Best Moral Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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रोटी, कपड़ा, मकान... और धरती की आख़िरी पुकार By Skp devine

# **रोटी, कपड़ा, मकान... और धरती की आख़िरी पुकार**## *एक भावनात्मक कहानी*सुबह की पहली किरण अभी-अभी गाँव की पगडंडी पर उतरी थी। ओस की बूँदें घास पर मोतियों की तरह चमक रही थीं। आम के...

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કોર્પોરેટ ચેક મેટ By Rupen Patel

મુંબઈની જાણીતી ફાઈનાન્સ કંપની 'મેટ્રિક્સ ગ્લોબલ'ની કોર્પોરેટ ઓફિસના કાચના કેબિનમાં મેનેજિંગ ડિરેક્ટર કિશોર મહેતા બેઠા હતા. તેમની ઉંમર ૫૨ વર્ષની હતી, પણ બિઝનેસ જગતમાં તેમનો...

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राहें - 9 By shiromani mathur

होली                                                           रंगों का त्योहार होली प्रकृति की अनुपम सौगात लेकर आता है सारी प्रकृति सारा आसमान वन ,बाग, बगीचे, नदियाँ ,मौसम तथा पवन...

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अपनी ज़िंदगी की तुलना करना छोड़ दीजिए. By Madhavi Tripathi

अपनी ज़िंदगी की तुलना करना छोड़ दीजिएजिस दिन आप तुलना करना छोड़ देते हैं, उसी दिन सचमुच जीना शुरू कर देते हैं।आज की शुरुआत किसी बड़ी घटना से नहीं हुई।बस यूँ ही सोशल मीडिया देख रहा...

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એક જ લોહી ! By Ashoksinh jadeja

       એક નાનકડું અને લીલુંછમ ગામડું હતું. ગામના પાદરેથી કલકલ નાદ કરતી એક નિર્મળ નદી વહી જતી હતી. આ જ નદીના કિનારે, કુદરતના ખોળે એક નેળિયાવાળું કાચું ઝૂંપડું આવેલું હતું. આ ઝૂંપડામ...

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सूर्यकुल का सूर्यास्त - 22 By ALLA NOOR KHAN

अध्याय 22 पांच दिलों का जागरणइस समय राघव जोशी जमीन पर घुटनों के बल बैठ चुका था। उसका सिर झुका हुआ था, और उसके कंधे समय-समय पर कांप रहे थे। बेशक विराज ने उसकी पिटाई नहीं लगाई थी, फि...

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સાચા શૂરવીરનું પારખું By Alpesh Umaraniya

ભાદરવા મહિનાનો ધોમધખતો બપોર હતો. આકાશમાંથી જાણે આગ વરસી રહી હતી અને ગીરની ધરતી તપીને ત્રાંબુ બની ગઈ હતી. પંખીડાઓએ પણ પોતાના માળામાં લપાઈને ચૂપકીદી સાંધી લીધી હતી. આવા કાળઝાળ તાપમાં...

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आईचे मुलास पत्र By Prof Purushottam M Patel

आईचे मुलास पत्र…!प्रिय लेकरा ,तुला हृदयापासून अनंत आशीर्वाद !आज तू शिकून सवरुन मोठ्ठा झालास.नोकरीला लागून साईब झालास.पण तुला माहित हाय का?तुला लाहनचा मोठ्ठा कोणी केलाय ते ? नाहीना....

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एक घरवाली, चार बाहरवाली By sukhvinder Singh Rai

### **धोखेबाज़ राहुल: एक घरवाली, कई बाहरवाली** ️शाम के ढलते सूरज की नारंगी रोशनी दिल्ली के उस शांत पार्क के बेंच पर बैठे राहुल और सिमरन के चेहरों पर पड़ रही थी। हवा में हल्की सी ठं...

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एक जोड़ी चप्पल By prachi Gurjar

       एक जोड़ी चप्पल🩴            लेखिका            प्राची गुर्जरलेखिका की ओर सेकुछ कहानियाँ लिखी नहीं जातीं, वे चुपचाप हमारे भीतर जन्म लेती हैं।इस कहानी का बीज भी मुझे किसी पुस्तक...

