Bank robbery - chapter 2
“मुझे अभी बेटे के अकाउंट में मनी ट्रांसफर करवानी है, लेट होने पर उसकी फीस का चेक बाउंस हो जाएगा“ एक दूसरा कस्टमर चिल्ला रहा था.
सर्किल ऑफिस से ब्रांच में फ़ोन लगाया जाता है, पर फ़ोन कोई नहीं उठाता। इधर बैंक के बाहर खड़े कस्टमर्स ने बैंक को कोसना शुरू कर दिया था। तभी एक कस्टमर साथ वाले से पूछ रहा था, ये पुलिस कारवाई कब तक चलेगी,
“पुलिस कारवाई चल रही है किसने बताया”, अधेड़ कस्टमर चौक कर पूछता है .
“अभी थोड़ी देर पहले गार्ड ने बताया था”
वही अधेड़ फिर सर्किल ऑफिस को फ़ोन मिलाता है और इस बार फ़ोन मिल जाता है, वह पुलिस कारवाई के बारे पूछता है, उधर से जवाब मिलता है हम अभी पता कर के आपको सूचना देते हैं, परंतु अधेड़ चिल्लाता है “हमे इससे कोई मतलब नही क्या हो रहा है, तुरंत दरवाजा खुलवाए वरना मै मीडिया को बुलाता हूँ ”
सर्किल ऑफिस वाले पुलिस करवाई के नाम पर चोकते है और कस्टमर केयर पैर बेठा अधिकारी डिप्टी सर्किल हेड के पास दोड़ कर जाता है और पूछता है की “सर क्या आप को जानकारी है के श्यामनगर साखा में पुलिस कारवाई चल रही है“, डिप्टी सर्किल हेड इनकार करता है, की उसे कोई जानकारी नहीं और अधिकारी को शाखा के चीफ मेनेजर को तुरंत फ़ोन लगाने को बोलता है।
बैंक में डांडा और केशियर को ले कर दो नकाबपोश स्ट्रोंग रूम में जा कर सेफ खुलवाते है और उसमे पडी नकदी देख कर उनकी आँखे फ़ैल जाती है. तभी हाल में मोबाइल बजने की आवाज आती है, हाल में खड़ा नकाबपोश चौक कर पूछता है
“किसका मोबाइल बजा, किसका बजा, मोबाइल किस के पास है, मैं दस तक गिनुगा, शराफ़त से बता दे वरना, अगर अपना नाम शहीदों में लिखवाने का शॉक है तो मुझे भी कोई इतराज नही”।
हुआ ये था की बैंक में आते ही रोब्बेर्स ने सब से पहले सभी के मोबाइल ले लिए थे और ऑफ कर दिए थे, और मोबाइल की रिंग से जाहिर था कि किसी के पास मोबाइल था।
“किसका है, अभी भी बता दो नही तो सालों सीधी गोली ही मारूंगा” दूसरा नकाबपोश चिल्लाया
तभी फर्श से एक मुश्किल से 20-22 लड़की हाथ में मोबाइल लिए हुए उठ खड़ी हुई,
“छोरी तने डर ना लागता” तीसरा नकाबपोश पहली बार बोला
“नहीं लगता, तुम जानते हो ये पब्लिक मनी है तुम इसे लूट नही सकते” लड़की में जवानी का जोश उछाले मार रहा था
“पब्लिक मनी”. नकाबपोश ने हैरानी से लड़की की ओर देखा
“तने पता है ये क्या है,” उसने अपनी गन की तरफ इशारा किया
“मै गन से नही डरती, तुम नही जानते मेरे पापा कोन है, तुम यहाँ से बच नही सकते”, लडकी ख़यालों में उड़ रही थी जब ये रॉबरी का एपिसोड खत्म हो जाएगा तो वो मीडिया को बतायेगी की वह बिलकुल नही डरी थी, और लोग भी बतायेंगे क्या हिम्मत वाली लडकी है और कल के अख़बारों में उसके ही चर्चे होंगे ।
“इसका के करू “, और फिर उसने जोर से गन का वार लड़कीए के सर पर किया, लडकी चिल्लाने लगी तो नकाबपोश ने उसको एक जोरदार झापड़ रसीद किया और चुप रहने को कहा. लड़की तुरंत चुप हो गई।
