Jindagi ki Dusra Kinara - 25 in Hindi Thriller by AbhiNisha books and stories PDF | जिंदगी की दूसरे किनारा - 25

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जिंदगी की दूसरे किनारा - 25


जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 25




और वहीं दूसरी तरफ असल दुनिया में 

अस्पताल हेड
 अपने केबिन की तरह चलते हुए आ रहे हैं 
और अभिराज को देखकर
 और अपनी जेब से अपने दाएं हाथ हल्के निकलती हुई 
हल्की आवाज में मुस्कुराते हुए कहता है 


वाह
 आप कैसे है मिस्टर राठौर 






और तभी अचानक सॉल्व की गई क्युब को 
अपनी मक्खियों में बांधते हुए 
और साथ में नजरे उठाकर डॉक्टर देखा है 





फिर वही अस्पताल हेड अपनी कदम बढ़ाते हुए
 मुस्कुराते हुए जल्दबाजी और हल्की आवाज में कहता है 

सॉरी मैंने आपको इंतजार कर वाया 





और वही अभिराज अस्पताल हेड को देखते हुए 
अपने गंभीर और सख्त चेहरे के साथ 
गुस्से में ठेहराऊ भरी भारी आवाज में कहता है



 तुम्हें क्या लगता है 
आदित्य 

तुम सब कुछ मैनेज कर सकते हो 







और वही हॉस्पिटल हेड 
 अभिराज के गुस्से को जानता है 
इसलिए बार-बार वह अपनी बातें घुमारहा है 



 और फिर हॉस्पिटल हेड अपने ऑफिस के अंदर आते हुए अचानक से अपनी जेब से हाथ निकलते हुए
 हल्के उठाकर सर पर रखते हुए 
और सर को गलियों से हल्के खोजाते हुए 
मुस्कुरा कर हल्की आवाज में कहता है


 क्या 

और यह कहते हुए 
अचानक व
 अपने हाथ सर पर ठहर देता है 
और 2 सेकंड चुप हो जाता है 
और फिर 2 सेकंड बाद मुस्कुराते हुए 
 बालों के साथ सर को खुजाते हुए
वह कहता है

औ मैं भूल गया तुझे बताना कि भाभी आई थी 

और डॉक्टर हेड यह कहते हुए 
 अपना हाथ धीरे-धीरे सर खुजलाते हुए नीचे करता है





और तभी अचानक अभिराज के चेहरा 
और भी सख्त हो जाती है
 और वह अचानक अपने हाथों को नीचे करते हुए
 क्यूब को जोर से टेबल पर पटक कर रखते हुए कहता है 



तुम खुद को समझते क्या हो 
डॉक्टर 




और तभी वह अस्पताल हेड 
घूम कर
 फिर उसके नजदीक जाते हुए 
उसे और उसके गुस्से को देखते हुए 
मुस्कुराते हुए 
हल्के जल्दबाजी भारी लहजे में कहता है 


संभल का अभीराज
 वह क्यों 



वही अभिराज गुस्से में उसके तरफ देख रहा है 







और वही अस्पताल हेड 
अपने हाथ को हल्की अभिराज की तरफ पॉइंट करते हुए
 अपनी बातों को बढ़कर 
और चेहरे को हल्की सीकोड़ते हुए 
हल्की होंठ खोलकर आहा भरते हुए कहता है 


आ तुमने सोल कर दिया 


और फिर अचानक अपने हाथ की उंगलियां
 अभीराज से धीरे-धीरे नीचे करते हुए  
 उस क्युब कि तरफ बढ़ते हुए 
मुस्कुराते हुए हल्की आवाज में कहता है 


असल में वह मेरे बेटे का है 



और वही अभिराज उसे गुस्से में घूम रहा है 




और फिर वहीं अस्पताल हेड अचानक अपने हाथों क्यों गालियां होते हुए 
और हाथों को पीछे लेते हुए 
अपनी बातों को आगे बढ़कर मुस्कुराकर 
कहता है 


पता है अस्पताल में कितनी कम होता है
 इसलिए 
बिना सोल केए ही यहां उसने यहा रख दिया था 





और तभी अभिराज उसके बातों से चढ़कर 
और भी गुस्से में टेबल पर ही 
अपने मुट्ठियों को बांधते हुए
 उसके तरफ सख्त नजरों से देखते हुए 
अचानक हॉकी भारी और ऊंची आवाज में कहता है 