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लिंग्या गुरवाला लॉटरी लागली - भाग 4 अंतिम भाग By Prof Shriram V Kale

लिंग्या गुरवाला लॉटरी लागली - अंतिम भाग   4         राधे घरी गेली. तिला बघितल्यावर शेजारणी विचारायला आल्या. राधेला पुन्हा रडायला आले. तिने रडत रडत सगळी हकिकत सांगितली. संध्याकाळ पर...

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શુક્રવારના સહ પ્રવાસી By Munavvar Ali

શુક્રવારનો દિવસ હતો. સવારના લગભગ નવ વાગ્યા હશે. સ્ટેશનના પ્લેટફોર્મ પર ઠંડી હવા વાતી હતી. હું એક ખાલી બેન્ચ પર બેઠો હતો. મારી સામે જ મનોજભાઈ અને ગોપાલ સાહેબ પણ બેઠા હતા, બંનેના ચહે...

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पवित्र बहु - 17 By archana

एपिसोड – पहली बार स्कूटीसुबह का समय था।दिव्यम ने बाहर से आवाज़ लगाई,"चित्रा... जल्दी तैयार हो जाओ।"चित्रा बाहर आई तो देखा, दिव्यम स्कूटी के पास खड़ा मुस्कुरा रहा था।"कहाँ जाना है?"...

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धर्मराज की सभा - 2 By prem chand hembram

धर्मराज की सभाप्रथम अध्याय : यमलोक की आपातकालीन सभा (आगे)चित्रगुप्त की वाणी समाप्त होते ही समूची देवसभा मौन हो गई। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं काल भी अगले क्षण की प्रतीक्षा कर...

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અગનખેતર By Rupen Patel

અમૃતલાલ માત્ર એક બિલ્ડર નહોતા, તેઓ આખા રાજ્યના રિયલ એસ્ટેટ કિંગ અને વહીવટી તંત્રના અદ્રશ્ય સૂત્રધાર હતા. તેમનું મનોવિજ્ઞાન એક ખાસ સિદ્ધાંત પર ચાલતું: "દુનિયામાં માણસની કોઈ કિંમત નથ...

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ಧ್ರುವತಾರೆಯ ಪುನರ್ಜನ್ಮ ಮತ್ತು ಕಣಿವೆಯ ಕನ್ಯೆ - 1 By Meghana Ts

ಭಾಗ ೧: ಸ್ವರ್ಣ ಯುಗದ ಹಸಿರು ಕಣಿವೆ ಮತ್ತು ಪ್ರಕೃತಿಯ ಮುನಿಸುವಿಶ್ವದ ಅತ್ಯುನ್ನತ ಹಿಮಾಲಯದ ಹಿಮದ ಮಡಿಲಲ್ಲಿ, ಇಡೀ ಪ್ರಪಂಚದ ಆಧುನಿಕ ಜಂಜಾಟಗಳಿಂದ ದೂರವಾಗಿ, ಪ್ರಕೃತಿಯೇ ಸ್ವತಃ ತನ್ನ ಕೈಯಾರೆ ಕೆತ್ತಿದ ಒಂದು ದಿವ್ಯ ಲೋ...

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मुक्ता....??️ - 2 By Priyaa

            2. मला जगायचे आहे.....आई sss बाबा sssss.... बघा मी कॉलेज मधे यावर्षी सुध्दा टॉप केलय..... आई ssss बाबा sssss तिच्या आनंदाला सीमाच उरली नव्हती.... गरिबीतून शिक्षण घेऊन ख...

