Fake Fiancé Challenge 3 in Hindi Comedy stories by priyanka katiyar books and stories PDF | फ़ेक फ़िऑन्से चैलेंज - 3

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फ़ेक फ़िऑन्से चैलेंज - 3


अगली सुबह पूरा शहर एक ही खबर से गूंज रहा था—
"बिज़नेस टायकून आर्यन मल्होत्रा आज अपनी मंगेतर को पहली बार मीडिया के सामने लाने वाले हैं!"
मल्होत्रा ग्रुप के बाहर दर्जनों कैमरे, रिपोर्टर और फैंस मौजूद थे।
अनन्या ने शीशे में खुद को देखा। उसने हल्के लैवेंडर रंग का सूट पहना था। मेकअप बहुत साधारण था।
वह घबराकर बोली, "अगर मैं कुछ गलत बोल दूँ तो?"
आर्यन ने पहली बार बहुत नरम आवाज़ में कहा,
"तो मैं संभाल लूँगा।"
अनन्या उसकी तरफ देखने लगी।
"तुम अकेली नहीं हो।"
उसके दिल की धड़कन एक पल के लिए रुक-सी गई।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस
फ्लैश...
फ्लैश...
फ्लैश...
दोनों हाथों में हाथ डालकर मंच पर पहुँचे।
एक रिपोर्टर ने पूछा,
"सर, आप शादी से नफरत करते थे। अचानक प्यार कैसे हो गया?"
आर्यन मुस्कुराया।
"कुछ लोग बिना बताए ज़िंदगी में आ जाते हैं... और फिर जाने का मन नहीं करता।"
अनन्या चौंक गई।
"ये स्क्रिप्ट में नहीं था..."
दूसरा सवाल आया—
"मैम, आपको आर्यन सर में सबसे अच्छा क्या लगता है?"
अनन्या ने बिना सोचे जवाब दिया—
"ये बाहर से जितने सख्त हैं... अंदर से उतने ही अच्छे इंसान हैं।"
पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
लेकिन पीछे खड़ी रिया मुस्कुरा रही थी।
उसकी मुस्कान... किसी तूफ़ान की शुरुआत थी।
उसी शाम...
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया।
वीडियो में आर्यन अपने दोस्त से कह रहा था—
"ये रिश्ता सिर्फ़ तीन महीने का है।"
वीडियो वहीं खत्म हो गया।
पूरा इंटरनेट आग की तरह फैल गया।
"क्या आर्यन की सगाई नकली है?"
"क्या अनन्या का इस्तेमाल किया गया?"
ऑफिस के बाहर मीडिया पहुँच गई।
अनन्या के फोन लगातार बज रहे थे।
उसने आर्यन की तरफ देखा।
"ये... सच है ना?"
आर्यन चुप रहा।
उसकी चुप्पी ने ही जवाब दे दिया।
अनन्या की आँखें भर आईं।
"तुमने मुझसे झूठ नहीं बोला था... लेकिन ये भी नहीं बताया कि अगर सच बाहर आया तो सारी बदनामी मेरी होगी।"
वह वहाँ से चली गई।
दूसरी तरफ...
रिया हँस रही थी।
"अब देखते हैं... तुम्हारा प्यार कितना सच्चा है।"
लेकिन तभी उसके फोन पर एक मैसेज आया—
"काम हो गया। पैसे ट्रांसफर कर दो।"
रिया समझ नहीं पाई...
उसके पीछे कोई और खड़ा था।
आर्यन का सबसे भरोसेमंद मैनेजर विक्रम।
असल में वही कंपनी पर कब्ज़ा करना चाहता था।
उसने रिया का इस्तेमाल किया था।
अनन्या का फैसला
अनन्या ने नौकरी छोड़ दी।
उसने आर्यन की दी हुई अंगूठी भी वापस कर दी।
"अब हमारी डील खत्म।"
आर्यन ने पहली बार खुद को पूरी तरह अकेला महसूस किया।
महल जैसा घर...
खाली लगने लगा।
ऑफिस...
