Three best forever - 56 in Hindi Comedy stories by Kaju books and stories PDF | थ्री बेस्ट फॉरेवर - 56

The Author
Featured Books
  • दरवाजा: काली हवेली का श्राप - 5

    एपिसोड 5 — “जिसने श्राप दिया… वो तुम ही थी”हवा… थम गई थी।पूर...

  • Bayaan - Part 17

    Part 17 "अगले चार महीने..."ये चार महीने मेरी ज़िंदगी के सबसे...

  • Sirf Tumhara - 5

    **Sirf Tumhara**  **Part 5**अंश का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा...

  • Conversations With Myself - 2

    शाम धीरे-धीरे ढल रही थी।पूरा दिन जैसे आँसुओं में भीगकर निकल...

  • Mafia King - 6

    जगह कोई आम ठिकाना नहीं, बल्कि 'रॉयल फिटनेस होटल' था।...

Categories
Share

थ्री बेस्ट फॉरेवर - 56

( __/)
( • . •)
( >💜💜💜Wlcm बैक टू my "थ्री बेस्ट फॉरेवर" story' next ep प्लीज रीड me 💜💜💜

राहुल के बाद ही मनीष ने इंस्टा पर मस्ती और रियू मुलाकात करवाई और पहली ही बार में दोनो ऐसे बात करने लगे जैसे जन्मों जन्मों से एक दूसरे को जानते हो
ऐसे ही इनकी दोस्ती गहरी हुई और एक दूसरे के सुख दुख समझने लगे और साथ देने लगे। अब आगे,,,

वर्तमान
तभी फिर मैसेज की रिंग टोन बजने लगी और उस आवाज को सुन मस्ती होश में आई और 
गुस्से से भरी नागिन की तरह फुफकारती हुई "अब बहुत हुई इसकी मनमानी मनीष को बताना ही होगा इसकी करतूत" 

और फट फट मनीष no पे कॉल कर बड़बड़ाई "अबे मनीष कॉल उठा,, कॉल उठा कॉल उठा " 

लेकिन फोन बंद बता दिया। 

जिससे मस्ती चीख पड़ी "ये तो फोन बंद बता रहा,,लगता हैं उसका खटारा फोन फिर खराब हो गया ह,,अब क्या करू रियु का फोन तो कल से ही खराब पड़ा है अब क्या करू,,?क्या करू,,? क्या करूऊऊ,,,?" 

ऐसे पागलों की तरह चीखते हुए सोच ही रही थी की insta पर रियू का मैसेज आया 

मस्ती तेजी दिखाते हुए insta ऑन की ओर मैसेज देखी।

रियू का मैसेज "पहली बात सॉरी बिलकुल नही बोलूंगी" 

मस्ती रिप्लाई की "पहली बात गई तेल लेने अब दूसरी बात बोल?" 

रियू का मैसेज "मनीष का फ़ोन टूट गया इसलिए वो तुझ से कॉन्टेक्ट नही कर सकता" 

मस्ती रिप्लाई कर सवाल की "फोन तो तेरा भी टूटा था ना?" 

रियू जवाब दी "Hmm ये पापा के फोन से बात कर रही तुझ्से" 

मस्ती शक भरे इमोजी सेंड कर मैसेज की "तुम दोनो का फोन एक साथ एक ही दिन एक ही समय पर कैसे टूट सकता हैं? सच सच बता बात क्या है क्युकी मुझे बहुत तेज़ नेगेटिव एनर्जी महसूस हो रही कुछ तो लोचा है ?"  

तो रियू रिप्लाई की "वही गड़बड़ बताने के लिए तूझे कॉन्टेक्ट की हु" 

मस्ती सिरियस हुए "मतलब मै सही थी good अब मुद्दे पर आ" 

रियू ने कहा "ठीक है पर बीच में टोकना मत जब तक मैं अपनी बात खत्म नहीं कर लेती" 

मस्ती ने मैसेज किया "ठीक है बिना रुके बकती जा चल स्टार्ट कर,,,," 

रियू आगे मैसेज की "तुझे पता है कॉलेज की फीस एक हजार रुपए है" 

"हा तो,,,?" मस्ती बीच में मैसेज की।

रियु के मेसेज "अपने क्लास में सबने कॉलेज की फीस भर दी थी बस राहुल ने नही भरा था"   

मस्ती फिर बीच में  "क्यों?" 

"क्युकी उसके पास पैसे नहीं थे और,,,," रियू आगे मैसेज टाइप करती की बीच में 

मस्ती फिर जानबुझकर फास्ट मैसेज की "तो उससे हमें क्या? हम क्या उसके पैसे देने का बैंकठेका खोले बैठे हैं" 

उसके बार बार ऐसा करना रियू को मस्ती की मस्ती समझ गई और वीडियो कॉल कर दी उसका कॉल आता देख मस्ती आंख मिच अपने होठों पर शरारती से जीभ फेरते हुए "ज्वाला फूटने वाला है अब" 
ये बोल वो कॉल पिक करी सामने स्क्रीन पर रियू का गुस्से से तमतमा उठा लाल पीला चेहरा देख उसके हाथ में फोन छूटकर कर गिरते गिरते बचा उसने फ़ोन संभाला और दात चमकाते हुए "हाइई माय डार्लिग जान रियू बड़े दिनों बाद,,," 

रियू उसे घूरते हुए भड़की "चुप,,अबे साली ज्यादा मस्ती सूझी है तेरेको बोला न बीच मे मत बोल" 

