Blue light - 3 in Hindi Detective stories by Sapna Badh books and stories PDF | नीली रोशनी - 3

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नीली रोशनी - 3

शम्भू ने एक चाय का घूंट भरा और बोला मियां जी कोशिश तो करो साली कामयाबी जरूर मिलेगी 

नफीस ने ऊंट जैसी गर्दन हिलाई और फिर हवा में झपटा मारा और धड़ाम से नीचे आ गिरा, फिर कहारते हुए बोला,अरे बाप रे !, मर गया !

क्या हुआ मीयां जी ?

तेरा सर नाक बच गई वरना टूटकर अलग ही हो जाती।

मियां जी उसकी किस्मत में यही लिखा है। क्यों मियां जी !

जब ख्यालों में जानवरों के चौखटों से कुश्ती लड़ोगे तो और क्या होगा ? है के नहीं ?

साले ! मेरे दुश्मन है यां नौकर नहीं तो ऐसा ही सोचेगा।

खुदा मुझे गारत करे मियां जी। जो मैं आपके लिए ऐसा सोचूं , बल्कि कीड़े पड़े बड़े बड़े।

खुदा मुझे गारत करे मियां जी।

मेरी चाय कहां है ? वो तो मैंने पी ली मीयां जी !

आज मेरी चाय पी हैं और कल मेरा खाना भी खा लियो, ताकि अपुन साले भूखों मर जाए।

तौबा-तौबा मियां जी । तौबा कहिए।जो मैं ऐसा सोचूं भी,,,अभी लगे में उंगली डाल कर बाहर निकल देता हूं सारी चाय । लानत है ऐसी चाय पर। शम्भू अपने दोनों गालों पर थप्पड़ मारता हुआ बोला,आप क्यों मरे बल्कि मैं क्यों न सौ बार मर जाऊं।


और लो,लोग एक बार मरकर हमेशा के लिए मर जाते हैं और यह शम्भू मियां साले सौ बार मरेगे।


तभी राजन अंने दर प्रवेश किया और पलक झपकाकर उसने दोनों को देखा। दोनों आमने-सामने पलाथी मारकर बैठे हुए थे । फिर वह बोला भाई साहब। लगता है कि तुम दोनों में आज तो अच्छी खासी दोस्ती हो गई है 

नफीस ने गर्दन घुमाकर देखा राजन नजर पड़ते ही वह झटके से उठा लड़खड़ाया और सोफे पर जा गिरा, फिर हांफता हुआ बोला दोस्ती वोस्ती काय की,वो तो मैं सोफे से गिर पड़ा था।

बिल्कुल सही कहा। शम्भू झटके से खड़ा होते हुए बोला, कहां शम्भू पांव की जूती, कहां मियां जी के सिर के बाल,आपन तो पांव की धुल हैं क्यों मियां जी सही कहा ना मैंने ?

चमचागिरी बंद कर ,चल अब भाग यहां से।

शम्भू ! राजन नसीफ के पास सोफे पर बैठता हुआ बोला दो कप कॉफी लेते आना।

शम्भू दरवाजे की तरफ भागा।

हां तो नफीस भाई जान ! थोड़ी देर पहले क्या हो रहा था ?

हवा में तैरने हुए चौखट पकड़ रहा था। अरे बाप रे ! उफ ! नसीफ ने जल्दी से अपने मुंह पर हाथ रख लिया, जैसे मुख से गलत बात निकल गई हो।

चौखट हवा में नहीं पकड़े जाते नसीफ भाई। क्योंकि वे सिर्फ कल्पना मात्र है। मैंने अपके लिए हकीकत में सुंदर चौखट का बंदोबस्त कर दिया है, ताकि शादी करके मन की मुराद पूरी हो सके।

सच कह रहे हो ?

अपके लम्बे कद की कसम।

कहां रहती है  ? कैसी है ?

इस धरती पर रहती है और बहुत सुंदर हैं।

क्या इस लम्बे बांस को वह पसंद कर लेगी ?

आप तो जानते हैं कि विदेश युवतीयां बहुत लम्बी होती है।

और लम्बे युवकों को ही पसंद करती हैं, लेकिन एक बात और है।

क्या ?

उसे घनी दाढ़ी मूंछो वाले युवक ही पसंद हैं।

इतनी जल्दी तो आप अपनी दाढ़ी मूंछ बढ़ा नहीं सकते, इसलिए नकली दाढ़ी मूंछ लगानी पड़ेगी।

लगा लूंगा, लेकिन कोई गड़बड़ घोटाले वाला काम तो नहीं गड़बड़ घोटाला काहे का सीधी सी बात है।


क्रमशः ✍️