Three best forever - 26 in Hindi Comedy stories by Kaju books and stories PDF | थ्री बेस्ट फॉरेवर - 26

The Author
Featured Books
  • Safar e Raigah - 10

     منظر ۔ سلطان مرزا کے اس ایک فیصلے نے گھر کی فضا کو جیسے ہمی...

  • Safar e Raigah - 9

     باب ۔کشمیر کی برفیلی اور سرد شام تھی۔ باہر چنار کے درختوں س...

  • قلم کا قیدی

                     انتساب اُن کے نام...میرے 'استادِ محترم&...

  • صبح ہو گئی چچا

    خفیہ میں نے اپنے دل میں کیا راز چھپا رکھا ہے؟ میں نے تعلق کو...

  • لفافہ

    تصویر آج پھر میرا دل ملاقات کے لیے تڑپ رہا ہے۔ ایک بار پھر،...

Categories
Share

थ्री बेस्ट फॉरेवर - 26

( __/)
( • . •)
( >💜💜💜next ep में आपका सब दुश्मनों और उनकी सुंदर बहनों का स्वागत है🤭
पढ़ लिजिए दिल से🥰💜💜💜

"मैं तो कह रही थी की मुझे नींद आ रही हैं कही मैं बंगले में ही ना सो जाऊ और एक बार सो गई तो उठूंगी नही पर ये सब तो कुछ और ही समझ लिए" मस्ती सर खुज़ाती हुई मन में बोली फिर अचानक बेपरवाही से "खैर छोड़ो मुझे क्या ही ही ही" और मन ही मन हस पड़ी।

"हा तुम्हारे लिए कुछ भी चल जल्दी कर मनीष" राहुल मस्ती को देख मुस्कुराते हुए बोला। बाकि सब तो कुछ नहीं समझे लेकिन मस्तानी और रियू बहुत अच्छे से समझ गए थे उसके कहने का मतलब रियू गुस्से से मुट्ठी भींच ली तो वही मस्ती उसे इग्नोर कर मुंह फेरे खड़ी थी।

क्योंकि उसे राहुल का उसे देख ऐसे मुस्कुराना बिलकुल भी रास नहीं आता था उसका मन करता मार मारकर उसके शक्ल का नक्शा ही बदल दे 
तभी तड्डाक,,,,की आवाज आई मस्ती की मनचाही मुराद पूरी हुई वो जो चाहती थी मनीष ने कर दिया था। 

एक जोर का तमाचा राहुल के चिकने चिकने गाल पर जड़ दिया था। राहुल का मुंह दूसरी तरफ झुक गया जो देखने लायक था मस्तानी तो अपनी हसी कंट्रोल करने में लगी थी तो वही रियू का गुस्से में मुठ्ठी भींच रखी थी वो ढीली पड़ गई उसके होठों पर सुकून भरी तिरछी मुस्कुराहट फैल गई।

तो वही सब कुछ देर मुंह फाड़े देखते रहने के बाद मुंह दबाए हस रहे थे। 
वही मनीष जो लगातार अपने हाथ को घुर रहा था क्युकी थप्पड़ इतना जोर से मारा था की बिचारे का हाथ लाल टमाटर हो गया था वो हाथ को घूरते हुए बोला "सॉरी यार राहुल,,,😔" 

दर्द का अहसास होते ही राहुल करहारते हुए "आह,,,अबे साले sorry गया भाड़ मे हम पक्के दोस्त हैं और तू  sorry बोलेगा?" वो गाल सहलाते हुए उसे तरेर कर देखा।

"Ok ok not sorry ☺️ now happy" मनीष मुसकुराते हुए फट से अपनी बात पलटा तो

राहुल जबरदस्ती हस्ते हुए उसके गले में हाथ डाल 
बोला "हा अब ठीक है और रही बात इस थप्पड़ की तो मै खुद भी बोला था मारने को तो सॉरी कैसा और अब टास्क था पूरा तो करना बनता है ना" 

मस्ती खिसियानी हसी हंसकर "बिलकुल सही कहा कल,,,राहुल वरना बाकी सब तो आना कानी कर लड़कियों की तरह नखरे दिखा कर टाइम ही वेस्ट कर दिए इतना हु,,,चलो अब सोने चलते हैं good,,," 
वो अपनी बात पुरी कर वहा से खिसकने के फिराक में थी क्युकी उसे राहुल के साथ नही खेलना था। 

लेकिन राहुल ने उसकी बात काट रोकते हुए बोला "अरे ऐसे कैसे अभी लास्ट बॉटल घुमाना बाकी हैं ना तुम्हारे और मेरे बीच" 

"अरे यार मुझे बहुत जोर की निंद आ रही बहुत खेल लिए अब गेम खत्म करते हैं" ये बोल मस्ती बार बार जम्हाई लेने लगी या कहूं सबको सबूत पेश कर रही थी की उसे सच में बहुत नींद आ रही। 