बकवास करना बंद करो आदित्य 

 





और वही डॉक्टर हेड
उसके बातों पर बिना ध्यान दिए 
अचानक इस टेबल के दूसरे साइड ठहर जाता है 

और अपने हाथ पीछे लेते हुए
अचानक हाथ उठाकर 
ऊपर करके कान के पीछे रखकर खोजाते हुए 
मुस्कुराते हुए हल्की आवाज में कहता है

थैंक यू से सोल करने के लिए 


और यह कहते हुए कान के पीछे से अपने हाथ नीचे लेता है





और तभी अभिराज उस देखते हुए चढ़कर
 और मुठिया उठाकर जोर से टेबल पर मरते हुए 
गुस्से में ऊंची आवाज में कहता है



तुम्हें क्या यह मजाक लग रहा है 






और वही डॉक्टर हेड अभिराज को देखते हुए
अपनी ठहरे हुए कदम को बड़ा कर 
 एक कदम हल्की सी मुड़कर
 हल्की सी मुस्कुरा कर 
अभिराज की तरफ जाते हुए हल्की आवाज में कहता है

 रिलैक्स अभिराज

 हम भी उसी काम में लगे हैं 







और तभी अचानक अभिराज गुस्से में
 अपनी मुट्ठियों को टाइट करते हुए
भारी आवाज में कहता है 

पर तुमने मुझे बताया नहीं 





अब धीरे-धीरे सारी घटनाएं कभी संतुलित तो 
कभी जल्दबाजी में बड़ रहे हैं

और वही आप शाम के 6:00 बज चुके हैं
और वहीं दूसरी तरफ मेघना की दुनिया में 
 फिजा अपनी ऑफिस से आ रही होती है तभी उसे किसी का फोन आता है 
वह अपने हाथ में रखे हुए फोन को देखते हुए 
ऊगलियों से टच करते हुए फोन को उठाती है 
तब उसे पता चलता है कि
 शायद मेघना को कुछ हुआ है 



और 
तभी फिजा या सुनते हुए 
 अचानक घबराते हुए 
 अपने बाएं कंधों पर रखी बैक को 
 अपने हाथ उठाकर सही से एडजस्ट करती है 
और अचानक अपने तेज कदम करते हुए
 सड़कों से दौड़ते हुए
 अपने अपार्टमेंट की तरह भागती है 
मेघना को देखने के लिए





और वहीं दूसरी तरफ 
 मेघना और रिया कार से
 थाने से अपने अपार्टमेंट की ओर 
वापस आ रही है


और वही रिया कार चल रही है 
और मेघना रिया के साइड में बैठी हुई है
 चुपचाप खामोश 








और वहीं दूसरी तरफ असल दुनिया में 
डॉक्टर देव 
आईसीयू रूम में अपने पेशेंट के पास 
एक टूल पर बैठा हुआ है 
उसे देखते हुए 






और वहीं दूसरी अस्पताल हेड के ऑफिस में 
अस्पताल हेड और अभिराज दोनों 
 एक दूसरे के सामने चेयर पर बैठे हुए 
बातें कर रहे हैं 




और तभी अभिराज डॉक्टर हेयर को देखते हुए 
 भरी और ऊंची आवाज में कहता है


 अगर तुमसे नहीं हो पा रहा है 
तो मैं दूसरी हॉस्पिटल देखता हूं 




और तभी अस्पताल हेड अभिराज की बातें सुनते हुए 
और उन्हें देखते हुए 
कुछ सेकंड ठहरता है
 और फिर हल्की आवाज में कहता है


हां यह ठीक है 
पर क्या भाभी मन की 





और तभी यह सुनते ही अभिराज 
अचानक आगे की तरफ देखते हुए ठहर जाता है 









और वहीं दूसरी तरफ मेघना की दुनिया में 
 रिया कर चलते हुए
 अपनी बहन की तरफ देखते हुए कहती है 


 यह सब क्या है
दीदी 




और 
वही मेघना नजरे घुमाकर रिया की तरफ देखती है 
और देखते हुए हल्की आवाज में कहती है


