जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 22
और तभी दूसरी तरफ सिड़यो पे
अचानक वह आंटी मेघना के करीब जाते हुए
दो सीरियल नीचे ही खरि होते हुए
अचानक अपने दाएं हाथ उठाकर
मेघना पर पॉइंट करते हुए और रिएक्ट करते हुए गुस्से में कहती है
कहां गई थी पागल लड़की
और वही मेघना कुछ नहीं बोलते
बस आंटी की बातों से हैरान नहीं
पर उसकी हाव भाव से थोड़ी अजीब फिल कर रही है
और तभी अचानक पीछे से एक तेज आवाज आती है
दीदी
और तभी अचानक से मेघना के कानों में जोर की
यह तेज आवाज गुजती है
और अचानक से आवाज सुनते ही
वह जोरों से शिशकते हुए गहरी सांस लेती है
और तभी वह हवलदार अचानक सीडीओ के कुछ कदम नीचे
अपने कदम ठहराते हुए
और मेघना को देखते हुए ठहर जाता है
और तभी रिया अपनी बहन को पुकारते हुए
घबराहट में गहरी सांस लेते हुए
अचानक से अपने कदम बढ़ाते हुए
सीडीओ की तरफ
दौड़ पड़ती है
और तभी अचानक से मेघना पलट कर रिया की तरफ देखती है
और देखते ही
उसके होंठ अचानक खुल जाते हैं
मन में भारी आवाज के साथ हल्की रिया के नाम लेते हुए
रिया
और उसके साथ उसकी सांसे और गहरी हो जाती है
और वही वह आंटी दो कदम आगे आते हुए
सीडीओ पर ही ठहर जाती है
धीरे-धीरे अपने हाथ नीचे करते हुए
और वही मेघना कुछ समझ पाती कि
अचानक रिया दौड़ते हुए
जाकर जोर से दोनों बाहे फ्लेट हुए
मेघना को अपनी बाहों में भर लेती है
इमोशनल होते हुए
और गहरी सांस लेने लगती है
और वही मेघना के खुले हॉठ अचानक से बंद हो जाती है
और अभी अपने दोनों हाथों को नीचे करते हुए
सच में पड़ी हुई है
गहरी आंखों से आगे की तरफ देखते हुए
और वही रिया अपने दोनों हाथों से अपने बेहेन को बाहों में करते हुए
अचानक उसके गले लग जाती है
और गहरी सांस लेते हुए
और हल्की आंखें बंद करते हुए
वो शिशक शिशक को रोने लगती है
और वही मेघना रिया को रोते देखा
अचानक घबरा जाती है
और घबराहट में अचानक से अपने दाएं हाथ उठाते हुए
धीरे-धीरे रिया के पीठ पर रखती है
और वही रिया अपनी बहन के गले लगा कर
इमोशनल होकर आंखें बंद करते हुए
बस शिशक शिशक कर रोति जा रही है
और वहीं दूसरी तरफ असल दुनिया में
अभिराज अपने भारी कदमों से अस्पताल की दूसरी मंजिले के गलियारों में चलते हुए
अपनी बेटी के कमरे की तरफ जा रहा है
और वहीं दूसरी तरफ इमरजेंसी कमरे में है
रिया
अपनी केसर के पास एक चेयर पर बैठी हुई है
और अपनी बहन के सर पे हाथ फेरते हुए
और उसे गहरी आंखों से देखते हुए
अचानक उसके सर से हाथ हटा कर
साइड में रखी हुई पर्स की तरफ थोड़ी मूरती है
और अपने दाई हाथ बिस्तर की दूसरी साइट
अपनी बहन की पैरोके तरफ बढ़ाती है
और बाएं हाथ और धीरे से उठाकर
अपनी आंखों के बहते हुए आंसू को पूछते हुए
अचानक हल्के झुकते हुए पलटी है
और पलट कर चेयर से उठ खड़ी होती है
और खड़ी होती हुई
अपने कदम दरवाजे की तरफ बढ़ती है
और तभी अभिराज गलियारों से आगे चलते हुए
अपनी बेटी के रूम की तरफ आ रहा है
और वही रिया भी हल्के नजर झुका कर
अपने हाथों में रखे हुए
बैग को धीरे-धीरे दूसरे हाथों से सरकते हुए
और कंधे पर रखते हुए
