

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असमर्थों का बल समर्थ रामदास By ՏᎪᎠᎻᎪᏙᏆ ՏOΝᎪᎡᏦᎪᎡ ⸙

युगों-युगों से पृथ्वी पर महापुरुषों का आगमन होता आया है। उनके द्वारा ज्ञान, ध्यान, निःस्वार्थ प्रेम और भक्ति से वर्तमान समाज की पात्रता बढ़ाने का कार्य निरंतरता से चलते आया है। समाज...

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पथरीले कंटीले रास्ते By Sneh Goswami

दोपहर के तीन बज रहे थे। सूर्य का तेज मध्यम हो चला था। पर सड़कों पर अभी लोगों का आना जाना न के बराबर है। कोई कोई व्यक्ति किसी मजबूरी के चलते ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखा पा रहा था।...

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भारत के मशहूर समुद्री तट By Vinay kuma singh

भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां समुद्र की हजारों किलोमीटर की तट रेखा है। भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा विशाल प्रायद्वीप है और इसका समुद्र तट लम्बा है जो 7500 किलोमीटर से अधिक फैला...

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राज घराने की दावत..... By puja

अजगर करे ना चाकरी,पंछी करे न काम,दास मलूका कह गए,सबके दाता राम.....

सेठ मतकू राम अंदर आते हुए अपने पेट पर हाथ फेरते हुए यह कहता है..

तभी अंदर से आवाज आती है कोई नई ताजी खबर...

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देखो भारत की तस्वीर By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

जीवन अनुनादों के संग में,धर्म धरा पर,पावन धरती।

नद-नादी संगीत सुभेरी,जीवन को अल्हादित करती।

थोड़ा सा अवलोकन कर लो,यहाँ पर आकर मेरे भाई।

भारत को ही स्वर्ग बनाती,पंचमहल की प...

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पहली रात की सुहागरात By Sujata Sood

"ये चौथी लाश है इस महीने की..."

पुराने कुएं के पास खड़े ठाकुर राजवीर की आँखों में डर साफ़ झलक रहा था। गांव वाले इकट्ठा थे—हर चेहरा सहमा हुआ, जैसे अब किसी को बोलने की हिम...

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अनैतिक By suraj sharma

आज लॉकडॉउन खुलने के एक महीने बाद या फिर कहूँ की ६ महीने बाद मै अपनी कर्मभूमि जर्मनी जा रहा हूँ, वैसे इस जर्मनी ने मुझे बहोत कुछ दिया है. नाम, पैसा, प्यार, दोस्त और गाँव...

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महिला डॉक्टर दोस्ती और रहस्य By Abhishek Chaturvedi

डॉ. निधि शर्मा एक सफल और सम्मानित डॉक्टर थीं। वह शहर के एक बड़े अस्पताल में कार्यरत थीं और अपने पेशे में बहुत नाम कमा चुकी थीं। अपनी विशेषज्ञता और सुंदरता के लिए जानी जाने वाली निध...

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रंग बदलता आदमी बदनाम गिरगिट By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

आज के परिवेश की,धरती की आकुलता और व्यवस्था को लेकर आ रहा है एक नवीन काव्य संकलन ‘रंग बदलता आदमी- बदनाम गिरगिट’-अपने दर्दीले ह्रदय उद्वेलनों की मर्मान्तक पीड़ा को,आपके चिंतन आँगन मे...

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रघुवन की कहानियां By Sandeep Shrivastava

रघुवन में ऊँचे ऊँचे पेड़ों पर मधुमक्खी के छत्ते लगे हुए थे मधुमक्खियों का दल दिन भर फूलों से रस चूसता और अपने छत्ते में जाके शहद बनाता जब शहद से छत्ता भर जाता तो वो उसको अपने दोस...

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पागल By Brijmohan sharma

वह l लगातार स्वयं से बातें करते हुए अपने तीन मंजिले मकान में बड़ी फुर्ती से ऊपर नीचे चढ़ता उतरता रहता I

वह अपने रास्ते में आने वाली हर सजीव व निर्जीव वस्तु से इशारे करके उसकी खैरि...

