That evening in the village in Hindi Classic Stories by Akanksha Dubey books and stories PDF | गांव की वह शाम

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गांव की वह शाम

गांव की शाम का अपना ही मज़ा है। शहर में तो बस ट्रैफिक और हॉर्न सुनाई देते हैं, पर यहाँ चूल्हे की आग, तुलसी के पास दिया, और माँ की लोरी सुनाई देती है। बिजली चली जाए तो क्या, चाँदनी रात में सबसे ज़्यादा रोशनी दिल में होती है।

गांव की  वह शाम सबसे सुंदर होती है। जहाँ सब अपने घर से निकल कर बरगद के पेड़ के नीचे बैठते हैं। बहुत सारे किस्से होते हैं। ना फोन का टेंशन, ना कोई डिप्रेशन। खुला आसमान और शांति। यही बात है कि मुझे शहर से ज़्यादा गांव पसंद है।

बरगद के नीचे बैठ कर दादी पुराने ज़माने की कहानियाँ सुनाती थीं। कोई राजा-रानी की, कोई भूत वाली। हम बच्चे साँस रोक कर सुनते थे। शाम को खेत से आती ठंडी हवा में मिट्टी और गेहूँ की खुशबू मिली होती थी। वह खुशबू शहर के एसी में कभी नहीं मिलेगी।

हमारे गांव में जब कभी भी शाम को लाइट कट जाए तो सब अपने-अपने घर में तेल के दिए जला कर पूरे गांव को रोशन कर दिया करते थे और सब अपने-अपने छतों पर अपने बच्चों के साथ आराम से खुले आसमान के नीचे चैन की नींद सोते थे।

हमारे गांव के लोगों में इंसानियत है। उनके दरवाज़े पर कोई भी आए चाहे गरीब या अमीर, वह सबको समान भाव से ही देखते हैं। सबके लिए सम्मान और आदर एक बराबर ही है। हमारे यहाँ मेहमान को भगवान का दर्जा दिया जाता है। यही बात हमारे गांव को शहरों से अलग बनाती है।

जब भी कभी किसी के घर कोई मेहमान आ जाए और उसके घर किसी प्रकार की कोई सामान की कमी हो जाए तो हमें पैसे की नहीं ज़रूरत पड़ती, बल्कि हमारे गांव के लोग ही अपने-अपने घरों से सब संभाल लेते हैं। बोलते हैं किसी चीज़ की कमी हो तो हमें बताओ, आपके मेहमान भी तो हमारे मेहमान हैं। और यह बात मन को बहुत शांति देती है। यहाँ आपके परिवार में भले ही दो लोग हों, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर पूरा गांव आपके लिए खड़ा रहता है।

और गांव की शाम इसलिए भी बहुत खूबसूरत होती है क्योंकि अगर किसी के घर किसी भी प्रकार का कोई प्रोग्राम हो तो पूरा गांव एकजुट होकर उसे मनाता है और हंसी-खुशी रहता है। ये सारी बातें शहरों में कहाँ।

यहाँ का वातावरण, यहाँ के पेड़-पौधे, यहाँ की मिट्टी में एक खुशबू है जो कि शहरों में कहाँ। बहुत सुकून है गांव में।

जीवन को अगर खूबसूरत और अच्छे वातावरण में व्यतीत करना है तो आप भी कभी गांव में एक शाम गुज़ार कर देखिए। हमारा गांव और गांव के लोग इतने प्यारे हैं कि आपका मन ही नहीं करेगा यहाँ से जाने का। यहाँ इतना सुकून और शांति है।

गांव में जब भी शाम के समय बारिश आ जाए तो सब अपने-अपने गाय-बछड़ों को पहले अच्छी जगह पर करते हैं, फिर लकड़ियाँ और इत्यादि सामान को सुरक्षित करते हैं ताकि उन्हें खाना बनाने में कोई परेशानी ना हो।

यह शाम रोज़ आती है पर हम भागना भूल गए हैं। अब   तुम बताओ, तुम्हारी शाम में सबसे प्यारी चीज़ कौनसी है?