New Bodyguard - 4 in Hindi Fiction Stories by Miss Secret books and stories PDF | नया बॉडीगार्ड - 4

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नया बॉडीगार्ड - 4

शाम का वक्त था।

मुंबई की सड़कों पर ट्रैफिक अपने peak पर था… हॉर्न की आवाज़ें, लोगों की भीड़… सब कुछ usual था।

लेकिन नैना के अंदर सब कुछ usual नहीं था।

उसका ध्यान बार-बार सिर्फ एक ही इंसान पर जा रहा था—

समीर।

सुबह से ही उसका behavior थोड़ा अलग था।
कम बोलना तो वो हमेशा करता था… लेकिन आज वो ज़्यादा ही distant लग रहा था।

और सबसे अजीब बात—

वो बार-बार फोन चेक कर रहा था।

नैना ने तय कर लिया—

आज वो सच पता लगाएगी।


---

रात 8 बजे…

नैना अपने कमरे में थी।

वह balcony से नीचे देख रही थी।

तभी उसने देखा—

समीर quietly मेंशन के बाहर निकल रहा था।

बिना किसी को बताए।

नैना की आँखें सिकुड़ गईं।

“कहाँ जा रहा है ये…?”

उसका दिल तेज़ धड़कने लगा।

“यही मौका है।”


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5 मिनट बाद…

नैना भी quietly नीचे आई।

उसने guards को avoid किया और चुपचाप बाहर निकल गई।

गेट के बाहर…

समीर अपनी बाइक पर बैठा था।

उसने helmet पहना… और कुछ सेकंड बाद bike start करके निकल गया।

नैना ने तुरंत एक cab रोकी।

“उस बाइक का पीछा करो… जल्दी!” उसने driver से कहा।

Driver थोड़ा confused हुआ, लेकिन फिर उसने car बढ़ा दी।


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मुंबई की सड़कों पर chase शुरू हो चुका था।

नैना का दिल तेज़ी से धड़क रहा था।

हर मोड़ पर उसे डर लग रहा था कि कहीं वो समीर को खो न दे।

लेकिन कुछ देर बाद…

समीर की बाइक एक सुनसान सी जगह पर जाकर रुकी।

पुरानी, टूटी-फूटी इमारतें… कम रोशनी… और आसपास कोई नहीं।

“ये जगह…?” नैना ने धीरे से कहा।

उसने driver को पैसे दिए और खुद धीरे-धीरे आगे बढ़ी।


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समीर एक abandoned building के अंदर गया।

नैना ने थोड़ा इंतजार किया…

फिर वह भी उसके पीछे अंदर चली गई।

अंदर अंधेरा था।

दीवारें टूटी हुई… हवा में धूल…

हर कदम पर आवाज़ गूंज रही थी।

नैना का दिल डर से जोर-जोर से धड़क रहा था।

लेकिन curiosity उससे ज्यादा strong थी।


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वह धीरे-धीरे आगे बढ़ी…

तभी उसे आवाज़ सुनाई दी।

समीर की।

वह तुरंत एक दीवार के पीछे छुप गई।


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“तुम late हो,” एक और आदमी की आवाज़ आई।

नैना ने झांककर देखा।

समीर के सामने एक आदमी खड़ा था।

उसका चेहरा shadow में था।

समीर ने cold tone में कहा,

“काम हो रहा है।”

“काम? या तुम emotional हो रहे हो?” उस आदमी ने हंसते हुए कहा।

नैना का दिल रुक सा गया।

Emotional?

समीर ने गुस्से में कहा,

“Mind your language.”

“तो फिर जल्दी खत्म करो उसे,” आदमी ने सख्ती से कहा।

“तुम्हें पता है ना तुम्हारा mission क्या है?”

