Shaapit Muhar - 2 in Hindi Thriller by Fictional world books and stories PDF | शापित मुहर - 2

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शापित मुहर - 2

Emily का चेहरा बिल्कुल शांत था...
मानो वह सिर्फ सो रही हो।
अगर कोई उसके शरीर को देखता, तो शायद कभी विश्वास ही न करता कि उसकी हत्या हुई है।
क्योंकि...
उसके शरीर पर एक भी खरोंच नहीं थी।
"यही सबसे अजीब बात है।"
Dr. Hayes ने धीमी आवाज़ में कहा।
उन्होंने Emily की बांह की ओर इशारा किया।
"ध्यान से देखिए।"
Ethan थोड़ा झुककर देखने लगा।
उसकी भौंहें सिकुड़ गईं।
Emily की त्वचा पर हल्के लाल रंग के निशान उभर रहे थे।
नहीं...
वे घाव नहीं थे।
ऐसा लग रहा था मानो किसी ने उसकी त्वचा के नीचे से किसी अजीब भाषा में शब्द लिख दिए हों।
रेखाएँ धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल रही थीं।
"ये..."
Ethan की आवाज़ धीमी पड़ गई।
"...ये तो पहले नहीं थे।"
"बिल्कुल।"
Dr. Hayes की आँखों में पहली बार घबराहट दिखाई दी।
"जब लाश यहाँ लाई गई थी तब ये निशान मौजूद नहीं थे।"
"तो फिर—"
"ये... अभी बन रहे हैं।"
कमरे की हवा अचानक भारी हो गई।
कुछ पल तक दोनों बिना कुछ बोले उन निशानों को देखते रहे।
Dr. Hayes ने गहरी साँस ली।
"मैंने तस्वीरें लेकर उन्हें डिजिटल डेटाबेस से मिलाया।"
"कुछ मिला?"
"हाँ..."
उन्होंने स्क्रीन की ओर इशारा किया।
"ये भाषा लैटिन जैसी दिखती है..."
"लेकिन पूरी तरह लैटिन नहीं है।"
"कुछ अक्षर ऐसे हैं जो किसी भी ज्ञात भाषा में मौजूद ही नहीं हैं।"
Ethan के माथे पर पसीने की एक बूंद उतर आई।
उसने खुद को समझाया—
"शांत रहो... हर चीज़ का कोई न कोई वैज्ञानिक कारण होता है।"
लेकिन अगले ही पल...
Dr. Hayes ने Emily की पलकें ऊपर उठाईं।
दोनों की साँसें एक साथ थम गईं।
उसकी आँखों में सफेद हिस्सा गायब था।
पूरी आँखें...
स्याही से भी गहरी काली थीं।
"...Impossible."
Dr. Hayes के मुँह से अनायास निकला।
उसी समय...
Emily के लंबे बाल बिना किसी हवा के धीरे-धीरे ऊपर उठने लगे।
मानो पानी के अंदर तैर रहे हों।
Ethan एक कदम पीछे हट गया।
"ये... क्या मज़ाक है?"
"मैं कोई मज़ाक नहीं कर रहा।"
Dr. Hayes की आवाज़ काँप रही थी।
"एयर कंडीशनर बंद है..."
"कमरे में हवा नहीं चल रही..."
"फिर भी उसके बाल..."
अचानक—
बीप... बीप... बीप...
हार्ट मॉनिटर अपने-आप चालू हो गया।
हालाँकि Emily मर चुकी थी।
कमरे की सारी लाइटें एक साथ टिमटिमाने लगीं।
फिर...
सब कुछ सामान्य हो गया।
बाल वापस नीचे गिर गए।
आँखें फिर बंद हो गईं।
ऐसा लगा मानो अभी जो हुआ...
वह कभी हुआ ही नहीं।
पोस्टमार्टम रूम में कई सेकंड तक सिर्फ दोनों की साँसों की आवाज़ सुनाई देती रही।
Dr. Hayes ने चुप्पी तोड़ी।
"Detective Carter..."
"हाँ?"
"...मैं इस रिपोर्ट में क्या लिखूँ?"
Ethan के पास कोई जवाब नहीं था।
उसने सिर्फ इतना कहा—
"जो देखा है... वही लिखिए।"
करीब एक घंटे बाद...
Ethan फॉरेंसिक सेंटर से बाहर निकला।
रात काफी हो चुकी थी।
उसने थके हुए अंदाज़ में अपनी कार का दरवाज़ा खोला।
"बस..."
"...आज का दिन खत्म।"
वह सीट पर बैठा और इंजन स्टार्ट कर दिया।
उसे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था...
