Wo Ankahi Baate - 28 in Hindi Fiction Stories by RACHNA ROY books and stories PDF | वो अनकही बातें - 28

Featured Books
Categories
Share

वो अनकही बातें - 28

शालू ने कहा सोमू हम फिर आएंगे ना। हां और क्या तुम्हारे बर्थ डे सेलिब्रेशन यहां पर होगा। शालू ने कहा ओह माई गॉड आई लव यू जान। फिर दोनों दोपहर तक मुम्बई पहुंच गए।

दोनों ही सफ़र से थके हुए थे।तो आज आफिस भी नहीं जा सकें। एक गहरी नींद लेने के बाद रात को डिनर के लिए नीचे पहुंच गए। विनय काका ने कहा हां, डिनर गर्म करके रखा है। समीर ने कहा हां विनय काका सब ठीक है ना। विनय काका ने कहा हां ठीक है। फिर दोनों मिलकर खाना खाने लगे। शालू ने कहा ओह !कल से फिर आफिस।

समीर ने कहा यस मैडम। फिर दोनों हंसने लगे। खाना खाने के बाद दोनों टहलने लगे। फिर अन्दर आ गए और समीर ने कहा विनय काका खाना खा लिया आपने? विनय काका ने कहा हां,खा लिया। फिर दोनों ऊपर बेडरूम में आकर बैठ गए। शालू ने कहा कुछ देर लैपटॉप पर काम कर लूं। समीर ने कहा हां ठीक है मैं किताब पढ़ता हूं।
फिर शालू काफी देर तक काम करती रही और उधर समीर किताब पढ़ते पढ़ते सो गया।
शालू आंख मलते हुए सोंफे पर ही सो गई। सुबह जल्दी उठकर दोनों ही तैयार हो कर नीचे पहुंच गए। शालू ने कहा पता है कल सोफे पर ही सो गई थी। समीर हंसने लगा। फिर दोनों नाश्ता करके आफिस निकलने लगें। पहले समीर चला गया अब वो खुद ही डाइव करता था। उधर आकाश शालू को छोड़ने चला गया। शालू आफिस पहुंच कर ही मिटिग के लिए एक अनाउंसमेंट कर दिया। सभी बोर्ड मीटिंग के लिए बैठ गए। शालू ने दो घंटे तक मिटिग किया। और फिर सब अपने अपने काम पर लौटे।
शालू अपने सारे काम अपडेट कर रही थी। फिर लंच ब्रेक में नायरा के साथ परांठे सब्जी खाने लगीं।नायरा ने कहा और बताओ सेकेंड हनीमून कैसा रहा? शालू ने कहा अरे बहुत अच्छा।नायरा ने कहा इस बार सब नार्मल हो गया है। शालू ने कहा हां बाबा सब कुछ ठीक है।नायरा ने कहा चल मुझे निकलना होगा एक कनाईट से मिटिग है। शालू ने कहा ओह। ठीक है। शालू ने एक मैसेज किया सोमू बहुत मिस कर रही हूं। फिर देखते देखते छः बज गए। आफिस के बाहर आकर खड़ी हो गई। कुछ देर बाद ही आकाश आ गया।आकाश ने कहा मैडम आज ट्राफिक था बहुत। शालू ने कहा हां ठीक है चलो। शालू पीछे बैठ गई। घर पहुंच कर ही देखा समीर नहीं आया था। शालू ने कहा काका समीर नहीं आएं। विनय काका ने कहा हां बेटा आज उसे देर होगी।तुम फेश् हो जाओ।मैं नाश्ता लाता हूं। शालू ने कहा ओके। फिर शालू ने कमरे में जाकर कुछ देर बैठ गई और फिर शावर लेने चली गई। एक अच्छा सा शावर लेने के बाद उसे थोड़ा अलग लगा। उसने एसी आॅन किया। विनय काका आकर बोले। ये टोस्ट और बैल्क काॅफी। शालू ने कहा थैंक यू काका। फिर विनय काका चले गए। शालू ने दो बार फोन किया पर समीर ने नहीं उठाया। फिर शालू की आंख थोड़ी देर के लिए लग गई थी। कुछ देर बाद समीर आ गया और आते ही बोला अरे भाई तुम कैसी हो? शालू ने कहा हां ठीक हुं आज थक गई बहुत पुरे दिन काम करती रही। समीर ने कहा ओह मेरी बाबू कितना काम करेगी।।चलो डिनर कर लेते हैं।। शालू ने कहा हां ठीक है चलो।