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फिर मिलेंगे... कहानी - एक महामारी से लॉक डाउन तक By Sarvesh Saxena

मोबाइल की घंटी कब से बजे जा रही थी, मोहित हाथ धोते हुए अपने आप से बोला, “अरे भाई बस आया..” | मोबाइल उठाते ही उधर से आवाज आई, “अबे कहां रहता है तू ? कब से फोन कर रहा हूं ..” मोहित -...

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दरिंदा By Ratna Pandey

प्रिया के घर के सामने वाले खाली घर में महीनों से सन्नाटा पसरा था। उस घर के आँगन में धूल से नहाये हुए पत्ते, हवा के साथ यहाँ से वहाँ उड़ते नज़र आते थे। जगह-जगह पत्तों के छोटे-छोटे ढ...

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दृष्टिकोण By ADRIL

An intelligent person will open your mind, but a gentle person will open your heart." - मेने कही सुना था... और मेरा सवाल है की "बनना ही है हम  intelligent gentleman क्यू ना...

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RUBI (The A.I. Effect) By Bhumesh Kamdi

(Door Knock) सुरेंद्र जी क्या कर रहे हो..? जल्दी कीजिए आपको ऊपर बुलाया है।  बस एक मैसेज भेज दू (Mobile Tick)   (Automate Voice)... ( massage received ) Private helicopter Robinson...

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उफ्फ ये मुसीबतें By Huriya siddiqui

हम सब बहोत आम है बेहद आम दरअसल कहा जाए तो हम आम जनता हैकभी कभी तो आम खाने के भी लाले पड़ जाते हैं अरे बात बजट की आ जाती है और कभी कभी बिन बुलाए मेहमान भी आ जाते हैं जिसके चलते अपने...

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हिंदी सतसई परंपरा By शैलेंद्र् बुधौलिया

रबंध और मुक्तक का स्वरूप

और विशेषताएं

काव्य में एक विशेष बन्ध- एक विशिष्ट पूर्वाक्रम - की दृष्टि से उसके दो भेद स्वीकार किए गए हैं -प्रबंध और मुक्तक!

प्रबंध काव्य की रचन...

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सौदों में बंदी जिंदगी By kajal jha

मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...

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फ़ैसला By Rajesh Shukla

जून का महीना। उफ! ऊपर से ये गरमी। रात हो या दिन दोनों में उमस जो कम होने का नाम नहीं ले रही थी। दिन की चिलचिलाती धूप की तपिस से रात को घर की दीवारें चूल्हें पर रखे हुए तवे की तरह म...

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पुस्तकें By DrPranava Bharti

ज़िंदगी की उलझनों के दिन-रात, शामें बँट जाती हैं शब्दों में, चुप्पी साधी नहीं जा सकती यदि कोई संवेदनशील हो --कसमसाते हुए दिनों की आहट उसे परेशान करती ही तो रहती है जब तक भावों का पु...

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आत्मज्ञान की यात्रा By atul nalavade

प्रश्नों और उत्तरों की इस श्रृंखला में, हम आत्मज्ञान के मार्ग को समझने की यात्रा पर निकलते हैं, जो वास्तविकता और स्वयं की वास्तविक प्रकृति के प्रति गहन जागृति की स्थिति है। गुरु के...

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अभिव्यक्ति.. By ADRIL

इज़ाज़त... आज मुझे ये शाम सजाने की इज़ाज़त दे दोदिल-ओ-जान तुम पर लुटानेकी इज़ाज़त दे दोमिले जो दर्द या मिले सुकून - कुबूल है हमेंकभी रिहा ना हो पाए वैसे क़ैद होनेकी इज़ाज़त दे दो क...

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भूत बंगला.... By Sanket Vyas Sk, ઈશારો

"मैं उस बंगले में कभी भी रहने नहीं जाऊँगी। मेरे साथ वहाँ पर बहुत ही बुरी और अविश्वसनीय घटना घटी जिस पर तुम विश्वास ही नहीं करोगें" घबराते हुए प्राची ने अपने पति चेतन क...

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पुनर्जन्म एक ध्रुव सत्य By Praveen Kumrawat

पालटेराजेस्ट फेमामेना, आडिटरी हेलसिनेशन, फिजीकल ट्रांसपोजीशन, द्विजिनरी एक्सपीरियेन्स, स्प्रितिपाजेशन प्रभृति वैज्ञानिक कसौटियों पर कसे गये घटनाक्रम एवं अनुभवों द्वारा आत्मा और शरी...

