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फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन A collection of liveable thoughts   © Sanjay V. Shah   प्रथम संस्करण जनवरी, 2019 मूल्य 80.00       डिजाइन, प्रकाशक   मांगरोल मल्टीमीडिया लिमिटेड बी-603, सहयोग अपार्टमेंट, एस. वी. रोड, सेंट्रल बैंक के ...Read More

५) नदी कभी अपना पानी नहीं पीती। कोई वृक्ष अपने फल नहीं खाता। बारिश की वजह से जो दाने उगते हैं, वो दूसरों के काम आते हैं। फिर इंसान क्यूँ चाहता है कि उसने जो कुछ पाया है, वो ...Read More

११) मैं सब कुछ जानता हूँ। जो ऐसा कहता है, उसे थोड़ी-सी जानकारी की ताकत का पता नहीं होता है। थोड़ा-सा ज्ञान अत्याधिक ज्ञान से कहीं बढ़कर है। सचिन सिर्फ क्रिकेट की दुनिया के बादशाह हैं। पिकासो के पास ...Read More

१८) जितनी उंगलियाँ, उतनी अंगूठियाँ। घर से निकले तो मुहूर्त देखना, किसी भी काम को प्रारम्भ करने के लिए खुद पर नहीं, न्यूमरोलॉजिस्ट पर ज़्यादा भरोसा रखना। लोगों को ये क्या हो गया है? किस्मत टटोलने, खोलने, बदलने वाले ...Read More

26)  दिन भर बारहों घंटे बोलते रहना आसान है, लेकिन बारह मिनट सुनना निहायत कठिन है। बोलने की क्रिया में बुद्धि की कोई विशेष भूमिका नहीं होती। बोलना एक मस्ती है, जबकि किसी को सुनना एक शक्ति है। शब्द ...Read More

३६) स्वयं को सर्वाधिक प्रामाणिक, पारदर्शक व बेबाक बताने की शेखी हर कोई बघारता है, जबकि वास्तविकता एकदम अलग ही होती है। अन्य लोगों के साथ तो ठीक, खुद अपने परिवार या अपने जीवनसाथी के साथ भी दिल की ...Read More

51)  जब हमारा जन्म होता है, तब हमारे बाल सफेद नहीं होते हैं और न ही हमारा शरीर पाँच या छह फुट लम्बा होता है। शरीर के ढांचे की तरह इस दुनिया की प्रत्येक वस्तु परिवर्तन के आधीन है। ...Read More