CRAVE - Part -3 in Hindi Thriller by Aarika Shadow books and stories PDF | CRAVE - Part -3

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CRAVE - Part -3

रात का गहरा सन्नाटा छाया हुआ था।

जुशेंग अभी भी अपने कमरे की बालकनी में खड़ा काले आसमान को देख रहा था। उसकी आँखों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी।

कुछ देर बाद वह धीरे-धीरे कमरे के अंदर आया।

अंदर आते ही उसकी नज़र युई पर पड़ी।

युई बिस्तर के पास फर्श पर बैठी-बैठी ही सो गई थी। उसका सिर बेड से टिका हुआ था और उसके हाथों में एक छोटा-सा गिफ्ट बॉक्स था। उसकी आँखों के कोनों पर सूखे आँसुओं के निशान अब भी मौजूद थे।

उसे देखते ही जुशेंग का दिल ज़ोर से धड़कने लगा।

वह खुद को संभालते हुए धीरे-धीरे उसके पास गया और उसके बगल में बैठ गया।

"बेबी..."

उसकी आवाज़ काँप रही थी।

वह युई के गाल को छूने के लिए हाथ बढ़ाने ही वाला था कि अचानक रुक गया।

उसकी आँखों से आँसू बह निकले।

"बेबी... आई एम रियली सॉरी... मैं बहुत बुरा हूँ। मैंने तुम पर गुस्सा किया... प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो..."

वह अपने आँसू पोंछते हुए टूटती हुई आवाज़ में बोला।

"मैं जानता हूँ कि ये गिफ्ट तुम्हारे लिए कितनी बड़ी खुशी की बात है... भगवान का आशीर्वाद है ये..."

उसका गला भर आया।

फिर उसने बहुत सावधानी से युई के हाथों से वह गिफ्ट बॉक्स लिया, जैसे कोई दुनिया की सबसे कीमती चीज़ को पकड़ता है।

उसकी आँखों में एक अजीब-सी शांति उतर आई।

"मुझे माफ़ कर दो, बेबी... मैं हमारे बच्चे से भी बहुत प्यार करता हूँ। शायद इसी वजह से मैं डर गया था... मैं चाहता था कि वो सिर्फ मुझसे प्यार करे..."

वह खुद को समझाने की कोशिश कर रहा था।

धीरे से उसने गिफ्ट बॉक्स खोला।

अंदर एक प्रेग्नेंसी रिपोर्ट और टेस्ट किट थी।

रिपोर्ट पर लिखा था—

"2 Months Pregnant"

एक पल के लिए समय जैसे रुक गया।

जुशेंग की आँखें फैल गईं।

उसने काँपते हुए हाथों से रिपोर्ट को दोबारा पढ़ा।

फिर उसकी नज़र सोती हुई युई पर गई।

अगले ही पल वह घुटनों के बल बैठ गया।

उसकी आँखों से आँसू बहने लगे।

वह रो रहा था...

लेकिन इस बार दर्द से नहीं।

खुशी से।

आज उसे अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा तोहफ़ा मिला था।

वह पिता बनने वाला था।

"थैंक यू, बेबी..."

उसने मुस्कुराते हुए कहा।

"तुमने मुझे दुनिया की सबसे बड़ी खुशी दी है..."

फिर उसने प्यार से युई को अपनी बाँहों में उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया।

वह काफी देर तक बस उसे देखता रहा।

उस रात शायद पहली बार उसके चेहरे पर सच्ची शांति थी।

◇◇◇

अगली सुबह...

सूरज की हल्की किरणें कमरे में फैल चुकी थीं।

युई धीरे-धीरे उठी और अपनी आँखें मलने लगी।

"हबी...?"

उसने चारों तरफ देखा।

कमरा खाली था।

"हबी... आपने ऐसा क्यों किया? आपको खुशी नहीं हुई कि हम मम्मी-पापा बनने वाले हैं?"

उसकी आवाज़ में शिकायत थी।

लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं था।

सिर्फ बालकनी से आती हवा और सुबह की शांति।

युई की आँखें नम हो गईं।

"अगर आपने फिर ऐसा किया ना... तो मैं आपको कभी माफ़ नहीं करूँगी..."

इतना कहते ही एक आँसू उसके गाल पर लुढ़क गया।

उसने होंठ भींच लिए।

"मुझे आपसे बात करनी ही होगी..."

◇◇◇

दूसरी तरफ...

एक कमरे में एक युवक लगातार पुश-अप्स कर रहा था।

उसके शरीर से पसीना बह रहा था।

खिड़की से आती सूरज की किरणें उसके शरीर पर पड़कर उसे सुनहरा बना रही थीं।

उसके कानों में ब्लूटूथ लगा हुआ था।

"जी, समझ गया। अभी आता हूँ।"

उसने कॉल काटी और उठ खड़ा हुआ।

जैसे ही उसका चेहरा रोशनी में आया—

अरे!

ये तो हमारे समर बाबू थे। 😒

"इतनी सुबह-सुबह किसका फोन था?"

समर ने खुद से कहा।

"पता नहीं अब क्या नया लफड़ा है... लेकिन जाना तो पड़ेगा। भाभी जी ने बुलाया है।"

इतना कहकर उसने कमरे की तरफ देखा।

पूरा कमरा अस्त-व्यस्त पड़ा था।

कपड़े इधर-उधर फैले हुए थे।

समर ने गहरी साँस ली।

"हे भगवान... ये सब किसने किया?"