और शिशक कर गहरी सांस लेते हुए
अपने कदम बढ़ाते हुए दरवाजे की तरफ आ रही है
और वही डॉक्टर देव भी
अपने पेशेंट को देखने के लिए
और अपने दोनों हाथ अपने जेब में डालते हुए
कुछ सोचते हुए
इसी गलियारों में से टहलते हुए
धीरे-धीरे अपने बराते हुए आगे आ रहा है
और वही दूसरी तरफ
कुछ सेकंड में अचानक से अभिराज दरवाजे के पास
पहुंचती है
और तभी अचानक रिया भी
दरवाजे के पास आती है
और अचानक मुड कर आगे की तरफ देखती है
नजरो झुकते हुए ही
और वह अचानक अभिराज की बरते हुए
कदमों को देखते हुए
अचानक से अपने बड़ाते हुए
कदम को रोक लेती है
और धीरे-धीरे अपनी नजर उठाती है
और वही अभिराज भी अचानक से ठहर जाती है
रिया को देखते हुए
और वही रिया अचानक से नजर उठाते ही
अभिराज को देखता है
और अचानक गुस्से से भर रही है
और वही अभिराज रिया को शांत निगाहों से देखते हुए
कुछ नहीं बोलना
और तभी अचानक गलियारों से आते हुए
डॉक्टर देव की नजर अभी राज पर पड़ता है
तभी अचानक अभिराज से कदम दूर अचानक
डॉक्टर देव
उसे देखते हुए ठहर जाता है
और वही रिया अपने सामने अभिराज को देख
अचानक से हल्की पश्चिम की ओर झुकते हुए मूरती है
और दरवाजे की दूर
थोड़ी बगल में दीवाल के पास लगी हुई सिंक के
पास एक गिलास पानी से भरी हुई रखी हुई
अचानक अपने बाएं हाथ बढ़ाते हुए
उसे गिलास को पकड़ती है
और वही अभिराज हैरानी के साथ रिया को
अचानक झुकते हुए देख रहा है
और तभी अचानक रिया
गुस्से से कड़ी आंखें करते हुए रिएक्ट करते हुए
ग्लास को पकड़ते हुए
और झट से इस गिलास को आगे लाते हुए
और सीधी होकर जोर से खींचकर उसे गिलास के सारा पानी अभिराज के चेहरे पर मारता है
और वही पीछे खड़ा डॉक्टर देव
सब देखकर हैरान है
वह हैरानी भरी नजरों के साथ आगे की तरफ देख रहा है
और तभी अभिराज कुछ समझ पाता की
अचानक वह अपनी जाकर अभिराज के मुंह पर गिरते
जोर से जाकर लगता है
और पानी के लगते ही
अभिराज अचानक चेहरे को सुकोड़ते हुए
अपनी आंखें बंद कर लेता है
और तभी रिया अभिराज पर पानी फेकते के ही
गुस्से से कड़ी आंखों के साथ
अपने हाथ हल्के से पीछे खींचने की कोशिश करती है
और कभी अचानक अभिराज के चेहरे से हुए
पानी गिरते हुए उसके पहने हुए कपड़ों की तरह आते हुए
धीरे-धीरे पानी नीचे गिरता है
और वहीं पानी की कुछ छुटे
अभिराज पांव के नीचे और साइड में
और दीवार पर भी गिरता है
और डॉक्टर के पीछे खराब यह सब देखते हुए हैरान हो जाता है और हैरानी के साथ गहरी सांस लेकर आहें भरते हुए
उसकी होंठ अचानक हॉकी खुल जाता है
और तभी अचानक रिया अपने हाथों को पीछे लेते हुए
और गुस्से से भर जाती है
और अपनी नज़रें अभिराज पर टिकेट हुए
और चिल्लाते हुए ऊंची आवाज में कहती है
आप अभी यहां क्यों आए हैं
और तभी अचानक अभिराज
अपने दाएं हाथ उठाते हुए
अपने आंखों के पास हाथों की पंजों को रखते हुए
आंखों से और
चेहरे से पानी को धीरे-धीरे हटाते हुए
आंखें खुलना है
और हाथ को चेहरे से सरकते हुए नीचे करता है
और रिया की तरह गंभीर नजरों से देखते हुए
और तभी रिया अपने चेहरे को सीकोड़ते हुए
और अचानक से अपने बाएं हाथ हल्के पीछे लेकर