“किसको कॉल किया था” तभी नंबर एक नकाबपोश ने नर्म आवाज में लड़की से पूछा
“किसी को नहीं किया, सर ये तो इनकमिंग कॉल है”
नकाबपोश ने कॉल हिस्ट्री देखी, “पर कॉल तो तुमने की है”, तभी फिर फ़ोन की घंटी बजी
“मैं स्पीकर पर डाल रहा हूँ, बात कर”
“फ़ोन क्यों काट दिया उधर से आवाज आई, मैं पुलिस हेल्प लाइन से बोल रही हूँ, बताइए क्या हेल्प चाहिए”
नकाबपोश ने तुरंत फ़ोन डिसकनेक्ट किया, और फिर एक और जोरदार थप्पड़ लड़की को लगाया।
उधर नकाबपोश नंबर एक ने अपने दोनों साथियों को आदेश दिया “यहाँ दो ब्रीफकेस बैंक के हैं और तीन हमारे पास है, परंतु केवल चार ब्रीफकेस में ही नकदी भर लो”,
“एक ब्रीफकेस में लगभग एक से डेढ़ करोड़ रुपये ही आ पाएगा और न ही हम 35 kg से ऊपर का वजन उठा कर दोड़ पाएंगे। बाकी का कैश यहीं पर छोड़ दो, जो कहा है वही करना है, लालच करोगे तो गारंटीड पकड़े जाओगे, जल्दी करो, तब तक मैं लॉकर्स को देखता हूँ”। और उसने अपनी पीठ पर लादे बेग में से एक आधुनिक ऑक्सी एलपीजी गैस कटर निकाला।
उधर हाल में नकाबपोश नंबर दो ने कहा “सभी हाथ ऊपर करके खड़े हो जाओ”
“अब मेल दाएं और फीमेल बाएं और एक लाइन बनाकर खड़े हो जाओ”
“स्टाफ रूम किधर है”, उसने ढाँडा से पूछा।, ढाँडा ने कोने की तरफ़ इशारा किया।
“सभी फीमेल स्टाफ रूम चली जाये और अपने कपड़े उतार कर ये कपड़े पहन ले”, उसने एक कपड़ों से भरा ब्रीफकेस एक लड़की के हवाले कर दिया।
“चिंता मत करें, सीसीटीवी कैमरे हमने हटा दिए हैं”।
और फिर यही आदेश हाल में खड़े पुरुषों को भी दिया गया
बाहर खड़े कस्टमर्स में से एक ग्लोबल न्यूज़ के ऑफिस में फ़ोन करता है।
ग्लोबल न्यूज़ के स्टूडियो में Main Desk, Weather Desk, Sports Desk and Business Desk पर हर इंचार्ज रूटीन में एक पर्टिकुलर न्यूज़ टॉपिक को कवर कर रहा था। सुबह-सुबह का समय था तो चाय-कॉफ़ी का दौर काम के साथ-साथ चल रहा था। तभी रिसेप्शन के घंटी बजी और रिसेप्शन पर एक भारीं बदन वाली महिला ने फ़ोन उठाया : “ग्लोबलन्यूज़ बोलिए मैं रिंकी आप के क्या सह्यता कर सकती हूँ”
“मैडम मैं इंडियन सेंट्रल बैंक की श्यामनगर की साखा के बाहर से बोल रहा हूँ, अभी बैंक खुले एक घंटे से ज्यादा हो ज्ञा है पर मेंन गेट नहीं खुला है, अन्दर से बोल रहे है,
पुलिस कार्रवाई चल रही है, मैडम, मुझे गड़बड़ लग रही है”
“और आपको गड़बड़ क्यों लग रही है?”, मैडम रिंकी ने चाय की चुस्की लेते हुए पूछा
“मैं आपको बता रहा हूँ, ज़रूर कोई गड़बड़ है”
“और आप चाहते हैं कि आपके लगने से हम तुरंत वहाँ पहुँचे”
“बिल्कुल मैं यही चाहता हूँ”
“सूचना देने के लिए धन्यवाद, हम जो भी जरूरी कार्रवाई होगी,जरूर करेंगे”, और उसने फ़ोन काट दिया।
बैंक के सर्किल ऑफिस में डिप्टी सर्किल हेड ब्रांच में फ़ोन ना मिलने पर उठ कर सर्किल हेड के ऑफिस में जा कर स्थिति से अवगत कराता है।
“लीड बैंक ऑफिसर मिस्टर खन्ना को फ़ोन लगा कर कहो की तुरंत श्याम नगर के सखा पहुंचे और रिपोर्ट करे” सर्किल हेड आदेश देता है।