💕 मियां-बीवी की खट्टी-मीठी नोकझोंक 💕
डॉक्टर बीवी और बेचारा मरीज पति! 😂❤️
भाग–1
रात के ठीक ग्यारह बजे...पूरा मैरिज हॉल तालियों से गूंज उठा , पंडित जी मुस्कुराते हुए बोले --
"बधाई हो... अब से आप दोनों पति-पत्नी हैं।" ❤️💐
वरमाला, सात फेरे, सिंदूर... सब रस्में पूरी हो चुकी थीं ,दूल्हा अर्जुन अपनी दुल्हन डॉ. अनन्या को बस देखे जा रहा था , वह मन ही मन सोच रहा था --
"वाह... अब जिंदगी भर इसी के साथ रहना है।" 😊❤️
उधर अनन्या भी हल्की-सी मुस्कुरा रही थी तभी...
📞 ट्रिंग... ट्रिंग... ट्रिंग...!!
अनन्या का फोन बज उठा ,उसने स्क्रीन देखी -
"City Care Hospital"( काल्पनिक नाम)
उसके चेहरे की मुस्कान गायब हो गई।
"हैलो..." दूसरी तरफ से घबराई हुई आवाज आई--
"मैम... एक बहुत ही क्रिटिकल केस आया है।"
"ब्रेन में इंटरनल ब्लीडिंग है।"
"सर ने तुरंत आपको बुलाया है।"
अनन्या कुछ सेकंड के लिए चुप रही ,उसने अर्जुन की तरफ देखा फिर धीरे से बोली -- "मैं... अभी आती हूँ।"
अर्जुन मुस्कुराकर बोला -- "कोई बात नहीं...
तुम डॉक्टर हो... किसी की जान बचाना तुम्हारा धर्म है।" ❤️
अनन्या की आँखें भर आईं ! उसने धीरे से अर्जुन का हाथ पकड़ा - "सॉरी..." अर्जुन मुस्कुरा दिया।
"अरे... पहली रात है... भाग तो नहीं रही हो..." 😁
दोनों हँस पड़े !
लेकिन... उन्हें क्या पता था कि यह हँसी अगले कई दिनों तक अर्जुन की किस्मत से गायब रहने वाली है। सुहागरात के कमरे में... गुलाब की पंखुड़ियाँ बिछी हुई थीं , मोमबत्तियाँ जल रही थीं और बिस्तर पर बैठा अर्जुन बार-बार घड़ी देख रहा था !
12 बजे... 1 बजे... 2 बजे... 3 बजे...
फिर कब उसकी आँख लग गई... उसे खुद भी पता नहीं चला ।
सुबह... दरवाज़ा खुला अनन्या अंदर आई चेहरा पूरी तरह थका हुआ था , आँखें लाल थीं। तभी अर्जुन उठा और खुशी से पूछा --
"आ गई...?" 😊
अनन्या बस मुस्कुरादि , "ऑपरेशन सफल हो गया... लेकिन मैं बहुत थक गई हूँ..." वह सीधे सोफे पर बैठ गई।
अर्जुन पानी लेकर आया।
उसने सोचा--"चलो... अब आराम से बातें करेंगे..."
तभी... 📞 ट्रिंग... ट्रिंग...!!
अनन्या ने फोन उठाया - "जी सर..."हाँ सर..."
"मैं अभी पहुँच रही हूँ..."
अर्जुन का चेहरा उतर गया , "अभी...?" 😟
अनन्या बेबस होकर बोली-- "एक और इमरजेंसी है... बस जल्दी लौट आऊँगी..." और... वह फिर चली गई !
यही सिलसिला शुरू हो गया - कभी रात... कभी सुबह... कभी दोपहर... अनन्या घर आती...
जल्दी से नहाती... कपड़े बदलती...
और... तभी 📞"मैम... इमरजेंसी!" फिर अस्पताल।
एक दिन अर्जुन ने रोमांटिक मूड में कहा - "आज कहीं डिनर करने चलते हैं?" ❤️ अनन्या मुस्कुराई!
"ज़रूर..." अर्जुन खुशी से तैयार होने चला गया।
नई शर्ट पहनी , परफ्यूम लगाया , आईने में खुद को देखकर बोला -- "आज तो डॉक्टर मैडम को इंप्रेस करके ही रहूँगा।" 😎
तभी...
📞
"मैम... रोड एक्सीडेंट..." अनन्या ने आँखें बंद कर लीं , और धीरे से बोली -- "सॉरी अर्जुन..."
