Wo Ankahi Baate - 29 in Hindi Novel Episodes by RACHNA ROY books and stories PDF | वो अनकही बातें - 29

वो अनकही बातें - 29

आफिस पहुंच कर ही नायरा को मेसेज करने लगी पर शायद आज नायरा आफिस नहीं आईं थीं। शालू ने कहा ओह आज ही नहीं आई नायरा की बच्ची।। फिर अपने काम में व्यस्त हो गई थी उसे याद नहीं रहा कि दवा भी लेना है और फिर समीर का फोन आया।। समीर ने कहा हां दवा ली हो? लंच के बाद वाला। शालू ने कहा नहीं एक दम भुल गई थी पर डा सहाब ने याद दिलाया। समीर ने कहा बिल्कुल मज़ाक नहीं हां। मैं तुम्हारा जाॅब छुड़वा रहा हूं। शालू ने कहा अरे बाबा सोमू तुम भी ना। मैं कल से सब टाइम टू टाइम करती हुं। समीर ने कहा अच्छा ठीक है। चलो।। शालू ने मन में सोचा ओह कैसे भुल गई मैं।। फिर जल्दी से नाश्ता और फिर दवा खाते ही सारा वामेट हो गया। शालू एक दम से थक सी गई थी। सोचने लगी कि इस बार सब कुछ ठीक हो।। फिर शाम को घर आते समय उसे कुछ चक्कर भी आने लगा।
आकाश ने कहा मैम आप ठीक तो है? शालू ने कहा नहीं मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं है ऐसा करो सर को एक फोन कर दो। आकाश ने जल्दी से समीर को फोन किया। समीर ने कहा हां आकाश। आकाश ने कहा सर मैम की तबीयत ठीक नहीं है। समीर ने कहा ओके। तुम जल्दी से डा नीरजा के चेंबर पहुंच जाओ। मैं अभी आता हूं। आकाश ने कहा ओके सर। फिर आकाश ने गाड़ी घुमा लिया। कुछ देर बाद ही डा नीरजा के चेंबर पहुंच गए। समीर ने जल्दी से शालू को बाहर निकल लिया और फिर दोनों अन्दर पहुंच गए। ज्यादा भीड़ नहीं थी तो जल्दी ही दोनों अन्दर पहुंच गए। डॉ नीरजा ने कहा अरे क्या हुआ शालू। फिर शालू ने सब कुछ बता दिया। डाक्टर ने कहा अच्छा चलो एक बार चेक अप करते हैं। फिर सारी चेक अप के बाद उन्होंने कहा कि बीपी बहुत ही कम हो गया है इस वजह से सारी परेशानी। शालू ने कहा मेरा बेबी। डाक्टर नीरजा ने कहा नो प्राब्लम।सब ठीक है लेकिन तुम्हें थोड़ी आराम की जरूरत है। शुरू के महीनों में कभी कभी ऐसी दिक्कत हो सकती है। शालू ने कहा पर मैम मैं नौकरी।। समीर ने कहा नौकरी छोड़ दो। डॉ नीरजा ने कहा नहीं, नहीं ऐसा करो, अब तुम घर से ही काम कर लो। एक लेटर लिख देती हुं। फिर तुम्हारा आराम भी हो जाएगा और साथ में काम भी। शालू ने कहा थैंक यू डाक्टर नीरजा। डाक्टर नीरजा ने कहा मुझे एक फ्रेशर की दवाई देनी होगी पर तीन दिन के लिए और फिर शनिवार को तुम्हारा चेक अप। समीर ने कहा ओके। फिर दोनों घर वापस आ गए। समीर ने कहा अब कुछ खाओगी क्या? शालू ने कहा हां पाव रोटी और मिठाई।। समीर ने कहा क्या? शालू ने कहा हां बाबा।। विनय काका ने जल्दी से मिठाई और पाव रोटी प्लेट में परोस कर दिया। शालू जल्दी से फ्रेश होकर नाश्ता करने लगी। समीर देखता ही रहा।। विनय काका ने कहा बेटा रात को क्या खाना है? शालू ने खाते हुए कहा कि मुझे दाल, चावल भाजी खाना है। समीर ने आश्चर्य से पूछा अरे अब ये क्यों? शालू ने मुझे जो अच्छा लगे तो वो ही खाऊंगी ना। समीर ने कहा ओके बेबी। फिर समीर अपना थोड़ा बहुत काम करने लगे। फिर रात को डिनर करते समय समीर ने कहा कि वो लेटर नायरा से भिजवा दो।