Satya chaal - 1 in Gujarati Fiction Stories by Mrigtrishna books and stories PDF | સત્ય ચાલ - 1

Featured Books
  • Safar e Raigah - 19

    منظر ۔آیت نے دھیرے سے اپنے کمرے کا دروازہ کھولا اور اندر داخ...

  • والدین کے فرائض

    والدین کے فرائضتحریر۔شاہد شکیلوالدین اور اولاد کا رشتہ محض خ...

  • زندگی کی صلیب

    حالات خدا کی حوصلہ افزائی سے، میں نے اپنے حالات بدل لیے ہیں۔...

  • Safar e Raigah - 18

    منظر ۔شاہ میر نے محسوس کر لیا تھا کہ آیات کے مزاج کی برہمی ا...

  • Safar e Raigah - 17

    منظر ۔شاہ میر نے آئس کریم کا کپ پکڑا اور اس کی ٹھنڈک کو محسو...

Categories
Share

સત્ય ચાલ - 1

અનિકેત ઉર્ફે.....

એક ખંડેર જેવી જગ્યા થોડી ઊંચાઈ પર અને ઢોળાવ પર અસંખ્ય ખોલીઓ.... એક થોડી સારી દેખાતી હવા ઉજાસવાળી ખોલીમાં એક સત્તરેક વર્ષનો છોકરો બે ફોટાઓ સામે અગરબત્તી ફેરવે છે હાથ જોડે છે. એની જ ઉંમરનો એનો એક સાથી એને એક પ્રશ્ન પૂછે છે.
"अनि.... ये फोटो फ्रेम में कोई तस्वीर नहीं है, तुम किसको अगरबत्ती किया?"
अनिकेत : देख बेन...
"अनि बेन नहीं बैन...बेइन.... बेन बेन करके तुम मुझे गुजराती बहन बना देते हो।"
अनिकेत: सोरी... सोरी.... वो गुजराती इतनी मूंह पे चढ़ गई है ना कि हर वर्ड गुज्जु स्टाइल में ही नीकलता है। बुरा मत मान रे...... अच्छा तु फोटो का पूछ रहा था ना? तो एक फ्रेम में गांधीजी है और दूसरी में रावण।
बैन : गांधीजी और रावण क्यूं?
अनिकेत: ये दोनों अपून के गुरु हैं। में गांधीजी की अहिंसा और सत्य में बड़ा मानता हूं, पर सामने वाला गांधीजी को ना मानता हो तो मैं रावण को मानना शुरू कर देता हूं।
बैन: अच्छा! तो भाई.....
अनिकेत: एई...बैन. भाई नहीं बोलने का, रिश्ता नहीं जोड़ने का । अनि बोल या केतु बोल..... या फिर पूरा अनिकेत बोल.....
बैन: सोरी.... अनि । मैं ये बोल रहा था कि खाली फ्रेम का फोटो काइको लगाया? फ्रेम में पिक्चर तो हेइच नहीं ..... समझ में नहीं आया।
अनिकेत: अच्छा सवाल किया तूने.... फोटो उनकी आंखों की वज़ह से नहीं लगाया।
बैन: आंख की वज़ह से?
अनिकेत: हां । आंख की वज़ह से.... मैं समझाता... जब मैं गांधीगिरी करुंगा तो रावण को बुरा लगेगा और रावणगिरी करूंगा तो गांधीजी को दुःख होएंगा, इसीलिए मैंने फोटो इच नहीं रख्खी.. आंखे होंगी तो देखेंगे.... आंखे इच नहीं होएंगी तो ना देखेंगे ना बुरा लगेगा.... बरोबर ना?
बैन: वाह.... अनि.... क्या लोजिक वापरेला है, सोलिड...।

