Hidden Contract Marriage - 3 in Hindi Fiction Stories by Avantika books and stories PDF | Hidden Contract Marriage - 3

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Hidden Contract Marriage - 3

अब आगे ,

आपको पता है ! ! लड़कियां भाई के आगे पीछे घूमती रहती थीं । और कई लड़कियों ने तो उन्हें कॉलेज में प्रपोज भी किया था मगर भाई ने आज तक किसी को भाव नहीं दिया ।  और तो और आपसे पहले भी भाई के लिए बहुत से रिश्ते आए थे पर भाई ने सबको रिजेक्ट कर दिया ।

लेकिन जब विक्रांत भईया आप का रिश्ता भाई के लिए लेकर आए , और उन्होंने  भाई को आपकी फोटो दिखाई तो उन्होंने तुरंत हां बोल दिया था शादी के लिए । इसका मतलब भाई को पहली बार प्यार हुआ वो भी सिर्फ आपसे ही हुआ । वैसे आप है भी बहुत सुंदर और प्यारी ! ! " मीरा ने सांझ को कोहनी मारते हुए कहा ।

मीरा की बात सुनकर सांझ अनजान बनते हुए इधर उधर देखने लगी और बोली , " अरे वो . . . . वो मैं तो रूम देख रही थी कितना सुंदर है ! ! "

" अरे भाभी ! ! अब इसमें हम से छिपाने वाली क्या बात है हमें अपना बेस्ट फ्रेंड ही समझिए आज से हम आपकी साइड । " मीरा ने बोलते हुए सांझ साइड हग किया ।

" बिल्कुल आज से आप हमारी बेस्ट फ्रेंड ! ! " सांझ बोलते हुए अपना हाथ आगे बढ़ा देती है ।

मीरा ने भी अपना हाथ बढ़ा कर उससे हाथ मिला लिया । 

दूसरी ओर गौरव जी के कमरे में , 

" देखो शौर्य हम नहीं जानते की तुमने सांझ से ही शादी क्यों की है  ? ? . . . . . . . और तुम्हारा वो बिज़नेस पार्टनर विक्रांत सिर्फ पांच दिन पहले ही सांझ की फ़ोटो ला कर तुम्हें दिखाता है और उस दिन तुम लोग शाम तक कमरे में बैठ कर अपना पता नहीं कौन सा मैटर डिस्कस कर रहे थे , मुझे कुछ अजीब लग रहा है ! ! क्योंकि इस शादी में कोई रस्में नहीं हुई और तो और इतनी जल्दबाजी में शादी आखिर ऐसा क्यों ? ? . . . . . . . और इससे पहले भी तो तुम्हारे लिए कितनी सारी लड़कियों के रिश्ते आए थे , तब तुम कह रहे थे , तुम अभी शादी नहीं करना चाहते ! ! इनफैक्ट सांझ के रिश्ते से एक दिन पहले ही जब तुम्हारे लिए दूसरा रिश्ता आया था , तब तुमने ये बात कही थी , और अगले ही दिन सांझ से शादी के लिए तैयार हो गए ? ?  . . . . . .  देखो इसके पीछे का कारण तो हम नहीं जानते , मगर तुम इतना ज़रूर जान लो सांझ अब हमारे घर की बहु ही नहीं बेटी भी है । तो अपने गुस्से पर काबू रखना और हमें उसकी आंखों में आसूं नहीं दिखने चाहिए कभी समझे ! ! " गौरव जी ने समझाते हुए शौर्य से कहा ।

उनकी बातें सुनकर शौर्य हंसने लगा । शौर्य को हंसता हुआ देखकर गौरव जी को कुछ समझ नहीं आया कि आखिर वो क्यों हंस रहा है । 

" शौर्य ! ! ये क्या बदतमीज़ी है ! ! . . . . . हम तुम्हें समझा रहे हैं और तुम हंस रहे हो ? ? "  गौरव जी ने थोड़ी सख्ती दिखाते हुए कहा ।

