Desi WWE - 4 - A in Hindi Comedy stories by sachim yadav books and stories PDF | देसी WWE - गांव के पहलवान बनाम विलायती दंगल ! - 4 - A

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देसी WWE - गांव के पहलवान बनाम विलायती दंगल ! - 4 - A

गांव का चौराहा इस बार सच में अखाड़ा बन चुका था। चारों तरफ रंग-बिरंगे टेंट, ढोल-नगाड़ों की आवाज़ और पकौड़े-जलजीरे की खुशबू फैली हुई थी। मेले का नाम रखा गया था – “पकौड़ा पंडाल स्ट्रीट फाइट स्पेशल”।
भीड़ इतनी जमा थी कि पेड़ों की टहनियों पर भी बच्चे चढ़कर तमाशा देखने लगे।

घोषक माइक पर गला फाड़-फाड़कर चिल्ला रहा था –
“देसी महायुद्ध का सबसे बड़ा एपिसोड!
आज तय होगा कि गांव का असली बादशाह कौन बनेगा!
तम तमवा? टक्कर पहलवान? नागू रोलिंस? या फिर दरोगा और ब्लैक माम्बा का नया गैंग?”

तम तमवा की एंट्री – लट्ठ चैंपियन

तम तमवा, पिछले हफ्ते जीता हुआ लकड़ी का लट्ठ सीने से लगाकर, मंच पर आया। पीछे उसके चमचे पेचकस और पिलास जोर-जोर से नारे लगा रहे थे –
“देख लो देख लो, गांव का असली चैंपियन आ गया!”

तम तमवा ने भीड़ की तरफ देखकर ठसक में कहा –
“अब तो लट्ठ मेरे पास है, और चौराहा मेरा है। जो चाहे आकर आज़मा ले, तम तमवा को कोई नहीं हरा सकता!”

भीड़ में कुछ लोग तालियां बजाने लगे, लेकिन बहुत से लोग सीटी मारकर उसे चिढ़ाने लगे। क्योंकि सब जानते थे कि तम तमवा ने पिछले मैच में धोखेबाज़ी करके जीता था।

टक्कर पहलवान – गुस्से का ज्वालामुखी

तभी ढोल-नगाड़े तेज हुए और लाल गमछा लहराते हुए एंट्री की टक्कर पहलवान ने।
उसके चेहरे पर गुस्से की आग और आंखों में बदले की लपटें साफ झलक रही थीं।
उसने आते ही माइक छीन लिया और बोला –
“तम तमवे! पिछली बार तू मिर्ची की पुड़िया से बच गया… लेकिन आज तेरी सारी चालाकियां तेरे काम नहीं आएंगी। मैं तुझे ऐसा पटकूँगा कि तेरी कमर का नाच भी भूल जाएगा!”

भीड़ जोर-जोर से चिल्लाई –
“टक्कर! टक्कर! टक्कर!”

तम तमवा मुस्कुराकर बोला –
“ओए छोरे, तू गुस्से में है, लेकिन मैं दिमाग से खेलता हूँ। आज फिर तुझे हराऊंगा – और इस बार बिना मिर्ची के!”

नागू रोलिंस – भांगड़ा एंट्री

भीड़ अभी इन दोनों को देख ही रही थी कि अचानक डीजे पर तेज बीट बजने लगी – “लौंग लाची, लौंग लाची…”
और मंच पर नाचते हुए एंट्री मारी नागू सेठ रोलिंस ने!

उसने लाल पगड़ी पहन रखी थी और आते ही भांगड़ा करने लगा।
भीड़ हँस-हँसकर लोटपोट हो गई।
नागू ने माइक पकड़कर बोला –
“अरे ओ छोरो! लड़ाई-झगड़े में क्या रखा है? मैं सबको नाच-नाचकर हराऊंगा। मेरी ‘भांगड़ा फिनिशर मूव’ से कोई नहीं बच सकता!”

तम तमवा और टक्कर दोनों ने नागू को घूरकर देखा और बोले –
“पहले हमें अपना हिसाब बराबर करने दे, फिर तुझे भी देखते हैं!”