कल बुला लो उसको। शालू ने कहा हां ठीक है। फिर कुछ देर बाद ही नायरा का फोन आया और फिर शालू ने सारी बात बताई।नायरा ने कहा बधाई हो। अच्छा कल आती हूं। शालू भी बहुत खुश हो गई थी। समीर ने सारी दवाई एक प्लेट में निकाल कर दिया और कहा ये लो ।। शालू एक दम से चौंक गई और फिर बोली अरे बाबा सोमू तुम इतनी सारी दवाई दोगे भला मैं कैसे खाऊंगी। समीर ने कहा ओह मेरी जान जल्दी से खा लो हां। फिर शालू ने सारी दवाई खा कर थोड़ी देर वाॅक भी करने लगे। फिर दोनों अपने कमरे में आ गए। समीर ने कहा गिव मी अ हग। शालू तो तुरंत समीर से लिपट गई और फिर उसके शर्ट पर अपनी उंगलियां घुमाने लगी।

समीर ने कहा अरे इरादा क्या है? शालू ने धीरे से कहा बहुत प्यार आ रहा है। समीर ने कहा यार मार डाला। चलो सो जाते हैं। फिर दोनों एक-दूसरे से बात करते हुए सो गए।
फिर इसी तरह सुबह जल्दी उठकर दोनों सैर करने गए। डाक्टर ने कहा था कि सुबह सैर करना। फिर घर वापस आ कर ही दोनों के हाथ में जूस का गिलास विनय काका ने दिया और कहा कि नाश्ता तैयार है। शालू ने कहा विनय काका आज लंच ज्यादा बनाइएगा।नायरा आ रही है। विनय काका ने हंसते हुए कहा कि हां कल समीर बेटा ने कहा था। शालू ने कहा ओके। फिर दोनों ऊपर बेडरूम में चले गए। फिर समीर तैयार हो गया और फिर दोनों नीचे पहुंच गए और नाश्ता करने बैठ गए। शालू ने कहा वाह क्या खुशबू है आलू के परांठे है ना।। समीर ने कहा हां वही है। चलो अच्छी तरह से चबा कर खा लो।
शालू ने कहा हां ठीक है मेरी मां। समीर ने कहा अरे बाबा रे। ये क्या था? चलो तीन परांठे खाओगी हां।। शालू ने कहा हां क्या लजीज बने हैं परांठे। समीर ने दवा देते हुए कहा ये सब भी खा लो।
समीर ने कहा अब मैं चलता हूं अपना ख्याल रखना हां। शालू ने कहा ओले मेरा सोमू।।
तभी नायरा भी आ गई। समीर ने कहा आओ नायरा नाश्ता कर लो।नायरा ने मुस्कुराते हुए कहा अरे जीजू मुझे तो पार्टी चाहिए। समीर ने कहा हां, हां ज़रूर। चलो अब चलता हूं। शालू ने कहा ओके।नायरा जाकर गले लग गई। और बोली मैं बहुत खुश हूं तेरे लिए।ये लो तुम्हारे लिए। शालू के हाथों में एक छोटा सा गणेश जी की मूर्ति दे दी। शालू ने कहा अरे वाह गननु भाई। थैंक यू डियर। चलो नाश्ता कर लो। फिर दोनों ने बात करते हुए नाश्ता करने के बाद दोनों ऊपर बेडरूम में आकर बैठ गए।नायरा ने कहा सुनो अपना लैटर दो। और फिर सब कुछ बता कैसे क्या हुआ? शालू ने कहा नायु की बच्ची तुझे तो मैं मारुंगी हां।नायरा हंसने लगी अरे अरे।। किसने किस, किस-किस।। हंसने लगी। शालू भी हंसने लगी और फिर बोली तू नहीं सुधरेंगी।।
अच्छा दवा ले लो। ये कहा नायरा ने और हां कल तेरा लैटर दे दुंगी। शालू ने कहा अच्छा चल थोड़ा सा तेल लगा दें।नायरा ने कहा हां ठीक है। फिर शालू के सर पर तेल लगाने लगी। शालू ने कहा आज अगर बुआ रहती तो मुझे किसी भी बात की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।।नायरा ने कहा हां यार एक मौसी टाइप रख सकती है। शालू ने कहा ना बाबा ना सोमू नहीं रखने देंगे।।नायरा ने कहा चल थोड़ा आराम कर ले। फिर दोनों ही सो गई। फिर जब विनय काका ने आवाज लगाई तो दोनों ही उठ गई। और फिर दोनों ही लंच करने बैठ गए। तभी समीर का फोन आया और नायरा ने फोन ले लिया और हंसने लगी। शालू ने कहा अरे डाक्टर साहब नाराज हो जाएंगे यार।