समीर फे्श हो कर आ गया और फिर बोला इस सन्डे पार्टी है। विकास के घर। शालू ने कहा हां क्या। समीर परी का पहला बर्थ डे पार्टी। शालू ने कहा ओह कितनी बड़ी हो गई। समीर ने कहा हां यार। उसे एक सोने का हार दे देते हैं। शालू ने कहा हां ठीक है चलो ले लेंगे। समीर ने कहा हां मेरी जान।
फिर दोनों नीचे पहुंच गए खाने की टेबल पर। समीर ने कहा विनय काका जल्दी खाना दो भूख लगी है। विनय काका ने कहा हां भाई बस अभी देता हूं।आज क्या बना है? खुशबू अच्छी आ रही है। विनय काका ने प्लेट लगाते हुए कहा ये छोले भटूरे बनाया। समीर ने कहा अरे वाह मजा आ गया। फिर दोनों खाना खाने लगे। समीर ने दो भटूरे और दीजिए। शालू खुब हंसने लगी। समीर ने कहा हां,खुब हंसो। मुझे भूख लगी है बहुत। फिर खाना खा कर दोनों बाहर टहलने लगे।
समीर ने कहा और फिर तुम्हारा एन जी ओ कैसा चल रहा है। शालू ने कहा हां आज तो देख नहीं पाईं।कल या परसों जाऊंगी।
समीर ने कहा हां ठीक है ज्यादा परेशान मत होना। शालू ने कहा हां ठीक है पर जब करूंगी तो अच्छा करूंगी।

फिर दोनों ऊपर बेडरूम में आ गए। समीर ने कहा अब आओ भी कितना टाइम लगा रही हो। शालू बाथरूम से बाहर निकल कर बोली अरे तुम सो जाओ ना। मुझे अभी देर है ‌समीर ने कहा बहुत भाव खाती हो।
शालू ने फेश क्रिम लगाया और अपने बालों को खुला छोड़ दिया। फिर बेड पर बैठ गई। समीर ने कहा अरे अब आओ भी इतना कह कर खींच लिया अपने सीने में। शालू शरमाने लगी।सोमू ने कुछ कहे बिना ही उसके लवों पर लव रख दिया और फिर लाइट बंद हो गया।
शालू ओ शालू एसी बंद करों ना ऐसा सोमू ने कम्बल से मुंह बाहर निकालते हुए कहा। शालू भी सोने की मुड में थी तो वह भी बोली मैं क्यों करूं, तुम करो। समीर उठा और फिर एसी बंद करके सो गया।
फिर घड़ी की आवाज से दोनों ही उठ गए। शालू पहले शावर लेने चली गई। और फिर समीर भी गए। इसी तरह इनका दिन निकल गया।
आज सन्डे है तो सुबह से ही जाना होगा विकास के घर। पुजा भी है। शालू ने कहा मैं साड़ी पहन लेती हुं। समीर ने कहा हां ठीक है मुझे एक कुर्ता निकाल दो। शालू ने कहा हां मैं नारंग कलर का साड़ी पहन रही हुं। समीर ने कहा हां मेरा भी नारंगी कलर का निकाल दो। शालू खुश हो गई। फिर दोनों तैयार हो निकल गए। आज विनय काका को भी आराम हो गया क्योंकि उनको भी आमंत्रित किया है विकास ने ऐसा समीर ने गाड़ी निकालते हुए कहा। शालू ने कहा हां कल मैं आफिस से आते समय विनय काका के लिए कुर्ता लेकर आईं थीं। समीर ने कहा ये तुमने बहुत अच्छा किया।सच है कि ये सब एक बहु ही कर सकती हैं।