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ಅಹಂಕಾರದ ಅಂತ್ಯ By Danger Writer

ಆ ಊರಿನ ಹೆಸರು ರುದ್ರಪುರ. ಕಡಿದಾದ ಬೆಟ್ಟಗಳ ಸಾಲು, ದಟ್ಟವಾದ ಕಾಡು ಮತ್ತು ಹರಿಯುವ ನದಿಯ ಮಧ್ಯೆ ಇದ್ದ ಆ ಊರಿನಲ್ಲಿ ಪ್ರಕೃತಿಯ ಸೌಂದರ್ಯ ಎಷ್ಟಿತ್ತೋ, ಅಷ್ಟೇ ಭಯವೂ ಇತ್ತು. ಅದಕ್ಕೆ ಕಾರಣ ಪ್ರತಾಪ್ ವರ್ಮ.ಪ್ರತಾಪ್ ವರ್ಮ...

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एक दीपक जो कभी बुझा नहीं By Skp devine

---### अध्याय 1 : छोटा सा सपनाओडिशा के एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक लड़का रहता था। मिट्टी की दीवारों और खपरैल की छत वाले घर में उसका परिवार बड़ी मुश्किल से अपना जीवन गुजारता थ...

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खोटा सिक्का - 3 By prem chand hembram

खोटा सिक्का – भाग 03संध्या का समय था। गौशाला में गायों को चारा दिया जा चुका था। पश्चिम दिशा में डूबते सूर्य की लालिमा पूरे आकाश में फैल गई थी। शिबू गौशाला के बाहर एक पुराने नीम के...

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મોબાઇલ નો કેદી By Digant J Patel

એક નાનકડા ગામમાં રાહુલ નામનો 17 વર્ષનો છોકરો રહેતો હતો. તેના પરિવારમાં માતા, પિતા અને નાની બહેન હતી. રાહુલ અભ્યાસમાં હોશિયાર હતો, ક્રિકેટ રમવાનું તેને ખૂબ ગમતું અને સાંજે મિત્રો સા...

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समय के पंख और पिता की सीख By Anant Dhish Aman

बचपन की स्मृतियाँ अक्सर जीवन के किसी मोड़ पर अचानक लौट आती हैं और फिर मन को उन गलियों में ले जाती हैं जहाँ से हमारे व्यक्तित्व की यात्रा शुरू हुई थी।आज जब मैं अपने जीवन के अनेक उता...

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मैं पेड़ बनना चाहती हूँ By prachi Gurjar

शहर की सबसे ऊँची इमारत की 12वीं मंज़िल पर मेरा कमरा था। खिड़की से सिर्फ़ कंक्रीट, शोर और भागती हुई गाड़ियाँ दिखती थीं।  नाम है मीरा। उम्र 26। नौकरी, डेडलाइन, बॉस की डाँट  सब था। बस...

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ટ્રેનની વાતચીત કે વર્ગીકરણ? By Munavvar Ali

લોકોનું વર્ગીકરણ તેમની વાતચીત પરથી થઈ જાય છે, એટલો બધો ફરક હોય છે એ તમે વિચાર્યું નહીં હોય.ગઈકાલે ટ્રેનમાં બે દીકરીઓ મળી. એ મોડેલોની જીવનશૈલી, બ્યુટી પાર્લરની ટિપ્સ અને લગ્નપ્રસંગન...

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यादगार रायबरेली यात्रा By Sudhir Srivastava

संस्मरण यादगार रायबरेली यात्रा (पुस्तक विमोचन, कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह)      रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच का प्रथम भव्य राष्ट्रीय आयोजन दिनांक 5 मई को 'कलश उत्सव लान&#39...

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ನಾಯಿ ಬುದ್ಧಿ By Danger Writer

ಉಡುಪಿಯ ಆ ಹಳೆಯ ಮೀನು ಮಾರ್ಕೆಟ್‌ನ ಹಿಂಭಾಗದ ಓಣಿಗಳಲ್ಲಿ ಗಾಳಿ ಬೀಸುತ್ತಿರಲಿಲ್ಲ, ಬದಲಾಗಿ ಅಲ್ಲಿ ಅಸಹ್ಯದ ವಾಸನೆ ಘನೀಕರಿಸುತ್ತಿತ್ತು. ಕೊಳೆತ ಮೀನಿನ ಚೂರುಗಳು, ಹರಿದು ಬಿದ್ದ ಪ್ಲಾಸ್ಟಿಕ್ ಹಾಳೆಗಳು ಮತ್ತು ಸಮಾಜ ಎಸೆದ...

