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मोहब्बत अंधी होती है।

प्रगति को पता ही नहीं चला था, कि उसे अपनी सहेली के बड़े भाई अंकित से कब और कैसे मोहब्बत हो गई थी।

प्रगति अंकित से मिलने का एक भी मौका नहीं छोड़ती थी। वह पूरे दिन में जब तक एक बार अंकित से मिल नहीं लेती थी तब तक उसे चैन नहीं मिलता था।

अंकित को भी धीरे-धीरे समझ आ गया था कि प्रगति उस पर फिदा है। लेकिन अंकित के मन में प्रगति के लिए प्रेम नहीं सिर्फ हमदर्दी और प्रगति के लिए इज्जत थी।
उधर प्रगति के पड़ोस में रहने वाला नवीन प्रगति का सच्चा प्रेम दीवाना था। नवीन प्रगति का सच्चा आशिक था, वह प्रगति को पाने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहता था। परंतु प्रगति नवीन को सिर्फ अच्छा दोस्त मानती थी। और प्रगति यह भी जानती थी, की नवीन उससे बेइंतहा मोहब्बत करता है।

जब प्रगति की दीवानगी अंकित के लिए हद से ज्यादा बढ़ने लगती है, तो प्रगति का दिल टूट ना जाए उसके प्यार का अपमान ना हो जाए इसलिए अंकित प्रगति से झूठी प्रेम भरी बातें करने लगता है। और प्रगति कि सही गलत ज़िद भी पूरी करने लगता है।

परंतु प्रगति की यह गलतफहमी दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही थी कि अंकित भी उसके प्रेम में पागल है।

लेकिन फिर भी अंकित उसके सच्चे प्यार का कभी भी फायदा नहीं उठाना चाहता था।

नवीन प्रगति से सच्चा प्यार करता था, इसलिए वह अंकित और प्रगति के प्रेम की सच्चाई का पता लगाता है, तो उसे खुशी होती है, कि अंकित प्रगति से सच्चा प्रेम नहीं करता है और वह प्रगति का किसी भी तरह से फायदा भी नहीं उठाना चाहता है। और दुख इसलिए होता है कि जब प्रगति को इस बात का पता चलेगा तो उसका दिल टूट जाएगा।

परंतु नवीन के सामने यह समस्या थी, कि वह अंकित के झूठे प्रेम की सच्चाई प्रगति के सामने कैसे जग जाहिर करें, क्योंकि नवीन को पता था कि प्रगति अंकित की इस सच्चाई को मानेगी ही नहीं।

इसलिए नवीन अपनी मां को प्रगति से अपने एक तरफा प्रेम की सारी बात बता कर प्रगति के घर अपने मां बाप को प्रगति और अपनी शादी का रिश्ता करने के लिए भेजता है।

प्रगति के मां-बाप नवीन को बहुत पसंद करते थे। इसलिए वह नवीन से प्रगति की शादी करने के लिए तैयार हो जाते हैं।

लेकिन प्रगति शादी से साफ इंकार करके नवीन को गुस्से में बहुत अपमानित करती है।

और उस दिन के बाद अंकित पर अपने साथ जल्दी से जल्दी शादी करने का दबाव डालने लगती है।

अंकित प्रगति के प्यार का ना अपमान करना चाहता था और ना ही प्रगति का दिल तोड़ना चाहता था, इसलिए वह यह सोच कर प्रगति से एक बरस बाद शादी करने का समय मांगता है कि एक बरस के लिए मैं किसी अपने रिश्तेदार के घर चला जाऊंगा और शायद इस एक वर्ष में प्रगति के प्रेम का भूत उतर जाए।

लेकिन ऐसा करने पर अंकित को बहुत बुरा महसूस हो रहा था, क्योंकि उसके दिल में प्रगति के लिए बहुत हमदर्दी के साथ मान सम्मान भी था।

लेकिन फिर भी वह अपने मामा जी के घर रहने चला जाता है और वही पर नौकरी करने लगता है।

इधर प्रगति को खोने के बाद नवीन की जीवन के प्रति निराशा मायूसी बढ़ने लगती है।

नवीन की ऐसी हालत देख कर नवीन के मां बाप उसकी जल्दी से जल्दी शादी करने की तैयारी शुरू कर देते हैं।

और जिस दिन नवीन की शादी थी, उसी दिन अंकित लव मैरिज करके अपनी नई नवेली दुल्हन के साथ प्रगति से मिलने आता है।

शादीशुदा अंकित को देख कर प्रगति के आंसू रुकने का नाम ही नहीं लेते हैं। प्रगति अपने आंसुओं को किसी तरह रोक कर नवीन के पास अपना दुख बांटने जाती है।

तो दूल्हा बना नवीन प्रगति से अंकित की लव मैरिज की बात सुन कर प्रगति से कहता है कि "प्रगति तुम्हारी कोई गलती नहीं है, मोहब्बत अंधी होती है, इसलिए तुम समझ नहीं पाई की अंकित तुमसे प्यार नहीं सिर्फ तुम्हारे प्यार की इज्जत कर रहा था, वह तुम्हारे सच्चे प्यार का अपमान नहीं करना चाहता था, इसलिए उसने तुम्हारे प्यार का कभी फायदा भी नहीं उठाया। इस प्यार या धोखे की उलझन कि वजह से ना अंकित तुम्हें मिला ना मैं।"