एक पुरुष—सबके बीच अकेला by Aloka Patel in Hindi Novels
भाग १ — एक दिन, कई जिम्मेदारियाँसुबह छह बजे अलार्म बजा।मिहिर ने आँखें खोलीं, लेकिन कुछ क्षणों तक बिस्तर पर ही पड़ा रहा।ब...