अर्जुन ने सिर झुका लिया "कोई बात नहीं..." 😔
दरवाज़ा बंद हुआ और वह फिर अकेला रह गया।
इसि तरह करीब पंद्रह दिन बीत गए।
एक रात... अर्जुन अपने दोस्त रोहित से मिला ,
रोहित हँसते हुए बोला -- "कैसी चल रही है शादीशुदा ज़िंदगी?" 😏
अर्जुन ने लंबी साँस ली "कौन-सी शादीशुदा ज़िंदगी?" 😑
"यार... मुझे तो लगता है... मेरी शादी अनन्या से नहीं... City Care Hospital से हुई है!"
"मतलब...?"
उसने पुरी बात बताई...
रोहित हँसते-हँसते कुर्सी से गिरते-गिरते बचा 🤣
"फिर क्या करेगा?"
तभी...अर्जुन की आँखों में शरारत चमक उठी।
वह धीरे से बोला --
"अब मैं भी उसी अस्पताल में जाऊँगा..." 😏
रोहित चौंक गया ! "क्यों?"
अर्जुन मुस्कुराया -- "मरीज बनकर..." 😎
रोहित की आँखें फैल गईं।
"क्या...??"
अर्जुन हँसते हुए बोला-- "देखता हूँ... मेरी डॉक्टर बीवी मुझे कितनी देर में पहचानती है।" 😂
और दोनों जोर-जोर से हँसने लगे...😁😀
भाग–2 अगली सुबह...
अर्जुन अपने दोस्त रोहित के साथ अस्पताल के बाहर खड़ा था , रोहित उसे ऊपर से नीचे तक देखकर हँसी रोक नहीं पा रहा था !
"यार... 😂"
"तू मरीज कम, फिल्म का ओवरएक्टिंग वाला हीरो ज़्यादा लग रहा है।"
अर्जुन ने नकली पट्टी सिर पर बाँध रखी थी , और एक हाथ से पेट पकड़ रखा था। वो चल भी ऐसे रहा था जैसे अभी-अभी सौ सीढ़ियाँ चढ़कर आया हो।
"हँस ले... हँस ले...😒"
"आज अगर अनन्या ने मुझे पाँच मिनट भी दे दिए ना... तो समझूँगा मेरी शादी सच में हुई है !"
रोहित बोला-- "और अगर पहचान गई तो?"
अर्जुन मुस्कुराया - "इतनी जल्दी नहीं पहचान पाएगी , डॉक्टर सबसे पहले बीमारी देखते हैं, पति का चेहरा नहीं।" 😎
दोनों हँसने लगें...! अंदर पहुँचते ही रिसेप्शनिस्ट बोली --
"जी, क्या तकलीफ़ है?"
अर्जुन ने पेट पकड़ लिया।
"आह...!!" 😩
"बहुत... बहुत दर्द हो रहा है..."
"लगता है... अब नहीं बचूँगा..."
तभी रोहित तुरंत बोला --
"मैडम, जल्दी डॉक्टर को बुलाइए... इनकी हालत बहुत खराब है..."
रिसेप्शनिस्ट घबरा गई।
"व्हीलचेयर लाओ!"
अर्जुन मन ही मन खुश हो रहा था।
"वाह... प्लान सफल हो रहा है।" 😁
कुछ ही देर में... डॉ. अनन्या तेज़ कदमों से अंदर आई।
सफेद कोट...
गले में स्टेथोस्कोप...
चेहरे पर वही सख्त डॉक्टर वाला अंदाज़।
"कहाँ है मरीज?"
अर्जुन ने तुरंत आँखें बंद कर लीं...
"पहचानना मत... पहचानना मत..." 🤭
अनन्या ने उसकी नब्ज़ देखी- "कहाँ दर्द हो रहा है?"
अर्जुन ने आवाज़ बदलकर कहा- "डॉक्टर साहिबा... दिल में..." 💔😩
अनन्या बोली -- "दिल में?"
"कार्डियोलॉजी में भेजना पड़ेगा क्या?"
अर्जुन बोला -- "नहीं..." "दिल इसलिए दुख रहा है... क्योंकि मेरी पत्नी मुझे टाइम नहीं देती..." 😭
अनन्या एक पल के लिए रुक गई। उसे आवाज़ कुछ जानी-पहचानी लगी तो उसने ध्यान से मरीज की तरफ देखा लेकिन अर्जुन ने चादर और ऊपर खींच लीया।
अनन्या बोली-- "नर्स, बीपी चेक करो।"
नर्स मशीन लगाने लगी - मशीन ने दिखाया -
120/80 बिल्कुल सामान्य।
अनन्या ने अपनी भौंहें सिकोड़ लीं।
"अजीब बात है..."