शौर्य ने अपनी हंसी रोक कर तिरछी स्माइल देते हुए कहा , " पापा आप यहीं जानना चाहते हैं ना की हमने सांझ से शादी क्यों की वो भी इतनी जल्दबाजी में ? ? तो सुनिए हमने उससे कॉन्ट्रेक्ट मैरिज की है ! ! " 

शौर्य आगे कुछ और बोलता उससे पहले ही गौरव जी गुस्से में चौंकते हुए बोले , " क्या ! ! कॉन्ट्रेक्ट मैरिज ? ? किस चीज़ का कॉन्ट्रैक्ट हा ? ? तभी तु . . . . . . . " ।

शौर्य बात बढ़ती देखकर गौरव जी को बेड पे बैठा कर बीच में ही बोला , " अरे रिलैक्स पापा हम सिर्फ़ मज़ाक कर रहे थे , हा हम मानते हैं कि सांझ के रिश्ते से एक दिन पहले ही हमने कहा था कि हमें शादी नहीं करनी , लेकिन जब हमने सांझ को देखा तो हम खुद को रोक नहीं पाए हा करने से हमें वो पहली नज़र में ही बहुत पसंद आ गई थी । और रही बात हमारी और विक्रांत के बीच की बात की तो हमने ही उसे मना किया था और ये कहा था की हम कोई भी रसम नहीं करेंगे , और ये शादी हम जल्द से जल्द करना चाहते हैं । बाकी सांझ के घर पे तो सारी रस्में हुई ही थी । देखिए अब हम से कुछ और मत पूछिएगा । हम बहुत ज्यादा थक गए है , तो हम फ्रेश होने जा रहे हैं । "

" ठीक है , तुम जाओ हमें भी तैयार होना है ! ! " गौरव जी ने कहा ।

शौर्य का कमरा , 

मीरा और सांझ दोनों आपस में बातें कर ही रही थी , तभी नैना जी दरवाज़े से अंदर आते हुए बोली , " क्या बात है ! ! हमें भी बताओ ? ? " 

सांझ ने कमरे में आते ही अपना घूंघट उतार दिया था, लेकिन जैसे ही उसने देखा कि नैना जी आई है , तो जल्दबाजी में वो अपना घुंघट अपने सर पर डालने लगी ।

नैना जी ने मुस्कराते हुए कहा " अरे सांझ बेटा इसकी कोई जरूरत नहीं है ! ! तुम हमारी बेटी हो समझी , जैसे ये मीरा है बिलकुल वैसे , और हा बेटा जल्दी तैयार हो कर नीचे आ जाओ नाश्ते के लिए और आज तुम ये साड़ी पहन लेना ठीक है और ये सबसे खास चीज , ये कंगन भी पहन लेना , ये हमने खास अपने शौर्य की होने वाली बीवी के लिए बनवाए थे और अब तुम उसकी बीवी हो तो अब से ये तुम्हारे ! ! और सिर्फ मुंह दिखाई में घुंघट कर लेना उसके बाद इस घुंघट की कोई जरूरत नहीं है । अब हम चलते हैं , तुम्हारी मुंह दिखाई की तैयारी भी करनी है ! ! अरे याद आया ! ! मीरा तुझे दादी बुला रहीं हैं , कुछ देना चाहती हैं शायद तुझे । " 

मीरा और नैना जी दोनों रूम से बाहर चली गई । सांझ रूम का दरवाजा बंद करने ही कर रही थी । तभी शौर्य वहां आ गया शौर्य को देखते ही सांझ ने अपनी पलकें झुका लीं और दरवाजे से हट गई । शौर्य अंदर आ गया और अंदर आते ही वो बेड पे आराम से जाकर बैठ गया ।

" अब क्या दिन भर दरवाजे पर ही खड़ी रहोगी ? ? की अंदर भी आओगी । " शौर्य ने एटीट्यूड दिखाते हुए कहा ।

" जी आ रहे हैं ! ! " सांझ ने दरवाजा बंद करके अंदर आते हुए शौर्य की बात का जवाब देते हुए कहा ।

