रात का सन्नाटा by Sandhya Devi in Hindi Novels
अंधेरे में चमकती हुई उन दो आँखों को देखकर चारों के शरीर में सिहरन दौड़ गई।"क... कौन है वहाँ?" रोहित ने काँपती आवाज़ में...
रात का सन्नाटा by Sandhya Devi in Hindi Novels
रात के लगभग ग्यारह बजे थे। गाँव के बाहर बने बड़े से मैरिज गार्डन में शादी का शोर अब धीरे-धीरे कम होने लगा था। रोशनी से ज...