"इतना दर्द है..."
"और बीपी बिल्कुल नॉर्मल?"
अर्जुन तुरंत बोला - "डॉक्टर साहिबा..."
"दर्द अंदर का है..."
"इसमें मशीन का क्या दोष ये नहीं पकड़ पाएगी..." 😭😂
नर्स अपनी हँसी रोकते-रोकते बाहर चली गई।
अनन्या ने स्टेथोस्कोप लगाया - "गहरी साँस लीजिए..."
अर्जुन ने गहरी साँस लेने की जगह धीरे से कहा--
"आई... लव..."
अनन्या ने तुरंत घूरा तो वो धीरे से बोला- "क्या कहा आपने?"
"साँस लीजिए।"
अर्जुन - "जी..." 😅
अनन्या को अब पूरा शक हो चुका था।
वह बोली -- "नर्स..." "इंजेक्शन तैयार करो...।"
इंजेक्शन का नाम सुनते ही अर्जुन की आँखें खुल गईं।
"इंजेक्शन...? 😳"
नर्स ट्रे लेकर आ गई... उसमें एक लंबा-सा इंजेक्शन रखा था।
अर्जुन की घिग्घी बँध गई।
"डॉक्टर साहिबा... ज़रूरत है क्या?" 😰
बिल्कुल , वह गंभीर होकर बोली --
"बहुत ज़रूरत है।"
"लगता है मरीज को... नाटक करने की बीमारी है।"
अर्जुन चौंक गया! "क्या...?"
अनन्या मुस्कुरादी - "और इस बीमारी का इलाज..."
उसने इंजेक्शन उठाया...
"...यही है।"
अर्जुन एकदम उठकर बैठ गया "नहीं... नहीं...!!"
"मैं बिल्कुल ठीक हूँ।" 😂
हर मरीज इंजेक्शन के डरसे यही बोलता है, लेकिन इंजेक्शन तो आपको लेनी ही पड़ेगी...😀
पूरा कमरा हँसी से गूँज उठा , नर्स भी हँसने लगी।
रोहित तो बाहर खड़े-खड़े पेट पकड़कर हँस रहा था।
अर्जुन इंजेक्शन से बचने के लिए कुर्सी से उठकर भागने लगा... तभी अनन्या पीछे से चिल्लाती है--
"पकड़ो... मरीज भाग रहा है!" 😂
दो वार्ड बॉय उसे पकड़ लेते हैं।
अर्जुन घबराकर कहता है-- "अरे मैं मरीज नहीं... इनका पति हूँ!" 😭
वार्ड बॉय हँसकर कहते हैं -- "साहब, यहाँ तो हर दूसरा मरीज बचने के लिए कुछ न कुछ बोलता है।" 🤣
अनन्या मुस्कुराकर कहती है--
"पहले इंजेक्शन... फिर पति।" 😏💉
अर्जुन हाथ जोड़ लेता है - "डॉक्टर साहिबा, सुहागरात तो गई... अब मेरी इज़्ज़त तो मत ले जाइए।" 😂😀💖
तभी अस्पताल के सीनियर डॉक्टर आ जाते हैं।
"क्या हुआ डॉ. अनन्या?"
अनन्या मुस्कुराकर कहती है --"सर, ये मेरे पति हैं। मुझे देखने के लिए नकली मरीज बनकर आ गए।"
पूरा स्टाफ ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगता है। 😂
सीनियर डॉक्टर अर्जुन के कंधे पर हाथ रखकर कहते हैं -- "बेटा, तुम पहले पति हो जो अपनी पत्नी से मिलने के लिए ओपीडी का टिकट कटवाकर आया है।" 🤣
फिर वे अनन्या से कहते हैं -- "डॉ. अनन्या, अगले तीन दिन की छुट्टी आपकी मंज़ूर। हम कुछ दिन अस्पताल संभाल लेंगे, पहले आप अपने पति को संभालिए।" ❤️
अर्जुन खुशी से उछल पड़ता है --
"सर, भगवान आपको लंबी उम्र दे!" 😄
डॉक्टर हँसते हुए कहते हैं -- "और हाँ, अगली बार पत्नी से मिलने के लिए बीमार बन कर मत आना... सीधे फूल लेकर आ जाना।" 🌹😂
समाप्त .....💖😀
(July Writes~)