फिर वह शीशे के सामने खड़ा हो गया।

कुछ सेकंड तक खुद को घूरता रहा।

एक भौं ऊपर उठाई।

"तूने किया है ना? बोल! 😒"

कुछ पल चुप्पी रही।

फिर खुद ही जवाब दिया—

"हाँ... तूने ही किया है।"

समर ने सिर पकड़ लिया।

"अगर तेरी वजह से मैं लेट हो गया ना... तो छोड़ूँगा नहीं तुझे, बच्चू!"

किसी और को देखकर शायद लगे कि वह पागल है...

लेकिन हमारे समर बाबू का सेल्फ-लव थोड़ा ज़्यादा ही है। 😂🤣

◇◇◇

किचन...

युई पीली साड़ी में खड़ी थी।

बालों की लंबी चोटी, माँग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र, हाथों में चूड़ियाँ और माथे पर छोटी-सी बिंदी।

लेकिन उसके चेहरे पर सिर्फ गुस्सा था।

तभी अचानक—

"आज छोड़ूँगी नहीं उसे...!" 😤🔥

करीब आधे घंटे बाद...

विला के बाहर वाले गेट से समर भागते हुए अंदर आ रहा था।

उसने एक साधारण टी-शर्ट पहन रखी थी और कानों में ब्लूटूथ लगा हुआ था।

वह इतना दौड़ चुका था कि उसकी साँसें बुरी तरह फूल रही थीं।

गेट के पास पहुँचते ही उसने घुटनों पर हाथ रख दिए।

"हाय राम...!" 😵‍💫

"कितना दौड़ा हूँ मैं..."

वह हाँफते हुए बोला।

"जिम जाकर एक्सरसाइज करने का भी क्या फायदा, जब भाभी जी एक कॉल में सारी फिटनेस की परीक्षा ले लें..." 😭

उसके पूरे शरीर से पसीना टपक रहा था।

कुछ पल तक वह वहीं खड़ा साँसें संभालता रहा।

फिर इधर-उधर देखने लगा।

सच कहें तो...

इतना पसीने में भीगा होने के बाद भी हमारे समर बाबू काफ़ी हैंडसम लग रहे थे। 😌✨

समर ने अपने बाल पीछे किए और गहरी साँस ली।

"भाभी जी...?" 😅

"आप... कहाँ हैं...?"

उसने धीरे से आवाज़ लगाई।

लेकिन अगले ही पल—

उसकी नज़र सामने पड़ी।

और...

"आआआआआआआआआआआआ...!!!" 😱💀

समर की ज़ोरदार चीख पूरे विला में गूँज उठी।

अगले ही पल...

छपाआआक! 💦

पूरी की पूरी पानी की बाल्टी समर के ऊपर उलट दी गई।

कुछ सेकंड तक वह बिल्कुल चुप खड़ा रहा।

उसका मुँह खुला हुआ था।

बालों से पानी टपक रहा था।

टी-शर्ट पूरी तरह भीग चुकी थी।

लेकिन हैरानी की बात ये थी कि उसने एक शब्द भी नहीं कहा।

कुछ पल बाद उसने गहरी साँस ली।

"चलो भाई..." 😮‍💨

"आज तो दो बार नहाना हो गया।"

उसने आसमान की तरफ देखते हुए कहा।

फिर अपने भीगे हुए हाथों को देखा और मुस्कुराने लगा।

"वैसे मानना पड़ेगा..." 😌✨

"इतने हसीन समय पर पानी गिरा है कि अगर कोई मुझे अभी देख ले ना..."

वह अपने बाल पीछे करते हुए बोला,

"तो सीधे प्यार में पड़ जाएगा।" 😏

उसके चेहरे पर गर्व भरी मुस्कान फैल गई।

"लेकिन क्या करें..."

"खुद से प्यार करने वाला इंसान भी तो मैं ही हूँ।" 😂

फिर उसने शीशे की तरह खिड़की में अपना धुंधला प्रतिबिंब देखा।

"हाय..."

"मैं कितना ज्यादा हैंडसम हूँ..." 😌✨

"लगता है भगवान भी मेरी खूबसूरती से प्रभावित हो गए हैं।"

"तभी तो मुझे दो बार नहलाने का इंतजाम किया गया है, ताकि पसीने की वजह से ये शाहकार खराब न हो जाए।" 🤣

इतना कहकर वह अजीब-अजीब चेहरे बनाने लगा।

कभी मुस्कुराता...

कभी आँख मारता...

कभी अपने बाल झटकता...

उसे पता ही नहीं था कि सामने खड़ा व्यक्ति कब से उसे घूर रहा था।

और वो भी ऐसी नज़रों से...

जिनमें गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। 😤🔥

तभी समर ने अपने बाल झटके।

"वाह, प्रभु..." 🙏

"आपकी लीला अपरंपार है।"

"सच में, हम आपको मान गए।"

जैसे ही उसने सिर उठाया—

उसे अचानक महसूस हुआ कि कोई उसे घूर रहा है।

बहुत तेज़...

बहुत खतरनाक नज़रों से।

समर की मुस्कान धीरे-धीरे गायब होने लगी। 😅

"उम्..."

"मैंने... कुछ गलत तो नहीं कहा?" 😶

Countue.......

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