नायरा ने कहा हाय जीजू कैसे हो? समीर ने कहा ओह साली साहिबा कैसा हो सकता हूं?नायरा ने कहा अरे बाबा सब ठीक है आप कब आ रहे हो? समीर ने कहा हां ठीक है शाम को आता हूं। शालू ने खाते हुए कहा देखा ना सोमू को कोई भी नहीं बदल सकता है। शालू ने कहा कोफ्ते बहुत अच्छे बने हैं। विनय काका ने कहा हां बेटा ठीक है। फिर दोनों खाना खाने के बाद ही ऊपर चलें गई। बात करते हुए शालू फिर सो गई।नायरा ने कुछ देर तक लैपटॉप पर काम करने लगीं।
फिर शाम को चाय के समय समीर आ गए और फिर सभी मिलकर चाय और नाश्ता करने लगे। समीर ने सारी दवाई के बारे में पुछने लगा।
फिर कुछ देर बाद नायरा जाने लगी। शालू ने गले लगा कर कहा फिर आना जरूर।
नायरा ने कहा हां अब जल्दी मिलेंगे। समीर ने कहा चलो बाहर तक छोड़ देता हूं।नायरा ने कहा हां चलिए। बाहर निकलते ही समीर ने कहा शालू का बर्थ डे पार्टी है पर उसको थोड़ा सरप्राइज देते है ‌।नायरा ने कहा ओके सर।। फिर समीर ने कहा आकाश को की लोकल तक छोड़ दो। फिर नायरा निकल गई। समीर अन्दर पहुंच कर कहा शालू तबीयत ठीक है? शालू ने कहा हां बिल्कुल ठीक हुं। समीर ने कहा अच्छा ठीक है अभी एक मैम आएगी मेडिटेशन योगा के लिए। शालू ने कहा ओह नो। समीर ने कहा अरे बाबा बस आधा घंटा।। डाक्टर ने कहा था। शालू ने कहा हां ठीक है। फिर कुछ देर बाद ही योगा टीचर वंदना आ गई।
और फिर शालू के साथ बहुत सारे चीज़ें बताई। पोजीटिव बातें। इसी तरह डिनर का समय हो गया था फिर दोनों मिलकर खाना खाने लगे।
समीर ने कहा तो कैसा रहा क्लास? शालू ने कहा गुड। फिर खाना खाने के बाद दोनों कुछ देर टहलने लगे। समीर ने बहुत कुछ बताया।
फिर शालू को सारी दवाई देकर सोने को कहा। शालू ने कहा अरे सोमू तुम नहीं सोओगे? समीर ने कहा हां कुछ काम बाकी है। फिर कुछ देर बाद ही शालू सो गई। समीर ने फिर शालू की बर्थ डे सेलिब्रेशन की सारी तैयारी करने लगा लैपटॉप पर ही। समीर ने मन में सोचा कि इस बार शालू की पार्टी घर पर ही होगा। उसके लिए बहुत सारी चीज़ें भी आॅडर कर दिया। फिर कुछ देर बाद ही समीर भी हो गया। दुसरे दिन सुबह शालू समीर के बहुत करीब आ कर सो गई। और फिर बोली सोमू बहुत बदल गया है पहले जैसा प्यार भी नहीं करता है। और मेरे बर्थ डे का पार्टी रिसोर्ट पर क्या हुआ।। समीर ने कहा ऐसा कुछ भी नहीं है। पर इस बार तुम्हारा बर्थ डे सेलिब्रेशन घर पर होगा और आफ्टर डिलीवरी हम तीनों रिसोर्ट पर एक पार्टी देंगे और फिर सारे दोस्तों को भी ले जाएंगे। शालू ने सुनकर मुंह बना दिया और फिर बोली ओह तो ये बात है। समीर ने कहा हां बाबा डाक्टर नीरजा ने तुम्हारे लिए सफ़र करना मना किया है। शालू ने कहा हां ठीक है और फिर तुम्हारे प्यार का क्या? समीर ने कहा अरे बाबा मेरा प्यार तो हमेशा ही है जान। एक बार बेबी आ जाएं। फिर देखो मैं क्या करता हूं। शालू ने कहा सोमू मुझे लगता है कि तुम मुझसे दूर जा रहें हों? समीर ने कहा अरे बाबा शालू ऐसा कभी हो सकता है क्या।।मेरा प्यार कभी कम नहीं हो सकता है। शालू ने कहा अच्छा ठीक है। समीर ने कहा नाश्ता के बाद दवा लेकर तैयार हो जाना आज चेक अप है। शालू ने कहा हां ठीक है। फिर दोनों डाक्टर नीरजा के चेंबर पहुंच गए। डाक्टर नीरजा ने कहा शालू चलो चेक अप करते हैं। फिर सारी चेक अप के बाद डाक्टर नीरजा ने कहा गुड सब कुछ ठीक है और अब बी पी की दवा नहीं खानी पड़ेगी। बाकी सब चलेगा। आज तुम्हारा दो महीने पुरे हो गए।