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वशीकारिणी By Pooja Singh

" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... "

जोरो से हॅसते हुए आवाज गूंजती है.... " सही पहचाना में तेरी इच्छा नहीं हूँ मै.. वो हूँ जो तू सोच भी नही...

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डेफोड़िल्स ! By DrPranava Bharti

डेफोड़िल्स ! - 1

तेरे झरने से पहले



समर्पित

नेह को, स्नेह को

डेफोड़िल्स ही क्यों ?

यह प्रश्न अवश्य मस्तिष्क में आया होगा दिलो-दिमाग को सताया होगा आख़िर जब इतने खूबस...

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हलचल By Darshika Humor

"तुम से वो थी , आज वो है अजनबी है लिखी जा चुकी बात ये है अनकही, दर्द से अलग हुई, खौंफ में दफन हुई, प्यार से रंगी जो थी खून से अलग हुई, बात वो हो चुकी इस जनम उस जनम, लौट कर आ रह...

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चन्देरी, झांसी-ओरछा और ग्वालियर की सैर By राज बोहरे

चन्देरी, झांसी-ओरछा और ग्वालियर की सैर यात्रा वृत्तांत...

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बेटी’ By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

‘दो शब्दों की अपनी राहें’’

मां के आँचल की छाँव में पलता, बढ़ता एक अनजाना बचपन(भ्रूण), जो कल का पौधा बनने की अपनी अनूठी लालसा लिए, एक नवीन काव्य संकलन-‘‘बेटी’’ के रूप में, अपन...

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वैंपायर अटैक By anirudh Singh

रोमानिया से आने वाली स्पेशल फ्लाइट नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर सुबह सुबह लैंड कर चुकी थी।

दरअसल हाल ही में दोनों देशों की सरकारो ने अपने अपने देशों की कुछ ऐतिहासिक विर...

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दुनिया का सबसे बड़ा चोर By Mister Rakesh

रात के घने अंधेरे में, जब दुनिया सो रही होती, एक रहस्यमयी शख्स जागता था। उसका नाम था **वरुण **—एक ऐसा चोर, जो सिर्फ एक शहर या देश में नहीं, बल्कि **एक दुनिया से दूसरी दुनिया में चो...

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निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा .. By Anandvardhan Ojha

[मित्रो, ये चर्चाएं कई किस्तों में पूरी होंगी और क्रमशः एक उपन्यास की शक्ल अख्तियार कर लेंगी शायद। आप इन्हें किस्तों में पढ़ते जाने का अवकाश निकालेंगे तो मुझे प्रसन्नता होगी। ये चर्...

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THEY SAID IT By CHHATRA PAL VERMA

रीतिकालीन दरबारी कवि “बिहारी” ने शृंगार रस से ओत-प्रोत सात सौ दोहों की रचना की थी, जिसे “बिहारी सतसई” नाम से जाना जाता है, जिसके बारे में लोकगाथा है-

‘सतसैया के दोहरे, ज्यों नाव...

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Bunch of Stories By Devaki Singh

राहुल और अंकिता बहुत ही खुशहाल दंपति थे। दोनों ही मल्टी नैशनल कंपनी में काम करते थे।

अंकिता अपने ऑफिस के काम को लेकर बहुत ही मेहनती थी l उसकी काबलियत को देखते हुए कंपनी ने उसे द...

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बागी स्त्रियाँ By Ranjana Jaiswal

समाज ने स्त्रियों के लिए कुछ ढांचे बना रखे हैं उनमें फिट न होने वाली स्त्रियों को बागी स्त्रियाँ कह दिया जाता है।ऐसी स्त्रियों को पारंपरिक समाज एक खतरे की तरह देखता है और उन्हें तो...

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बेमेल By Shwet Kumar Sinha

ज़िंदगी जब बदरंग और बेमेल होती है तो अपना साया तक साथ छोड़ देता है। क्या हुआ जब धनाढ्य जमींदार राजवीर सिंह की बेटियों ने अपने छोटे भाई मनोहर की मंदबुद्धि का फायदा उठाकर उसकी सारी सम्...