 मुझे नहीं पता 





और तभी अचानक रिया मेघना को देखते हुए 
और अचानक एक हाथ ड्राइविंग हैंडल से हटाते हुए 
और एक ही हाथों से जॉब करते हुए
दूसरी हाथ उठाकर हल्की ऊपर करके लहराते हुए
 रिएक्ट करते हुए 
जोर से चिल्लाकर कहती है

 पर क्यों 




और तभी अचानक ऊंची आवाज सुनते ही 
 मेघना की बॉडी थरथर उड़ती है 
रिया को देखते हुए
 और अचानक गहरी सांस लेते हुए 
  सांसे अंदर ही अटक जाती है







और वहीं दूसरी तरफ असल दुनिया में 
अभिराज अस्पताल हेड की तरफ देखते हुए 
हल्के पलके नीचे करता है 
और हल्की आवाज में पलके उठाकर
  डॉक्टर की तरफ देखते हुए भारी आवाज में कहता है 

सुना की वैदेही यहां आई थी





और 
तभी अचानक वह डॉक्टर हेड उसे देखते हुए 
ठहर जाता है 
और फिर कुछ सेकेंड बाद 
हल्के जुबान में कहता है 

हां 





और फिर वही अभिराज या सुनते ही
 उसे देखते हुए हल्की आवाज में कहता है 

वह कैसी है 




और तभी
यह सुनते ही डॉक्टर हेड हल्के से पलके झपकाता है 
और फिर हल्के सर हिला कर
 हल्के रिएक्ट करते हुए ठेहरा भरी आवाजमें कहता है

हम वह ठीक है
 मैं तुझसे मिला ही नहीं पर 
 देव ने बताया 
वह ठीक ही देख रही थी




और 
तभी अभिराज अचानक से यह सुनते हुए मुस्कुराता है 



और वही डॉक्टर हेड सर उठाकर उसके तरफ देखा है 









और वहीं दूसरी तरफ मेघना की दुनियामें 
 रिया कार चलते हुए और आगे की तरफ देखते हैं
 अचानक से गुस्से में रिएक्ट करते हुए 
 ऊंची आवाज में कहती है 


तुम्हें क्या लगता है 
हमेशा यही सब करती रहोगी 
तुम्हें किसी की परवाह नहीं है 




और वही मेघना उसके बातें सुनते हुए
 हल्की अटकती हुई भरी सांस लेने लगती है





और वही रिया कार चलते हुए 
 आगे की तरह देखते हुए  
और फिर अचानक हलकी नजरे घूम कर 
हल्की सी मेघना की तरफ देखते हुए
और एक हाथ फिर से कार के हैंडल से हटाते हुए 
और आगे हाथों को हल्की हिलाते हुए रिएक्ट करते हुए 
गुस्से में हल्की ऊंची आवाज में कहती है 



माना कि मैं तुम्हारी सगी बहन नहीं हूं 
पर क्या तुम्हें पता है 
हमारी मां हम दोनों को बड़े करने के लिए
 कितनी मेहनत किया है 




 और वही अचानक मेघना के सांस और गहरी हो जाती है
 और उसके कानों में कोई हंसने की आवाज आती है
 और वह रिया के बातें सुनते हुए 
हल्की नजर तिरछी करती है 




और वही रिया मेघना की तरफ देखते हुए 
और गुस्से में 
और दुखी होकर अपनी हाथों को वैसे ही हिलते हुए 
रिएक्ट करते हुए कहती है



 और अब तिलक वो बेचारी कर रही है 
बिना कुछ सोच 

और यह कहते हुए 
रिया की नजर अचानक आगे ट्रैफिक जल रही 
लाल बत्ती लाइट पर पड़ता है
और वो अचानक दूसरी हाथ बराकर भी कार के हैंडल
 पकढ़ते हुए और घूमते हुए कार को स्लोकरने लगती है 




और वही मेघना रिया के बातों से ध्यान हटकर 
दूसरी साइड की बात और हंसी पर चली जाती है
 वह नजर घूमर अपने विंडो से बाहर देखी है 
 



और वही अचानक से रिया आगे की तरफ देखते हुए 
 अपनी कार को रोक देती है 



और वही आगे पीछे और दाएं बाएं सड़कों पर 
और भी बहुत सारे और गाड़ियां रुक जाते हैं
ट्रैफिक लाइट को जलते देखा 






और वहीं दूसरी तरफ फिजा दौड़ते हुए 
अपने अपार्टमेंट की सीडीओ के पास आती है 
और नजर उठाकर आगे की तरफ बड़ी बेसब्री देखते हुए 
  अपनी हल्की कदम ठहर लेती है 