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कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 2 By miss k

दोस्तों आज मैं आपके लिए कुछ सवाल लेकर उपस्थित हुआ हूं। मुझे यकीन है कि आपके पास उनके जवाब होंगे। अच्छा तो मुझे ये बताइए कि क्या आपने कभी किसी से अपने प्यार का इजहार किया है ? पहले...

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रोटी, कपड़ा, मकान... और धरती की आख़िरी पुकार By Skp devine

# **रोटी, कपड़ा, मकान... और धरती की आख़िरी पुकार**## *एक भावनात्मक कहानी*सुबह की पहली किरण अभी-अभी गाँव की पगडंडी पर उतरी थी। ओस की बूँदें घास पर मोतियों की तरह चमक रही थीं। आम के...

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કોર્પોરેટ ચેક મેટ By Rupen Patel

મુંબઈની જાણીતી ફાઈનાન્સ કંપની 'મેટ્રિક્સ ગ્લોબલ'ની કોર્પોરેટ ઓફિસના કાચના કેબિનમાં મેનેજિંગ ડિરેક્ટર કિશોર મહેતા બેઠા હતા. તેમની ઉંમર ૫૨ વર્ષની હતી, પણ બિઝનેસ જગતમાં તેમનો...

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राहें - 9 By shiromani mathur

होली                                                           रंगों का त्योहार होली प्रकृति की अनुपम सौगात लेकर आता है सारी प्रकृति सारा आसमान वन ,बाग, बगीचे, नदियाँ ,मौसम तथा पवन...

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अपनी ज़िंदगी की तुलना करना छोड़ दीजिए. By Madhavi Tripathi

अपनी ज़िंदगी की तुलना करना छोड़ दीजिएजिस दिन आप तुलना करना छोड़ देते हैं, उसी दिन सचमुच जीना शुरू कर देते हैं।आज की शुरुआत किसी बड़ी घटना से नहीं हुई।बस यूँ ही सोशल मीडिया देख रहा...

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એક જ લોહી ! By Ashoksinh jadeja

       એક નાનકડું અને લીલુંછમ ગામડું હતું. ગામના પાદરેથી કલકલ નાદ કરતી એક નિર્મળ નદી વહી જતી હતી. આ જ નદીના કિનારે, કુદરતના ખોળે એક નેળિયાવાળું કાચું ઝૂંપડું આવેલું હતું. આ ઝૂંપડામ...

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सूर्यकुल का सूर्यास्त - 22 By ALLA NOOR KHAN

अध्याय 22 पांच दिलों का जागरणइस समय राघव जोशी जमीन पर घुटनों के बल बैठ चुका था। उसका सिर झुका हुआ था, और उसके कंधे समय-समय पर कांप रहे थे। बेशक विराज ने उसकी पिटाई नहीं लगाई थी, फि...

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સાચા શૂરવીરનું પારખું By Alpesh Umaraniya

ભાદરવા મહિનાનો ધોમધખતો બપોર હતો. આકાશમાંથી જાણે આગ વરસી રહી હતી અને ગીરની ધરતી તપીને ત્રાંબુ બની ગઈ હતી. પંખીડાઓએ પણ પોતાના માળામાં લપાઈને ચૂપકીદી સાંધી લીધી હતી. આવા કાળઝાળ તાપમાં...

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आईचे मुलास पत्र By Prof Purushottam M Patel

आईचे मुलास पत्र…!प्रिय लेकरा ,तुला हृदयापासून अनंत आशीर्वाद !आज तू शिकून सवरुन मोठ्ठा झालास.नोकरीला लागून साईब झालास.पण तुला माहित हाय का?तुला लाहनचा मोठ्ठा कोणी केलाय ते ? नाहीना....