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आत्मज्ञान By atul nalavade

शांति नगर नामक प्राचीन गांव में, हरे-भरे घाटियों के बीच एक आदर्श संत नामक व्यक्ति स्वामी देवानंद निवास करते थे। देवानंद ने बचपन से ही जीवन के रहस्यों में गहरी रुचि दिखाई दी थी। वह...

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चुडैल से प्यार By Mister Rakesh

शहर से दूर, घने जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली थी। लोग कहते थे कि वहां अजीब घटनाएं होती हैं—रात में किसी के रोने की आवाजें आती हैं, दरवाजे खुद-ब-खुद खुलते-बंद होते हैं, और कभी-कभी क...

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अतीत के चल चित्र By Asha Saraswat

सुबह सवेरे गर्मियों में मन करता था कि थोड़ी देर और सो लिया जाए क्योंकि सुबह की ठंडी हवा मन को इतनी अच्छी लगती कि मन प्रफुल्लित हो जाता था ।


बड़े से ऑंगन में सभी की...

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सपनों का राजकुमार By shelley khatri

उसे आइने से ही प्यार हो गया था। क्या करती वह कशिश ही इतनी थी कि एक बार जब वह आइने के सामने खड़ी होती तो फिर हटने का नाम ही नहीं लेती। अक्स होता ही था इतना सुंदर। बादलों से घने काले...

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किलकारी By Ratna Pandey

अदिति और विजय के विवाह को नौ वर्ष पूरे हो चुके थे लेकिन अब तक भी घर में बच्चों की किलकारियाँ नहीं गूँजी थीं। विजय के माता-पिता तो बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे कि वे कब दादा-दादी बन...

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मेरी चुनिंदा लघुकथाएँ By राज कुमार कांदु

पूरे गाँव में रामलाल काका की ही चर्चा थी। जब से उस विशाल घर परिवार के मुखिया की जिम्मेदारी उन्हें मिली थी, उन्होंने कई क्रांतिकारी फैसले लिए जिनके खिलाफ उनके पुरखे सदैव ही रहे।
सा...

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गांव की तलाश By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

जीवन को स्‍वस्‍थ्‍य और समृद्ध बनाने वाली पावन ग्राम-स्‍थली जहां जीवन की सभी मूलभूत सुविधाऐं प्राप्‍त होती हैं, उस अंचल में आने का आग्रह इस कविता संगह ‘गांव की तलाश ’में किया गया है...

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ख़ाम रात By Prabodh Kumar Govil

मैंने नींद से जाग कर फ़ोन हाथ में उठाया ही था कि उस व्हाट्सएप मैसेज पर नज़र पड़ी। लिखा था- जब फ़्री हों बात करें।
मैसेज के साथ डीपी पर भी दृष्टि गई और मन ही मन तय कर लिया कि बात त...

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Age Doesn't Matter in Love By Rubina Bagawan

इंदौर के एक आलीशान बंगले में सुबह की हलचल अपने चरम पर थी। रसोई में एक मिडल एज महिला बड़ी तल्लीनता से नाश्ता तैयार कर रही थी। उनका नाम था सरस्वती जोधा — एक स्नेही, समझदार और परंपराओ...

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औघड़ का दान By Pradeep Shrivastava

औघड़ का दान प्रदीप श्रीवास्तव भाग-1 सीमा अफनाई हुई सी बहुत जल्दी में अपनी स्कूटी भगाए जा रही थी। अमूमन वह इतनी तेज़ नहीं चलती। मन उसका घर पर लगा हुआ था जहां दोनों बेटियां और पति कब क...

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Murder @night By Abhishek Hada

Murder @night 1st part 3 जनवरी 2020 अनिरूद्ध मर्डर केस के मर्डरर ने अपना मुंह खोला क्या ? - इंस्पेक्टर नागेश ने थाने में आते ही हवलदार संजय से पूछा। हवलदार संजय ने उसे सैल्युट किया...

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वह बदनाम औरत By S Sinha

यह कहानी एक बदनाम औरत की जिसने एक असहाय दंपत्ति की सब प्रकार से मदद की . …

मोहन अपनी पत्नी चंदा के साथ गाँव में रहता था. शादी के पांच साल बाद भी उसे कोई संतान न थी. पैतृक सम...