अपनी बहन की तरफ उंगलियां पॉइंट करते हुए
चिल्ला कर कहती है
इसकी यह हालत आपकी वजह से है
और यह कहते हुए
रिया अचानक वह अपनी बहन की तरफ से
हाथ आगे खींचकर
झट से अभिराज की तरफ बढ़ते हुए
गुस्से में अपने चेहरे को सीकोड़ कर रिएक्ट करते हुए
और अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए चिल्लाकर कहती है
और आपकी हिम्मत कैसे हुई
यहां आने की
और वही अभिराज कोई जवाब नहीं देता
वो हल्के गहरी सांस होठों से छोड़ते हुए
और अपने चेहरे को रिलैक्स करते हुए
अपने हाथ नीचे करते हुए
और धीरे-धीरे अपने पेन की पॉकेट में हाथ को डालते हुए
उसे एक रूमाल निकालते हुए
हाथ को उठाते हुए
अपने चेहरे पर रखते हुए
धीरे-धीरे अपना चेहरा साफ करने लगता है
और वही डॉक्टर देव धीरे-धीरे अपने होंठ बंद करते हुए
हैरानी के साथ गहरी नजरों से
उन दोनों की तरफ देख रहा है
और वही रिया अचानक से अपनी बाएं हाथ नीचे करते हुए
दाएं हाथों में गिलास पकड़े
अचानक से गुस्से में वैसे ही चेहरे सीकोड़ कर
गिलास के साथ उसे हाथों को आगे करते हुए
हल्की हाथों को हीलाकर रिएक्ट करते हुए
अपनी बातों को आगे बढ़कर कहने की कोशिश करती है
आप ना होती तो इसका यह हालत भी नहीं
और तभी यह कहते हुए रिया की नजर अचानक उठाते हुए जाकर पीछे खड़े देव पर पड़ता है
तभी वह अचानक यह कहते हुए रुक जाती है
और अपने हाथ वैसे ही रिएक्ट करते हुए वही ठहरा लेती है
और वही अभिराज अपने चेहरे को पूछते हुए
और रिया को देखते हुए
अपने रुमाल वाला हाथ धीरे-धीरे नीचे करता है
और वही रिया
डॉक्टर देव को देखते ही
अचानक शांत होकर
अपने चेहरे को हल्का रिलैक्स करती है
और अपनी बड़ाते हुए हाथों को नीचे करती है
और गुस्से में
अचानक अपनी आवाज को हल्की करते हुए कहती है
अब आए हैं तो मिला लो
और वही अभिराज गहरी आंखों से रिया की तरह देखते हुए अपने अपने हाथों में पड़े हुए रुमाल को
हल्की हाथ को राउंड करते हुए
उसे रुमाल को मोड़ता है
और अपने हाथ को नीचे करते हुए
धीरे-धीरे उस रुमाल को अपने पेट के जेब में डालता है
और वही रिया अचानक गुस्से में
सिंग की तरफ मूरते हुए हल्की तिरछी झुकती है
और झट से अपने हाथ बढ़ाते हुए
उस गिलास को वहां रखती है
और वही दूसरी तरफ डॉक्टर देव वही खड़ा
उन दोनों की तरफ देख रहा है
और तभी अचानक उसके साइड से गुजरते हुए
एक नर्स हाथों में मेडिकल प्लेट लिए आ रही है
और तभी अचानक आते हुए
उसे नर्स हाथों की देव के राइट साइड की हाथों से
टकरा जाता है
और तभी अचानक देव नर्स के हाथ टकराते ही
अचानक से
हल्के रिएक्ट करते हुए कहता है
ओ
और यह कहते हुए
अचानक से देव साइड मुड़कर हल्के सर झुकाते हुए
उसे नर्स की तरफ देखा है
और तभी वह नर्स संभालते हुए
अचानक से
देवकी साइड तिरछे खड़े होते हुए
अचानक से रिएक्ट करते हुए घबराहट में कहती है
ओ
और यह आवाज सुनते ही
अचानक से अभिराज हल्के सर घूमर तिरछे करते हुए
देव की तरफ देखा है
ठंडी आंखों से
और तभी अचानक वो नर्स घबराते हुए
और मेडिकल प्लेट को सही से दोनों हाथों से पकढ़ते हुए तिरछी ढंग से खड़ा होते हुए