राहुल ने मनीष को इशारों में उसे मानने को कहा मनीष समझते ही अपनी मीठी आवाज में चाशनी घोलकर 
बोला "मेरी प्यारी बेस्टीईई,,,लास्ट बार ही तो है कंप्लीट कर लेते है ना plisssss" 

"ए साली मस्ती क्या कम है जो इस बुद्धू की भी नौटंकी शुरू दोनों पागल करके छोड़ेंगे मुझे अहह,,," रियू मनीष को आखें छोटी कर घूरते हुए मन में बोली।

मस्ती माथा सहलाते हुए "अरेरेरे,,,इतना चाशनी मत घोल यार मैं जेल नही जाना चाहती" इतना बोल एक गहरी सास लेकर छोड़ दी। 

रियू को छोड़ सब लड़के हैरानी से "हेएए,,,,? ऐसे कैसे जेल चली जाओगी?????" 

रियु सर पीट कर मन में"लो इस नौटंकी बाज की डबल नौटंकी शुरू" 

स्ट्रॉन्ग बोला "तीन मिनट की बात है लास्ट बार बॉटल घुमा लेते है ना प्लीज़ मान जाओ" 

"हा वरना जब सुबह सब पूछेंगे "कौन जीता?" तो क्या जवाब देंगे?" समजीत नाखून चबाते हुए बड़ी टेंशन दिखाते हुए ऐसे बोला जैसे लास्ट बार बॉटल नही घुमा तो उसको सुल्ही पर ही चढ़ा दिया जाएगा।

रियु बेपरवाही से "बोल देना मनीष ने राहुल के चिकने चिकने गाल पर चपाटा मार दिया फिर,,," 

सभी साथ में हैरानी से "फिर?????" 

रियू की बात मस्तानी पूरी करते हुए "फिर,,, फिर क्या गेम ओवर सिंपल" 

उसकी बात सुन पांचों  लड़को का मुंह बन गया। 

राहुल काफी देर से खुद को नॉर्मल दिखा रहा था जबकि अंदर ही अंदर उसे गुस्सा भरा हुआ था जो अब चिढ़ बनके फूटा  "अरे,,,ये तो गलत बात है तुम तो आधा अधूरा छोड़ कर भाग रही हो" 

"मैं भागी कब ? आंख  वाले अंधे ठीक से देख बैठी ही हु" कहा मस्तानी बचकर निकलना चाहती थी लेकीन यहां  तो अपने ही बिछाए जाल में फंस गई।

"में,, मेरा मतलब गेम बीच में ओवर कर रही लगता हैं तुम्हे खुद पर विश्वास या हिम्मत नहीं है या डर रही की कही मैं जीत गया तो,,," वो जानबुझकर बात पुरी करते करते चुप हो गया और उसे चुनौती वाली मुस्कान देकर घूरने लगा जो की सीधे मस्तानी के डेविल रूप को जगा दिया।

मस्ती भावहीन हुए उसे घूरने लगी उसकी ठंडी नजरो को महसूस कर एक बार के लिए राहुल काप गया।
वो अपनी सर्द आवाज़ में बोली "अपनी बक बक बंद कर और ले बॉटल घुमा" ये बोल वो बॉटल उसके तरफ उछाली राहुल को इसकी उम्मीद नहीं थी वो हड़बड़ाते हुए बॉटल लपका अगर वो कैच नही करता तो तो तो उसका सर फूटना पक्का तय था।

रियू को छोड़ सभी घबरा कर मस्ती को देखे उसके चेहरे का जो भाव था बहुत कम ही देखे है लेकिन जब भी देखे है महाविनाश ही देखे है।

राहुल बॉटल घुमाया बॉटल अपनी रफ्तार तेज करते हुए घूमने लगी सबकी नजर घूमते बॉटल पर अटकी हुई थी मस्ती का पारा हाई था वो बॉटल को ऐसे देख रही थी मानो उसके इशारों पर ही गोल गोल नाच रही हो वही राहुल मन ही मन भगवान से प्रार्थना कर रहा था की वो ही जीते अगर ऐसा हुआ तो वो जो चाहे वो करवा सकता हैं मस्तानी से
वही मस्ती गेम इसलिए ही बिच में छोड़ कर जा रही थी क्यूंकि वो जानती थी राहुल कितने गिरे हुए सोच का है जब तक मौका ना मिले नॉर्मल रहता हैं पर मौका मिलते ही हाथ साफ कर लेता है। 

मनिष से दोस्ती भी अपने मतलब के लिए ही किया था वो और रियू अच्छे से समझ गए थे लेकिन बाकी सब और हमारा भोला भाला मनीष अनजान था। 

बॉटल अपनी रफ्तार धीमी करने लगी और और और उसका मुंह मस्ती की तरफ इशारा करते हुए राहुल की तरफ देखने लगा।
पर मस्ती की नज़रे बिलकुल नहीं डगमगाई,,,,

( __/)
( • . •)
( >💜💜💜 हमारी हिरोइन मस्ती या विलन कलमुहा आखिर कौन जीतेगा ये बाजी? जानेंगे next ep में मिलते हैं जल्द ही 😘💜💜💜