Dhadkane DIl ki - 1 in Hindi Thriller by Shravan Gore books and stories PDF | धड़कने दिल की - 1

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धड़कने दिल की - 1

कल्पना कीजिए एक ऐसी स्टोरी जिसमें आदित्य और सिया की रोमांटिक पल हैं| और थ्रिलर काले साम्राज्य की, जिसकी जड़ें पिछले साठ सालों से हमारे देश के सिस्टम, राजनीति और सुरक्षा एजेंसियों में दीमक की तरह फैल चुकी हैं। इस अदृश्य लेकिन खौफनाक नेटवर्क का नाम है—'प्रोजेक्ट जीरो'। यह कोई आम क्रिमिनल गैंग नहीं है; यह एक ऐसा जागतिक सिंडिकेट है जो सरकारों को कठपुतली की तरह नचाता है। इस सिंडिकेट का सबसे बड़ा खजाना, पूरे पचास बिलियन डॉलर्स का काला धन और विदेशी संधियों के गुप्त दस्तावेज, एक बेहद जटिल 'हिप्नोटिक कोड' में सुरक्षित हैं। और वह कोड किसी तिजोरी या कंप्यूटर सर्वर में नहीं, बल्कि एक जीते-जागते इंसान, कबीर महाजन, की धड़कनों में दफ्न है। कबीर का दिल सिर्फ खून पंप नहीं करता; उसकी हर धड़कन एक ऐसा पासवर्ड है जिसके लिए दुनिया के सबसे बड़े सफेदपोश अपराधी और अंडरवर्ल्ड के मास्टरमाइंड खून की नदियां बहाने को तैयार हैं।
कबीर इस खौफनाक दलदल में अकेला नहीं है। उसके साथ है उसका जिगरी दोस्त, आदित्य जोशी। आदित्य एक निडर, जुनूनी और पागलपन की हद तक जाने वाला फोटोग्राफर है, जिसके गले में लटका उसका विंटेज लाइका कैमरा सिर्फ तस्वीरें नहीं खींचता, बल्कि सच को बेनकाब करता है। आदित्य के पास अपने मृत पिता, हेमंत रॉय, की एक अधूरी डायरी है और उस कैमरे का वह रहस्यमयी 'साठवां फ्रेम' है, जिसमें इस सिंडिकेट के सबसे बड़े गद्दारों के चेहरे छिपे हैं। इन दोनों दोस्तों के साथ खड़ी है सिया—एक ऐसी लड़की जिसका प्यार और जज्बा किसी फौलाद से कम नहीं। वह जरूरत पड़ने पर किसी के लिए जान दे भी सकती है और असॉल्ट राइफल उठाकर दुश्मनों की जान ले भी सकती है। इन तीनों का अटूट रिश्ता और सेंट जेवियर्स कॉलेज के कट्टे से शुरू हुई इनकी दोस्ती ही इनकी सबसे बड़ी ताकत है।
कहानी एक ऐसे भयंकर मोड़ पर खड़ी है जहां सब कुछ खत्म होता हुआ महसूस होता है। आदित्य, सिया और कबीर ने अपनी जान पर खेलकर 'द ब्लैक ऑरोरा' नाम के उस विशालकाय मालवाहक जहाज को अरब सागर की गहराइयों में डुबो दिया है। उन्हें लगा कि उन्होंने सिंडिकेट का खात्मा कर दिया है। कैप्टन समर राठौड़ के नेतृत्व में भारतीय सेना के सबसे सुरक्षित अंडरग्राउंड मिलिट्री बेस, 'आईएनएस शिकरा', में पहुंचने पर उन्हें एक पल के लिए जीत का अहसास होता है। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि जिसे वे अपनी पनाह समझ रहे हैं, वही उनका सबसे भयानक जाल बनने वाला है।
जैसे ही वे बेस के उस अभेद्य बंकर में पहुंचते हैं, खेल पूरी तरह पलट जाता है। एल्युमिनियम के जिस केस को आदित्य अपनी जान से ज्यादा संभाल कर लाया था, उसमें सबूत नहीं, बल्कि एक इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक पल्स (EMP) जनरेटर निकलता है। एक अंधा कर देने वाला फ्लैश, और पूरा मिलिट्री बेस एक खौफनाक इलेक्ट्रॉनिक अंधेरे में डूब जाता है। सौ फीट नीचे जमीन में दबे उस बंकर के दरवाजे हमेशा के लिए सील हो जाते हैं। और इसी अंधेरे का फायदा उठाकर, भारतीय सेना की ही वर्दी पहने एक गद्दार, कबीर को अपने साथ ले उड़ता है।
वह मास्टरमाइंड कौन है जो हमेशा उनसे एक कदम आगे रहता है? क्या कैप्टन राठौड़ के पिता का वह पुराना राज इस साजिश का कोई नया पन्ना खोलेगा? आदित्य और कैप्टन राठौड़ उस हवा-बंद, इलेक्ट्रॉनिक ताबूत से बाहर कैसे निकलेंगे? और सिया अपने उस प्यार को कैसे वापस लाएगी जिसे उसकी आंखों के सामने से कोई अनजान दुश्मन छीन ले गया है?