और वहीं दूसरी तरफ असल दुनिया में 

अभिराज डॉक्टर की तरफ देखते हैं 
मुस्कुराकर हमें भरता है 
और भारी और हल्की लेहजे में कहता है 


हां 

हां वह हमेशा ठीक ही रहती है 
चाहे कुछ भी क्यों ना होजाए 




और तभी यह सुनते ही अचानक डॉक्टर हेड 
 को गुस्सा आता है 
और वह गुस्से में अभिराज को देखते हुए 
रिएक्ट करते हुए
 ठेहरी हुई हल्की ऊंची आवाज में कहता है 


अभिराज तुम्हें पता है
और तुम क्या कह रहे हो 




और वही अभिराज उसके बातें सुनते हुए 
 और उसकी तरफ देखते हुए 
हॉकी आवाज में कहता है 


हां 




और तभी अचानक हॉस्पिटल हेड 
और गुस्से में अपने सर को 
और हाथों को हिलाते हुए रिएक्ट करते हुए
धीरे-धीरे जल्दबाजी और ऊंची आवाज में कहता है 


नहीं तुम्हें पता है
 वह ठीक क्यों है
 क्योंकि तुमने उसे अकेला छोड़ दिया 





और 
तभी यह सुनते ही 
अचानक अभिराज की नजर हॉस्पिटल हेड के 
सख्त चेहरे पर हि जाते हुए ठहर जाता है 






और वही डॉक्टर हेड गुस्से में वैसे ही रिएक्ट करते हुए 
जल्दबाजी भरी और ऊंची आवाज में कहते है


वह ठीक नहीं है
 उसे ठीक रहना पड़ता है

क्योंकि उसके पास दो बच्ची है 
जिसे तुमने छोड़ दिया 
उसके ध्यान रखने के लिए 
वह ठीक है 
वह ठीक रहने की नाटक कर रही है 





और 
उसके बातें सुनते हुए 
 अभिराज से गंभीर नजरों से देख रहा है 










और वहीं दूसरी तरफ मेघना की दुनिया में
 मेघना गाड़ी के विंडो से बाहर की तरफ 10 कदम दूर 
 दूसरे साइड सड़कों पर नजर दोराते हुए देखती है
 उसके सामने एक मेहरून कार खड़ी है 

 


और वही वह ठेहरी कार रिया से बिल्कुल 
अपोजिट साइड 
 जा रहा है 




और वही रिया कार को रोक कर 
गुस्से में चिल्लाते हुए कार के हैंडल से 
एक हाथ हटाते हुए रिएक्ट करते हैं 
 आगे ऊंची आवाज में कहती है 


जरा उनका भी तो ख्याल रखो





और वही मेघना अचानक
 उसे कार को देखते हुए 
 उसकी नजर उस गाड़ी के अंदर बैठे 
एक लड़के पर पड़ता है 
वही वो जिसे उसने पहले भी देखा 
और उसे देखते हुए 
उसकी आंखें अपने आप चोड़ी हो जाती है




और वही उस मेहरून कार में 
बैठे वीर अपनी बहन के साथ कार में हंसते हुए 
बात कर रहे हैं 





और मेघना को उसकी हंसी साफ सुनाई दे रही है 
और उनके बातें बीच में कट रहे हैं 












और वही वीर अपनी बहन से बात करते हुए 
अचानक हंसते हुए ठहर जाता है 
और फिर गंभीर चेहरा बनाते हुए 
औरकुछ सोचते हुए हल्की आवाज में कहता है 


 तृषा। 



और वही तृषा अपने भाई की बातें सुनते हुए 
और उसके अगर आप देखते हुए
हाउ करती है




और वही वीर अपनी बातों को आगे बढ़ते हुए
 सोचते हुए और अपनी बहन की तरफ देखकर 
हल्की सी मुस्कुराताज है 
और वैसे ही गंभीर होकर हल्की आवाज में कहता है



 तुम्हें लगता है कि 
इस दुनिया में ऐसे भी कुछ होता है 
जो हमें नहीं पता 







और 
वही तृषा अपने भाई से बात सुनते हुए 
और हंस पड़ती है 
और हंसते हुए वह अपने भाई से हल्के नजर हटाकर
 हल्के पीछे होते हुए सीट के बल अपने बॉडी रखते हुए 
और हंसते हुए 
अचानक हल्की ऊंची आवाज में कहती है 