शालू ने कहा बस बस इतना इमोशनल मत करो मेरा मेकअप खराब हो जाएगा। समीर ने कहा हां ठीक है वैसे तुम तो हमेशा अपने पर्स में मेकअप किट रखती थी। अब क्या नहीं रखतीं। शालू हंसते हुए बोली ओह माई डियर हवी तुम्हें तो सब कुछ याद है। समीर ने कहा हां और क्या। फिर कुछ देर बाद ही विकास के घर पहुंच गए। बहुत सारे लोग आ चुके थे। विकास ने देखते ही कहा आओ, कितना देर कर दिया। समीर ने कहा हां बस । फिर अन्दर पहुंच कर ही देखा कि सपना बच्चे को लेकर बैठी थी। पुजा चल रहा था। समीर और शालू भी बैठ गए। विकास इधर उधर मेहमानों को देख रहा था। सपना के घर वाले भी आएं थे। पुजा होने के बाद सपना बच्चे को लेकर बेडरूम में चली गई। जहां पर बच्चे की मुंह दिखाई की रस्म चल रही थी। एक, एक करके सभी जा रहें थे। कुछ देर बाद समीर और शालू भी अन्दर पहुंच गए। विकास भी अन्दर पहुंच कर सपना को बोला। शालू ने सपना को मुबारकबाद दी और साथ ही एक गले का हार सपना को दिया और बोली कि परी के लिए है। सपना हंसते हुए ले लिया। फिर कुछ देर बाद ही खाना पीना शुरू हो गया था। शाम को एक पार्टी रखी थी एक होटल में। समीर ने कहा चलो अब हम चलते हैं शाम को मिलते हैं। विकास ने कहा हां समय से आ जाना। शालू और समीर विनय काका को लेकर निकल गए। घर पहुंच कर ही सभी थक गए थे तो सो गए।
सात बजे तक नींद खुली और फिर फेश् हो कर चाय पीने लगे। शालू ने कहा परी अपने पापा पर गई है। बेटी हमेशा अपने पापा पर ही जाती है। और बेटा अपने मां पर। समीर ने सुना तो वह बोला पर हमारे बच्चे ऐसे नहीं होंगे। बेटी हुई तो तुम्हारे जैसी खुबसूरती होगी। शालू ने कहा जी नहीं ऐसा नहीं होता है। अब तैयार हो जाते हैं। विनय काका बोले बिटिया तुमलोग ही जाओ मैं और नहीं जाऊंगा। समीर ने कहा पर क्यों काका। विनय काका ने कहा नहीं, नहीं।शालु ने कहा अच्छा ठीक है पर आप क्या खाएंगे? विनय काका ने कहा दूध और डबल रोटी।। समीर ने कहा अच्छा ठीक है। फिर दोनों तैयार हो गए। समीर एक डेशिंग नीले रंग का बेल्जर पहना था। शालू एक नीले रंग की गाऊन पहन लिया। फिर दोनों हाथों में हाथ डाल निकल गए। पार्टी होटल में थी। सजावट भी देखने लायक थी। विकास ने देखते ही कहा कितना देर कर दी। विनय काका नहीं आएं? शालू ने कहा नहीं।चलो अब अन्दर। फिर अन्दर पहुंच कर देखा तो काफी लोगो की भीड़ थी। सपना परी को लेकर बैठी थी।
शालू सपना के पास जाकर बैठ गई और फिर दोनों बातें करने लगे। शालू ने कहा सब तुम्हारे मायके से आएं हैं? सपना ने कहा हां।ये मेरी मम्मी, पापा,भाई, भाभी सब आएं हैं। और बाकी सब विक्की के घर के है।