शालू ने कहा डा नीरजा क्या खट्टा खा सकती हुं? डाक्टर नीरजा ने कहा हां पर थोड़ा बहुत। समीर ने कहा डा नीरजा अब क्या टेस्ट करवाना होगा? डाक्टर नीरजा ने कहा हां अब जब आएंगे टेस्ट रिपोर्ट के साथ। फिर दोनों निकल गए।
समीर ने कहा आकाश तुम भाभी को लेकर घर चले जाओ। मैं यहां से निकल जाता हूं।


फिर समीर वहां से अस्पताल निकल गए।। शालू घर आकर तैयार हो कर कुछ नाश्ता करने के बाद ही अपने आफिस का काम लेकर बैठी। फिर दोपहर में खाना खा कर सो गई। फिर शाम को समीर आ गए और साथ में सारे डोकोरेटर को लेकर आए और फिर सब समझा दिया।कल से सजावट शुरू हो जाएगा क्योंकि परसों ही शालू का सालगिरह है। ये बात समीर ने विनय काका को कहा। विनय काका ने कहा अच्छा ठीक है एक सुबह को पुजा भी करवाना बिटिया के नाम। समीर ने कहा विनय काका आप सच में मेरे माता-पिता ही है क्योंकि वही ऐसा सोच सकते हैं।
फिर समीर और शालू खाना खा कर सोने चले गए।कल से सजावट शुरू हो जाएगी। ये बात समीर ने दवा देते हुए कहा। शालू ने कहा हां ठीक है। समीर ने कहा तुम्हारे आफिस में भी इन्वाइट कर दिया और मेरे अस्पताल में भी। और जो, जो दोस्त हैं उनको भी। शालू ने कहा हां ठीक है पता है आज बुआ जी की याद बहुत आ रही थी। समीर ने कहा हां मैं समझ सकता हूं कि इस समय अपनों की कितनी जरूरत होती है। शालू ने कहा हां सोमू मैं बहुत मिस कर रही हुं अपने मां को ।। समीर ने कहा देखो हमारी किस्मत में किसी का साथ नहीं है।पर हां एक विनय काका है जो सब कुछ समझते हैं। शालू ने कहा हां ठीक कहा।।
फिर दोनों सो गए।सुबह से ही घर सजावट शुरू हो गई थी। चारों तरफ तरह-तरह के लाईटें लगी थी जैसा शालू को पसंद था। समीर नाश्ता करने के बाद जल्दी से निकल गए। कुछ देर अस्पताल करने के बाद समीर विकास के साथ शापिंग करने चले गए।सारी शालू के पसंद की चीजें समीर ने खरीदी थी। विकास ने कहा दोनों एक-दूसरे के लिए बने हो। तुम दोनों का प्यार एक मिसाल बनेगा इस दुनिया में। समीर ने कहा हां कुछ तो है वरना इतने लम्बे अरसे बाद भी हम मिले तो ये प्यार की ताकत ही तो है। और कहीं ना कहीं भगवान शिव की महिमा।। विकास ने कहा हां यार तुम दोनों एक-दूसरे के लिए बने हो।। और मैं जितना तुम्हें जानता हूं तुम शायद ही कभी किसी और लड़की की तरफ झुके होंगे। समीर ने कहा हां भाई ये ठीक कहा। कालेज में पुरी लड़कियों का झुकाव मेरी तरफ था पर मैं तो जब शालू को देखा तो पहली नजर में ही दिल दे चुका था।पर वो ही बता नहीं पाईं।।
समीर ने कहा चलो अब केक का आर्डर कर देते हैं। विकास ने कहा हां चलो। फिर दोनों सबसे बड़े बेकरी में जाकर एक बहुत ही खूबसूरत सा केक का आर्डर दिया और फिर वहां से घर की तरफ निकल गए।

क्रमशः।




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