कि असली दुःस्वप्न अब शुरू होने वाला है।
उधर...
Aiden Cross अपने अपार्टमेंट में वापस पहुँच चुका था।
कमरे का दरवाज़ा बंद करते ही उसने सीधे कंप्यूटर ऑन किया।
स्क्रीन पर कोई गेम नहीं खुला।
इस बार दर्जनों अलग-अलग विंडो खुल गईं।
पुराने नक्शे...
अख़बारों की कतरनें...
लैटिन शब्द...
रहस्यमयी प्रतीकों के चित्र...
और एक अजीब-सा प्रोग्राम।
उसकी उँगलियाँ बिजली की रफ्तार से कीबोर्ड पर चलने लगीं।
एक के बाद एक स्क्रीन बदलती जा रही थीं।
कुछ सेकंड बाद...
पूरी स्क्रीन काली हो गई।
फिर बीच में एक लाल बिंदु चमका।
TARGET DETECTED
उसके नीचे एक लोकेशन दिखाई दी।
Aiden की आँखें फैल गईं।
"नहीं..."
उसने कुर्सी इतनी तेज़ी से पीछे धकेली कि वह ज़मीन पर गिर गई।
"इतनी जल्दी नहीं..."
वह लगभग भागते हुए कमरे से बाहर निकला।
दरवाज़ा खुला का खुला रह गया।
दीवार पर लगी उसी काली बैंगल की तस्वीर हवा से हल्की-सी हिल रही थी।
उसके नीचे लिखे शब्द मानो और भी गहरे हो गए थे—
DON'T TOUCH.
उसी समय...
शहर के सुनसान हिस्से से Ethan Carter की कार गुज़र रही थी।
सड़क पर दूर -दूर तक कोई नहीं था।
अचानक—
एक काला साया उसकी हेडलाइट के सामने से गुज़रा।
Ethan की आँखें सिकुड़ गईं।
"कौन है?"
अगले ही पल...
वह साया सीधे कार के सामने आ गया।
चीईईईंऽऽऽ!
ब्रेक की तीखी आवाज़ रात की ख़ामोशी चीर गई।
कार सड़क पर फिसलती हुई कुछ फीट आगे जाकर रुकी।
Ethan ने तुरंत सीट बेल्ट खोली और बाहर निकल आया।
उसने टॉर्च निकाली।
चारों तरफ रोशनी घुमाई।
सड़क खाली थी।
न कोई इंसान...
न कोई जानवर...
"शायद..."
उसने लंबी साँस छोड़ी।
"...मैं आज ज़रूरत से ज़्यादा थक गया हूँ।"
वह मुड़कर कार की ओर बढ़ा।
लेकिन उसे बिल्कुल पता नहीं था...
कि अँधेरे में...
उसके ठीक पीछे...
दो बिना पलक झपकाए काली आँखें उसे घूर रही थीं।
रात की खामोशी...
अचानक किसी अदृश्य चीख से टूट गई।
Detective Ethan Carter ने जैसे ही कार का दरवाज़ा पकड़कर उसे खोलने की कोशिश की—
अचानक...
उसकी गर्दन किसी अदृश्य शक्ति ने जकड़ ली।
"ख...!"
उसका पूरा शरीर हवा में उठ गया।
उसकी आंखें फैल गईं।
सांस रुकने लगी।
वह दोनों हाथों से अपने गले को पकड़ने लगा, लेकिन वहां कुछ था ही नहीं।
कोई दिखाई नहीं दे रहा था...
फिर भी कोई उसे गला घोंटकर मार रहा था।
उसके चेहरे की नसें फूलने लगीं।
फेफड़े जलने लगे।
"न... नहीं..."
उसकी आवाज़ भी बाहर नहीं निकल पा रही थी।
उसी क्षण...
दूर से किसी के तेज़ कदमों की आवाज़ आई।
धड़... धड़... धड़...!
"समय पर पहुंच जाओ..."
Aiden Cross पूरी ताकत से दौड़ रहा था।
उसकी आंखें सड़क पर नहीं...
बल्कि हवा में किसी ऐसी चीज़ को देख रही थीं, जिसे एक सामान्य इंसान देख ही नहीं सकता था।
"धत्!"
उसने जमीन पर पैर मारा।
अगले ही पल उसका शरीर हवा में कई फीट ऊपर उछल गया।
धाआ आम!!
उसने पूरी ताकत से हवा में एक उड़ती हुई किक मारी।
ऐसा लगा मानो किसी अदृश्य चीज़ से उसकी टक्कर हुई हो।
हवा में काले धुएं की लहर उठी।
और उसी पल Ethan ज़मीन पर आ गिरा।
Next chapter coming soon...