सांझ दरवाजा बंद करके धीमे कदमों से बेड के पास पहुंचती है , और अपनी पलकें झुका कर शौर्य से थोड़ी दूर खड़ी हो जाती है ।

शौर्य ने अचानक से सांझ का हाथ पकड़ उसे बेड पे लिटा दिया और वो धीरे धीरे उसके करीब आने लगा वो जाके सांझ के साइड में लेट गया और धीरे धीरे अपना हाथ उसकी तरफ़ बढ़ाने लगा ।

शौर्य को अपने इतना पास आते देख सांझ की दिल की धड़कने बढ़ती ही जा रही थी । अपने दिल पर काबू करते हुए सांझ अपने कांपते हुए होंठों से बोली  " शौर्य जी , आप ये . . . . . ये क्या कर  . . . . . . . .  " । 

सांझ अपनी बात अभी पूरी भी नहीं कर पाई थी की , शौर्य ने उसके मुंह पे हाथ रख दिया ।

" चुप बिल्कुल चुप तुम जैसा सोच रही हो हम वैसा कुछ भी नहीं करने वाले । तो अपना ये छोटा सा दिमाग चलाना बंद करो और मेरी बात सुनो ! ! ( इतना कहकर वो अपना हाथ उसके मुंह से हटा देता है ) घर में किसी को भी ये बात नहीं पता है , की तुम्हारी शादी हमसे पहले किसी और से होने वाली थी ।

उनको यहीं लगता है की तुम्हारा भाई विक्रांत मेरे लिए ही तुम्हारा रिश्ता लाया था । देखो हमें नहीं पता की तुमने हमसे अपनी खुशी से शादी की है या नहीं . . . . . . . पर इतना जान लो सांझ की अब तुम सिर्फ मेरी हो ! ! समझी ' सांझ शौर्य सिंह राठौड़ ' । तो कभी भी किसी को पता नहीं चलना चाहिए , इस बारे में वरना मुझे भी नहीं पता कि मैं क्या करूंगा । " शौर्य ने सर्द आवाज़ में कहा ।

सांझ के दिल की धड़कने अभी भी बढ़ी हुई ही थी । क्योंकी शौर्य अभी भी उसके बेहद करीब ही था । शौर्य उठकर जानें लगा तभी उसे कुछ सूझा और वो वापस आ कर सांझ के पास लेट गया  । सांझ उठने ही वाली थी की शौर्य ने उसका हाथ पकड़ कर उसे वापस लेटा दिया ।

शौर्य अपनी उंगलियां उसके चेहरे पर फिराते हुए बोला , " बाय द वे ! ! एक बात तो हम भूल ही गए , तुम्हें फोटो में देखा था तो बहुत खूबसूरत लग रही थी और इतनी पास से तो और भी ज्यादा हसीन लग रही हो । " 

शौर्य धीरे धीरे अपना चेहरा उसकी तरफ़ बढ़ाने लगा , ये देखकर सांझ ने अपनी आंखे कसकर बंद कर ली । तभी नीचे से नैना जी की आवाज़ आई , अरे शौर्य ! ! सांझ तुम दोनों तैयार हो गए क्या ? ? " 

शौर्य नैना जी की आवाज़ सुनकर रुक जाता है , तभी सांझ मौका पाते ही शौर्य को धक्का देकर खुद से दूर करती है, और जल्दी से बेड से उतरकर नैना जी की दी हुई साड़ी लेकर कमरे में बने वॉशरूम में चली गई । 

शौर्य बेड पे बैठा हुआ उसे जाता हुआ देखता रह गया । शौर्य चेहरे पर एक डेविल स्माइल लिए हुए खुद से बोला , " सांझ हम तुमसे  हमारी एक एक बेइज्जती का बदला लेकर रहेंगे  ! ! तुम सिर्फ हमारे हाथों की कठपुतली बनकर रहोगी । तुम तो शायद उस बात को भुला भी चुकी होगी । लेकिन आई स्वेयर तुम हर रोज अपने आप को कोसोगी , की आखिर तुमने मेरे साथ ऐसा किया ही क्यों । 

जारी है ! 
Hidden Contract Marriage ❤️