ત્યાં જ એક અવાજ આવતા એમનો વાર્તાલાપ અટક્યો અને અનિકેત ઉભો થઈ ગયો.
"અનિકેત..... એક નવી ખોલી બનાવવી પડશે."
અનિકેત: જી... બાબા થઈ જશે.
બાબા: ઠીક છે. બની જાય એટલે કહેજે ત્યાં સુધી હું આમને મારા ઘરે રાખીશ.
અનિકેત: સત્યબાબા.... જરૂર નથી. એક ખોલી ખાલી જ છે. હમણાં થોડું સમારકામ કરવું પડે એમ છે પણ રહેવા લાયક છે. નવી તૈયાર થશે એટલે એમને ત્યાં મોકલી દઈશું.
બાબા: સારું.... તું કહે એમ. આમને બતાવી દે.
અનિકેત: જી.... હમણાં જ કોઈને મોકલું છું મૂકવા માટે.
બાબા: ભલે ત્યારે.... હર હર મહાદેવ 🙏🏻
અનિકેત: હર હર મહાદેવ 🙏🏻 બાબા.

(એક છોકરાને સૂચના આપી આગંતુકો ને રવાના કરે છે.)

बैन: तुम सत्य बाबा की बड़ी इज्जत करते हो ना ।
अनिकेत: हां..... बाबा ऐसे है कि दुश्मन भी इनकी इज्जत करेगा । तु अभी आया है इसलिए तुझे नहीं पता, बाबा हर किसी की मदद करते हैं, उन्हें सहारा देते हैं, सही रास्ता दिखाते हैं और उस रस्ते पर चलने का दम भी देते हैं ।
बैन: सही कहा अनि.... मेरे जैसे एक चोर को भी सहारा दिया, सही रास्ता दिखाया, वरना अपून तो अभी भी उन अंधेरी गलियों में भटक रहेला होता। उन्होंने इच अपून को ये इज्जत वाली जिंदगी दी है।
अनि तुम कैसे और कब मिले बाबा से?
अनिकेत: मैं बाबा से नहीं मिला, बाबाने ढूंढा था मुझे। मैं उनको कचरे के डिब्बे में मिला था। वो मुझे घर ले आए, उनकी वाइफ, मां ने मुझे पाला और थोड़ा बड़ा होने पर सच भी बता दिया ।
बैन: इसीलिए तुम्हारी गुजराती इतनी अच्छी है।
अनिकेत: हां, मैंने पहेली भाषा वहीं सीखी। बाबा मुझे स्कूल ले जाने वाले थे पर मैं मां को छोड़ कर नहीं जाना चाहता था इसलिए घर पर ही पढ़ाया, बाबा पढ़ाते और मां कहानियां सुनाती । दस साल तक तो मैं खुद को उनका बेटा ही समझता था। फिर एक दिन दोनों ने मुझे सच बताया । और साथ में यह भी समझाया कि मैं अपने जन्मदाता से नफ़रत ना करु, जाने उनकी कौनसी मजबूरी रही हो और उन्होंने मुझे छोड़ दिया ।
बैन: तुझे अपने मां बाप पर बड़ा गुस्सा आया होगा ना?
अनिकेत: हां... बहोत, इतना कि मैं गुस्से से कांप रहा था, मैं तो अपने असली मां बाप से नफ़रत करने लगा था, इस गुस्से में मैं किसी भी ग़लत रस्ते जा सकता था पर मां ने मुझे अपने आंचल में छुपा लिया और बाबा ने धीरे धीरे जीना सिखा दिया।
बैन: अपून को भी कोई संभालने वाला मिलता तो अपून भी चोर नहीं बनता ।
अनिकेत: अब तो मिल गये है ना....
बैन: हां..... अब अपून अच्छा इन्सान बनेगा ।
अनिकेत: बाबा ने सीखाया है कि भगवान ने दो हाथ दिए हैं तो महेनत करके खाने का, गलत काम नहीं करनेका।
बैन: अनि, जब बाबा तेरे को पढ़ाना चाहते थे, तो तु क्यों नहीं पढ़ा? तेरे पास तो चानस था पढ़ने का ।
अनिकेत: बाबा और मां ने भी अपून से यहीच पूछा था, तो वो जो उनको बताया था आज तेरे को भी बताता हूं। अपून उनको बोला था कि, मेरी पढ़ाई पे पैसा खर्च करने से अच्छा है कि आप किसी दूसरे को सहारा देने में खर्च करना, घर में तो बाबा पढ़ाते ही है, वो काफी है ।
फिर अपून का दिमाग भी तो नहीं चलता था पढ़ाई में, फिर भी बाबा ने एस.एस.सी का एक्साम दिलाया और लक देख अपून पास भी हो गया ।

