Shoharat ka Ghamand - 76 in Hindi Fiction Stories by shama parveen books and stories PDF | शोहरत का घमंड - 76

Featured Books
  • એક સ્ત્રીની વેદના

    એક અબળા,નિરાધાર, લાચાર સ્ત્રીને સમજવાવાળું કોઈ નથી હોતું. એક...

  • Icecream by IMTB

    આ રહી આઈસ્ક્રીમનો ઇતિહાસ + ભારતની ત્રણ દિગ્ગજ બ્રાન્ડ્સ (Hav...

  • પારિવારિક સમસ્યાઓ અને સમાધાન

    પરિવાર માનવ જીવનની સૌથી નાની પણ સૌથી મહત્વપૂર્ણ એકમ છે. માણસ...

  • ભ્રમજાળ - 1

    #ભ્રમજાળ ભાગ ૧: લોહીના ડાઘ અને લાલ રંગ​અમદાવાદની ભીડભાડવાળી...

  • એકાંત - 105

    રવિએ પ્રવિણને જણાવી દીધુ હતુ કે, એ બીજે દિવસે હેતલને મનાવીને...

Categories
Share

शोहरत का घमंड - 76

मीनू की बाते सुनकर आलिया चौक जाती है और बोलती है, "तुम ये कैसी बात कर रही हो कोन सा नया घर और तुम दोनों यहां पर क्या कर रही हो"।

तब ईशा आलिया का हाथ पकड़ कर बोलती है, "आप पहले चलो तो सारी बाते क्या यही पर ही कर लोगी"।

उसके बाद मीनू और ईशा आलिया का हाथ पकड़ कर उसे वहा से ले जाते है। इतना बड़ा घर देख कर आलिया चौक जाती है और बोलती है, "ये सब क्या है और आप सब यहां पर क्या कर रहे हो"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "बेटा अब यही हमारा घर है और अब हम यही पर ही रहेंगे"।

तब आलिया बोलती है, "ये हमारा घर कैसे हो सकता है, हमारे पास इतने पैसे कहा है कि हम यहां पर रह सके"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "बेटा ये घर हमे छोटे साहब ने दिलवाया है और हमे यहां पर किराया देने की कोई जरूरत है, तुम्हे पता है उन्हे तुम्हारा काम बहुत ही अच्छा लग रहा है, और जब वो उस दिन हमारे घर आए थे तो उन्हे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था कि हम इतने छोटे से घर में केसे रह रहे हैं "।

तब आलिया बोलती है, "मम्मी हमारी जितनी औकात है हम उसी हिसाब से तो रहेंगे और हम तो बचपन से ही छोटे घर में रहते आ रहे हैं "

तब ईशा बोलती है, "तो क्या अब जिंदगी भर छोटे ही घर में रहेंगे "।

तब आलिया बोलती है, "मम्मी मगर इस तरह अचानक आप यहां पर आ गए मुझे बिना कुछ बताए "।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "वो हम सब मिल कर तुम्हे सरप्राइज देना चाहते थे "।

तब आलिया बोलती है, "मम्मी मुझे सच में यकीन नहीं हो रहा है कि आप इस तरह मुझे बिना कुछ बताए ये सब कैसे कर सकती हो "।

तब मीनू बोलती है, "आप इतना गुस्सा क्यों हो रही हो मम्मी पर, मम्मी ने आखिर ऐसा क्या कर दिया है, मम्मी तो आपको बस खुश देखना चाहती हैं, तभी तो उन्होंने आज बुआ जी को भी खरी खोटी सुना कर घर से भगा दिया और आप हो की मम्मी पर गुस्सा कर रही हो "।

तब आलिया बोलती है, "गुस्सा करने की बात है तभी तो गुस्सा कर रही हू"।

तब आलिया के पापा बोलते हैं, "बेटा इतना गुस्सा क्यों कर रही हो, बैठ जाओ आराम से और कुछ खा पी लो "।

तभी आलिया की मम्मी चाय बना कर ले कर आती है और सभी चाय पीने लगते है।

सब बहुत ही खुश होते है मगर, आलिया बहुत ही दुखी होती हैं।

रात होती है.........

आलिया के घर में सभी खाना खा लेते है और अपने अपने कमरे मे चले जाते है। तभी मीनू और ईशा आलिया के कमरे मे जाती है सोने। तब आलिया बोलती है, "चुप चाप जा कर दूसरे कमरे मे सो जाओ और मुझे अकेला छोड़ दो"

तब ईशा बोलती है, "वाह भाई वाह अब इन्हे कमरा भी खुद का अकेला चाहिएं"।

ये बोल कर वो दोनों कमरे से बाहर आ जाते है।

आलिया लेटी हुई ये सब सोच रही होती है तभी उसके पास आर्यन की कॉल आती हैं। तब आलिया सोचती है कि इतनी रात मे इसे क्या हुआ है को मुझे अब कॉल कर रहा है। तभी आलिया उसकी कॉल उठाती है।

तब आर्यन बोलता है, "कैसा लगा मेरा सरप्राइज ???????

तब आलिया बोलती है, "बहुत ही घटिया "।

तब आर्यन बोलता है, "तुमसे ना यही उम्मीद की जा सकती है, कभी खुश मत होना"।

तब आलिया बोलती है, "वैसे आपको मेरे खुश रहने या दुखी रहने से क्या मतलब है"।

तब तब आर्यन बोलता है, "मतलब है तभी तो ये सब कर रहा हूं"।

तब आलिया बोलती है, "कैसा मतलब...................