ब्लडस्टोन कैसल के भीतर—मरहम और हास्य का तड़काब्लडस्टोन कैसल के उस विशाल और रहस्यमयी कक्ष में कदम रखते ही रॉक्स के भारी पंजों की आवाज गूँज उठी। वह जगह किसी साधारण कमरे जैसी नहीं थी, बल्कि एक भव्य दरबार जैसी थी, जिसके चारों तरफ प्राचीन और अलौकिक ऊर्जा तैरती रहती थी। वह हमेशा से अपनी ही शर्तों पर, अपनी असीम ताकत के दम पर इस वीरान दुनिया का अकेला बादशाह रहा था।रॉक्स उस कक्ष के बीचोंबीच बने ऊंचे संगमरमर के आसन पर बैठ गया। उसने अपनी थकी हुई और सुलगती हुई देह को थोड़ा ढीला छोड़ा और अपनी नजरें अपने शरीर पर डालीं। क्रिमसन वैली की उस खूंखार लड़ाई में शैडो पैंथर के पंजों ने उसके विशाल पंखों और मजबूत कंधों को बुरी तरह चीर डाला था। उसके उन ताकतवर पंखों से अब भी वह दमकता हुआ बैंगनी रंग का खून लगातार टपक रहा था, जो नीचे काले पत्थरों पर गिरकर हल्की सी भाप छोड़ रहा था।अभी वह अपने जख्मों को देख ही रहा था कि बाहर किले के भारी दरवाजे के पास कुछ हलचल और कदमों की आहट सुनाई दी। रॉक्स ने अपनी गंभीर लाल आँखें दरवाजे की तरफ घुमाईं और अपनी भारी गूँजती हुई आवाज में दहाड़ते हुए कहा—"वीर, तुम आ चुके हो? अंदर आ जाओ, तुम्हारी जरूरत है।"रॉक्स की आवाज के गूँजते ही वह भारी दरवाजा धीरे से खुला और उसके दो अजीबो-गरीब दोस्त अंदर दाखिल हुए।सबसे आगे था वीर—जिसका शरीर तो एक मिनी घोड़े जैसा था, लेकिन उसका सिर एक छोटी और हमेशा सहमी हुई मासूम चिड़िया का था। उसके ठीक पीछे चल रहा था विक्रम—एक बेहद तगड़ा और मस्कुलर टाइगर, जिसके धड़ पर एक खूंखार और तेज नजरों वाले ईगल का सिर था। विक्रम की चाल में एक गजब का रौब और ताकत साफ झलक रही थी।कमरे के अंदर आते ही वीर थोड़ा झिझका, अपनी चिड़िया जैसी गर्दन को इधर उधर घुमाया और डरते डरते लेकिन थोड़ा जोश दिखाने की कोशिश करते हुए बोला—"रॉक्स भाई, आज तुमने तो गर्दा उड़ा दिया! मैंने पूरे इलाके में सुना कि तुमने उस शैडो पैंथर की इतनी बुरी तरह धुलाई की है कि वह दोबारा कभी परछाई में छिपने लायक नहीं बचा... क्या यह सच्ची बात है भाई?"वीर की इस अजीब सी घबराहट और मासूमियत भरे जोश को देखकर रॉक्स के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान तैर गई। उसने अपनी लाल आँखें वीर की तरफ उठाईं, धीरे से अपना सिर हिलाया और बेहद ठंडे और हल्के अंदाज में जवाब दिया—"वह कुछ ज्यादा ही हवा में उछल रहा था... इसलिए उसे जमीन पर लाना और थोड़ी बहुत धुलाई करना बहुत जरूरी था।"वीर ने राहत की साँस ली और अपनी लंबी सी गर्दन हिलाते हुए फुसफुसाया, "शुक्र है कि तुमने उसे सुला दिया, वरना मेरी तो डर के मारे पंख ही फड़फड़ाने लगे थे!"इसके बाद, वह डरपोक लेकिन जादुई हुनर वाला वीर आगे बढ़ा। उसके पास एक अजीब सी चमकीली थैली थी, जिसमें वेरियन ग्रह की सबसे दुर्लभ और जादुई जड़ी बूटियों से बनी दवाइयां थीं। ये ऐसी दवाइयां थीं जो बड़े से बड़े और गहरे जख्म को भी चुटकियों में भर सकती थीं, लेकिन इन्हें ढूँढना बहुत मुश्किल काम था।वीर अपने छोटे से घोड़े जैसे पैरों पर चलते हुए रॉक्स के पास पहुँचा। उसने अपनी छोटी चिड़िया जैसी चोंच से उस थैली को खोला और उसमें से वह हरी और नीली चमकती हुई मरहम निकाली। अपनी चोंच के सहारे ही उसने बड़ी सावधानी से वह दुर्लभ दवा रॉक्स के कंधों और पंखों पर लगे गहरे घावों पर लगानी शुरू कर दी। जैसे ही वह मरहम खून से सने बैंगनी जख्मों पर लगी, वैसे ही एक हल्की सी सनसनाहट के साथ रॉक्स के घाव धीरे धीरे भरने लगे और दर्द कम होने लगा।"थोड़ा संभलकर, वीर... ज्यादा जोर से मत रगड़," रॉक्स ने हल्की सी गहरी साँस लेते हुए कहा।"अरे रॉक्स भाई, हाथ... मतलब मेरी चोंच बिल्कुल मक्खन जैसी चल रही है! बस थोड़ा सा सब्र रखो, यह जादुई मरहम है, अभी सारा दर्द छूमंतर कर देगी," वीर ने अपनी टाँपे पटकते हुए थोड़ा डरते हुए मज़ाकिया अंदाज़ में कहा।मरहम पट्टी का यह सिलसिला चल ही रहा था कि रॉक्स ने अपनी नजरें हटाईं और विक्रम की तरफ देखते हुए पूछा, "विक्रम, यह बताओ... बाहर के हालात कैसे हैं? क्या बाकी के इलाके में कोई हलचल तो नहीं?"विक्रम, जो अब तक चुपचाप खड़ा होकर सब देख रहा था, अपनी चौड़ी छाती फुलाकर थोड़ा आगे आया। उसने अपनी ईगल जैसी तेज नजरों से चारों तरफ देखा और भारी आवाज में जवाब दिया—"सब ठीक ठाक है, रॉक्स। तुम्हारी दहाड़ का असर दूर दूर तक फैल चुका है। फिलहाल बाहर बिल्कुल शांति है, सारे जानवर अपनी बिलों में दुबके बैठे हैं और हालात पूरी तरह काबू में हैं।"रॉक्स ने सिर हिलाकर तसल्ली की साँस ली। उस ब्लडस्टोन कैसल के अंदर इस वक्त खून के धब्बे जरूर थे, लेकिन दोस्तों के आने से माहौल थोड़ा हल्का हो चुका था।