The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-২৪৭ মহাপ্রস্থানের পথে দ্রৌপদী সহদেব নকুল অর্জুন ও ভীমের...
પ્રકરણ ૧: શાંત સવારનું તોફાનઆકાશ હજી પૂરેપૂરું જાગ્યું નહોતું. પૂર...
प्रकरण ४कोलाघाट ला आल्या नंतर बंगली भाषेतली एक भली मोठी पाटी वज्रला पाहायला मिळ...
---*मेरी डिग्री बेकार नहीं है *लेखिका: डॉ वंदना शर्मा*वो एक गुनगुनी धूप से सजी स...
अध्याय 3: नियति का ज्वारविराज अपने अंतर्मन की गहराइयों में उतरने ही वाला था, अपन...
उसका शिकारलेखन: कुमार (भयकथासूर)हर्षदा और रवि की शादी को मुश्किल से तीन महीने हु...
राघव बोलता है, चलो एक बार जाकर देख लिया जाए क्या है, उस हवेली में? सौरव कहता है,...
बाप्पा रावल (728-758 ईसवी)पिता नागादित्य एवं माता कमलावती के पुत्र बाप्पा, गुहिल...
एकांश मुस्कान देकर कर जवाब देता है। वर्शाली कुछ सोचती हूई कहती है:" परतुं एकांश...
दोस्तों आज मैं आपको एक प्यारी सी कहानी सुनाने जा रहा हूं। आशा करता हूं आप सबको प...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
মুখার্জী বাড়িতে সারাক্ষণ যেন হৈচৈ চলছে। মেজভাই তপনবাবুর একমাত্র মেয়ে নীরার জন্য পাত্র খোঁজা শুরু হয়েছিল। এম এ পাশ করে বি এড পড়ছে নীরা, বাড়ির সবার আদরের তুলি। যৌথ পরিবারের হাওয...
“প্রথম দেখা, অজানা টান”কলেজের প্রথম দিন।সকালের হালকা ঠান্ডা হাওয়া, আকাশে একটু মেঘলা ভাব—যেন প্রকৃতিও আজ নতুন কিছু শুরু হওয়ার অপেক্ষায়।ঈশা ধীরে ধীরে কলেজের গেটের সামনে এসে দাঁড়াল।নত...
शिवपुर। एक ऐसा शहर… जहाँ रातें गोलियों की आवाज़ से शुरू होती थीं और लाशों पर खत्म। यहाँ लोग नाम से नहीं, गिरोह से पहचाने जाते थे। कानून सिर्फ दीवारों पर टंगे पोस्टरों में जिंदा...
কলকাতার আকাশটা সেদিন অদ্ভুতভাবে মেঘলা ছিল। দুপুর হলেও চারপাশে একটা গুমোট অন্ধকার নেমে এসেছিল। আমি, রুদ্র, জানালার পাশে দাঁড়িয়ে বাইরে তাকিয়ে ছিলাম। রাস্তার গাড়িগুলো ধীরে ধীরে এগ...
(साउंड इफेक्ट: एक पुरानी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन जैसी तेज होती है। बाहर मूसलाधार बारिश और बादलों के गरजने की गूँज।) नैरेटर: समय का पहिया अक्सर...
शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे बिजनेस के गलियारों में सन्नाटा पसर जाता था....
அந்த நாளை எப்படி துவங்குவது என்பது பிரேமுக்கு தெரியவில்லை. எப்போதும் போல இருந்து விட முடியவில்லை. வேலையில்லா நாட்கள் பெரும் சுமையாய் இருந்தன. படிப்பு முடிந்து 2 வருஷம் ஓடி விட்டது....
“क्या आप भी ताले को बार-बार चेक करते हैं, या हाथ धोने के बाद भी गंदगी का वहम रहता है? यहाँ तक कि कई बार भगवान या पूजनीय लोगों के प्रति भी मन में अनचाहे और डरावने विचार आने लगते हैं...
रात के ठीक 12 बज रहे थे। सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी। हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही डर—बॉस। किसी ने घड़ी देखते हुए कहा, “आज तो बॉस छोड़ेगे नहीं… literally खा जाए...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Nichetech.
Please enable javascript on your browser