भाई आप किस बारे में बात कर रहे हैं 
पहले तो यह साफ कीजिए 


और फिर हंसते हुए अपने भाई की तरफ नजरे घूम कर देती है 
और ठेहराऊ भरी लहजे में कहती है 


कि आप बात किस बारे में करें
 इस दुनिया में तो बहुत सारी चीज ऐसे होते हैं 
जो हमें नहीं पता 





और वही दूसरी तरफ से मेघना उसके कार की तरफ उन 
दोनों भाई बहन को देख रहा है 
उसकी ध्यान पूरी तरह से रिया की बातों से हट चुकी है 
 और धीरे-धीरे वह रिलैक्स भी हो रही है 
फिर भी उसे लड़के को देखकर उसके 
 दिमाग के अंदर उलझन है







और वही अपने कार में 
  वीर अपनी बहन को देखते हुए मुस्कुराते हुए 
और दोनों हाथ कार में फैला कर होठो को सीकोड़ कर 
आर्मी भर्ती हुए
  रिएक्ट करते हुए कहता है 


हा ऐसे जो मैजिकल हो 



और वही उसे कार की ड्राइवर वाले सीट पर 
 ड्राइवर और साइड में वीर की मां बैठी है 



और तभी अपने भाई की बातें सुनते ही 
अचानक तृषा हाल्के आंख बंद करते हुए
अचानक अपनी बॉडी सेट की बाल से आगे लाती है 
और चेहरे को सीकोड़ कर
 हल्की मंडी पीछे लेते हुए
 रिएक्ट करते हुए आए भर्ती है 

हा

और मुस्कुराते हुए पलके उठाती है 
और अपने भाई को देखते हुए 
हल्की आवाज में कहती है 


आ ऐसे क्या है भैया 






और वहीं दूसरी तरफ अपने कार में 
 रिया कार के हैंडल से दोनों हाथ छोड़ते हुए 
दोनों हाथों को हल्के आगे करके लहराते हुए रिएक्ट करते हुए गुस्से में मेघना से ऊंची आवाज में कहती है 



हमें नहीं समझ में आ रहा की 
आप क्या चाहते हैं 
आप कभी ठीक होना क्यों नहीं चाहती 




और वही मेघना उस कार की तरफ देख रही है 
हम दोनों भाई बहन को खुली आंखों से हैरानी के साथ 




और वही रिया क्या कहते हुए
 और रिएक्ट करते हुए गुस्से में आगे कहती है 


आपकी जैसी आदतें हैं 

हमें लगता है कि आप ऐसे ही रहना चाहते हैं
 आप हमारे 

और यह कहते हुए और रिएक्ट करते हुए 
 रिया अचानक से नजरे घूम कर
 मेघना की तरफ देखती है
 और वह अचानक कहते हुए रुक जाती है 
उसका मुंह वैसे की वैसे खुला रहती है
और धीरे-धीरे अपने हाथ को नीचे करने लगती है





और वही मेघना दूसरी तरफ कार की तरफ देख रही है 
बिना ध्यान दिए की रिया उससे बात कर रही है






और वही दूसरी कार में बैठे हुए 
वीर अपनी बहन की बातें सुनते हुए 
और मुंह खोलकर आहे भरते हुए 
हल्के सर पीछे लेता है सेट के बल




और वही तृषा अपने दोनों हाथ एक दूसरे के सामने लाते हुए और दोनों हाथों को एक दूसरे के साथ राउंड करते हुए 
ठेहराउ भरी ऊंची आवाज में कहती है 

भाई अभी तो यही मैजिकल है
 कि
 पापा हमसे मिलने आ जाए 





और वही अब सारे घटनाएं धीरे-धीरे 
जल्दबाजी मे धीरे-धीरे जाने लगते हैं



और तभी अचानक यह सुनते ही 
वीर की मां अचानक 
हल्के तिरछे सर करते हुए 
 अपने बच्चों की तरफ देखती है 








अगर यह कहानी आप सबको अच्छे लगे तो 
आगे पढ़ते रहिए
मिलते हैं नेक्स्ट एपिसोड में
मैं आपके प्रिय लेखक अभी निशा 🦋❤️💯