Inspection (Part 3) in Hindi Moral Stories by Kishanlal Sharma books and stories PDF | इंस्पेक्शन (भाग 3)

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इंस्पेक्शन (भाग 3)

व मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक मौर्या, सी पी एस मीणा के साथ ट्रेवेल एजेंसी पहुंचे थे । दो कारे बुक करके उसे सारा प्रोग्राम समझाने के बाद मौर्या, मीना से बोले,"अब उन दुकानों को तय कर लिया जाए जहाँ साहिब को शॉपिंग कराने के लिए ले जाना है।
आगरे में पेठा,जूते और दस्तकारी का काम होता है।मीना अपनी जानकारी की पेठा, जुते और दस्तकारी के शोरूम पर ले गया।सभी दुकानों पर एडवांस पैसे जमा करा कर मौर्या साहिब बोले,"देखो भई जी एम साहिब से पैसे मत मांगना।अगर वह देने की जिद्द करे तो हर सामान के उनसे आधे ही रेट लेना।'
रात दिन चौबीस घण्टे युद्ध स्तर की तैयारी का ही नतीजा था कि स्टेशन जी एम साहिब के आगरा आने से पहले ही दुल्हन से सज गया था।
निश्चित दिन जी एम कपूर अपनी पत्नी के साथ आगरा पहुंचे थे।उनका सैलून बयान तक सुपरफास्ट ट्रेन से आया था।बयाना से स्पेशल इंजन उसे आगरा लेकर आया था।उनके साथ डी आर एम कोटा और उनकी पत्नी आये थे।
मण्डल के अन्य अफसर कोटा पैसेंजर से सुबह ही आगरा आ चुके थे।।
जी एम साहिब का सैलून इंजन से काटकर वी आई पी साइडिंग में लगा दिया गया।सैलून साइडिंग में लगते ही उसमे पानी भरा जाने लगा।ट्रेन लाइटिंग वाले सेलून की बैटरियां चार्ज करने लगे।टेलीफोन वाले टेलीफोन लगाने लगे।आर पी एफ के जवान सैलून की सुरक्षा में आकर खड़े हो गए।जी एम साहिब के आने से पहले स्टेशन पर पड़े रहने वाले भिखारियों और फालतू लोगो को भगा दिया गया था।
सेलून लगते ही सीनियर डी सी एम मौर्या सी पी एस मीना के साथ सैलून के बाहर आकर खड़े हो गए।मौर्या साहिब ने सैलून के चपरासी से पूछा था,"साहिब क्या कर रहे है?"
"नहा रहे है"
"साहिब तैयार हो जाये तो बता देना।"
मौर्या साहिब खड़े खड़े मीना से बाते करने लगे।करीब आधा घण्टे बाद साहिब का चपरासी बोला,"साहिब तैयार ही गए है।"
जी एम साहिब के तैयार होने का समाचार मिलते ही मौर्या ,मीना से बोला,"हरिकिशन से बोलो जल्दी से ब्रेक फ़ास्ट ले आये।"
मीना फुर्ती से गया था।कुछ ही देर बाद दो बेयरे जो बिल्कुल नई यूनिफ़ॉर्म में थे।ब्रेक फ़ास्ट की ट्रे लेकर आये थे।उनके साथ केटरिंग कॉन्ट्रेकर हरि किशन भी था।बेयरे भाग भाग कर कुछ बार बार ला रहे थे।ब्रेक फ़ास्ट करते समय जी एम साहब डी आर एम देवड़ा से उनके मण्डल के बारे में भी जानकारी ले रहे थे।साहिब नास्ता कर रहे थे। तभी दो कारे जिन पर नीली बत्ती लगी थी आकर खड़ी हो गयी।
नाश्ता कर चुकने के बाद डी आर एम देवड़ा सैलून से बाहर आये थे।उन्हें देखते ही मौर्या लपकर उनके पास पहुंचकर बोला,"सर् कारे आ चुकी है।"
"स्टेशन पर सब ठीक है।कोई कमी तो नही है?"देवड़ा ने पूछा था।"
"नो सर्।सब परफेक्ट है।"मौर्या ने देवड़ा साहब को बताया था।
,देवड़ा साहिब कपूर साहिब से जाकर बोले,"सर् कारे आ चुकी है।"
कपुर साहिब सैलून से नीचे उतरे।उनके पीछे मिसेज कपूर,मिसेज देवड़ा और फिर देवड़ा उतरे थे।
जी एम साहिब को देखते ही मौर्या ने उनजे पास जाकर नमस्ते की। जी एम साहिब ने मौर्या की तरफ देखे बिना नमस्ते का जवाब दिया था।
"सर्"।मौर्या ने दौड़कर कार का दरवाजा खोला था(
(आगे अगले भाग में)