Pyar me Dhokha - 6 in Hindi Love Stories by Singh Pams books and stories PDF | प्यार में धोखा - भाग 6

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प्यार में धोखा - भाग 6

और दो दिन हो गए थे तारा को और जूली को मनाली आ कर और दो दिन बाद तारा ने तेजस को देखा जो बहुत सुन्दर नौजवान और कसरती शरीर का का मालिक था जिसे देख तारा बहुत खुश हुई थी क्योंकि तेजस तारा से बहुत ही अच्छे तरिके से मिला था और तारा पहले तो थोड़ा अजीब सा लग रहा था एक लडके से तारा पहली बार इस तरह से मिलीथी और तारा थोड़ा घबरा भी रही थी लेकिन तेजस बहुत ही बहुत सलीके से तारा से बात कर रहा था और तारा को तेजस की भाषाशैली से बहुत प्रभावित हुई मन में सोच ने लगी की तेजस एक अच्छ संस्कारों वाला व्यक्ति है और तेजस ने जूली और तारा को रात के खाने पर निमंत्रण दिया था और रात में खाने की मेज पर मोमबत्तीयों से सजावट की हुई थी और साथ में हल्का फुल्का संगीत भी चालू था और स्टेज पर दो दो जोडो ककमरे हाथ डाले नाच गान शूरू था और तारा के लिए ये सबकुछ नया नया था लडके लडकीयां हाथ में हाथ ढेले स्टेज पर थिरक रहे थे और तारा ने एक दम चौक कर देखा तो सामने तेजस तारा से अपने साथ नाचने के लिए कह रहा था और तारा ने कहा लेकिन मुझे डांस करना नही आता है तो ते ने कहा कोई बात नहीं मैं हूं आपके साथ तो मैं आपको डांस सिखा दूंगा और तेजस ने अपनेपन से कहा था तो तारा मना नही कर पाई और इधर जूूल ने तारा को धकेलते हुए कहा जा तुम्हे तेजस भाई ने खुद न्योता दिया डांस करने के लिए तो तारा भी चली गई स्टेज पर तेजस के साथ डांस करने के लिए और तारा को तो विश्वास ही नहीं हो रहा था वो किसी के ऐसे डांस करेगी कभी और तारा ने बहुत जल्द डांस सिख लिया और तारा तो डांस करते हुए कही सपनों में ही खो गयी थी पता नहीं कुछ ही देर में तारा ने क्या क्या सपने देख लिये थे और तारा तो आसाा मे उडने लगी थी और अब तारा तेजस पर भरोसा सा होन लगा था और तारा को लग रहा था की काश ये संगीत ऐसे ही चलता रहे और वो ऐसे ही तेजस की बाहों में थिरकती रहे और तेजस की पास से आ रही भिनी भिनी सी खुशबु तारा को औक मदहोश कर रही थी और तारा मनााल से लोटने के बाद बस तेजस के सपनों में खोई सी रहने लगी थी और मनाली से घूम कर आने के बाद तारा को तो जैसे तेजस की यादों से बाहर आना ही नही चाहती थी उसे ऐसा लग रहा की काश वक्त यही थम जाये और तारा के लिए तेजस अच्छ यायादे छोड गया था और जूली तारा के छेड़छाड़ करने से बाज नहीं आ रही थी बात बात पर तारा को तेजस के न से छेडने लगी और तारा को भी ये नया नया एहसान बहुत अच्छम लगता था तारा को लग रहा था बस हर पल तेजस की यादों में खो़ई रहे
✍️क्रमशः ✍️