सभी डांसिंग करने लगे। समीर ने शालू को खींच कर ले कर गया। सबने मिलकर खुब इन्जाय किया। उसके बाद सब खाना खाने लगे। समीर और शालू भी खाना खाने लगे। विकास ने कहा अच्छे से खाना! समीर ने कहा हां यार। फिर समीर और शालू सपना से मिल कर जाने लगें। विकास ने कहा चलो भाई फिर मिलते हैं। गुड नाईट।
फिर दोनों घर पहुंच गए बहुत ही थके हुए थे तो एकदम से जाकर सो गए।
दूसरे दिन सुबह दोनों ही अपने अपने काम पर निकल गए।
शालिनी आफिस पहुंच कर ही अपने काम में व्यस्त हो गई।नायरा ने लंच ब्रेक में कहा कि अब चल भी बहुत काम हो गया तेरा। शालू ने हंसते हुए कहा हां, चलते हैं। फिर दोनों कैंटिन में जाकर लंच करने लगे।नायरा ने आउटिंग वाली बात बताई। शालू ने कहा अच्छा पर कहा?नायरा ने कहा में बी माथेरन । शालू ने कहा ओह नाईज प्लेस।नायरा ने कहा हम्ममम।पर क्या तेरा सोमू जाने देगा? शालू ने कहा हां क्यों नहीं।चल ठीक है फिर।
फिर शाम को शालू घर लौट कर आईं। और देखा कि समीर बैठे थे। शालू ने कहा अरे आज जल्दी। समीर ने कहा हां बस ज्यादा भीड़ नहीं थी। शालू ने कहा ओह ग्रेट। समीर ने कहा चलो फेश् हो कर नीचे आओ। शालू ने कहा ओके दो मिनट। फिर शालू फेश् हो कर आ गई।
शालू ने कहा चलो चाय पीते है। विनय काका ने चाय और पकौड़े खाने को दिया।
फिर दोनों बातें करते हुए खाने लगे।
समीर फोन पर बात करने लगा। शालू किचन में जाकर विनय काका को मदद करने लगी। फिर डिनर करने के बाद दोनों एक वाॅक करते हुए बात करने लगे। तभी शालू ने बताया मारेथन वाली बात। समीर कुछ देर चुप रहा फिर बोला कि तुमको जाना चाहिए।। शालू ने कहा अच्छा जी, तुम मेरे बगैर रह पाओगे।। समीर ने हंस कर कहा अरे जब आधी जिंदगी तेरे बगैर गुजारे तो ये दो दिन की क्या बात यार। शालू ने कहा सच्ची।सोमू ने कहा हां बाबा।ये सब तो करना पड़ता है यार। शालू ने कहा ओह माई डियर हवी।लव यू जान। सोमू ने कहा ओके। फिर दोनों वापस आ गए और ऊपर कमरे में जाकर दोनों एक दूसरे को देखने लगें। और फिर दोनों एक दूसरे के करीब आ गए।सोमू ने कस कर पकड़ लिया और फिर बोला वैसे जाना कब है? शालू ने कहा अरे बाबा अभी नहीं पता है।सोमू अब रोमांटिक अंदाज में बोला अरे जान अब मुझे।।। कहते हुए एक दूसरे को चूमते लगें और फिर एक दूसरे को देखने लगें और फिर शालू ने कहा अब तुम सो जाओ और मुझे भी सोने दो कल आफिस है। सोमू ने कहा हां ठीक है ये कहते हुए कम्बल में घुस गए दोनों एक मनचले प्रेमी की तरह सोमू उसे सताने लगा और शालू उसे डांटने लगी और फिर कब दोनों सो गए पता ही नहीं चला।
अगले दिन सुबह दोनों ही एक-दूसरे के शरारत को याद करते हुए मुस्कुराते जा रहें थे। पहले समीर चला गया और फिर शालू चली गई। इसी तरह महीने बीत गए।