बैन: तो ये मूर्ति बनाने का बिजनेस कब शुरू किया?
अनिकेत: अपून ने शुरू नहीं किया, अपने आप शुरू हुआ। अपून बचपन से ही मिट्टी से गणेश जी का मूर्ति बनाता था, इधरीच चाली के लोगों ने देखा, उनको अच्छा लगा तो मेरे से मूर्ति ले जाते और कुछ पैसे दे जाते।

बैन: एक बात बता.... तेरी हिंदी तो एकदम मस्त है, ये तु अपून की भाषा काईको बोल रहेला है?
अनिकेत: (बैन के गले में हाथ डालते हुए) वो इसलिए कि तेरे को ये ना लगे के तुझेइच मुंबईया आती हैं।
बैन: हा.... हा... हा.... जोक मारा क्या?
अनिकेत: चल टाइम खोटी मत कर, काम चालू कर, मैं नेट से ओर्डर का लिस्ट बनाता हूं, तु मिट्टी का इंतेजाम कर।

થોડીવારમાં એક નાની છએક વર્ષની છોકરી ત્યાં આવી... એણે અનિના નામની બુમ પાડી.
અનિકેત: અરે... ચિકી ! શું થયું?
ચિકી: અનિ... આ જો મને સ્કૂલેથી નવી બુક્સ મળી.
અનિકેત: અરે... વાહ... કેટલી કલરફૂલ છે! એકદમ મસ્ત... મને આપશેને વાંચવા?
ચિકી: તારાં માટે જ લાવી છું... લે... પછી મને સ્ટોરી કહેવાની હો!
અનિકેત: થેંકયુ... એમાં કહેવાનું હોય? સાંજે ઘરે આવજો બચ્ચાં પાર્ટી, આપણે આજે સ્ટોરી પાર્ટી કરીશું.
ચિકી: (ખુશ થતાં) ઓકે..
અનિકેત: ચાલ... બાય બાય... અહીંથી સીધું જ ઘરે જવાનું છે, અનિ જુએ છે અહીંયાથી...
ચિકી: બાય...અનિ.

बैन: हा...हा... हा.... तु और तेरी बच्चा पार्टी, क्या क्या खेल करते हो ना तुम लोग ! कोई खाने की पार्टी करता है, कोई गाने बजाने की पार्टी करता है, कोई बर्थ डे पार्टी करता है और तुम लोग स्टोरी पार्टी कर रहेला है। अजीब हो रे तुम लोग...

अनिकेत: उसमें क्या अजीब? ऐसी पार्टी से माइन्ड फ्रेश हो जाता है, तु आज देखेगा तो पता चलेगा तुझे बच्चों का और मेरा टेलेंट... हां।
और तुने जिस जिस पार्टी का ज़िक्र किया ना, वो सारी पार्टी भी हमलोग करतें हैं, पर एक साथ नहीं, दो दो महीने बाद । बच्चें बहोत खुश हो जाते हैं पार्टी से...।

बैन: ऐसा क्या? फिर तो आज अपून भी आएंगा, तेरी स्टोरी पार्टी में।
अनिकेत: हां.... ज़रुर आना, तुझे भी मज़ा आएगा।

(ક્રમશઃ)