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एक घरवाली, चार बाहरवाली By sukhvinder Singh Rai

### **धोखेबाज़ राहुल: एक घरवाली, कई बाहरवाली** ️शाम के ढलते सूरज की नारंगी रोशनी दिल्ली के उस शांत पार्क के बेंच पर बैठे राहुल और सिमरन के चेहरों पर पड़ रही थी। हवा में हल्की सी ठं...

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एक जोड़ी चप्पल By prachi Gurjar

       एक जोड़ी चप्पल🩴            लेखिका            प्राची गुर्जरलेखिका की ओर सेकुछ कहानियाँ लिखी नहीं जातीं, वे चुपचाप हमारे भीतर जन्म लेती हैं।इस कहानी का बीज भी मुझे किसी पुस्तक...

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लिंग्या गुरवाला लॉटरी लागली - भाग 4 अंतिम भाग By Prof Shriram V Kale

लिंग्या गुरवाला लॉटरी लागली - अंतिम भाग   4         राधे घरी गेली. तिला बघितल्यावर शेजारणी विचारायला आल्या. राधेला पुन्हा रडायला आले. तिने रडत रडत सगळी हकिकत सांगितली. संध्याकाळ पर...

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શુક્રવારના સહ પ્રવાસી By Munavvar Ali

શુક્રવારનો દિવસ હતો. સવારના લગભગ નવ વાગ્યા હશે. સ્ટેશનના પ્લેટફોર્મ પર ઠંડી હવા વાતી હતી. હું એક ખાલી બેન્ચ પર બેઠો હતો. મારી સામે જ મનોજભાઈ અને ગોપાલ સાહેબ પણ બેઠા હતા, બંનેના ચહે...

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पवित्र बहु - 17 By archana

एपिसोड – पहली बार स्कूटीसुबह का समय था।दिव्यम ने बाहर से आवाज़ लगाई,"चित्रा... जल्दी तैयार हो जाओ।"चित्रा बाहर आई तो देखा, दिव्यम स्कूटी के पास खड़ा मुस्कुरा रहा था।"कहाँ जाना है?"...

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धर्मराज की सभा - 2 By prem chand hembram

धर्मराज की सभाप्रथम अध्याय : यमलोक की आपातकालीन सभा (आगे)चित्रगुप्त की वाणी समाप्त होते ही समूची देवसभा मौन हो गई। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं काल भी अगले क्षण की प्रतीक्षा कर...

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અગનખેતર By Rupen Patel

અમૃતલાલ માત્ર એક બિલ્ડર નહોતા, તેઓ આખા રાજ્યના રિયલ એસ્ટેટ કિંગ અને વહીવટી તંત્રના અદ્રશ્ય સૂત્રધાર હતા. તેમનું મનોવિજ્ઞાન એક ખાસ સિદ્ધાંત પર ચાલતું: "દુનિયામાં માણસની કોઈ કિંમત નથ...

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ಭಾಗ ೧: ಸ್ವರ್ಣ ಯುಗದ ಹಸಿರು ಕಣಿವೆ ಮತ್ತು ಪ್ರಕೃತಿಯ ಮುನಿಸುವಿಶ್ವದ ಅತ್ಯುನ್ನತ ಹಿಮಾಲಯದ ಹಿಮದ ಮಡಿಲಲ್ಲಿ, ಇಡೀ ಪ್ರಪಂಚದ ಆಧುನಿಕ ಜಂಜಾಟಗಳಿಂದ ದೂರವಾಗಿ, ಪ್ರಕೃತಿಯೇ ಸ್ವತಃ ತನ್ನ ಕೈಯಾರೆ ಕೆತ್ತಿದ ಒಂದು ದಿವ್ಯ ಲೋ...

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            2. मला जगायचे आहे.....आई sss बाबा sssss.... बघा मी कॉलेज मधे यावर्षी सुध्दा टॉप केलय..... आई ssss बाबा sssss तिच्या आनंदाला सीमाच उरली नव्हती.... गरिबीतून शिक्षण घेऊन ख...