इस बार शालू को पुरी उम्मीद थी कि अब वो मां जरूर बनेंगी और फिर जब शालू ने चेक किया तो रेजल्ट पोजिटिव था। शालू आफिस से घर आते ही अपने सोमू का इंतजार करने लगी और जब सोमू आ गया तो वो हर बार बताने की कोशिश कर रही थी पर समीर कभी फोन पर बात करते हुए दिखाई देते तो कभी टीवी। जब रात को समीर बेडरूम में गया तो देखा कि बेडरूम की सारी छोटी-बड़ी लाईटें जल रही थी और फिर शालू के आईने में देखा कि एक बच्चे की तस्वीर लगी थी और फिर समीर ये देख कर समझ चुका था तो सीधे बालकनी में गया तो देखा कि शालू खड़ी थी तो समीर पीछे से जाकर शालू को पकड़ लिया और फिर उसके कंधे को चुमा तो शालू घुम कर सोमू के गले लग गई। समीर ने कहा जान। मुझे पहले क्यों नहीं बताया?कल हम चेक करवाते हैं। वाडिया अस्पताल में। शालू ने कहा हां ठीक है मैंने आज ही छुट्टी ले ली थी। समीर ने कहा लव यू जान। अब अन्दर चलें ‌शालु ने कहा हां। फिर दोनों जाकर बेड पर लेट गए और समीर शालू के बालों को सहलाने लगा और फिर दोनों सो गए।
दूसरे दिन एक नई सुबह के साथ उठकर नाश्ता करने के बाद दोनों निकल गए। वाडिया अस्पताल में डाक्टर नीरजा को दिखाना था तो उनके पास पहुंच गए। डाक्टर नीरजा ने कहा अरे शालू बहुत दिनों बाद। शालू ने कहा हां मैम। नीरजा ने कहा आओ अन्दर चलते हैं। फिर बाहर आते ही कहा मैं कुछ विटामिन और कुछ और दवा लिख रही हूं।इस समय तुमको अपना और अपने बच्चे का ध्यान रखना होगा।सब कुछ मैंने लिख दिया है। अब तुम्हें हर हफ्ते चेक करवाने आना होगा। शालू ने कहा ओके मैम। नीरजा ने कहा खुश रहना है और हां ज्यादा हैवी वर्क नहीं करना है। समीर ने कहा मैम नौकरी करती है। नीरजा ने कहा गुड। जरूर करो।
फिर दोनों वहां से दवा खरीद कर घर लौट आए। समीर ने कहा अब तुम आराम कर लो और सब कुछ टाइम से करना होगा। शालू ने कहा हां ठीक है। फिर दोनों खाना खा कर सो गए। आधी रात शालू को उल्टी जैसा लगा। और वो उठ गई और साथ में समीर भी उठ गए और फिर शालू को पानी दिया। शालू ने कहा मुझे वो उल्टी वाली दवा दे दो। समीर ने दवा खिलाकर कहा अब ठीक हो। शालू ने कहा हां ठीक हुं। समीर ने कहा चलो सो जाओ। शालू ने कहा हां तुम भी। फिर दोनों सो गए। दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर दोनों तैयार हो नीचे नाश्ता करने बैठ गए। विनय काका ने नाश्ता लगा दिया। समीर ने कहा शालू पुरा नाश्ता करने के बाद दवा लेकर तभी निकालो। शालू ने कहा हां बाबा। फिर शालू ने नाश्ता करने के बाद दवा लेकर फिर आफिस के लिए निकल गई। समीर ने आकाश को हिदायत दी कि गाड़ी बहुत ही आराम से चलाएं। आकाश ने कहा ओके सर। फिर दोनों अपने अपने काम पर निकल गए। शालू खुशी खुशी आफिस पहुंच गई और सबसे पहले नायरा को ये खुशखबरी दिया।


क्रमशः