हल्की सर झुकाते हुए
मेडिकल प्लेट की तरफ देखती है
वहां रखी सारी चीज सलामत है या नहीं
और फिर नजर धीरे-धीरे नजरे उठाकर
डॉक्टर देव की तरफ देखते हुए
घबराहट में हरबाराते हुए कहती है
माफ करना डॉक्टर मैंने देखा नहीं
मैं जल्दी में
और यह कहते हुए
अचानक वह नजरे उठाकर डॉक्टर देव को देखती है
और डॉक्टर देव की चेहरा देखते ही ठहर जाती है
और तभी डॉक्टर देव हल्के तिरछे खड़े होते हुए
उसे नर्स की तरफ देखते हुए
और हल्की सर झुका कर
अपने होठ खोलकर कहने की कोशिश करता है
कोई बात नहीं
और
तभी अचानक वो नर्स देव की तरफ देखते हुए
शांत होकर हल्की रिएक्ट करते हुए
हल्की ऊंची आवाज में कहती है
पर आप इस गलियारे के बीच में खड़े होकर क्या कर रहे हैं
और यह कहते हुए
रिएक्ट करते हुए
अचानक से नर्स की नजर हटाते हुए तिरछे साइड होकर
10 कदम दूर खड़े
साइड में खड़े अभिराज पर पड़ती है
और तभी अचानक वो नर्स अभिराज को देखते हुए
यह कहते हुए अचानक ठहर जाती है
और अचानक घबराहट में
हल्की होंठ को राउंड करते हुए सिकोड़ती है
और वही अभिराज वैसे ही तिरछे सर करते हुए
उन दोनों की तरफ देख रहा है
और वही देव भी अचानक यह देखते हुए
हल्के से कदम में घूमर उस नर्स की तरफ देखते हुए हल्की नजरों से घबराहट में अभिराज की तरफ देखा है
और वही वह नर्स अभिराज को देखते हुए
घबराहट के साथ
हल्की सी सर झुकाते हुए
उसे नमस्ते करता है
और वही दूसरी तरफ रिया सिंक पर गिलास रखते हुए
सीधी खड़ी होती है
और गुस्से में आगे की तरफ देखते हुए
अचानक मुड़कर दो कदम चलते हुए
और दरवाजे की तरफ अपनी कदम बढ़ाते हुए
अभिराज की तरह दिखती है
और तभी अचानक दूसरी तरफ वह नर्स नजरे घूम कर
डॉक्टर देव की तरफ देखते हुए
घबराहट में कल की आवाज में कहता है
ठीक है डॉक्टर में जल्दी में थी
और वही डॉक्टर देव नर्स की बातें सुनते हुए
हल्के सर घूम कर
नर्स की तरह देखते हुए
हल्कि सी उसके आगे सर झुकते हुए हमी में हिलता है
और वही तरफ अधिराज अचानक से रिया की कदमों की आहट सुनते ही
सीधे सर करते हुए
रिया की तरह दिखता है
और वही रिया अचानक
सीधे अपनी कदम बढ़ाते हुए
अभीराज के साइड से होकर गुजरते हुए
अपने कदम बढ़ाती है
और तभी अभिराज अचानक रिया को अपने साइड से गुजरते
देखा
और अभिराज हल्के तिरछे सर करते हुए
नजरे झुका कर रिया की तरफ देखा है
और वहीं दूसरी तरह
वो नर्स देव के पास से मूरते हुए
आगे बढ़कर चार कदम चलते हुए
पश्चिम की तरफ साइड में दूसरे रूम के सामने खड़े होकर
अचानक मेडिकल प्लेट को एक हाथों में लेते हुए
दूसरे हाथों से मेडिकल प्लेट छोड़ते हुए
हल्की हाथ बढ़ाकर दरवाजे की हैंडल पकड़कर
दरवाजा खोलते हुए
अपने कदम कमरे के अंदर बढ़ती है
और अचानक घबरा कर आगे बढ़ते हुए
अपने हाथ नीचे कर लेती है
और डॉक्टर देव उस नर्स की तरफ हल्के मुड़कर देख रहे हैं
और वही दूसरी तरफ अचानक अभिराज रिया को जाते हुए देखा है
अचानक पीछे मूरते हुए
और हल्की हाथ बढ़ाकर रिया की तरफ हाथ करते हुए
हल्की आवाज में कहने की कोशिश करता है
रिया
और वही रिया बिना रिएक्ट किऐ