खामोश हो गया।
किचन में अब कोई उसे खाना खाने के लिए डाँटता नहीं था।
बालकनी में अब कोई चाँद देखकर मुस्कुराता नहीं था।
उसे एहसास हुआ...
वह अनन्या से प्यार करने लगा है।
सचमुच वाला प्यार।
बड़ा खुलासा
आर्यन को पता चला कि वीडियो एडिट किया गया था।
पूरी रिकॉर्डिंग में आगे उसने कहा था—
"...लेकिन मुझे डर है कि तीन महीने बाद मैं सच में उससे प्यार करने लगूँगा।"
यही हिस्सा काट दिया गया था।
आर्यन ने तुरंत पूरी रिकॉर्डिंग मीडिया को भेज दी।
विक्रम का सच भी सामने आ गया।
रिया को भी एहसास हुआ कि उससे गलती हुई।
उसने अनन्या से माफ़ी माँगी।
बारिश वाली रात
अनन्या बस स्टॉप पर खड़ी थी।
तेज़ बारिश हो रही थी।
उसी समय...
एक काली कार उसके सामने आकर रुकी।
आर्यन बाहर निकला।
पूरा भीग चुका था।
"अनन्या..."
वह चुप रही।
"मुझे बोलने का एक मौका दोगी?"
"क्या बचा है बोलने को?"
आर्यन ने जेब से वही अंगूठी निकाली।
"शुरुआत झूठ थी..."
"लेकिन मेरा प्यार नहीं।"
अनन्या की आँखों से आँसू बहने लगे।
आर्यन ने कहा,
"पहली बार जब तुमने मेरी शर्ट पर कॉफी गिराई थी... मुझे गुस्सा आया था।"
"दूसरी बार जब तुमने मुझे खाना खिलाया... मुझे अच्छा लगा।"
"तीसरी बार जब तुम हँसी... मुझे लगा मेरा दिन अच्छा हो गया।"
"और जिस दिन तुम चली गई..."
"मुझे समझ आया कि घर ईंटों से नहीं... इंसान से बनता है।"
कुछ पल दोनों बस एक-दूसरे को देखते रहे।
फिर आर्यन घुटनों पर बैठ गया।
"इस बार..."
"फेक फ़िऑन्से नहीं..."
"क्या तुम सच में मेरी मंगेतर बनोगी?"
पूरा बस स्टॉप शांत था।
बारिश की बूंदें गिर रही थीं।
अनन्या मुस्कुराई।
"एक शर्त पर।"
"जो कहोगी।"
"ज़िंदगी भर खाना कभी स्किप नहीं करोगे।"
आर्यन हँस पड़ा।
"डील।"
अनन्या ने हाथ आगे बढ़ाया।
आर्यन ने उसके हाथ में अंगूठी पहना दी।
इस बार...
नाटक नहीं था।
सब कुछ सच था।
छह महीने बाद
पूरा मल्होत्रा हाउस रोशनी से जगमगा रहा था।
दादी खुशी से नाच रही थीं।
आर्यन और अनन्या की शादी हो रही थी।
फेरे पूरे होने के बाद दादी बोलीं,
"एक बात बताऊँ?"
दोनों ने पूछा,
"क्या?"
दादी मुस्कुराईं।
"मुझे पहले दिन से पता था कि तुम दोनों की सगाई नकली है।"
दोनों एक साथ चौंके—
"क्या??"
दादी हँसने लगीं।
"मैं बस इंतज़ार कर रही थी कि नकली रिश्ता कब असली बने।"
पूरा परिवार हँसी से गूँज उठा।
आर्यन ने अनन्या का हाथ थामा।
"वैसे..."
"अगर उस दिन तुम कॉफी नहीं गिराती..."
अनन्या मुस्कुराई,
"तो शायद हमारी कहानी कभी शुरू ही नहीं होती।"
दोनों हँस पड़े।
कैमरा धीरे-धीरे ऊपर उठता है...
बारिश फिर से शुरू हो जाती है...
और स्क्रीन पर आख़िरी शब्द उभरते हैं—
"कुछ सबसे खूबसूरत प्रेम कहानियाँ... एक छोटी-सी गलती से शुरू होती हैं।" 💜