अनंत के उस पार. by Shivam Dalvadi

अनंत के उस पार. by Shivam Dalvadi in Hindi Novels
वह आखिरी सुबहनीलगढ़ की सुबह कभी रोशनी के साथ नहीं आती थी। यहाँ सवेरा किसी पुराने कैनवास पर बिखरे स्लेटी और सफ़ेद रंगों क...
अनंत के उस पार. by Shivam Dalvadi in Hindi Novels
अध्याय 2 तीसरा दिनदाह-संस्कार के बाद का सन्नाटा मौत के सन्नाटे से भी ज़्यादा ज़हरीला होता है। मौत में तो फिर भी एक झटका...
अनंत के उस पार. by Shivam Dalvadi in Hindi Novels
पत्रसुबह की ठंडी हवा ओस की बूँदों को समेटे हुए हवेली के बरामदे में बह रही थी। मीरा चौखट पर पत्थर की तरह बनी खड़ी थी, और...
अनंत के उस पार. by Shivam Dalvadi in Hindi Novels
डायरीकमरे में सन्नाटा इतना घना था कि हवा में तैरते धूल के कण भी जैसे थम गए थे।मीरा के हाथ में वह पुरानी, काले चमड़े की ड...
अनंत के उस पार. by Shivam Dalvadi in Hindi Novels
पहली रातशीशे पर लिखा वह भयानक शब्द "अगला" बारिश की बूँदों और धुंध के साथ घुलकर धीरे-धीरे नीचे बह रहा था, जैसे काँच पर कि...