Episodes

मेरे घर आना ज़िंदगी by Ashish Kumar Trivedi in Hindi Novels
(1) ऑफिस से लौटते हुए नंदिता ने एक जगह अपनी स्कूटी खड़ी की। सामने चार सीढ़ियां थीं। उन्हें चढ़कर वह मेडिकल शॉप के काउंटर...
मेरे घर आना ज़िंदगी by Ashish Kumar Trivedi in Hindi Novels
(2)मकरंद वॉशरूम में फ्रेश हो रहा था। नंदिता बिस्तर पर बैठी सोच रही थी कि बात शुरू कैसे करे। वॉशरूम का दरवाज़ा खुला। मकरं...
मेरे घर आना ज़िंदगी by Ashish Kumar Trivedi in Hindi Novels
(3)कमरे में एकदम खामोशी थी। मकरंद अपने हाथों में सर रखे बैठा था। मेडिकल रिपोर्ट उसके सामने पड़ी थी। मकरंद रिपोर्ट को घूर...
मेरे घर आना ज़िंदगी by Ashish Kumar Trivedi in Hindi Novels
(4)समीर अपने वॉशरूम में लगे आइने में खुद को निहार रहा था। अपने होंठों के ऊपर ‌उभरती पतली सी काली लकीर उसे पसंद नहीं आ रह...
मेरे घर आना ज़िंदगी by Ashish Kumar Trivedi in Hindi Novels
(5)जो कुछ हुआ था उससे अमृता परेशान हो गई थी। वह अपने कमरे में जाकर लेट गई थी। अपनी तनावपूर्ण शादी में समीर का जन्म अमृता...