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ಅಹಂಕಾರದ ಅಂತ್ಯ By Danger Writer

ಆ ಊರಿನ ಹೆಸರು ರುದ್ರಪುರ. ಕಡಿದಾದ ಬೆಟ್ಟಗಳ ಸಾಲು, ದಟ್ಟವಾದ ಕಾಡು ಮತ್ತು ಹರಿಯುವ ನದಿಯ ಮಧ್ಯೆ ಇದ್ದ ಆ ಊರಿನಲ್ಲಿ ಪ್ರಕೃತಿಯ ಸೌಂದರ್ಯ ಎಷ್ಟಿತ್ತೋ, ಅಷ್ಟೇ ಭಯವೂ ಇತ್ತು. ಅದಕ್ಕೆ ಕಾರಣ ಪ್ರತಾಪ್ ವರ್ಮ.ಪ್ರತಾಪ್ ವರ್ಮ...

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एक दीपक जो कभी बुझा नहीं By Skp devine

---### अध्याय 1 : छोटा सा सपनाओडिशा के एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक लड़का रहता था। मिट्टी की दीवारों और खपरैल की छत वाले घर में उसका परिवार बड़ी मुश्किल से अपना जीवन गुजारता थ...

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खोटा सिक्का - 3 By prem chand hembram

खोटा सिक्का – भाग 03संध्या का समय था। गौशाला में गायों को चारा दिया जा चुका था। पश्चिम दिशा में डूबते सूर्य की लालिमा पूरे आकाश में फैल गई थी। शिबू गौशाला के बाहर एक पुराने नीम के...

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એક નાનકડા ગામમાં રાહુલ નામનો 17 વર્ષનો છોકરો રહેતો હતો. તેના પરિવારમાં માતા, પિતા અને નાની બહેન હતી. રાહુલ અભ્યાસમાં હોશિયાર હતો, ક્રિકેટ રમવાનું તેને ખૂબ ગમતું અને સાંજે મિત્રો સા...

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समय के पंख और पिता की सीख By Anant Dhish Aman

बचपन की स्मृतियाँ अक्सर जीवन के किसी मोड़ पर अचानक लौट आती हैं और फिर मन को उन गलियों में ले जाती हैं जहाँ से हमारे व्यक्तित्व की यात्रा शुरू हुई थी।आज जब मैं अपने जीवन के अनेक उता...

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मैं पेड़ बनना चाहती हूँ By prachi Gurjar

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ટ્રેનની વાતચીત કે વર્ગીકરણ? By Munavvar Ali

લોકોનું વર્ગીકરણ તેમની વાતચીત પરથી થઈ જાય છે, એટલો બધો ફરક હોય છે એ તમે વિચાર્યું નહીં હોય.ગઈકાલે ટ્રેનમાં બે દીકરીઓ મળી. એ મોડેલોની જીવનશૈલી, બ્યુટી પાર્લરની ટિપ્સ અને લગ્નપ્રસંગન...

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ಉಡುಪಿಯ ಆ ಹಳೆಯ ಮೀನು ಮಾರ್ಕೆಟ್‌ನ ಹಿಂಭಾಗದ ಓಣಿಗಳಲ್ಲಿ ಗಾಳಿ ಬೀಸುತ್ತಿರಲಿಲ್ಲ, ಬದಲಾಗಿ ಅಲ್ಲಿ ಅಸಹ್ಯದ ವಾಸನೆ ಘನೀಕರಿಸುತ್ತಿತ್ತು. ಕೊಳೆತ ಮೀನಿನ ಚೂರುಗಳು, ಹರಿದು ಬಿದ್ದ ಪ್ಲಾಸ್ಟಿಕ್ ಹಾಳೆಗಳು ಮತ್ತು ಸಮಾಜ ಎಸೆದ...

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कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 2 By miss k

दोस्तों आज मैं आपके लिए कुछ सवाल लेकर उपस्थित हुआ हूं। मुझे यकीन है कि आपके पास उनके जवाब होंगे। अच्छा तो मुझे ये बताइए कि क्या आपने कभी किसी से अपने प्यार का इजहार किया है ? पहले...

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