कुछ सेकंड की खामोशी…

नैना की सांसें रुक गईं।

फिर…

समीर की आवाज़ आई—

“नैना को खत्म करना।”

नैना के पैरों तले जमीन खिसक गई।

उसकी आँखें फैल गईं।

“नहीं…” उसके होंठों से आवाज़ भी नहीं निकल पाई।


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आदमी ने फिर कहा,

“और याद रखो… अगर तुमने fail किया…”

“तो मैं fail नहीं होता,” समीर ने बीच में ही कहा।

उसकी आवाज़ बिल्कुल ठंडी थी।

जैसे वो सच में… ये सब करने के लिए बना हो।


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नैना का दिल टूट रहा था।

जिस इंसान ने उसे बचाया था…

वही उसे मारना चाहता था।

उसकी आँखों में आँसू आ गए।

लेकिन वो आवाज़ नहीं कर सकती थी।


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तभी…

उसके पैर के नीचे एक पत्थर आ गया।

“टक!”

आवाज़ गूंज गई।

दोनों आदमी तुरंत alert हो गए।

“कौन है वहाँ?” उस आदमी ने चिल्लाया।

नैना का दिल गले में आ गया।

वह पीछे हटने लगी…

लेकिन तभी—

समीर की नजर उस पर पड़ गई।

दोनों की आँखें मिल गईं।

कुछ सेकंड के लिए समय रुक गया।

नैना की आँखों में डर था… धोखा था…

और समीर की आँखों में—

shock।


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“नैना…” उसने धीरे से कहा।

नैना पीछे हटने लगी।

“मुझसे दूर रहो…”

उसकी आवाज़ कांप रही थी।

“तुम… तुम मुझे मारना चाहते हो…”

समीर कुछ बोल नहीं पाया।


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तभी पीछे खड़ा आदमी हंस पड़ा।

“Interesting… लड़की को सब पता चल गया।”

उसने जेब से gun निकाली।

नैना की तरफ तान दी।

“तो फिर… mission यहीं खत्म कर देते हैं।”

नैना जम गई।

उसकी आँखें डर से फैल गईं।


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लेकिन उसी सेकंड…

धड़ाम!

समीर ने उस आदमी का हाथ जोर से धक्का दिया।

गन की गोली दीवार में जाकर लगी।

“तुम पागल हो गए हो?!” आदमी चिल्लाया।

समीर गुस्से में था।

“कोई भी उसे हाथ नहीं लगाएगा!”

नैना shock में थी।

“ये… मुझे बचा रहा है…?”


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दोनों के बीच fight शुरू हो गई।

घूंसे… kicks… हर तरफ chaos।

नैना डर के मारे एक कोने में खड़ी थी।

कुछ ही सेकंड में…

समीर ने उस आदमी को जमीन पर गिरा दिया।

लेकिन…

वो आदमी मुस्कुराया।

“तुम बदल रहे हो, समीर…”

उसने खून थूकते हुए कहा—

“और ये तुम्हें महंगा पड़ेगा।”

फिर वो भाग गया।


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अब वहाँ सिर्फ…

नैना और समीर थे।

दोनों के बीच खामोशी।

नैना की आँखों में आँसू थे।

“झूठ क्यों बोला तुमने…?” उसने धीमे से पूछा।

समीर ने कुछ नहीं कहा।

“तुम मुझे मारने आए थे…” उसकी आवाज़ टूट गई।

समीर ने उसकी तरफ देखा।

उसकी आँखों में पहली बार…

conflict था।


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“हाँ…” उसने धीरे से कहा।

नैना का दिल टूट गया।

“लेकिन…” समीर ने आगे कहा—

“अब नहीं।”

नैना ने उसे देखा।

“क्यों?”

कुछ सेकंड की खामोशी…

फिर समीर ने धीरे से कहा—

“क्योंकि… अब मैं खुद नहीं समझ पा रहा…”

उसने उसकी आँखों में देखते हुए कहा—

“कि मैं तुम्हारा bodyguard हूँ…
या… तुम्हारा killer।”


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