लेकिन नागू का आत्मविश्वास अलग ही लेवल का था। वो टेबल पर चढ़कर भांगड़ा करता रहा और भीड़ को एंटरटेन करता रहा।

दरोगा और ब्लैक माम्बा की साज़िश

भीड़ का ध्यान जहां मंच पर था, वहीं बैकस्टेज गुपचुप चालें चली जा रही थीं।
दरोगा और ब्लैक माम्बा ने हाथ मिलाकर नया गठबंधन बना लिया था।

दरोगा ने ब्लैक माम्बा से कहा –
“आज तम तमवे को नीचे गिराना है। लेकिन अकेले टक्कर से भी काम नहीं चलेगा। हमें दांव लगाकर दोनों को कमजोर करना होगा। और आखिर में… चौराहा चैंपियन मैं बनूँगा!”

ब्लैक माम्बा ने खतरनाक हंसी के साथ जवाब दिया –
“ठीक है दरोगा। जब सही वक्त आएगा, हम दोनों मिलकर रिंग में उतरेंगे और सबको धूल चटा देंगे।”

मैच का एलान

घोषक ने माइक पर ऐलान किया –
“और अब शुरू होता है – पकौड़ा पंडाल स्ट्रीट फाइट!
नियम साफ हैं –

1. कोई रेफरी नहीं होगा।


2. कोई नियम नहीं होगा।


3. जो आख़िर में खड़ा रहेगा, वही बनेगा नया चौराहा चैंपियन!”



भीड़ एकदम पागल हो चुकी थी।
सीटियों और शोर से पूरा चौराहा गूंज रहा था।

तम तमवा, टक्कर पहलवान और नागू रोलिंस रिंग में आमने-सामने खड़े हो गए।
तभी अचानक लाइट बंद हो गई और ढोल नगाड़े थम गए।
धुआं उठने लगा और उसमें से निकले – दरोगा और ब्लैक माम्बा!

भीड़ दंग रह गई।
अब रिंग में पांच दावेदार थे –
तम तमवा, टक्कर पहलवान, नागू रोलिंस, दरोगा और ब्लैक माम्बा!

पहला टकराव

लाइट वापस आई और पांचों एक-दूसरे पर टूट पड़े।

टक्कर पहलवान ने आते ही तम तमवे को पकड़कर जमीन पर पटक दिया।

नागू रोलिंस ने दरोगा को नाच-नाचकर घुमाया और फिर टेबल पर फेंक दिया।

ब्लैक माम्बा ने मौका देखकर नागू के बाल पकड़कर उसे नीचे गिरा दिया।


भीड़ शोर मचाती रही –
“ओए मारो! पटक दो! खा जा इसको!”

तम तमवा ने मिर्ची की नई पुड़िया निकाली, लेकिन इस बार टक्कर ने उसे बीच में ही छीनकर तम तमवे के मुंह पर ही झोंक दी।
तम तमवा दर्द से तड़पने लगा और चिल्लाया –
“आँख! मेरी आँख!”

भीड़ जोर-जोर से हंसने लगी।

रहस्यमयी ट्विस्ट

तभी चमगादड़ चमनलाल बैकस्टेज से भागता हुआ आया।
उसके हाथ में इस बार पकौड़े का बड़ा टोकरा था।

उसने तम तमवे को पकौड़े खिलाए और बोला –
“खा ले गुरु, इसमें डबल मिर्ची है… तेरी ताकत दोगुनी हो जाएगी!”

तम तमवा पकौड़े खाकर जोश में आ गया।
उसने उछलकर ब्लैक माम्बा को लट्ठ से मारा और फिर नागू को धक्का दे दिया।

भीड़ पागल हो गई –
“तम तमवा! तम तमवा!”

लेकिन टक्कर पहलवान चुप नहीं बैठा था।
उसने तम तमवे की कमर पकड़कर ऐसा दांव लगाया कि तम तमवा सीधा जमीन पर जा गिरा।