Mahi - 2 in Hindi Fiction Stories by Naziya Ansari books and stories PDF | माही - 2

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माही - 2

माही का निकाह हो जाता है और वो अपने नए घर आ जाती है। उसका शौहर काशिफ जो की काफी सुलझे हुए इंसान है वो अपनी बीवी की आंखो को देख कर ही महसूस कर लेते है की ये शादी माही की मर्जी के खिलाफ है । वो माही से कहते है कि माही मैं तुमसे बड़े बड़े वादे तो नहीं कर सकता पर इतना ज़रूर कह सकता हूं की मेरी वजह से अब तुम्हारी आंखों से आंसू नहीं आने दूंगा। अगर तुम चाहो तो ये रिश्ता जो कि मजबूरी है तुम्हारी लिए तुम खत्म कर सकती हो। और अगर तुम यहां रहना चाहो तो यहां अपने हिसाब से रह सकती हो। तुम्हारे ऊपर किसी तरह का दबाव में नही डालूंगा । क्योंकि मैं तुम्हें अपनी बीवी बना कर लाया हूं में अपनी मर्ज़ी तुम्हारे ऊपर नहीं थोप सकता इसी लिए तुम जैसा चाहो उसके लिए आजाद हो और इतना कह कर वो माही को बेड पर से छोड़ कर सोफे पर आकर लेट गए।

काशिफ ने अपनी शेरवानी की जेब में से एक बहुत प्यारी अंगूठी निकली और वापस बुझे मन से उसे रख दी और थोड़ी देर बाद माही और काशिफ दोनो को नींद आ जाती है

धीरे धीरे दिन निकलते जाते है और माही निलेश को भूलने की हर कोशिश करती है । पर फिर भी ऐसा कोई लम्हा नही होता जिसमें उसे निवेश नहीं याद आता हो।

और काशिफ के लिए भी माही के दिल में इज़्ज़त बहुत बढ़ जाती है जिससे वो धीरे धीरे काशिफ के प्यार में गिरफ्त हो जाती है।

और एक दिन जब माही और काशिफ घर पर अकेले होते है तो माही ही काशिफ से अपने प्यार का इजहार कर देती है।

और दोनो उस दिन सही मायने में एक हो जाते है

काशिफ माही को उस दिन वो अंगूठी पहना देते है जो उनके प्यार की गवाही देती है

माही आज तक अपने पहले प्यार को भूली तो नहीं है पर जब दूसरा प्यार आपके लिए शरीर से बढ़ कर और आपकी इज्जत करने वाला हो तो उसे अपनाने में भी कोई बुराई नहीं है।


ये मेरी पहली कहानी है । जिसमे मैंने प्यार में लड़कियों की मजबूरियों पर गौर किया है। कुछ लोग कहते है कि लड़कियां बेवफा होती है। समाज भी दोषी उन्हें ही ठहराता है। और तो और जिससे वो सबसे ज्यादा प्यार करती है वो भी उन्हें ही दगाबाज कहकर गलत साबित कर देता है । अब लड़कियां किसकी सुनें ? अपने मन की? अपने प्यार की? या समाज की? अगर वो अपने मन की सुनें तो वो मतलबी कहलाएंगी । अगर वो अपने प्यार की सुनें तो बदचलन कहलाएगी कि अपने दो दिन के प्यार के लिए इसने मां बाप के प्यार को ठुकरा दिया । और अगर समाज की सुनेगी तो वो जीते जी ही मर जायेगी । क्योंकि समाज वाले वही चार लोग होते है जो कभी मुसीबत में साथ देने तो नहीं आते पर फब्तियां ज़रूर कसते है । अब आप ही बताएं लड़कियों को किसकी सुनना चाहिए । कमेंट सैक्शन में रिप्लाई करें।

कहानी पढ़ने के लिए आपका दिल से शुक्रिया ।