काश! आसमान के भी पंख होते ।. by Sangeet kumar in Hindi Novels
एक तारा जो अंतरिक्ष में कहीं दूर खो गया था । रात का समय था । चारों तरफ काली घटा पसरी हुई थी । मानो यह सब कुछ अपने अंदर स...