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मानव भेड़ियाँ और रोहिणी By Sonali Rawat

अब मुझे ठीक से तो याद नहीं कि बात कितनी पुरानी हैं, पर जो कुछ हुआ वो एक एक बात आज भी ज़ेहन में अपना घर बनाए बैठी हैं ।

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सिर्फ तुम.. By Sarita Sharma

सिर्फ तुम... यकीन नहीं होता कभी हम मिले थे कुछ तुम दर्द में थे, कुछ हमें भी गिले थे.. ये अधूरा इश्क़ कब पूरा सा हुआ, कब अधूरी सी ज़िन्दगी पूरी सी हुई.. ये बेदर्द सी खुशियां, इतनी हसी...

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युगों-युगों से पृथ्वी पर महापुरुषों का आगमन होता आया है। उनके द्वारा ज्ञान, ध्यान, निःस्वार्थ प्रेम और भक्ति से वर्तमान समाज की पात्रता बढ़ाने का कार्य निरंतरता से चलते आया है। समाज...

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भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां समुद्र की हजारों किलोमीटर की तट रेखा है। भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा विशाल प्रायद्वीप है और इसका समुद्र तट लम्बा है जो 7500 किलोमीटर से अधिक फैला...

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राज घराने की दावत..... By puja

अजगर करे ना चाकरी,पंछी करे न काम,दास मलूका कह गए,सबके दाता राम.....

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महिला डॉक्टर दोस्ती और रहस्य By Abhishek Chaturvedi

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रघुवन की कहानियां By Sandeep Shrivastava

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पुस्तकें By DrPranava Bharti

ज़िंदगी की उलझनों के दिन-रात, शामें बँट जाती हैं शब्दों में, चुप्पी साधी नहीं जा सकती यदि कोई संवेदनशील हो --कसमसाते हुए दिनों की आहट उसे परेशान करती ही तो रहती है जब तक भावों का पु...

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आत्मज्ञान की यात्रा By atul nalavade

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भूत बंगला.... By Sanket Vyas Sk, ઈશારો

"मैं उस बंगले में कभी भी रहने नहीं जाऊँगी। मेरे साथ वहाँ पर बहुत ही बुरी और अविश्वसनीय घटना घटी जिस पर तुम विश्वास ही नहीं करोगें" घबराते हुए प्राची ने अपने पति चेतन क...

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पुनर्जन्म एक ध्रुव सत्य By Praveen Kumrawat

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डेफोड़िल्स ! By DrPranava Bharti

डेफोड़िल्स ! - 1

तेरे झरने से पहले



समर्पित

नेह को, स्नेह को

डेफोड़िल्स ही क्यों ?

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हलचल By Darshika Humor

"तुम से वो थी , आज वो है अजनबी है लिखी जा चुकी बात ये है अनकही, दर्द से अलग हुई, खौंफ में दफन हुई, प्यार से रंगी जो थी खून से अलग हुई, बात वो हो चुकी इस जनम उस जनम, लौट कर आ रह...

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चन्देरी, झांसी-ओरछा और ग्वालियर की सैर By राज बोहरे

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बेटी’ By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

‘दो शब्दों की अपनी राहें’’

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‘सतसैया के दोहरे, ज्यों नाव...

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राहुल और अंकिता बहुत ही खुशहाल दंपति थे। दोनों ही मल्टी नैशनल कंपनी में काम करते थे।

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बागी स्त्रियाँ By Ranjana Jaiswal

समाज ने स्त्रियों के लिए कुछ ढांचे बना रखे हैं उनमें फिट न होने वाली स्त्रियों को बागी स्त्रियाँ कह दिया जाता है।ऐसी स्त्रियों को पारंपरिक समाज एक खतरे की तरह देखता है और उन्हें तो...

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बेमेल By Shwet Kumar Sinha

ज़िंदगी जब बदरंग और बेमेल होती है तो अपना साया तक साथ छोड़ देता है। क्या हुआ जब धनाढ्य जमींदार राजवीर सिंह की बेटियों ने अपने छोटे भाई मनोहर की मंदबुद्धि का फायदा उठाकर उसकी सारी सम्...

