एक अधूरी मुलाकातशहर के एक छोटे से कॉलेज में आरव पढ़ाई करता था। वह शांत स्वभाव का लड़का था। उसे ज्यादा लोगों से बात करना पसंद नहीं था। उसकी जिंदगी पढ़ाई और अपने परिवार के बीच ही गुजर रही थी।एक दिन कॉलेज की लाइब्रेरी में उसकी मुलाकात सिया से हुई। सिया किताब ढूंढ रही थी, लेकिन उसे वह किताब नहीं मिल रही थी। आरव ने उसकी मदद की और किताब निकालकर उसे दे दी।सिया ने मुस्कुराकर कहा, “धन्यवाद।”आरव ने धीरे से कहा, “कोई बात नहीं।”उस छोटी-सी मुलाकात के बाद दोनों अक्सर लाइब्रेरी में मिलने लगे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरी होती