मस्ती खिसियानी हसी हस्ते हुए "ही ही हीOk शीईईई,,, चुप हु तू बक" 

"अब वीडियो कॉल में ही सारी बात बताती हु,,उसके मम्मी पापा बीमार थे तो उसने मनीष के पापा को फोन करके बोला,,,," रियू खीजते हुए आगे बताती गई।

फ्लैश बैक
कॉलेज का हॉस्टल

राहुल बड़े लाचार्गी भरे भाव से बोला "यार मनीष तू दे सकता हैं क्या पैसे? " 

मनीष उसे सांत्वना देते हुए
उसके कंधे पर हाथ रख बोला "दे सकता हु अगर पापा मान जाए तो" 

तो राहुल फट से बोला "मै बात करता हु ना चाचा जी से लगा फोन" 

"Ok लगा रहा" ये बोल मनीष अपने पापा को कॉल किया और दूसरी तरफ से झट से रिसीव कर लिया गया।

मणिक जी बोले "बोल बेटा सब ठीक तो हैं ना?" 

मनीष घबराते हुए बोला "पापा सब ठीक है वो,,वो बात ये है की वो,,राहुल,,," 
उसकी बात मणिक जी समझ नहीं पा रहे थे और झुंझलाहट से बोले "अरे क्या वो वो कर रहा साफ साफ बोल ना ?" 

राहुल भी खीजते हुए उससे फोन छीन लिया 
और बोला "ला फोन दे मुझे,,, हैलो चाचा जी मैं राहुल बोल रहा मुझे आपसे बहुत जरूरी बात करनी है" 

मणिक जी बोले "हा बोल बेटा क्या बात है?और क्या बोल रहा था मनीष?" 

"चाचा जी मेरे मम्मी पापा के तबियत अभी ठीक नहीं और इसी वजह से मैने दो महने की कॉलेज फीस नहीं भरी ऐसा नहीं है की पापा ने पैसे नहीं भिजवाए थे उन्होने बिजवाए थे लेकिन वो पैसे मैने उनकी दवा पानी में खर्च कर दिए उनकी तबियत वाकई बहुत ज्यादा खराब हो गई थी कही कुछ हो न जाए इस टेंशन में खैर क्या आप मुझे दो हजार दे सकते है मैं छुट्टियों में आऊंगा तो दो तीन हफ्ते में लौटा दूंगा प्लीज चाचा जी दे दीजिए ना" राहुल ने अपनी आपबीती सुनाई जो सच है भी या नहीं किसी को नहीं पता 
जिसे सुन मणिक जी भावनाओं में पिघल गए
और बोले "ठीक है बेटा मनीष के पास भिजवाता हु पैसे ले ले उससे चल रखता हूं काम में जा रहा ख्याल रखना दोनो अपना" 

राहुल खुशी के मारे चहकते हुए "ठीक है चाचा जी थैंक्यू थैंक्यू थैंक्यू सो मच" और झट से फोन कट कर मनीष को दे दिया।

"पापा मान गए ना?" मनीष सवाल के सवाल पर

राहुल बोला "मेरी खुशी देख तुझे पता नहीं चल रहा?" 

वही मनीष भी मुस्कुराते हुए बोला "मुझे पता था मेरे पापा दिखने में और दिखाने में सख़्त है पर दिल से बहुत नर्म और भले" 

राहुल कुटिल मुस्कान लिए "सही कहा" 

तभी मनीष के फोन में नोटिफिकेशन आया दोनो ने देखा मनीष के पापा ने उसके खाते में दो हजार रूपए भेजा था।

"ये पैसे मै तुझे पे करता हु रुक" और मनीष ने राहुल को पे कर दिया।

वर्तमान

इतना बता कर रियू चुप हो गई। 
तो मस्ती उसकी बताई सारी बात को ध्यान में रखते हुए उसके आगे बोलने का इंतजार करने लगी।

एक मिनट भी नही हुए थे की मस्ती झल्लाते हुए "जल्दी बोलेगी या फिर मुहूर्त निकलवाऊं?" 

रियू ने उसे घूरा तो मस्ती कोलगेट प्रचार कर "मेरी जान जल्दी बोल न प्लीज" 

रियू उसे घूरते हुए आगे बोली "अब जब हम कॉलेज की छुट्टियो में अपने अपने घर आ गए तो,,," 

फ्लैश बैक ऑन 

एक दिन ट्रेन में बीता कर हम तीनो राजस्थान पहुंच रियू अपने गांव जयपुर चली गई तो वही राहुल और मनीष अपने गांव उदयपुर आ गए। इन दोनो का घर एक ही गली में है। राहुल का चालीस कदम की दूरी पर पड़ता हैं वो अपने रास्ते चला गया।

शाम के चार बज रहे थे।

अपने रास्ते चल मनीष मस्ती को मैसेज कर इनफॉर्म करने का सोचा 

"सही सलामत घर पहुंच गया करके बता देता हूं वरना भड़केगी" खुद से बोल वो मैसेज करने लगा लेकिन उसका फ़ोन काम ही नहीं किया स्विचऑफ था। मनीष ने अपना सर पकड़ लिया।

"इसे भी अभी ही खराब होना था अब क्या करूं ?पहले घर पहुंच जाऊ फिर पापा का फोन यूज कर लूंगा " यही सोचते सोचते वो घर पहुंच गया।

( __/)
( • . •)
( >💜💜💜 आगे क्या होगा? जानने के लिए बने रहे मेरे साथ मिलते हैं जल्द ही next ep में 💜💜💜