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आत्मज्ञान By atul nalavade

शांति नगर नामक प्राचीन गांव में, हरे-भरे घाटियों के बीच एक आदर्श संत नामक व्यक्ति स्वामी देवानंद निवास करते थे। देवानंद ने बचपन से ही जीवन के रहस्यों में गहरी रुचि दिखाई दी थी। वह...

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चुडैल से प्यार By Mister Rakesh

शहर से दूर, घने जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली थी। लोग कहते थे कि वहां अजीब घटनाएं होती हैं—रात में किसी के रोने की आवाजें आती हैं, दरवाजे खुद-ब-खुद खुलते-बंद होते हैं, और कभी-कभी क...

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अतीत के चल चित्र By Asha Saraswat

सुबह सवेरे गर्मियों में मन करता था कि थोड़ी देर और सो लिया जाए क्योंकि सुबह की ठंडी हवा मन को इतनी अच्छी लगती कि मन प्रफुल्लित हो जाता था ।


बड़े से ऑंगन में सभी की...

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सपनों का राजकुमार By shelley khatri

उसे आइने से ही प्यार हो गया था। क्या करती वह कशिश ही इतनी थी कि एक बार जब वह आइने के सामने खड़ी होती तो फिर हटने का नाम ही नहीं लेती। अक्स होता ही था इतना सुंदर। बादलों से घने काले...

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किलकारी By Ratna Pandey

अदिति और विजय के विवाह को नौ वर्ष पूरे हो चुके थे लेकिन अब तक भी घर में बच्चों की किलकारियाँ नहीं गूँजी थीं। विजय के माता-पिता तो बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे कि वे कब दादा-दादी बन...

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मेरी चुनिंदा लघुकथाएँ By राज कुमार कांदु

पूरे गाँव में रामलाल काका की ही चर्चा थी। जब से उस विशाल घर परिवार के मुखिया की जिम्मेदारी उन्हें मिली थी, उन्होंने कई क्रांतिकारी फैसले लिए जिनके खिलाफ उनके पुरखे सदैव ही रहे।
सा...

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गांव की तलाश By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

जीवन को स्‍वस्‍थ्‍य और समृद्ध बनाने वाली पावन ग्राम-स्‍थली जहां जीवन की सभी मूलभूत सुविधाऐं प्राप्‍त होती हैं, उस अंचल में आने का आग्रह इस कविता संगह ‘गांव की तलाश ’में किया गया है...

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ख़ाम रात By Prabodh Kumar Govil

मैंने नींद से जाग कर फ़ोन हाथ में उठाया ही था कि उस व्हाट्सएप मैसेज पर नज़र पड़ी। लिखा था- जब फ़्री हों बात करें।
मैसेज के साथ डीपी पर भी दृष्टि गई और मन ही मन तय कर लिया कि बात त...

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Age Doesn't Matter in Love By Rubina Bagawan

इंदौर के एक आलीशान बंगले में सुबह की हलचल अपने चरम पर थी। रसोई में एक मिडल एज महिला बड़ी तल्लीनता से नाश्ता तैयार कर रही थी। उनका नाम था सरस्वती जोधा — एक स्नेही, समझदार और परंपराओ...

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औघड़ का दान By Pradeep Shrivastava

औघड़ का दान प्रदीप श्रीवास्तव भाग-1 सीमा अफनाई हुई सी बहुत जल्दी में अपनी स्कूटी भगाए जा रही थी। अमूमन वह इतनी तेज़ नहीं चलती। मन उसका घर पर लगा हुआ था जहां दोनों बेटियां और पति कब क...

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Murder @night By Abhishek Hada

Murder @night 1st part 3 जनवरी 2020 अनिरूद्ध मर्डर केस के मर्डरर ने अपना मुंह खोला क्या ? - इंस्पेक्टर नागेश ने थाने में आते ही हवलदार संजय से पूछा। हवलदार संजय ने उसे सैल्युट किया...

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वह बदनाम औरत By S Sinha

यह कहानी एक बदनाम औरत की जिसने एक असहाय दंपत्ति की सब प्रकार से मदद की . …

मोहन अपनी पत्नी चंदा के साथ गाँव में रहता था. शादी के पांच साल बाद भी उसे कोई संतान न थी. पैतृक सम...

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