गुस्से में अपने तेज कदम बढ़ाते हुए आगे बढ़ती है
और वही नर्स उस कमरे में जाते हुए
अचानक से अंदर से दरवाजा बंद कर लेती है
और वही देव उस नर्स की तरह देखते हुए
पलट कर सीधी खड़े होते हुए
अभिराज की तरफ देखते हुए
उन्हें नमस्ते कहरने के लिए
अपने घबराहट को दबाते हुए
हल्के सर झुकता है
और तभी अभिराज
रिया की तरफ देखते हुए
अचानक नजर उठाकर
डॉक्टर देव के तरफ देखा है
और देव को देखते हुए
रिया की तरफ अपने बढ़ती हुई
हाथ को धीरे-धीरे नीचे करता है
और वही डॉक्टर देव अभिराज पर से नजरे धीरे-धीरे हटाकर नीचे करते हुए
रिया की तरफ देखा है
और वही रिया कुछ कदम दूर चलकर आते हुए
डॉक्टर देव की साइड से होकर गुजरते हुए
आगे बढ़ जाती है
और वही डॉक्टर देव
हल्के नजर नीचे करते हुए
तिरछे खड़े होकर रिया की तरफ देखा है
और गहरी खामोशी के साथ
और उन्हें भी नमस्ते कहने के लिए
उस देखते हुए
हल्की सर हिलता है
और वही रिया देव की नमस्ते की भी जवाब नहीं देती
वह बस अपने तेज कदम बढ़ाते हुए
गुस्से में आगे बढ़ जाती है
बिना देव पर ध्यान दिए
और वही अभिराज रिया को जाते देखा
अचानक अपने दूसरे हाथ भी
हल्के उठाते हुए
अपनी पैंट की जेब में हल्के डालते हुए
डॉक्टर देव की तरफ देखा है
और डॉक्टर देव को देखते हुए
कुछ सेकंड ठहर जाता है
और तभी डॉक्टर देव अचानक हल्के सर को सीधे करते हुए
अभिराज की तरफ हल्के नज़रें झुकाए हुए देखा है
और वही अभिराज कुछ देर डॉक्टर देव को देखते हुए अचानक से सेकंड बाद
अपने कदम डॉक्टर देव की तरफ बढ़ता है
और तभी डॉक्टर देव अभिराज को अपनी तरफ आते देख
अचानक सदमे में पड़ जाता है
और अचानक उसकी चेहरा और गंभीर हो जाता है
और अंदर ही अंदर घबराहट के साथ
सोच में पड़ जाता है
आखिर वह उसके तरफ क्यों आ रहा है
अपनी बेटी के रूम की तरफ जाने की वजह
और वही अभिराज अपने भारी कदमों से चलते हुए
देव की तरफ आ रहा है
और वही देव की हवाइयां उड़ी हुई है
वह अभिराज को देखते हुए
घबराहट में अपनी होंठ को सिकोड़ते हुए राउंड कर रहा है
अपने दोनों हाथ वैसे ही जेब में रखते हुए
और हल्की सर झुकाए हुए ही
अभिराज की तरफ देखते हुए
और वहीं दूसरी तरफ रिया अस्पताल के गलियारों से गुजरते हुए एक लिफ्ट में ऐंटर करती है
और लिफ्ट में जाते ही
मुड़कर सीरियस नजरों के साथ बाहर की तरफ देखते हुए
और अचानक दोनों हाथ उठाकर
अपने कमर के सामने लाकर क्रॉस करके बांधते हुए
चुपचाप खड़ी हो जाती है
नीचे जाने के लिए
और वहीं दूसरी तरफ अभिराज
वैसे ही दोनों हाथ अपने जेब में डालते हुए
कुछ कदम चलाते हुए
डॉक्टर देव के सामने आकर खड़ा होता है
और उसे कड़े नजरों से देखा है
और वही डॉक्टर देव हल्के नजर उठाकर गंभीरता से
अभिराज की तरफ देख रहा है
और साथ में ही मन में घबराते हुए
सोच रहा है
यह मुझे ऐसे क्यों देख रहा है
और वहीं अभिराज कुछ सेकेंड तक गंभीरता से
डॉक्टर देव को देखते हुए
अचानक ठेहराउ भरी और भारी सख्त लहजे में कहता है
डॉक्टर
जिस पेशेंट पे जान लेवा हमला हुआ क्या वह मेघना थी
अगर यह कहानी आप सबको पसंद आए तो
आगे पढ़ते रहिए
मैं आपकी प्रिय लेखक अभीनिशा❤️🦋💯